पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग नगर के प्रवेश द्वार पर स्थित पोसा-पोस्ताला मोटर मार्ग पर बने अस्थायी कूड़ा डंपिंग जोन में लगातार कूड़ा डाले जाने से क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का अंबार लग गया है। पेट्रोल पंप से लेकर जवाहर चौक तक मक्खियों का भारी प्रकोप बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने की आशंका जताई है। आरोप है कि नगरपालिका बेरीनाग के कूड़ा वाहनों द्वारा भी लंबे समय से इस अस्थायी डंपिंग जोन में कूड़ा डाला जा रहा है, और कूड़ा सड़क तक फैलने से हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। प्रतिदिन करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे और अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, जिन्हें गंदगी और दुर्गंध के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। इस संबंध में, नगरपालिका बेरीनाग की ईओ मीनाक्षी बरदोला ने बताया कि नगरपालिका द्वारा प्रतिदिन डंपिंग क्षेत्र में पूरी सफाई करने के साथ कूड़े का निस्तारण भी किया जाता है, तथा दवा और छिड़काव भी किया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक स्थायी डंपिंग जोन बनाए जाने के लिए कार्रवाई जारी है। ईओ ने आश्वासन दिया कि इस मौजूदा डंपिंग जोन की सफाई और दवाई का छिड़काव किया जाएगा।
पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग नगर के प्रवेश द्वार पर स्थित पोसा-पोस्ताला मोटर मार्ग पर बने अस्थायी कूड़ा डंपिंग जोन में लगातार कूड़ा डाले जाने से क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध का अंबार लग गया है। पेट्रोल पंप से लेकर जवाहर चौक तक मक्खियों का भारी प्रकोप बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने की आशंका जताई है। आरोप है कि नगरपालिका बेरीनाग के कूड़ा वाहनों द्वारा भी लंबे समय से इस अस्थायी डंपिंग जोन में कूड़ा डाला जा रहा है, और कूड़ा सड़क तक फैलने से हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। प्रतिदिन करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे और अन्य लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, जिन्हें गंदगी और दुर्गंध के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है। इस संबंध में, नगरपालिका बेरीनाग की ईओ मीनाक्षी बरदोला ने बताया कि नगरपालिका द्वारा प्रतिदिन डंपिंग क्षेत्र में पूरी सफाई करने के साथ कूड़े का निस्तारण भी किया जाता है, तथा दवा और छिड़काव भी किया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एक स्थायी डंपिंग जोन बनाए जाने के लिए कार्रवाई जारी है। ईओ ने आश्वासन दिया कि इस मौजूदा डंपिंग जोन की सफाई और दवाई का छिड़काव किया जाएगा।
- बागेश्वर जिला अस्पताल एक बार फिर विवादों में है, जहाँ अस्पताल परिसर में मरीज के परिजनों द्वारा वीडियो बनाने का मामला गरमा गया है। इस घटना के बाद, नर्सिंग स्टाफ ने इसे अपने कार्य में बाधा, अभद्रता और दुर्व्यवहार बताते हुए संबंधित परिजनों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दूसरी ओर, मरीज के परिजनों का आरोप है कि उनके मरीज के सिर पर गंभीर चोट लगी है और कई टांके भी आए हैं। उनका यह भी कहना है कि हमले के आरोपी मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े हुए हैं और उन्हें बचाने के लिए पूरे मामले को जानबूझकर दूसरी दिशा दी जा रही है। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।1
- नैनीताल के ताकुला-हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (DCR) को सुबह 06:01 बजे इस घटना की सूचना मिली, जिसके तत्काल बाद नैनीताल फायर स्टेशन से एक रेस्क्यू यूनिट को मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुँचने पर टीम ने पाया कि गिरा हुआ पेड़ अत्यधिक भारी और विशाल था, जिसे सीधे हटाना संभव नहीं था। फायर यूनिट के जवानों ने बिना देरी किए, आधुनिक वुडन कटर का उपयोग करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। कड़कड़ाती सुबह और जोखिम भरे हालातों के बावजूद, टीम ने कड़ी मेहनत कर पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और उन्हें सुरक्षित रूप से सड़क के किनारे हटाया। इस त्वरित और सफल अभियान के बाद, बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका। इस रेस्क्यू टीम में लीडिंग फायरमैन (LFM) श्री प्रकाश मेर, ड्राइवर श्री जय प्रकाश आर्य, फायरमैन रमेश चंद, और महिला फायर वर्कर (FW) बीना परिहार व कविता सकलानी शामिल थीं। सुबह के समय दिखाई गई इस मुस्तैदी और प्रभावी कार्य के लिए स्थानीय लोगों और यात्रियों ने फायर ब्रिगेड टीम की भरपूर सराहना की है।1
- महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मनिंद्रनाथ नायक का जन्म 30 जून 1897 को ब्रिटिश भारत के हुगली जिले के चंदननगर में हुआ था और उनका निधन 28 दिसंबर 1982 को हुआ। चंदननगर, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी मनिंद्रनाथ अपने शहर के पहले विज्ञान स्नातक थे, जिन्होंने 1913 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.एससी की डिग्री प्राप्त की थी। हालांकि, क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण मिली पुलिस रिपोर्ट के कारण उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में एम.एससी में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उनके पिता का नाम भूषण चंद्र नायक था। मनिंद्रनाथ छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए थे और वे रासबिहारी बोस के नेतृत्व वाले गुप्त क्रांतिकारी समूह के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने बम बनाने में विशेषज्ञता हासिल की और कई उन्नत किस्म के बम तैयार किए। 