बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा मजदूरों को कार्य से पृथक करने एवं दुर्व्यवहार सामरी -- बलरामपुर जिले में कुसमी ब्लॉक के सामरी पाठ (सेरेंगदाग) में बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी की ओर से एक सनसनी खेज मामला निकल कर आया है। जहाँ एक ओर भारत सरकार किसानों एवं मजदूरों की उत्थान के लिए अनेकों कानून बना रही है ताकि निम्न वर्ग आदिवासी समुदाय लोग सशक्त हो सकें दूसरी ओर कंपनी की मनमानी से गरीब मजदूर आहत हो रहे है ,बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ अन्याय एवं अत्याचार हो रहा हैं जमीन लेने के बावजूद भी 45 मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया गया है वहीं वन भूमि में डंपिंग भी कंपनी के द्वारा किया जा रहा हैं स्थानीय मजदूरों को सेप्टी के बगैर काम कराया जा रहा है। स्थानीय मजदूरों ने बताया है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा 45 स्थानीय मजदूरों को काम से पृथक कर दिया गया दिया है और जमीन दोगे तो काम मिलेगा। जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा बोला जाता है इतना ही नहीं मजदूरों को वर्षों से सेप्टी जूता स्टील टोपी ड्रेस नहीं दिया जाता है मजदूरों को टाइम से ज्यादा काम कराया जाता है और मजदूरी कम दिया जाता है और शासकीय वन भूमि पर डंपिंग भी किया जा रहा हैं जिससे पर्यावरण भी प्रभावित हो रही है वही स्थानीय मजदूरों ने 45 स्थानीय मजदूरों को पुनः काम पर रखने की अपील की हैं, अन्यथा कंपनी को बंद कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया है । वही सारेंगदाग सरपंच अजीत नगेसिया ने बताया कि मामला मेरे जानकारी में नहीं था अब जानकारी मिला है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मेरे गांव के मजदूरों के साथ अत्याचार एवं दुर्व्यवहार कर रही है मैं मजदूरों के साथ हूं जहां जाना पड़े जो करना पड़े मैं मजदूरों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी ने सभी आरोपों को गलत एवं निराधार बताया है ,मजदूरों के द्वारा गलत आरोप लगाया गया है मेरे द्वारा माइनिंग नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है जिससे साफ जाहिर किया जा सकता है कि जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ कैसे व्यव्हार जा रहा हैं। ये जाँच का विषय हैं। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन एवं स्थानीय प्रशासन के द्वारा क्या प्रतिक्रिया एवं एक्शन ली जाती हैं।
बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा मजदूरों को कार्य से पृथक करने एवं दुर्व्यवहार सामरी -- बलरामपुर जिले में कुसमी ब्लॉक के सामरी पाठ (सेरेंगदाग) में बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी की ओर से एक सनसनी खेज मामला निकल कर आया है। जहाँ एक ओर भारत सरकार किसानों एवं मजदूरों की उत्थान के लिए अनेकों कानून बना रही है ताकि निम्न वर्ग आदिवासी समुदाय लोग सशक्त हो सकें दूसरी ओर कंपनी की मनमानी से गरीब मजदूर आहत हो रहे है ,बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ अन्याय एवं अत्याचार हो रहा हैं जमीन लेने के बावजूद भी 45 मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया गया है वहीं वन भूमि में डंपिंग भी कंपनी के द्वारा किया जा रहा हैं स्थानीय मजदूरों को सेप्टी के
बगैर काम कराया जा रहा है। स्थानीय मजदूरों ने बताया है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा 45 स्थानीय मजदूरों को काम से पृथक कर दिया गया दिया है और जमीन दोगे तो काम मिलेगा। जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा बोला जाता है इतना ही नहीं मजदूरों को वर्षों से सेप्टी जूता स्टील टोपी ड्रेस नहीं दिया जाता है मजदूरों को टाइम से ज्यादा काम कराया जाता है और मजदूरी कम दिया जाता है और शासकीय वन भूमि पर डंपिंग भी किया जा रहा हैं जिससे पर्यावरण भी प्रभावित हो रही है वही स्थानीय मजदूरों ने 45 स्थानीय मजदूरों को पुनः काम पर रखने की अपील की हैं, अन्यथा कंपनी को बंद कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया है । वही सारेंगदाग सरपंच अजीत नगेसिया ने बताया कि मामला मेरे जानकारी में नहीं
