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कोटा में शहरी विकास प्राधिकरण (KDA) का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत सकतपुरा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान में अवैध रूप से बनाए गए दरवाजों और उनके माध्यम से संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया गया। इन अवैध रास्तों को थर्मल की दीवार तोड़कर सड़क सीमा में बनाया गया था, जिससे दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ था। यह कार्रवाई आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देशों पर की गई। पहले अतिक्रमणकारियों को समझाइश दी गई और नोटिस जारी किए गए। इसके बाद, अंतिम चेतावनी मिलने पर, अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अवैध दरवाजों को बंद कर दिया और अपनी गतिविधियों को रोक दिया। KDA ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
कोटा में शहरी विकास प्राधिकरण (KDA) का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत सकतपुरा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान में अवैध रूप से बनाए गए दरवाजों और उनके माध्यम से संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया गया। इन अवैध रास्तों को थर्मल की दीवार तोड़कर सड़क सीमा में बनाया गया था, जिससे दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ था। यह कार्रवाई आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देशों पर की गई। पहले अतिक्रमणकारियों को समझाइश दी गई और नोटिस जारी किए गए। इसके बाद, अंतिम चेतावनी मिलने पर, अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अवैध दरवाजों को बंद कर दिया और अपनी गतिविधियों को रोक दिया। KDA ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- md rizan khanअटरू, बारां, राजस्थानmodi or birla he to mumkin he🤣2 hrs ago
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- शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति के मानस गांव और रामराजपुरा में औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल मिली। मंत्री को अचानक गांव में देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने मंत्री से शिकायत की कि पिछले पाँच सालों से गाँव में कोई सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने सरपंच की शक्ल तक नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच नरेश मेघवाल शराब पीकर घर पर ही मस्त रहता है और गाँव के विकास पर उसका कोई ध्यान नहीं है। मंत्री ने ग्रामीणों के साथ गाँव की गलियों में पैदल घूमकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने देखा कि नालियाँ जाम थीं और उनका पानी आम रास्ते पर भरा हुआ था, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी और ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पंचायत की तरफ से झाड़ू लगाने कोई नहीं आता। कचरा इकट्ठा करने के लिए पाँच गाँवों के लिए एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली है, जो कभी-कभार ही दिखाई देती है। दोनों ही गाँवों में मानस गांव पंचायत के सरपंच नरेश मेघवाल के खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद मंत्री मदन दिलावर ने मौके से ही बीडीओ शैलेश रंजन, पंचायत समिति लाडपुरा को दूरभाष पर पूरे मामले की जानकारी दी। मंत्री ने बीडीओ शैलेश रंजन को जाँच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए और साथ ही अतिरिक्त विकास अधिकारी तथा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (स्वच्छ भारत मिशन) के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की।4
- 'विशेष सुहलका बिल्डिंग' की 18 मंजिला निर्माण प्रक्रिया से संबंधित सामग्री प्रस्तुत करने वाले एक वायरल यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।1
- जैन मुनि की हत्या को लेकर जैन समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। कोटा के जैन समाज ने इस घटना पर गहरा गुस्सा व्यक्त करते हुए सरकार से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर माँग की है। समाज ने यह भी सुनिश्चित करने की अपील की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, जिसके लिए जैन मुनियों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए।1
- जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सात जन्मों की कसमें खाकर जीवनसाथी बनी पत्नी ने पति के पीठ पीछे ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे परिवार को शर्मसार कर दिया है। हाल ही में हुई शादी के बाद, पति परिवार की जिम्मेदारियां उठाने और पेट पालने के लिए परदेस कमाने चला गया था। पति के जाने के बाद, पत्नी ने रात के अंधेरे में अपने गाँव के ही प्रेमी को घर बुला लिया। रात के सन्नाटे में चल रहा यह सिलसिला ज्यादा देर तक छिपा नहीं रह सका, और आधी रात को अचानक घरवालों को किसी की मौजूदगी की भनक लग गई। परिजनों ने जब जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उन्होंने बहू और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ लिया। गुस्से में आगबबूला हुए परिजनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया। इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि रंगे हाथ पकड़े जाने और बंधक बनाए जाने के बावजूद महिला को अपनी इस हरकत पर कोई पछतावा नहीं दिखा। वह अब भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है और उसके तेवर बदलने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।1
