छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाने में ग्राम एवं नगर रक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक एसपी और एडिशनल एसपी के निर्देशों पर जिला प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी द्वारा लगातार ली जा रही बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी। इस दौरान, जिला प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी ने निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर नए सदस्यों को रक्षा समिति में शामिल किया। उन्होंने नए सदस्यों को रक्षा समिति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी, उनके कार्यों को समझाया और बताया कि वे किस प्रकार पुलिस की मदद कर सकते हैं। बैठक का संचालन थाना प्रभारी श्री ओमेश मार्को जी के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें रक्षा समिति के सदस्यों को कानून संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, सदस्यों को वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करने और अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने का आग्रह किया गया। इसी क्रम में, हर्रई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें रक्षा समिति के सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में जिला एवं ग्राम रक्षा समिति प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी, समस्त थाना स्टाफ हर्रई और ग्राम रक्षा समिति थाना हर्रई के रक्षा समिति सदस्य उपस्थित रहे।
छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाने में ग्राम एवं नगर रक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक एसपी और एडिशनल एसपी के निर्देशों पर जिला प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी द्वारा लगातार ली जा रही बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी। इस दौरान, जिला प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी ने निष्क्रिय सदस्यों को हटाकर नए सदस्यों को रक्षा समिति में शामिल किया। उन्होंने नए सदस्यों को रक्षा समिति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी, उनके कार्यों को समझाया और बताया कि वे किस प्रकार पुलिस की मदद कर सकते हैं। बैठक का संचालन थाना प्रभारी श्री ओमेश मार्को जी के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें रक्षा समिति के सदस्यों को कानून संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, सदस्यों को वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करने और अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करने का आग्रह किया गया। इसी क्रम में, हर्रई थाना परिसर में शांति समिति की बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें रक्षा समिति के सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में जिला एवं ग्राम रक्षा समिति प्रमुख श्री शेषराव लाडे जी, समस्त थाना स्टाफ हर्रई और ग्राम रक्षा समिति थाना हर्रई के रक्षा समिति सदस्य उपस्थित रहे।
- पिपरिया-पचमढ़ी मार्ग पर तेंदुए देखे जाने की खबर सामने आई है। इन वन्यजीवों की उपस्थिति के बाद, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व ने संबंधित क्षेत्र में अपनी निगरानी बढ़ा दी है।1
- गोटेगांव सिविल कोर्ट में 'करो योग, रहो निरोग' के संदेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिविल कोर्ट मजिस्ट्रेट श्रीमती प्रियंवदा एस राजोरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर निशा बर्डिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं, जबकि पतंजलि की तहसील प्रभारी श्रीमती दुर्गा आर्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की योग प्रभारी रहीं। विधायक महेंद्र नागेश और समाज सेवी ओमकार सिंह लोधी ने भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।1
- अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर 21 जून को नरसिंहपुर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) थीम के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में योग साधिकाओं की एक जीवंत टोली ने एक समान 'गुलाबी परिधान' (साड़ी) धारण कर सामूहिक योग का प्रदर्शन किया, जिसे एक 'गुलाबी लहर' के रूप में देखा गया। यह 'गुलाबी लहर' न केवल शारीरिक अनुशासन का प्रतीक बनी, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। कार्यक्रम के दौरान, इन साधिकाओं ने योग की कठिन मुद्राओं के साथ-साथ 'मंडाला' की अद्भुत और जटिल आकृतियां बनाकर उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडाला को मानसिक एकाग्रता, शांति और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक माना जाता है, जो इस वर्ष की 'हेल्दी एजिंग' की योग थीम के साथ पूरी तरह मेल खाता दिखा। योग प्रशिक्षकों के अनुसार, मंडाला बनाना एक प्रकार की 'मेडिटेटिव आर्ट' है, जो मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति प्रदान करती है। वक्ताओं ने 'Yoga for Healthy Ageing' की थीम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र को गरिमापूर्ण और स्वस्थ बनाने की एक कला है। उन्होंने ज़ोर दिया कि योग के नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक लचीलापन बना रहता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता भी मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएंगे।1
- छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा अंतर्गत पौनार गाँव में फादर्स डे के अवसर पर एक चौंकाने वाली और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 'कलयुगी' बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता को घर से बेदखल कर दिया है। बेटे के इस क्रूर कृत्य ने पिता को दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज कर दिया है। घर से निकाले जाने के बाद पीड़ित पिता दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और अपना भरण-पोषण पड़ोसियों से माँग कर रहे हैं। इस दुखद स्थिति में उनकी पत्नी भी उन्हें छोड़कर चली गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अपनी दयनीय दशा को देखते हुए, पीड़ित पिता ने अब अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।1
- मध्य प्रदेश सरकार का कृषि विभाग और बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर, मिलकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम' चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य फसलों को अनिश्चित मौसम से बचाना है। इसी कड़ी में, नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव ब्लॉक स्थित ग्राम झांसी घाट में एक मिनी कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जो स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करा रहा है। इस खरीफ सीजन में सेंटर द्वारा प्रदान किया जा रहा रेज्ड बेड प्लांटर (मेड़ बनाकर बुवाई करने वाली मशीन) किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है। क्षेत्र के कई किसान इस मशीन का उपयोग कर अपने खेतों में उठी हुई क्यारियों (बेड) पर मक्का और सोयाबीन की बुवाई कर रहे हैं, जिससे उनकी फसलें मौसम के जोखिमों से सुरक्षित रह सकें। ग्राम झांसी घाट के किसान श्री निशान सिंह राजा पटेल ने इस तकनीक से लगभग 20 एकड़ में बुवाई की है, और श्री योगेश जी जैसे अन्य किसान भी इस मशीन का लगातार लाभ उठा रहे हैं। बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर के तकनीकी विशेषज्ञ श्री दीपेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि संस्थान ने इस खरीफ सीजन में नरसिंहपुर जिले में इस आधुनिक मशीन से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में बुवाई करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस तकनीक से जोड़कर लाभ पहुंचाना और उनकी फसलों को मौसम की अनिश्चितता से बचाना है। कृषक श्री राजा पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस तकनीक को जलवायु अनुकूल खेती के लिए एक 'ब्रह्मास्त्र' बताया। उन्होंने इसके कई महत्वपूर्ण लाभ गिनाए, जैसे अत्यधिक बारिश की स्थिति में बेड के दोनों ओर बनी नालियों से पानी का आसानी से निकल जाना, जिससे पौधों की जड़ें गलने से बच जाती हैं। वहीं, कम बारिश होने पर इन्हीं नालियों में पानी रुकने से जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जो सूखे के दौरान फसल को जीवन प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, यह विधि खाद प्रबंधन और अन्य कृषि कार्यों को भी सुविधाजनक बनाती है, क्योंकि पौधों की कतारें व्यवस्थित रहती हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर और BISA के तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से इस तकनीक का प्रसार गोटेगांव क्षेत्र के किसानों को कम लागत में सुरक्षित और आधुनिक खेती करने का एक उत्कृष्ट विकल्प प्रदान कर रहा है।3
- तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।1
- सिवनी स्थित जिंदल अस्पताल पर मरीजों से भारी वसूली और शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीज के परिजनों ने डीएनसी (DNC) प्रक्रिया के बाद ₹31 हजार का बिल दिए जाने का दावा करते हुए इसे अत्यधिक और अन्यायपूर्ण बताया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने रक्त उपलब्धता के नाम पर भी उनसे वसूली की है, जिससे पीड़ित परिवार की परेशानी और बढ़ गई है। यह घटना निजी स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करती है, जहाँ मरीजों की मजबूरी को कमाई का जरिया बनाने की बात कही जा रही है। इन गंभीर आरोपों के बाद जिंदल अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है, और इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग जोर पकड़ रही है। इस प्रकरण ने निजी अस्पतालों में पारदर्शिता के मुद्दे पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, यह सवाल उठाते हुए कि क्या स्वास्थ्य सेवा एक व्यापार बन गई है।1
- EXPRESS MP CG NEWS द्वारा सुर्खियां प्रस्तुत की गई हैं।1