उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि आजमगढ़ में कभी सपा के संरक्षण में फलने-फूलने वाली गुंडागर्दी और अपराध को उन्होंने 60 से 70 प्रतिशत तक कम कर दिया है। राजभर ने कहा कि पहले यहाँ सरेआम हत्या, गाली-गलौज और जमीन कब्जा करना आम बात थी, लेकिन आज इन सभी पर पूरी तरह विराम लग चुका है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का चरित्र हमेशा से दलितों और पिछड़ों के दमन का रहा है। उन्होंने भदोही, आजमगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी, मऊ और देवरिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मामलों में सपा से जुड़े लोग ही गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आगामी सितंबर की रथ यात्रा पर पलटवार करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह इसके जवाब में 'सावधान यात्रा' निकालेंगे। उन्होंने नाई, प्रजापति, विश्वकर्मा, पाल, राजभर, निषाद, धोबी और पासी जैसे अति-पिछड़े और दलित समाजों को आगाह किया कि सपा ने सत्ता में रहते हुए सिर्फ अपनी विशेष जाति को ही बढ़ावा दिया था, इसलिए अब इस समाज को सावधान रहना होगा। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ उपचुनाव के दौरान जब धर्मेंद्र यादव चुनाव लड़ रहे थे, तब अखिलेश यादव एसी कमरे में आराम फरमा रहे थे, जबकि वे स्वयं 45-46 डिग्री की भीषण गर्मी में 300 से अधिक नेताओं के साथ जमीन पर पसीना बहा रहे थे। देश में 'एक देश, एक चुनाव' का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जब 18 वर्ष का युवा हर चुनाव में मतदान करता है, तो मतदाता सूची भी एक ही होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, रामपुर में आजम खान पर हो रही कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई को उन्होंने सपा की ही साजिश बताया। साथ ही, सहयोगी दल निषाद पार्टी के संजय निषाद के निर्दलीय चुनाव लड़ने के बयानों को खारिज करते हुए राजभर ने साफ किया कि इससे गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा और मैदान में उतरते ही सबको अपनी असलियत का पता चल जाएगा।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि आजमगढ़ में कभी सपा के संरक्षण में फलने-फूलने वाली गुंडागर्दी और अपराध को उन्होंने 60 से 70 प्रतिशत तक कम कर दिया है। राजभर ने कहा कि पहले यहाँ सरेआम हत्या, गाली-गलौज और जमीन कब्जा करना आम बात थी, लेकिन आज इन सभी पर पूरी तरह विराम लग चुका है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का चरित्र हमेशा से दलितों और पिछड़ों के दमन का रहा है। उन्होंने भदोही, आजमगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी, मऊ और
देवरिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मामलों में सपा से जुड़े लोग ही गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आगामी सितंबर की रथ यात्रा पर पलटवार करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह इसके जवाब में 'सावधान यात्रा' निकालेंगे। उन्होंने नाई, प्रजापति, विश्वकर्मा, पाल, राजभर, निषाद, धोबी और पासी जैसे अति-पिछड़े और दलित समाजों को आगाह किया कि सपा ने सत्ता में रहते हुए सिर्फ अपनी विशेष जाति को ही बढ़ावा दिया था, इसलिए अब इस समाज को सावधान रहना होगा। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ उपचुनाव के दौरान जब धर्मेंद्र यादव चुनाव लड़ रहे थे, तब अखिलेश यादव एसी कमरे में आराम फरमा रहे
