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बाराबंकी फतेहपुर क्षेत्र इसरौली में डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, समाज के लोगों ने निकाली शोभायात्रा

2 hrs ago
user_Mohd Sultan Warsi
Mohd Sultan Warsi
फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बाराबंकी फतेहपुर क्षेत्र इसरौली में डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, समाज के लोगों ने निकाली शोभायात्रा

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  • Post by Mohd Sultan Warsi
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    Post by Mohd Sultan Warsi
    user_Mohd Sultan Warsi
    Mohd Sultan Warsi
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार को बिशनपुर और सरैया मकबूल नगर गांवों में गेहूं के खेतों में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में खड़ी और कटी हुई फसल जलने लगी। आग की सूचना मिलते ही किसान और ग्रामीण तुरंत खेतों की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई। इस घटना में करीब 20 बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। बिशनपुर गांव के शिवनंदन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ), सुमिरन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ) और कैलाश (पुत्र राम मनोहर, निवासी कुतलूपुर) की कुल 0.570 हेक्टेयर फसल जल गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन शुरू किया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि संबंधित लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को शासन स्तर से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक क्षति से उबर सकें।
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    रवि रावत की रिपोर्ट 
लोकेशन फतेहपुर 
बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार को बिशनपुर और सरैया मकबूल नगर गांवों में गेहूं के खेतों में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में खड़ी और कटी हुई फसल जलने लगी। आग की सूचना मिलते ही किसान और ग्रामीण तुरंत खेतों की ओर दौड़े।
ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई। इस घटना में करीब 20 बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई।
बिशनपुर गांव के शिवनंदन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ), सुमिरन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ) और कैलाश (पुत्र राम मनोहर, निवासी कुतलूपुर) की कुल 0.570 हेक्टेयर फसल जल गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन शुरू किया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि संबंधित लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को शासन स्तर से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक क्षति से उबर सकें।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बढ़ती गर्मी और प्रदूषण को देखते हुए वन विभाग बाराबंकी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी *श्री आकाशदीप बधावन (आई.एफ.एस.)* के मार्गदर्शन में देवा रेंज द्वारा वर्ष 2026 में किसान पथ पर आयरन गार्ड वृक्षारोपण किया गया है। जिसमें वर्तमान में लगभग 1000 आयरन गार्ड में छायादार एवम शोभाकार *कचनार,महोगनी, चकरेसिया तथा छितवन* प्रजाति के पौधों का रोपण किसान पथ की पटरियों पर किया गया है। भविष्य में *3000 आयरन गार्ड वृक्षारोपण* और किए जाने वृक्षारोपण प्रस्तावित है। बताते चलें कि वर्तमान में किसान पथ पर एक भी छायादार वृक्ष न होने से राहगीरों एवं यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कहीं-कहीं वृक्ष लगे हैं लेकिन वह खजूर प्रजाति के हैं जिससे किसी भी प्रकार की छाया प्राप्त नहीं होती है। देव रेंज द्वारा इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय ग्रामीण एवं राहगीरों के अनुरोध पर वृक्षारोपण कराया जा रहा है तथा भीषण गर्मी को देखते हुए पौधों की *निरंतर सिंचाई* भी सुनिश्चित की जा रही है *वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंह* के नेतृत्व में तथा स्थानीय वन दरोगा श्री मनोज कुमार एवं बीट प्रभारी श्री राजेश मिश्रा द्वारा पौधों की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जा रही है।
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    बढ़ती गर्मी और प्रदूषण को देखते हुए वन विभाग बाराबंकी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी *श्री आकाशदीप बधावन (आई.एफ.एस.)* के मार्गदर्शन में देवा रेंज द्वारा वर्ष 2026 में किसान पथ पर आयरन गार्ड वृक्षारोपण किया गया है। जिसमें वर्तमान में लगभग 1000 आयरन गार्ड में छायादार एवम शोभाकार *कचनार,महोगनी, चकरेसिया  तथा छितवन* प्रजाति के पौधों का रोपण किसान पथ की पटरियों पर किया गया है। भविष्य में *3000 आयरन गार्ड वृक्षारोपण* और किए जाने वृक्षारोपण प्रस्तावित है।
बताते चलें कि वर्तमान में किसान पथ पर एक भी छायादार वृक्ष न होने से राहगीरों एवं यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कहीं-कहीं वृक्ष लगे हैं लेकिन वह खजूर प्रजाति के हैं जिससे किसी भी प्रकार की छाया प्राप्त नहीं होती है। देव रेंज द्वारा इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय ग्रामीण एवं राहगीरों के अनुरोध पर वृक्षारोपण कराया जा रहा है तथा भीषण गर्मी को देखते हुए पौधों की *निरंतर सिंचाई* भी सुनिश्चित की जा रही है *वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंह* के नेतृत्व में तथा स्थानीय वन दरोगा श्री मनोज कुमार एवं बीट प्रभारी श्री राजेश मिश्रा द्वारा पौधों की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जा रही है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा में खालसा साजना दिवस और बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया गया। हजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह और भाई बलविंदर सिंह (हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर) ने भी कीर्तन किया। सभी कार्यक्रमों का समापन लंगर के उपरांत हुआ। सिख धर्म में बैसाखी का विशेष महत्व है। इसी दिन वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में 'खालसा पंथ' की नींव रखी थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत चखाकर एक निडर समुदाय तैयार किया था। यह पावन पर्व हमें मानवता की सेवा और सच्चाई के मार्ग पर डटे रहने का संदेश देता है। गुरुद्वारों में होने वाले कीर्तन और अरदास के साथ-साथ सड़कों पर नगर कीर्तन भी निकाले गए। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी पत्रकारों को मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पंकज गुप्ता पंकी, सुरेंद्र सिंह वर्मा, एमएलसी राजेश यादव, व्यवसायी कुशल अग्रवाल, सरदार चरनजीत सिंह, सरदार जसबीर सिंह, सरदार प्रीत सिंह, नवीन सिंह, सरदार राजदीप सिंह, मनमीत सिंह, टीटू भाई, सुशील गुप्ता और अरुण गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    बाराबंकी जनपद के लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा में खालसा साजना दिवस और बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया गया। हजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह और भाई बलविंदर सिंह (हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर) ने भी कीर्तन किया। सभी कार्यक्रमों का समापन लंगर के उपरांत हुआ।
