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बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में बिल्सी-बदायूं हाईवे पर ग्राम बरामयखेड़ा में पुलिस की लापरवाही के कारण एक युवक के प्राण संकट में पड़ गए। बाजार से घरेलू सामान लेने गए इस युवक को एक तेज रफ्तार पुलिस जीप ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पुलिस जीप को घेर लिया और जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
राजेश कुमार वर्मा
बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में बिल्सी-बदायूं हाईवे पर ग्राम बरामयखेड़ा में पुलिस की लापरवाही के कारण एक युवक के प्राण संकट में पड़ गए। बाजार से घरेलू सामान लेने गए इस युवक को एक तेज रफ्तार पुलिस जीप ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पुलिस जीप को घेर लिया और जमकर हंगामा काटा, जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- बदायूं में रिश्तों की आड़ में रची गई साजिश और खामोशी के पीछे छिपे खून के राज का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। प्यार, मोहब्बत और भरोसे के बाद बेवफाई का ऐसा खूनी अंजाम देखने को मिला है, जिसने सबको चौंका दिया है। आखिर इस वारदात को किसने, क्यों और कैसे अंजाम दिया, इस सनसनीखेज हत्याकांड का पूरा सच 'Aaj Ki Khabar' के स्पेशल क्राइम शो '#गुनाह' में दिखाया जाएगा। बदायूं की इस खौफनाक 'क्राइम स्टोरी' का पूरा सच जल्द ही सामने आने वाला है।1
- बदायूं के दातागंज में भाजपा विधायक ने बिजली विभाग की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान विधायक ने क्षेत्र के स्थानीय लोगों की बिजली से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- बदायूं के बिल्सी नगर में खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद राहत कार्य करते हुए मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से एक मजदूर की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के इंतजार में एक युवती ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल की करीब 18 से 20 वर्षीय बेटी तरन्नुम के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह तरन्नुम को इलाज के लिए बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया था, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ और न ही उसे कोई प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके चलते इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई। आरोप है कि मृतका के शव को ले जाने के लिए न तो कोई स्ट्रेचर दिया गया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इसके कारण मजबूर होकर मृतका का भाई अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाकर अस्पताल से नीचे लाया और बाद में ऑटो के जरिए गांव लेकर गया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिजन पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1