- कोटा शहर के आरकेपुरम थाना और आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश पर 78 प्रकरणों में जब्त की गई अवैध देशी, अंग्रेजी और हथकढ़ शराब को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई आरकेपुरम थाना परिसर के पास एक खाली जगह पर संपन्न हुई। जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने जानकारी दी कि यह विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई थी। शराब नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया थानाधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव और जिला आबकारी अधिकारी सरिता सिंह की मौजूदगी में हुई। इस अभियान के तहत 4800 पव्वे देशी शराब, अंग्रेजी शराब की 8 बोतलें, 18 हाफ और 417 पव्वे, 27 बीयर बोतलें, 20 लीटर हथकढ़ शराब, 210 लीटर स्प्रिट से बनी शराब, और 1600 किलो शराब बनाने की स्प्रिट को नष्ट किया गया। इसके साथ ही, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान को भी नष्ट कर दिया गया।1
- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अजमेर से कोटा तक रोडवेज बस में सफर करने के कारण चर्चा का विषय बन गए हैं। इस यात्रा के दौरान मंत्री के बस में सफर करते हुए तस्वीरें भी खींची गईं, जिसने सबका ध्यान खींचा। इसी बीच, मौके पर मौजूद लोगों के बीच इस घटना को लेकर हल्की-फुल्की प्रतिक्रियाएँ और टिप्पणियाँ सुनने को मिलीं। बताया गया कि फोटो खिंचवाने के बाद जैसे ही मंत्री अपनी सीट से उठने लगे, पीछे से एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी सुनाई दी, जिसमें कैमरा और मीडिया कवरेज को लेकर कटाक्ष किया गया था।1
- लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में एसएससी जीडी (SSC GD) परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। इस जानकारी के सामने आते ही बड़ी संख्या में छात्र भड़क उठे।1
- कोटा में शहरी विकास प्राधिकरण (KDA) का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत सकतपुरा क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान में अवैध रूप से बनाए गए दरवाजों और उनके माध्यम से संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराया गया। इन अवैध रास्तों को थर्मल की दीवार तोड़कर सड़क सीमा में बनाया गया था, जिससे दुर्घटना का गंभीर खतरा बना हुआ था। यह कार्रवाई आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के निर्देशों पर की गई। पहले अतिक्रमणकारियों को समझाइश दी गई और नोटिस जारी किए गए। इसके बाद, अंतिम चेतावनी मिलने पर, अतिक्रमणकारियों ने स्वयं ही अवैध दरवाजों को बंद कर दिया और अपनी गतिविधियों को रोक दिया। KDA ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- कोटा में 25 मई को, जिला प्रभारी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जो आयोजना विभाग, सांख्यिकी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सचिव भी हैं, ने कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" को राज्य सरकार का जल संरक्षण को समर्पित एक महत्वाकांक्षी अभियान बताया और सभी विभागों से नवाचारी पहल करते हुए ऐसे कार्य करने का आह्वान किया जिससे यह अभियान सार्थक सिद्ध हो सके। इस दौरान जिला कलक्टर पीयूष समारिया भी मौजूद रहे। डॉ. सुरपुर ने अभियान में प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया ताकि जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँच सके। उन्होंने "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" के साथ-साथ "हरियालो राजस्थान अभियान" के संबंध में भी चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा आवंटित लक्ष्यों के मुताबिक पौधारोपण करना है और यह भी सुनिश्चित करना है कि रोपे गए पौधे जीवित रहें। इसके लिए विभागों को कार्ययोजना बनाकर पुख्ता प्रबंध करने, इस क्षेत्र में आसानी से पनप सकने वाले पौधे लगाने, और पौधारोपण में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने को कहा गया। उन्होंने सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से भी पौधारोपण को बढ़ावा देने तथा रामगंजमंडी क्षेत्र में कोटा स्टोन के वेस्ट का कलात्मक उपयोग कर ट्री-गार्ड एवं पौधों के संरक्षण के इंतजामों में काम लेने का सुझाव दिया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि जहाँ-जहाँ रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हुए हैं, उन्हें सक्रिय किया जाए और जो सक्रिय हैं, उनके सकारात्मक परिणामों से आमजन को अवगत कराया जाए ताकि अन्य भी इसके लिए प्रेरित हो सकें। रूफटॉप गार्डनिंग को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया, और जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में जल संरक्षण संरचनाओं को सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों जैसे तालाब, जोहड़, बावड़ी इत्यादि के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित इन स्रोतों को समन्वित प्रयासों से स्वच्छ और संरक्षित किया जाए। वर्षा से पूर्व नालों की सफाई और वर्षा जल भराव वाले स्थानों पर समुचित सुरक्षात्मक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक जल अपशिष्ट का पुनः उपयोग सुनिश्चित करने तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को अभियान के दौरान विशेष रूप से पानी की गुणवत्ता पर कार्य करने एवं आमजन को अनावश्यक आरओ पानी का इस्तेमाल कर जल व्यर्थ न करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। किसानों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति के फायदों से अवगत कराकर इसे अपनाने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया। पॉलिथीन के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए, प्रभारी सचिव ने इसके विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दिया और कहा कि विकल्प देकर इसकी रोकथाम अधिक प्रभावी होगी। नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि वे व्यापारियों को पॉलिथीन के विकल्पों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से संचालित इंसेंटिव स्कीम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।2