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मैं आपका इंतजार करूंगा ! 29 मार्च 2026 जवाहर भवन ब्यावर भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित रक्तदान महादान शिविर महावीर नाहर 94435 26215 9829672756
Kailash Fulwari
मैं आपका इंतजार करूंगा ! 29 मार्च 2026 जवाहर भवन ब्यावर भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित रक्तदान महादान शिविर महावीर नाहर 94435 26215 9829672756
- Kailash Fulwariअजमेर, अजमेर, राजस्थानजय हो1 hr ago
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- विशेष वार्तालाप में आपके द्वारा संचालित व्यवस्था का अनुभव देशवासियों के समक्ष रखते हुए आपने यह दर्द अनुभव किया आज देश की संचालित व्यवस्थाके संरक्षण में किस तरह आंतरिक का आतंकवाद के रूप में भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी के रूप में कार्य कर रही है जो मानवता के लिए और राष्ट्रीय के लिए घातक है आतंकवाद को प्रभावित परिभाषित करते हुए प्रधानमंत्री जी के द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बार-बार दोहराया जाता है हर वह गतिविधि आतंकवाद है जो राष्ट्रीय के लिए घातक हो जो मानवता के लिए घातक हो वहीं दूसरी ओर देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और मिलावट खोरी आंतरिक आतंकवाद के रूप में देश के लिए और मानवता के लिए कितने घटक हैं यह अनुभव प्रधानमंत्री जी कर ही नहीं पाए आज तक इन्हें आतंकवाद की श्रेणी में ही नहीं लाया गया और भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े करना में जनता के समक्ष समाचार जगत के द्वारा बार-बार प्रकाशित होते रहे प्रसारित होते रहे मिलावट खोरी किस तरह मानव जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है यह अनुभव भी प्रधानमंत्री जी को आज तक हुआ ही नहीं जो स्वास्थ्य के लिए घातक बन चुकी है वही देश में एक बहुत बड़ा आंदोलन हुआ जो अन्ना हजारे जी के द्वारा किया गया था इस आंदोलन की कड़ी में जुड़ते हुए प्रधानमंत्री जी सार्वजनिक रूप से आए और कह गए काला धन वापस लाऊंगा जब तहर में गए गहराइयों में जाकर देखा तो यह अनुभव किया रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने यह बता दिया भारतीय मुद्रा का तो कोई मन की ही नहीं है और जिस मानक पर मुद्रा है वह मुद्रा ही नहीं है तो संचालित मुद्रा केवल वायदा कानून के अंतर्गत एक रसीद के रूप में संचालित है रुपया तो सिर्फ भारत सरकार का एक ही है वहीं रिजर्व बैंक आफ इंडिया जितना सोना है उतना ही पैसा छाप सकती है उतने ही पैसे का संचालन कर सकती है पर उससे कई अधिक गुण लोन वितरण कर दिए गए देश की जनता को कर्जदार बना दिया गया इस देश में जन्म लेने वाला व्यक्ति जन्म से ही कर्जदार पैदा होने लगा दिया भारत के पास हैं जिनका मुख्य श्रेय उन राजनेताओं को है जो देशभक्त के रूप में सट्टा का संचालन कर रहे होते हैं परिणाम 140 करोड लोगों के समक्ष है निर्णायक निर्णय आमजन को ही लेने होंगे है1
- Ajmer mein Tel chor ki vardat badhati najar aaegi1
- Dil Na doge1