सिख धर्म में बैसाखी का विशेष महत्व है। इसी दिन वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में 'खालसा पंथ' की नींव रखी थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत चखाकर एक निडर समुदाय तैयार किया था।
यह पावन पर्व हमें मानवता की सेवा और सच्चाई के मार्ग पर डटे रहने का संदेश देता है। गुरुद्वारों में होने वाले कीर्तन और अरदास के साथ-साथ सड़कों पर नगर कीर्तन भी निकाले गए।
इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी पत्रकारों को मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में पंकज गुप्ता पंकी, सुरेंद्र सिंह वर्मा, एमएलसी राजेश यादव, व्यवसायी कुशल अग्रवाल, सरदार चरनजीत सिंह, सरदार जसबीर सिंह, सरदार प्रीत सिंह, नवीन सिंह, सरदार राजदीप सिंह, मनमीत सिंह, टीटू भाई, सुशील गुप्ता और अरुण गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_विशाल गुप्ता
    विशाल गुप्ता
    Local News Reporter नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बढ़ती गर्मी और प्रदूषण को देखते हुए वन विभाग बाराबंकी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी श्री आकाशदीप बधावन (आई.एफ.एस.) के मार्गदर्शन में देवा रेंज द्वारा वर्ष 2026 में किसान पथ पर आयरन गार्ड वृक्षारोपण किया गया है। जिसमें वर्तमान में लगभग 1000 आयरन गार्ड में छायादार एवम शोभाकार *कचनार,महोगनी, चकरेसिया तथा छितवन* प्रजाति के पौधों का रोपण किसान पथ की पटरियों पर किया गया है। भविष्य में 3000 आयरन गार्ड वृक्षारोपण और किए जाने वृक्षारोपण प्रस्तावित है। बताते चलें कि वर्तमान में किसान पथ पर एक भी छायादार वृक्ष न होने से राहगीरों एवं यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कहीं-कहीं वृक्ष लगे हैं लेकिन वह खजूर प्रजाति के हैं जिससे किसी भी प्रकार की छाया प्राप्त नहीं होती है। देव रेंज द्वारा इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय ग्रामीण एवं राहगीरों के अनुरोध पर वृक्षारोपण कराया जा रहा है तथा भीषण गर्मी को देखते हुए पौधों की निरंतर सिंचाई सुनिश्चित की जा रही है वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंहके नेतृत्व में तथा स्थानीय वन दरोगा श्री मनोज कुमार एवं बीट प्रभारी श्री राजेश मिश्रा द्वारा पौधों की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जा रही है। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
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    बढ़ती गर्मी और प्रदूषण को देखते हुए वन विभाग बाराबंकी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी श्री आकाशदीप बधावन (आई.एफ.एस.) के मार्गदर्शन में देवा रेंज द्वारा वर्ष 2026 में किसान पथ पर आयरन गार्ड वृक्षारोपण किया गया है। जिसमें वर्तमान में लगभग 1000 आयरन गार्ड में छायादार एवम शोभाकार *कचनार,महोगनी, चकरेसिया  तथा छितवन* प्रजाति के पौधों का रोपण किसान पथ की पटरियों पर किया गया है। भविष्य में 3000 आयरन गार्ड वृक्षारोपण और किए जाने वृक्षारोपण प्रस्तावित है।
बताते चलें कि वर्तमान में किसान पथ पर एक भी छायादार वृक्ष न होने से राहगीरों एवं यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कहीं-कहीं वृक्ष लगे हैं लेकिन वह खजूर प्रजाति के हैं जिससे किसी भी प्रकार की छाया प्राप्त नहीं होती है। देव रेंज द्वारा इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय ग्रामीण एवं राहगीरों के अनुरोध पर वृक्षारोपण कराया जा रहा है तथा भीषण गर्मी को देखते हुए पौधों की निरंतर सिंचाई  सुनिश्चित की जा रही है वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंहके नेतृत्व में तथा स्थानीय वन दरोगा श्री मनोज कुमार एवं बीट प्रभारी श्री राजेश मिश्रा द्वारा पौधों की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जा रही है।
ब्यूरो चीफ रामानंद सागर
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बाराबंकी में हरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई 🚨 वन विभाग पर मिलीभगत का आरोप | तुरंत कार्रवाई की मांग
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    बाराबंकी में हरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई 🚨 वन विभाग पर मिलीभगत का आरोप | तुरंत कार्रवाई की मांग
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Newspaper publisher नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by Mohd Sultan Warsi
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    Post by Mohd Sultan Warsi
    user_Mohd Sultan Warsi
    Mohd Sultan Warsi
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • Post by Sandeep Pasi
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    Post by Sandeep Pasi
    user_Sandeep Pasi
    Sandeep Pasi
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा परिचय 14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने। संघर्ष की कहानी अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं। महान विरासत अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं। आज का संदेश अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।
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    अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा
परिचय
14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने।
संघर्ष की कहानी
अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं।
महान विरासत
अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं।
आज का संदेश
अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।
    user_Zahira Bano
    Zahira Bano
    Media company बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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