Shuru
Apke Nagar Ki App…
भारत में ऐसे 'आस्तीन के सांप' पाले जाने का आरोप लगाया गया है जो देश में रहते हुए भी बांग्लादेश और पाकिस्तान का जय जयकारा करते हैं। इन पर यह भी आरोप है कि वे घुसपैठियों की मदद करते हैं, उन्हें छिपाते हैं और उनके दस्तावेज़ बनवाने में सहायता करते हैं। इसके विपरीत, इजराइल में देश के दुश्मन की मदद करने वाले व्यक्ति को फाँसी की सज़ा दी जाती है। इसी कारण इजराइल में कोई देशद्रोही या देशविरोधी तत्व नहीं पाए जाते हैं।
दौलत राम शर्मा शास्त्री
भारत में ऐसे 'आस्तीन के सांप' पाले जाने का आरोप लगाया गया है जो देश में रहते हुए भी बांग्लादेश और पाकिस्तान का जय जयकारा करते हैं। इन पर यह भी आरोप है कि वे घुसपैठियों की मदद करते हैं, उन्हें छिपाते हैं और उनके दस्तावेज़ बनवाने में सहायता करते हैं। इसके विपरीत, इजराइल में देश के दुश्मन की मदद करने वाले व्यक्ति को फाँसी की सज़ा दी जाती है। इसी कारण इजराइल में कोई देशद्रोही या देशविरोधी तत्व नहीं पाए जाते हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- भारत में ऐसे 'आस्तीन के सांप' पाले जाने का आरोप लगाया गया है जो देश में रहते हुए भी बांग्लादेश और पाकिस्तान का जय जयकारा करते हैं। इन पर यह भी आरोप है कि वे घुसपैठियों की मदद करते हैं, उन्हें छिपाते हैं और उनके दस्तावेज़ बनवाने में सहायता करते हैं। इसके विपरीत, इजराइल में देश के दुश्मन की मदद करने वाले व्यक्ति को फाँसी की सज़ा दी जाती है। इसी कारण इजराइल में कोई देशद्रोही या देशविरोधी तत्व नहीं पाए जाते हैं।1
- डोहरी गाँव इस समय अत्यंत दयनीय स्थिति से जूझ रहा है, जहाँ विकास केवल कागज़ी पोस्टरों तक ही सीमित है और ज़मीनी हकीकत बदहाली की एक भयावह तस्वीर पेश करती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए वादे महज़ हवा-हवाई साबित हुए हैं, जिसके कारण डोहरी आज भी बुनियादी और मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गाँव की सड़कें गहरे गड्ढों का जाल बन चुकी हैं और पानी का संकट भी अपने चरम पर है, जिससे ग्रामीण बेहाल हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि श्मशान तक जाने के लिए भी कोई सम्मानजनक रास्ता मौजूद नहीं है। डोहरी के लोग सीधे तौर पर सवाल उठा रहे हैं कि उनकी इस पीड़ा का आखिर जिम्मेदार कौन है और सत्ता की चुप्पी कब टूटेगी। यह पूरी स्थिति हर मोर्चे पर सरकारी व्यवस्था की घोर नाकामी को स्पष्ट रूप से उजागर करती है, जिसके चलते डोहरी गाँव विकास की चमक से पूरी तरह वंचित है।1
- जस्ट जयपुर लाइव ने लोगों को चलती गाड़ी पर किसी भी तरह का स्टैंड या स्टंट न करने की चेतावनी जारी की है। चैनल ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के कृत्यों से केवल नुकसान ही हो सकता है और इसके अलावा कुछ भी हासिल नहीं होगा। जस्ट जयपुर लाइव ने अपने दर्शकों से ऐसी ही नवीनतम खबरों के लिए उनके चैनल को फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- राजस्थान की राजधानी जयपुर में 15 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। इस दौरान पार्टी के सदस्यों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी।1
- जयपुर में, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार, 16 जून को अपने राजकीय आवास पर 'स्टॉप डायरिया कैंपेन' का शुभारंभ किया। यह अभियान पूरे प्रदेश में 16 जून से 31 जुलाई तक विशेष रूप से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए संचालित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य दस्त रोग से बचाव और उपचार के लिए बच्चों को ओआरएस एवं जिंक की गोली उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर मंत्री ने आमजन में जागरूकता के लिए तैयार किए गए पोस्टर का भी विमोचन किया। चिकित्सा मंत्री ने इस दौरान बताया कि देश भर में लगभग 4.3 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु दस्त या उससे होने वाली जटिलताओं के कारण होती है, और गर्मी-बारिश के मौसम में डायरिया होने की संभावना