थे, जबकि वे स्वयं 45-46 डिग्री की भीषण गर्मी में 300 से अधिक नेताओं के साथ जमीन पर पसीना बहा रहे थे। देश में 'एक देश, एक चुनाव' का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जब 18 वर्ष का युवा हर चुनाव में मतदान करता है, तो मतदाता सूची भी एक ही होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, रामपुर में आजम खान पर हो रही कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई को उन्होंने सपा की ही साजिश बताया। साथ ही, सहयोगी दल निषाद पार्टी के संजय निषाद के निर्दलीय चुनाव लड़ने के बयानों को खारिज करते हुए राजभर ने साफ किया कि इससे गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा और मैदान में उतरते ही सबको अपनी असलियत का पता चल जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अतरौलिया में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि आजमगढ़ में कभी सपा के संरक्षण में फलने-फूलने वाली गुंडागर्दी और अपराध को उन्होंने 60 से 70 प्रतिशत तक कम कर दिया है। राजभर ने कहा कि पहले यहाँ सरेआम हत्या, गाली-गलौज और जमीन कब्जा करना आम बात थी, लेकिन आज इन सभी पर पूरी तरह विराम लग चुका है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का चरित्र हमेशा से दलितों और पिछड़ों के दमन का रहा है। उन्होंने भदोही, आजमगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी, मऊ और देवरिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मामलों में सपा से जुड़े लोग ही गंभीर अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आगामी सितंबर की रथ यात्रा पर पलटवार करते हुए उन्होंने घोषणा की कि वह इसके जवाब में 'सावधान यात्रा' निकालेंगे। उन्होंने नाई, प्रजापति, विश्वकर्मा, पाल, राजभर, निषाद, धोबी और पासी जैसे अति-पिछड़े और दलित समाजों को आगाह किया कि सपा ने सत्ता में रहते हुए सिर्फ अपनी विशेष जाति को ही बढ़ावा दिया था, इसलिए अब इस समाज को सावधान रहना होगा। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि आजमगढ़ उपचुनाव के दौरान जब धर्मेंद्र यादव चुनाव लड़ रहे थे, तब अखिलेश यादव एसी कमरे में आराम फरमा रहे थे, जबकि वे स्वयं 45-46 डिग्री की भीषण गर्मी में 300 से अधिक नेताओं के साथ जमीन पर पसीना बहा रहे थे। देश में 'एक देश, एक चुनाव' का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने तर्क दिया कि जब 18 वर्ष का युवा हर चुनाव में मतदान करता है, तो मतदाता सूची भी एक ही होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, रामपुर में आजम खान पर हो रही कानूनी और बुलडोजर कार्रवाई को उन्होंने सपा की ही साजिश बताया। साथ ही, सहयोगी दल निषाद पार्टी के संजय निषाद के निर्दलीय चुनाव लड़ने के बयानों को खारिज करते हुए राजभर ने साफ किया कि इससे गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होगा और मैदान में उतरते ही सबको अपनी असलियत का पता चल जाएगा।3
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के अतरौलिया में जमीन विवाद को लेकर ओमप्रकाश राजभर जमकर गरजे हैं। उन्होंने सपा सांसद दरोगा सरोज पर सीधा निशाना साधते हुए उन पर 50 बीघा जमीन पर कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है।1
- अम्बेडकरनगर के तेंदुआई कला टोल पर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ड्यूटी पर होने के बावजूद गैरहाजिर दिखाए जाने पर पीड़ित टीसी का गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित का कहना था कि वह अपनी ड्यूटी पर तैनात था, लेकिन फिर भी उसे गैरहाजिर दिखाया गया। इस हंगामे के बाद मामले में कदम उठाते हुए एचआर (HR) ने इंचार्ज समेत दोनों का ट्रांसफर कर दिया है।1
- आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर क्षेत्र के विधायक अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मंडल आजमगढ़ के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर तत्काल बिजली व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मुबारकपुर सहित पूरे आजमगढ़ जनपद में कई महीनों से लगातार गंभीर बिजली संकट बना हुआ है। अघोषित कटौती के कारण आम जनता, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं। विशेष रूप से बारिश और उमस के इस मौसम में लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न मिलने से फसलों की सिंचाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित 18 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो रहा है और कई क्षेत्रों में केवल 4 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मुख्य अभियंता के समक्ष मांग रखी है कि बिजली आपूर्ति में तुरंत सुधार किया जाए, निर्धारित 18 घंटे की आपूर्ति सुनिश्चित हो, जर्जर व ढीले तारों तथा जर्जर विद्युत पोलों को तत्काल बदला जाए, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर रोक लगाकर कार्रवाई की जाए। विधायक अखिलेश यादव ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और प्रशासन की होगी।2
