भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो गया है। एक मई से शुरू होकर 30 मई तक चले इस अभियान में जिले के सभी ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों को पूरी तरह से कवर किया गया। जनगणना कर्मियों ने घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से मकानों, परिवारों, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 निर्धारित बिंदुओं की जानकारी एकत्रित की है। संकलित सभी आंकड़े भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित कर दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, यह जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। जिले में प्रथम चरण का यह कार्य 9 तहसीलों के 738 गांवों और 8 नगरीय निकायों में संपादित किया गया, जिसके लिए 9 ग्रामीण एवं 8 नगरीय चार्ज बनाए गए थे। इनके अंतर्गत कुल 1978 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) गठित किए गए। अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 2238 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया था, जिनमें प्रगणक, पर्यवेक्षक, प्रशिक्षक और विभिन्न स्तरों के प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। प्रशासन ने बताया कि मकान सूचीकरण का यह चरण आगामी फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा, जिससे कोई भी मकान या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुलदीप शर्मा ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जिलेवासियों द्वारा दिए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि फरवरी 2027 में होने वाली द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना में भी नागरिक इसी उत्साह और जिम्मेदारी के साथ सहयोग करेंगे। जनगणना 2027 के प्रथम चरण की इस सफलता ने जिले में प्रशासनिक समन्वय, तकनीकी दक्षता और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे जिले ने एक रिकॉर्ड बनाया है।
भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो गया है। एक मई से शुरू होकर 30 मई तक चले इस अभियान में जिले के सभी ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों को पूरी तरह से कवर किया गया। जनगणना कर्मियों ने घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से मकानों, परिवारों, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित 33 निर्धारित बिंदुओं की जानकारी एकत्रित की है। संकलित सभी आंकड़े भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित कर दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, यह जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। जिले में प्रथम चरण का यह कार्य 9 तहसीलों के 738 गांवों और 8 नगरीय निकायों में संपादित किया गया, जिसके लिए 9 ग्रामीण एवं 8 नगरीय चार्ज बनाए गए थे। इनके अंतर्गत कुल 1978 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) गठित किए गए। अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 2238 अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया था, जिनमें प्रगणक, पर्यवेक्षक, प्रशिक्षक और विभिन्न स्तरों के प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। प्रशासन ने बताया कि मकान सूचीकरण का यह चरण आगामी फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा, जिससे कोई भी मकान या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुलदीप शर्मा ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में जिलेवासियों द्वारा दिए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि फरवरी 2027 में होने वाली द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना में भी नागरिक इसी उत्साह और जिम्मेदारी के साथ सहयोग करेंगे। जनगणना 2027 के प्रथम चरण की इस सफलता ने जिले में प्रशासनिक समन्वय, तकनीकी दक्षता और जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिससे जिले ने एक रिकॉर्ड बनाया है।
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से सटे ग्राम परसाभदेर में अवैध खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, परसाभदेर-चारौटी मुख्य मार्ग के किनारे लंबे समय से खनिज का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, जिसके कारण सड़क के समीप एक विशाल गड्ढा बन गया है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यह बड़ा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खुलेआम चल रहे इस अवैध खनन पर खनिज विभाग की नजर नहीं पड़ रही है, जबकि यह गतिविधियां मुख्य मार्ग के किनारे ही संचालित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और खनिज विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध खनन से न केवल पर्यावरणीय नुकसान होगा, बल्कि जनहानि की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है और ठोस कदम उठाता है।1