था अब जानकारी मिला है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मेरे गांव के मजदूरों के साथ अत्याचार एवं दुर्व्यवहार कर रही है मैं मजदूरों के साथ हूं जहां जाना पड़े जो करना पड़े मैं मजदूरों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी ने सभी आरोपों को गलत एवं निराधार बताया है ,मजदूरों के द्वारा गलत आरोप लगाया गया है मेरे द्वारा माइनिंग नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है जिससे साफ जाहिर किया जा सकता है कि जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ कैसे व्यव्हार जा रहा हैं। ये जाँच का विषय हैं। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन एवं स्थानीय प्रशासन के द्वारा क्या प्रतिक्रिया एवं एक्शन ली जाती हैं।
- ऑपरेशन सिंदूर उद्यान बना भखारा की नई देशभक्ति पहचान और आकर्षण धमतरी। जिले के नगरपा पंचायत भखारा का ऑपरेशन सिंदूर उद्यान इन दिनों क्षेत्रवासियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारतीय सेना के शौर्य और राष्ट्रभक्ति की भावना को समर्पित इस उद्यान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर इसकी सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। सुव्यवस्थित हरियाली, आकर्षक संरचनाएं और देशभक्ति की थीम इसे विशेष पहचान दे रही है। गौरतलब है कि इस उद्यान का लोकार्पण पूर्व में क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर द्वारा किया जा चुका है। इसके बाद से यह स्थल स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए भी पसंदीदा स्थान बन गया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर उद्यान न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रप्रेम और वीर जवानों के सम्मान की भावना भी जागृत कर रहा है।1
- कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने खेत में मजदूरों के साथ की धान रोपाई, जाना हाल-चाल कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, नई दिल्ली श्री लेखराम साहू ने सोमवार को अपने गृह ग्राम सिलौटी पहुंचकर अपने खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेत में धान की रोपाई कर रहे मजदूर भाइयों एवं बहनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और स्वयं भी धान रोपाई में सहयोग किया। इस अवसर पर श्री साहू ने खेत में काम कर रहे मजदूरों के साथ कुछ समय बिताया और खेती-किसानी से जुड़ी उनकी परेशानियों एवं इस वर्ष की रोपाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मजदूरों ने बताया कि इस बार रोपाई के समय लगातार अधिक बारिश होने के कारण धान की रोपाई में कुछ विलंब हुआ है। हालांकि अब मौसम अनुकूल होने से तेजी से रोपाई का कार्य जारी है और करीब एक सप्ताह के भीतर क्षेत्र में धान की रोपाई लगभग पूरी हो जाने की संभावना है। पूर्व विधायक श्री साहू ने कहा कि किसान और खेतिहर मजदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खेत में उनके साथ काम करने से न केवल खेती की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है, बल्कि मेहनतकश मजदूरों के प्रति सम्मान और आत्मीयता भी मजबूत होती है। उन्होंने सभी किसानों एवं मजदूरों को बेहतर फसल और समृद्धि की शुभकामनाएं दीं।1
- मुक्तिधाम से कब्रिस्तान तक पौधारोपण, जन सहयोग ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश मुक्तिधाम और कब्रिस्तानों में भी पौधारोपण, जन सहयोग ने शुरू की नई परंपरा कांकेर। शहर की समाजसेवी संस्था जन सहयोग ने वन विभाग के सहयोग से रविवार को शहर के मुक्तिधाम तथा मुस्लिम और ईसाई कब्रिस्तानों में फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया। अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण की इस पहल को शहर में पर्यावरण संरक्षण की एक नई परंपरा की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने विभिन्न समाज प्रमुखों के समक्ष अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण का प्रस्ताव रखा था, जिसे सभी समाजों ने सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद 9 अगस्त को पौधारोपण के लिए तिथि निर्धारित की गई। रविवार सुबह 7 बजे मसीह समाज के मनकेशरी स्थित कब्रिस्तान में पौधारोपण किया गया। इसके बाद अन्नपूर्णापारा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में पौधे रोपे गए। लगभग 9 बजे सनातन धर्म मुक्तिधाम में भी समाजसेवियों ने पहुंचकर फलदार एवं फूलदार पौधों का रोपण किया। मुस्लिम कब्रिस्तान में अंजुमन कमेटी के अध्यक्ष जावेद मेमन ने जन सहयोग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार स्थलों पर हरियाली विकसित करने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने अजय पप्पू मोटवानी की समाजसेवा की भी प्रशंसा की। इस दौरान अब्दुल रफीक, हाजी सत्तार, गुलताज खान सहित अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों ने सहयोग किया। क्रिश्चियन समाज की ओर से सेवक नीरज जोफर, डॉ. प्रदीप