1912 में लाहौर और दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर हुए हमले (दिल्ली षड्यंत्र) में उनके बनाए बमों का उपयोग किया गया था। यह ऐतिहासिक बम क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास द्वारा फेंका गया था। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इस गुमनाम नायक का योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सदैव याद किया जाता है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के पतरासा कुंवरपुर गांव में ₹569.11 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने लगभग ढाई हजार विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र भी सौंपे। जनसभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि 55-56 वर्ष पहले बांग्लादेश से प्रताड़ित कर निकाले गए इन परिवारों को पीलीभीत में पुनर्वासित किया गया था, और अब उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनके लिए एक नया जीवन है, और इन प्रमाणपत्रों के बाद कोई भी शक्ति उन्हें वहां से नहीं निकाल सकती, न ही कोई उन्हें पराया कह सकता। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परिवारों को अपनी विरासत संरक्षित करने का मंच मिला है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के निर्माण के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया, इसे कांग्रेस के पाप का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सत्ता की लालच के कारण बना था, और यदि उस समय कांग्रेस का नेतृत्व अडिग रहता तो भारत का विभाजन नहीं होता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन्ना अपनी मौत मर गया था, लेकिन लाखों हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और उन्हें अपनी पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि उन्हें चार बार प्रदेश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्हें गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत नहीं थी। उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि वे तब सुनते जब "बबुआ" को समय पर उठने की आदत होती – 12 बजे सोकर उठेंगे, दो बजे तक तैयार होंगे, फिर पांच बजे जिम चले जाएंगे, तो गरीबों की पीड़ा सुनने की आदत कहां होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सपा के एजेंडे में केवल सैफई का विकास था। पीलीभीत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब दंगे नहीं होते, और उन्होंने मंच से घोषणा की "नो दंगा नो कर्फ्यू अब यूपी में सब चंगा"। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार व्यापारियों, बहन-बेटियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और अपराधियों को संरक्षण देने का सवाल ही नहीं उठता।4
- उत्तर प्रदेश के स्वार-टांडा स्थित अकबराबाद क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खनन पट्टे का संचालन शुरू हो गया है। खनन कार्य प्रारंभ होते ही इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके साथ ही खनिज के परिवहन का सिलसिला भी तेज हो गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और राहगीरों ने यह भी बताया है कि खनन शुरू होने के साथ ही कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री भरकर ले जाने के मामले सामने आने लगे हैं। एक ओर जहां खनन पट्टा चालू होने से क्षेत्र के लोगों में रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं, बल्कि इनसे सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उनकी अपेक्षा है कि खनन कार्य नियमानुसार संचालित हो, ताकि रोजगार और राजस्व के लाभ के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।2
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह संकल्प लिया है कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का एक मॉडल जनपद बनाया जाएगा।1
- उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक पर्यावरण-अनुकूल रेस्टोरेंट 'वेस्ट टू बेस्ट' (कचरे से सर्वोत्तम) की अवधारणा को बढ़ावा दे रहा है। यह अनूठी पहल, जिसे संभवतः तुलसी रेस्टोरेंट चला रहा है, स्थिरता, पुनर्चक्रण और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को प्रोत्साहित करती है। इसका उद्देश्य हरित जीवनशैली और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोग प्रेरित हों।1
- आगामी विधानसभा चुनावों को भविष्य का चुनाव बताते हुए, एक महत्वपूर्ण संदेश में लोगों से उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया गया है जो सीधे उनके जीवन और आने वाली पीढ़ियों से जुड़े हैं। इस संदेश में स्पष्ट संकल्प व्यक्त किया गया है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का निर्माण किया जाए। यह आह्वान, 'एक पोस्ट एक आवाज' और '2027 परिवर्तन' जैसे नारों के साथ, गैरसैंण में एम्स स्थापित करने की मांग को आगामी चुनावों के लिए एक केंद्रीय मुद्दा बनाने पर जोर देता है।1
- आम जनता लापरवाह डाक व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही है, जिसमें हर डाक पर ट्रैकिंग सेवा को अनिवार्य करने की पुरजोर मांग की गई है। लोगों का कहना है कि प्रत्येक डाक पर ट्रैकिंग की सुविधा होनी चाहिए ताकि पता चल सके कि उनकी डाक कहाँ तक पहुँची है। जनता जवाब मांग रही है और स्पष्ट किया गया है कि ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगी। लोगों का कहना है कि डाक व्यवस्था में सुधार होना अत्यंत आवश्यक है, तभी जनता का भरोसा वापस लौटेगा, क्योंकि जनता के जरूरी दस्तावेज़ समय पर पहुँचाना सरकार की जिम्मेदारी है। इस लापरवाह व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाना बेहद ज़रूरी है। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए और जनता को समय पर उनकी डाक मिलनी चाहिए। यही हमारी प्रमुख मांग है।1