- बलौदा बाजार शहर के सुदर्शन रेस्टोरेंट में शनिवार रात्रि 9 बजे नन्हे बालक कियान नेताम का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही कियान ने अपने जीवन के नए वर्ष में कदम रखा, पूरा माहौल खुशियों, मुस्कुराहटों और शुभकामनाओं से सराबोर हो उठा, और उसकी मासूम मुस्कान ने सभी का दिल जीत लिया। इस अवसर पर कियान के पिता ऐश्वर्य नेताम, माता शालिनी नेताम, दादा मेलूराम नेताम, दादी लता देवी नेताम, फूफा परमानंद ध्रुव, बुआ शैल ध्रुव, शशि सिंह, नेहा नेताम, सरिता नेताम सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे स्नेह और आशीर्वाद दिया, जिससे यह जन्मदिन यादगार बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद माता-पिता ने अपने लाडले पुत्र को आशीर्वाद देकर केक कटवाया और उसके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। केक कटते ही तालियों की गड़गड़ाहट और "जन्मदिन मुबारक हो" की शुभकामनाओं से पूरा परिसर गूंज उठा। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, मित्रगण, बच्चे के साथी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे और सभी ने कियान को अपना प्यार, स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की चहचहाहट और परिवारजनों की खुशियां देखने लायक थीं। ऐश्वर्य नेताम एवं उनके साथी विशेष रूप से उपस्थित रहे, वहीं शिक्षक लुकेश देवांगन एवं सत्येंद्र पटेल सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए नन्हे कियान को शुभाशीष प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह जन्मदिन समारोह केवल एक उत्सव ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रेम, संस्कार, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने कियान नेताम के जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और खुशियों की अनंत सौगात मिलने की कामना की, और नन्ही मुस्कान में बसी मासूमियत तथा अपनों के प्यार के बीच कियान का यह जन्मदिन हर दिल में एक खूबसूरत याद बन गया।1
- बिजली की दरों में हुई वृद्धि और सभी गाँवों में लगातार हो रही बिजली गुल (ब्लैक आउट) की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बिजली दफ़्तर का घेराव किया। यह प्रदर्शन बिजली संबंधी इन दोनों मुख्य मुद्दों के विरोध में किया गया।1
- भाजपा रायपुर जिला ग्रामीण के तिल्दा शहर मंडल के अंतर्गत बूथ क्रमांक 260, वार्ड क्रमांक 21 मिशन वार्ड तिल्दा में रविवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण किया गया। इस कार्यक्रम में बूथवासी, भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देश के विकास, जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता, स्वच्छता अभियान, आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भूमिका जैसे विषयों पर प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए। उपस्थित लोगों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से देशहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर भाजपा तिल्दा शहर मंडल के उपाध्यक्ष सौरभ जैन, अमरजीत पासवान, कैलाश यदु, अशोक वर्मा, पार्षद जयेश पैकरा, राजा यदु, कामेश साहू, दिलीप हथगैया, गोलू यदु और हरिशंकर यादव सहित अनेक कार्यकर्ता और बूथवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सराहनीय रही।3
- भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र की रामावेली कॉलोनी में एक अधिवक्ता को लापरवाह कार चालक ने टक्कर मारकर उनकी स्कूटी क्षतिग्रस्त कर दी थी। पहले तो आरोपी ने स्कूटी ठीक कराने का समझौता किया, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गया, जिसके बाद अधिवक्ता ने चकरभाठा थाने में मामला दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार, रामावेली निवासी अधिवक्ता सैयद मोहसिन हैदर जाफरी ने पुलिस को बताया कि 22 मई 2026 को सुबह करीब 11:00 बजे जब वह अपनी चेतक ईवी स्कूटी (क्रमांक CG 10 BQ 8725) से घर जा रहे थे, तब रामावेली मेन रोड पर लोकेश मिश्रा नामक व्यक्ति ने अपनी इको स्पोर्ट कार को तेज और लापरवाही से चलाते हुए उनकी स्कूटी को ठोकर मार दी। इस टक्कर से स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई और अधिवक्ता भी जमीन पर गिर गए। जब अधिवक्ता ने थाने में शिकायत करने की बात कही, तो लोकेश मिश्रा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी स्कूटी बनवा देगा। इसके बाद, लोकेश मिश्रा ने अपने कर्मचारी के माध्यम से स्कूटी को चेतक शोरूम भिजवाया, जहाँ वह अभी भी खड़ी है। हालांकि, जब अधिवक्ता सैयद मोहसिन हैदर जाफरी ने लोकेश मिश्रा से स्कूटी की मरम्मत पर आए लगभग ₹17,000 के खर्च का भुगतान करने को कहा, तो उसने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी द्वारा भुगतान से मुकरने के बाद, अधिवक्ता जाफरी ने 30 मई 2026 को शाम 5:08 बजे चकरभाठा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अवलोकन पर, पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 के तहत अपराध मानते हुए मामला दर्ज कर लिया है और इसकी विवेचना जारी है।1