- *🔥 माटी के लिए उठती हर चिंगारी को मेरा सलाम 🔥* अपने भाइयों को गाँव हित में एकजुट होकर आवाज़ उठाते देख अत्यंत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपका यह साहसपूर्ण कदम एक चिंगारी बनकर गाँव के हर छोटे-बड़े भाई को गाँव के हित में एकजुट होकर खड़े होने की प्रेरणा देगा। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि पिछले कुछ वर्षों से जिस गति से हमारी जन्मभूमि की नदी को खोदा जा रहा है, उसे देखकर पंचायत का हर भाई भीतर से दुखी और चिंतित है। 🔥 *चिंता की बात यह है कि कुछ लोग गाँव के भाइयों के इस साहस और उठती हुई क्रांति को अपने निजी राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।*🔥 *👉 उपलब्ध जानकारी के अनुसार पूरे मामले को इस प्रकार समझा जा सकता है:* • *2014 (मध्य/अंत)*: विवादित लीज़ का आवंटन हुआ। • *2015 (शुरुआत)*: ग्राम पंचायत चुनाव हुए और नए सरपंच चुने गए। • *2015 – 2020*: इस पूरे समय में मोहराई पंचायत से एक मुट्ठी बजरी तक नहीं निकाली गई। • *2020 (शुरुआत)*: पुनः ग्राम पंचायत चुनाव हुए और वर्तमान सरपंच चुने गए। • *2020 – 2022*: कोविड और उसके प्रभाव के कारण अधिकांश कार्य धीमे या बंद रहे। • *2023*: खनन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएँ शुरू हुई होंगी (अनुमान अनुसार)। • *2024 – 2026 (वर्तमान)*: मोहराई पंचायत में खनन कार्य दिन-रात जारी रहा। *आइए इसे एक वास्तविक उदाहरण से समझते हैं —* *_हमारी पंचायत के पास ही लगभग 3–4 किलोमीटर की दूरी पर मेसिया ग्राम पंचायत स्थित है।_* _मेसिया पंचायत की नदी में भी खनन की लीज़ कुछ महीनों पहले आवंटित हुई है।_ *🔥 अब असली सवाल:* ऐसा क्या कारण रहा कि आज तक *मेसिया पंचायत की नदी से एक मुट्ठी बजरी तक ले जाने नहीं दी गई,* और _वहीं दूसरी तरफ मोहराई की नदी में पिछले तीन वर्षों से इतना धड़ल्ले से खनन कार्य चलता आ रहा है?_ *_वही राज्य… वही सरकार… वही नियम… और वही कानून…_* जब सब कुछ दोनों पंचायतों पर समान रूप से लागू है, तो फिर यह कैसे संभव हुआ कि केवल हमारी पंचायत में ही बजरी खनन इतनी सहजता और धड़ल्ले से चलता आ रहा है? 🔥 *🔥 कड़वा सच:* *अब यह बात धीरे-धीरे सबके सामने स्पष्ट होती जा रही है कि मेसिया पंचायत के सरपंच ने अपना धर्म निभाते हुए साहस और दृढ़ता के साथ, पहले दिन से ही गाँव हित में पूरी पंचायत का नेतृत्व करते हुए डटकर खड़े है,* जबकि दूसरी ओर हमारी पंचायत अपनी ही नदी को उजड़ते देखती रही — न जाने किस मजबूरी में चुपचाप बैठी रही। जब पिछले 3 वर्षों में हमारी धरती से लाखों टन बजरी निकाली जा रही थी, तब न कोई आवाज़ उठी और न ही कोई ठोस कदम लिया गया। और अब, जब नदी साफ हो गई है और चुनाव नज़दीक आ गए हैं, तब किसी मौके का फायदा उठाकर जो नकली क्रांति और कर्तव्य निभाने का दिखावा किया जा रहा है — यह केवल चिंताजनक ही नहीं, बल्कि हम सभी के लिए गंभीर आत्ममंथन का विषय है। 💥 *एक बार फिर, जन्मभूमि की रक्षा और सेवा के लिए आवाज़ उठा रहे सभी भाइयों को मेरा नतमस्तक प्रणाम। 🙏🔥* _सभी आदरणीय जनों के श्रीचरणों में सादर नमन 🙏🏻_ — *प्रमोद सिंह राजपुरोहित,* *मोहराई*2
- Post by Kailash Fulwari1