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले के आलापुर में 'पहले जमाने में रेस्ट कर रहे थे' विषय पर केंद्रित एक एकदम नई कॉमेडी वीडियो सामने आई है। इस मनोरंजक वीडियो में पुराने समय में लोगों के आराम करने के तौर-तरीकों को बेहद मजाकिया और हास्यप्रद शैली में दर्शाया गया है, जिसे देखकर दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला कारागार में बंद मऊ के एक 24 वर्षीय बंदी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। चोरी के आरोप में जेल में बंद इस युवक की मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान मऊ जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नया चौक निवासी विक्रम (24) के रूप में हुई है। विक्रम के खिलाफ आजमगढ़ के जीयनपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज था। वह पहले भी जेल जा चुका था और बाद में जमानत पर बाहर था। न्यायालय में पेश न होने पर वारंट जारी होने के बाद, जीयनपुर पुलिस ने तीन दिन पहले ही उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा था। मामले पर सफाई देते हुए जेलर विजय कुमार पांडेय ने दावा किया कि मृतक विक्रम नशे का आदी था और उसमें ‘डाउन सिंड्रोम’ से संबंधित लक्षण भी थे। जेलर के अनुसार, जेल में नशा न मिलने की वजह से वह काफी बेचैन था और मानसिक भ्रम की स्थिति में था। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात करीब 8:30 बजे उसकी मौत हो गई। दूसरी तरफ, मृतक के भाई विक्की ने जेल प्रशासन की भूमिका पर सीधा सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के समय विक्रम पूरी तरह स्वस्थ था। विक्की का कहना है कि मात्र तीन दिनों के भीतर ऐसा क्या हुआ कि उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसकी जान चली गई। परिजनों ने इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की लापरवाही की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की बात कही जा रही है।2
- लखीमपुर के गोटैय्याबाग में रहने वाले आठवीं कक्षा के एक छात्र के बेबाक अंदाज ने सबका दिल जीत लिया है, जिसके चलते डीएम भी तुरंत काम करवाने को मजबूर हो गए। शनिवार को आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे इस बच्चे ने बेबाक अंदाज में डीएम से अपने घर का ताला खुलवाने की गुहार लगाई। बच्चे के घर पर उसके चाचा-चाची ने ताला डाल रखा है, जबकि उसकी मां लोगों के घरों में काम करती है। जब बच्चे की फरियाद सुनकर डीएम ने कोतवाल से कहा कि बच्चे का काम देख लो, तो बच्चे ने तुरंत जवाब दिया कि "दिखवा नहीं, कहिए ताला खुलवा दे।"1
- आजमगढ़ जिले के तहबरपुर शिक्षा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय लछेहरा में एक छात्र की शिक्षक द्वारा कथित तौर पर पिटाई का मामला सामने आया है, जिसमें छात्र के शरीर पर चोट के निशान भी दिखे हैं। इस घटना की जमीनी हकीकत जानने के लिए मीडिया टीम पीड़ित छात्र के गांव मेहमौनी (थाना कप्तानगंज) और प्राथमिक विद्यालय लछेहरा पहुंची। वहां टीम ने छात्र, उसके परिजनों, आरोपी शिक्षक और स्थानीय लोगों से बातचीत कर दोनों पक्षों का रुख जानने का प्रयास किया। पिटाई के इन गंभीर आरोपों पर शिक्षक ने भी अपनी सफाई पेश की है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है और घटना का अंतिम सच विभागीय जांच व कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।1