क्लाडियस, आकाश राव सहित अन्य लोगों ने पौधारोपण में भाग लिया। जन सहयोग की ओर से अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा धर्मेंद्र देव, जितेंद्र प्रताप देव, दिलीप गंजीर, अखिलेश साहू, आशुतोष देव, शैलेंद्र देहारी, भूतपूर्व सैनिक टीके जैन, दीपक दैहारी और सागर देव ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वन विभाग की ओर से परिक्षेत्र सहायक कांकेर अरुण नेताम, परिक्षेत्र सहायक मर्दापोटी विमल ठाकुर, परिक्षेत्र सहायक पुसवाड़ा चैनसिंह वट्टी, पीएस पीढ़ापाल मनोज साहू, परिक्षेत्र सहायक सुरेली हेमलता शोरी, वनरक्षक पुनेश यादव, चेतन पवार, हिमालय खड़हा, सुरेखा नेताम, शेष कुमार नेताम, राजवीर दुग्गा, छबीला नेताम, लोकेंद्र सिन्हा, तिहारीन कवाची और पुष्पलता भंडारी ने सहयोग प्रदान किया। अजय पप्पू मोटवानी ने कहा कि शहर में अंतिम संस्कार स्थलों पर पौधारोपण की नई परंपरा शुरू की गई है। प्रयास रहेगा कि यह परंपरा निरंतर आगे बढ़े और इन स्थानों पर भी हरियाली एवं फूलों की बहार दिखाई दे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ यह पहल सभी समाजों को जोड़ने का भी कार्य करेगी।4
- कोंडागांव: चिंगनार में भव्य विश्व आदिवासी दिवस समारोह, परिवार संग शामिल हुए विधायक नीलकंठ टेकाम; 3 बड़ी घोषणाएं फरसगांव विकासखंड के ग्राम चिंगनार में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम अपनी माताजी, धर्मपत्नी एवं सुपुत्र के साथ शामिल हुए और समाजजनों के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान विधायक टेकाम ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और विरासत को सहेजने का संदेश दिया। उन्होंने समाजजनों से बच्चों को ऐसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागी बनाने का आग्रह किया। समाज के विकास के लिए विधायक ने जातरा स्थल पर टीन शेड, हल्बा समाज के सामुदायिक भवन और गोंडवाना समाज भवन के सामने कॉम्प्लेक्स निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रही।1
- बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा मजदूरों को कार्य से पृथक करने एवं दुर्व्यवहार सामरी -- बलरामपुर जिले में कुसमी ब्लॉक के सामरी पाठ (सेरेंगदाग) में बालाजी मार्बल एवं टाइल्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी की ओर से एक सनसनी खेज मामला निकल कर आया है। जहाँ एक ओर भारत सरकार किसानों एवं मजदूरों की उत्थान के लिए अनेकों कानून बना रही है ताकि निम्न वर्ग आदिवासी समुदाय लोग सशक्त हो सकें दूसरी ओर कंपनी की मनमानी से गरीब मजदूर आहत हो रहे है ,बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ अन्याय एवं अत्याचार हो रहा हैं जमीन लेने के बावजूद भी 45 मजदूरों को नौकरी से निकाल दिया गया है वहीं वन भूमि में डंपिंग भी कंपनी के द्वारा किया जा रहा हैं स्थानीय मजदूरों को सेप्टी के बगैर काम कराया जा रहा है। स्थानीय मजदूरों ने बताया है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा 45 स्थानीय मजदूरों को काम से पृथक कर दिया गया दिया है और जमीन दोगे तो काम मिलेगा। जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा बोला जाता है इतना ही नहीं मजदूरों को वर्षों से सेप्टी जूता स्टील टोपी ड्रेस नहीं दिया जाता है मजदूरों को टाइम से ज्यादा काम कराया जाता है और मजदूरी कम दिया जाता है और शासकीय वन भूमि पर डंपिंग भी किया जा रहा हैं जिससे पर्यावरण भी प्रभावित हो रही है वही स्थानीय मजदूरों ने 45 स्थानीय मजदूरों को पुनः काम पर रखने की अपील की हैं, अन्यथा कंपनी को बंद कराने का अल्टीमेटम भी दिया गया है । वही सारेंगदाग सरपंच अजीत नगेसिया ने बताया कि मामला मेरे जानकारी में नहीं था अब जानकारी मिला है कि बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मेरे गांव के मजदूरों के साथ अत्याचार एवं दुर्व्यवहार कर रही है मैं मजदूरों के साथ हूं जहां जाना पड़े जो करना पड़े मैं मजदूरों को न्याय दिलाने का प्रयास करूंगा। बालाजी मार्बल एवम् टाइल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी ने सभी आरोपों को गलत एवं निराधार बताया है ,मजदूरों के द्वारा गलत आरोप लगाया गया है मेरे द्वारा माइनिंग नियमों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है जिससे साफ जाहिर किया जा सकता है कि जनरल मैनेजर अलोक चतुर्वेदी के द्वारा स्थानीय मजदूरों के साथ कैसे व्यव्हार जा रहा हैं। ये जाँच का विषय हैं। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन एवं स्थानीय प्रशासन के द्वारा क्या प्रतिक्रिया एवं एक्शन ली जाती हैं।3