अधिक होती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे – 6 (2023-24) की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में बच्चों में दस्त रोग का प्रसार दर 6.1 प्रतिशत से घटकर 5.8 प्रतिशत हो गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 7.9 प्रतिशत है, जो प्रदेश में रोकथाम व उपचार के प्रभावी प्रयासों का परिणाम है। अभियान के तहत, आमजन में "स्वच्छ जल, समुचित उपचार – डायरिया से बचें हर बार" की थीम के साथ विभिन्न गतिविधियां चलाई जाएंगी। निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि 'स्टॉप डायरिया कैंपेन' में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रत्येक बच्चे को 2 ओआरएस के पैकेट और 14 दिन की जिंक की खुराक प्रदान करेंगी, ताकि दस्त होने पर तत्काल आवश्यक उपचार मिल सके। साथ ही, सभी चिकित्सा संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे, जहां मरीजों और उनके परिजनों को ओआरएस घोल बनाने की विधि और जिंक टेबलेट की खुराक के बारे में जानकारी दी जाएगी। श्री खींवसर ने अभियान में सभी से संचालित की जाने वाली गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। इस शुभारंभ कार्यक्रम में निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर और परियोजना निदेशक बाल स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।1
- जयपुर में भरोसेमंद टैक्सी सेवा की तलाश कर रहे ग्राहकों के लिए, अवाना कैब्स® आरामदायक, सुरक्षित और किफायती कैब सेवाएँ प्रदान करता है। यह सेवा स्थानीय यात्रा, हवाई अड्डा स्थानान्तरण, दर्शनीय स्थलों की यात्रा और पूरे राजस्थान में बाहरी यात्राओं के लिए उपलब्ध है। अनुभवी ड्राइवरों और अच्छी तरह से रखे गए वाहनों के साथ, अवाना कैब्स का लक्ष्य पर्यटकों, परिवारों, कॉर्पोरेट यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए एक सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करना है। अवाना कैब्स जयपुर हवाई अड्डे से पिकअप और ड्रॉप सेवाएँ, एकतरफा टैक्सी बुकिंग, राउंड ट्रिप, राजस्थान फ़ैमिली टूर पैकेज और अनुकूलित यात्रा समाधान भी प्रदान करता है। उनके बेड़े में सेडान, एसयूवी, इनोवा क्रिस्टा, टेम्पो ट्रैवलर और लक्जरी वाहन शामिल हैं, जो ग्राहकों की हर यात्रा की ज़रूरत के अनुरूप हैं। यह सेवा समय पर उपस्थिति, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और ग्राहकों की संतुष्टि पर विशेष ध्यान देती है। चाहे जयपुर के दर्शनीय स्थलों की यात्रा की योजना हो, कोई व्यावसायिक यात्रा हो या पारिवारिक अवकाश, अवाना कैब्स 24/7 उपलब्ध है ताकि यात्रियों की यात्रा आरामदायक और परेशानी मुक्त बन सके। जयपुर से दिल्ली, आगरा, अजमेर, पुष्कर, उदयपुर, जोधपुर, रणथंभौर, खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी जैसे लोकप्रिय मार्गों के लिए भी उनकी सेवाएँ उपलब्ध हैं। ग्राहक आज ही अपनी राइड बुक करके आत्मविश्वास के साथ जयपुर और राजस्थान का अन्वेषण कर सकते हैं।1
- रोजमर्रा की ज़िंदगी में अनगिनत तनावों और समस्याओं का ज़िक्र किया गया है, जिसमें खाने-कमाने की परेशानी, रोज़गार का अभाव, बच्चों से जुड़ी दिक्कतें, और शाम को पत्नी के साथ होने वाली घरेलू समस्याएँ भी शामिल हैं। पोस्ट में इन सभी को 'समस्याओं का अनंत भंडार' बताया गया है, जिनका कोई अंत नहीं दिखता। इसी स्थिति को देखते हुए, पाठकों को सुझाव दिया गया है कि वे इन अंतहीन परेशानियों के बीच कुछ पल हँसने और दूसरों को हँसाने के लिए निकालें। यह वीडियो (जिसका संदर्भ दिया गया है) इन्हीं हँसी के पलों को दर्शाने का काम कर रहा है।1
- रायसेन में एक आशिक बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ गया और उसने यह धमकी दी कि अगर उसकी शादी उसी व्यक्ति से नहीं कराई गई जिससे वह चाहता है, तो वह अपनी जान दे देगा। इस घटना से जहाँ ग्रामीण और पुलिस परेशान हैं, वहीं आशिक के परिजनों की जान हलक में अटकी हुई है और वे उसकी सलामती को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं।1