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महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मनिंद्रनाथ नायक का जन्म 30 जून 1897 को ब्रिटिश भारत के हुगली जिले के चंदननगर में हुआ था और उनका निधन 28 दिसंबर 1982 को हुआ। चंदननगर, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी मनिंद्रनाथ अपने शहर के पहले विज्ञान स्नातक थे, जिन्होंने 1913 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.एससी की डिग्री प्राप्त की थी। हालांकि, क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण मिली पुलिस रिपोर्ट के कारण उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में एम.एससी में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उनके पिता का नाम भूषण चंद्र नायक था। मनिंद्रनाथ छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए थे और वे रासबिहारी बोस के नेतृत्व वाले गुप्त क्रांतिकारी समूह के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने बम बनाने में विशेषज्ञता हासिल की और कई उन्नत किस्म के बम तैयार किए। 1912 में लाहौर और दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर हुए हमले (दिल्ली षड्यंत्र) में उनके बनाए बमों का उपयोग किया गया था। यह ऐतिहासिक बम क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास द्वारा फेंका गया था। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इस गुमनाम नायक का योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सदैव याद किया जाता है।

6 hrs ago
user_Jagdish Ballabh Sharma
Jagdish Ballabh Sharma
Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
6 hrs ago

महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मनिंद्रनाथ नायक का जन्म 30 जून 1897 को ब्रिटिश भारत के हुगली जिले के चंदननगर में हुआ था और उनका निधन 28 दिसंबर 1982 को हुआ। चंदननगर, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी मनिंद्रनाथ अपने शहर के पहले विज्ञान स्नातक थे, जिन्होंने 1913 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.एससी की डिग्री प्राप्त की थी। हालांकि, क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण मिली पुलिस रिपोर्ट के कारण उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में एम.एससी में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उनके पिता का नाम भूषण चंद्र नायक था। मनिंद्रनाथ छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए थे और वे रासबिहारी बोस के नेतृत्व वाले गुप्त क्रांतिकारी समूह के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने बम बनाने में विशेषज्ञता हासिल की और कई उन्नत किस्म के बम तैयार किए। 1912 में लाहौर और दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर हुए हमले (दिल्ली षड्यंत्र) में उनके बनाए बमों का उपयोग किया गया था। यह ऐतिहासिक बम क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास द्वारा फेंका गया था। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इस गुमनाम नायक का योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सदैव याद किया जाता है।

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  • महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मनिंद्रनाथ नायक का जन्म 30 जून 1897 को ब्रिटिश भारत के हुगली जिले के चंदननगर में हुआ था और उनका निधन 28 दिसंबर 1982 को हुआ। चंदननगर, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी मनिंद्रनाथ अपने शहर के पहले विज्ञान स्नातक थे, जिन्होंने 1913 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.एससी की डिग्री प्राप्त की थी। हालांकि, क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण मिली पुलिस रिपोर्ट के कारण उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में एम.एससी में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उनके पिता का नाम भूषण चंद्र नायक था। मनिंद्रनाथ छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए थे और वे रासबिहारी बोस के नेतृत्व वाले गुप्त क्रांतिकारी समूह के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने बम बनाने में विशेषज्ञता हासिल की और कई उन्नत किस्म के बम तैयार किए। 1912 में लाहौर और दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर हुए हमले (दिल्ली षड्यंत्र) में उनके बनाए बमों का उपयोग किया गया था। यह ऐतिहासिक बम क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास द्वारा फेंका गया था। देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इस गुमनाम नायक का योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सदैव याद किया जाता है।
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    महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी मनिंद्रनाथ नायक का जन्म 30 जून 1897 को ब्रिटिश भारत के हुगली जिले के चंदननगर में हुआ था और उनका निधन 28 दिसंबर 1982 को हुआ। चंदननगर, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी मनिंद्रनाथ अपने शहर के पहले विज्ञान स्नातक थे, जिन्होंने 1913 में स्कॉटिश चर्च कॉलेज से बी.एससी की डिग्री प्राप्त की थी। हालांकि, क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण मिली पुलिस रिपोर्ट के कारण उन्हें प्रेसीडेंसी कॉलेज, कलकत्ता में एम.एससी में प्रवेश नहीं मिल पाया था। उनके पिता का नाम भूषण चंद्र नायक था।

मनिंद्रनाथ छात्र जीवन से ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय हो गए थे और वे रासबिहारी बोस के नेतृत्व वाले गुप्त क्रांतिकारी समूह के एक प्रमुख सदस्य थे। उन्होंने बम बनाने में विशेषज्ञता हासिल की और कई उन्नत किस्म के बम तैयार किए। 1912 में लाहौर और दिल्ली में वायसराय लॉर्ड हार्डिंग पर हुए हमले (दिल्ली षड्यंत्र) में उनके बनाए बमों का उपयोग किया गया था। यह ऐतिहासिक बम क्रांतिकारी बसंत कुमार विश्वास द्वारा फेंका गया था।

देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इस गुमनाम नायक का योगदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सदैव याद किया जाता है।
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • नैनीताल के ताकुला-हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (DCR) को सुबह 06:01 बजे इस घटना की सूचना मिली, जिसके तत्काल बाद नैनीताल फायर स्टेशन से एक रेस्क्यू यूनिट को मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुँचने पर टीम ने पाया कि गिरा हुआ पेड़ अत्यधिक भारी और विशाल था, जिसे सीधे हटाना संभव नहीं था। फायर यूनिट के जवानों ने बिना देरी किए, आधुनिक वुडन कटर का उपयोग करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। कड़कड़ाती सुबह और जोखिम भरे हालातों के बावजूद, टीम ने कड़ी मेहनत कर पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और उन्हें सुरक्षित रूप से सड़क के किनारे हटाया। इस त्वरित और सफल अभियान के बाद, बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका। इस रेस्क्यू टीम में लीडिंग फायरमैन (LFM) श्री प्रकाश मेर, ड्राइवर श्री जय प्रकाश आर्य, फायरमैन रमेश चंद, और महिला फायर वर्कर (FW) बीना परिहार व कविता सकलानी शामिल थीं। सुबह के समय दिखाई गई इस मुस्तैदी और प्रभावी कार्य के लिए स्थानीय लोगों और यात्रियों ने फायर ब्रिगेड टीम की भरपूर सराहना की है।
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    नैनीताल के ताकुला-हल्द्वानी मुख्य मार्ग पर अचानक एक विशालकाय पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम (DCR) को सुबह 06:01 बजे इस घटना की सूचना मिली, जिसके तत्काल बाद नैनीताल फायर स्टेशन से एक रेस्क्यू यूनिट को मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुँचने पर टीम ने पाया कि गिरा हुआ पेड़ अत्यधिक भारी और विशाल था, जिसे सीधे हटाना संभव नहीं था। फायर यूनिट के जवानों ने बिना देरी किए, आधुनिक वुडन कटर का उपयोग करते हुए बचाव अभियान शुरू किया।

कड़कड़ाती सुबह और जोखिम भरे हालातों के बावजूद, टीम ने कड़ी मेहनत कर पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा और उन्हें सुरक्षित रूप से सड़क के किनारे हटाया। इस त्वरित और सफल अभियान के बाद, बाधित हुए यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया जा सका। इस रेस्क्यू टीम में लीडिंग फायरमैन (LFM) श्री प्रकाश मेर, ड्राइवर श्री जय प्रकाश आर्य, फायरमैन रमेश चंद, और महिला फायर वर्कर (FW) बीना परिहार व कविता सकलानी शामिल थीं। सुबह के समय दिखाई गई इस मुस्तैदी और प्रभावी कार्य के लिए स्थानीय लोगों और यात्रियों ने फायर ब्रिगेड टीम की भरपूर सराहना की है।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के स्वार-टांडा स्थित अकबराबाद क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खनन पट्टे का संचालन शुरू हो गया है। खनन कार्य प्रारंभ होते ही इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके साथ ही खनिज के परिवहन का सिलसिला भी तेज हो गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और राहगीरों ने यह भी बताया है कि खनन शुरू होने के साथ ही कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री भरकर ले जाने के मामले सामने आने लगे हैं। एक ओर जहां खनन पट्टा चालू होने से क्षेत्र के लोगों में रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं, बल्कि इनसे सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उनकी अपेक्षा है कि खनन कार्य नियमानुसार संचालित हो, ताकि रोजगार और राजस्व के लाभ के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के स्वार-टांडा स्थित अकबराबाद क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खनन पट्टे का संचालन शुरू हो गया है। खनन कार्य प्रारंभ होते ही इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके साथ ही खनिज के परिवहन का सिलसिला भी तेज हो गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और राहगीरों ने यह भी बताया है कि खनन शुरू होने के साथ ही कई वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री भरकर ले जाने के मामले सामने आने लगे हैं।

एक ओर जहां खनन पट्टा चालू होने से क्षेत्र के लोगों में रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर ओवरलोड वाहनों के संचालन को लेकर लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले वाहन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं, बल्कि इनसे सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उनकी अपेक्षा है कि खनन कार्य नियमानुसार संचालित हो, ताकि रोजगार और राजस्व के लाभ के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।

फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बरेली जिले की बहेड़ी तहसील के वर्गवा गाँव में जल निकासी की समस्या सामने आई है। गाँव की मुख्य नाली पूरी तरह से बंद हो गई है, जिसके कारण पानी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है और जल निकासी पूर्णतः ठप पड़ गई है।
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    बरेली जिले की बहेड़ी तहसील के वर्गवा गाँव में जल निकासी की समस्या सामने आई है। गाँव की मुख्य नाली पूरी तरह से बंद हो गई है, जिसके कारण पानी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है और जल निकासी पूर्णतः ठप पड़ गई है।
    user_Paras Kurmi
    Paras Kurmi
    बहेड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 29 जून को चम्पावत के दौरे पर जनपद को स्वास्थ्य, आधारभूत विकास, पर्यटन और शहरी सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगातें दीं। एसएसबी हेलीपैड पहुंचने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे सहित जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया, जहाँ पुलिस ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। इसी दौरान, उन्होंने आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इस मशीन से चम्पावत और सीमांत क्षेत्रों के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए अब हल्द्वानी या अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे गंभीर बीमारियों की समय पर जांच और उपचार संभव होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल अस्पताल बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय चम्पावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा 11.71 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अमोड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है, और पैरामेडिकल कॉलेज व नर्सिंग शिक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की 8 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और 96 करोड़ रुपये की 9 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया और चम्पावत सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला आधुनिक सिटी सेंटर, जिसमें बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शामिल होगा, नगर की पार्किंग समस्या का समाधान करेगा और व्यापार को नई गति देगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, साइंस सेंटर, पुस्तकालय, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, कृषि विकास योजनाएं, धार्मिक पर्यटन परियोजनाएं, टनकपुर आईएसबीटी और मीडिया सेंटर जैसे अन्य विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडल, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, किसानों, शिक्षकों, बैंक कर्मियों, अधिवक्ताओं, टैक्सी यूनियन, अर्धसैनिक बलों, पुजारियों, उद्यमियों तथा मीडियाकर्मियों से संवाद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है और चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है, जिस पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री ने खटकना पुल स्थित मानवेंद्र सिंह तड़ागी के एटलस पावर हाउस जिम का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, पत्रकारगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 29 जून को चम्पावत के दौरे पर जनपद को स्वास्थ्य, आधारभूत विकास, पर्यटन और शहरी सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगातें दीं। एसएसबी हेलीपैड पहुंचने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे सहित जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया, जहाँ पुलिस ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। इसी दौरान, उन्होंने आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इस मशीन से चम्पावत और सीमांत क्षेत्रों के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए अब हल्द्वानी या अन्य शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे गंभीर बीमारियों की समय पर जांच और उपचार संभव होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल अस्पताल बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय चम्पावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा 11.71 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अमोड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा हो चुका है, और पैरामेडिकल कॉलेज व नर्सिंग शिक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है।

अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की 8 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और 96 करोड़ रुपये की 9 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया और चम्पावत सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला आधुनिक सिटी सेंटर, जिसमें बहुमंजिला पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शामिल होगा, नगर की पार्किंग समस्या का समाधान करेगा और व्यापार को नई गति देगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, साइंस सेंटर, पुस्तकालय, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, कृषि विकास योजनाएं, धार्मिक पर्यटन परियोजनाएं, टनकपुर आईएसबीटी और मीडिया सेंटर जैसे अन्य विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडल, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, किसानों, शिक्षकों, बैंक कर्मियों, अधिवक्ताओं, टैक्सी यूनियन, अर्धसैनिक बलों, पुजारियों, उद्यमियों तथा मीडियाकर्मियों से संवाद किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है और चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है, जिस पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री ने खटकना पुल स्थित मानवेंद्र सिंह तड़ागी के एटलस पावर हाउस जिम का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, पत्रकारगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi Ji
    Vinod Joshi Ji
    Credit reporting agency चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। सोमवार को चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विरासत संरक्षण के उद्देश्य से 349.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का भी उद्घाटन किया, जिसके तहत जनपद में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण और सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बस स्टेशन रोडवेज में निर्मित किए जा रहे सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाग लिया और विभिन्न समूहों जैसे पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी, बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों और मीडियाकर्मियों से संवाद किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्रों में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले। उन्होंने घोषणा की कि चम्पावत नगर में लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या हल होगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही, व्यापारिक भवनों, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम और युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ देने के लिए लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और लगभग 58.52 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त, लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई परियोजनाएँ विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं, जो युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई दी और विकास यात्रा में निरंतर जनभागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, उन्होंने रविंद्र सिंह तड़ागी के पुत्र मानवेंद्र सिंह तड़ागी के खटकना पुल स्थित एटलस पावर हाउस जिम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। सोमवार को चम्पावत में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने कुल 123.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 27.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा 96 करोड़ रुपये की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विरासत संरक्षण के उद्देश्य से 349.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का भी उद्घाटन किया, जिसके तहत जनपद में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण और सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बस स्टेशन रोडवेज में निर्मित किए जा रहे सिटी सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी भाग लिया और विभिन्न समूहों जैसे पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमी, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी, बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों और मीडियाकर्मियों से संवाद किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्रों में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले। उन्होंने घोषणा की कि चम्पावत नगर में लगभग 62.33 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या हल होगी और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही, व्यापारिक भवनों, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केंद्र, ओपन जिम और युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ देने के लिए लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और लगभग 58.52 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि टनकपुर में लगभग 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त, लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई परियोजनाएँ विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं, जो युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में, मुख्यमंत्री धामी ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई दी और विकास यात्रा में निरंतर जनभागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम के उपरांत, उन्होंने रविंद्र सिंह तड़ागी के पुत्र मानवेंद्र सिंह तड़ागी के खटकना पुल स्थित एटलस पावर हाउस जिम का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
    user_Dinesh bhatt
    Dinesh bhatt
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • चम्पावत जिले के वायब्रेंट विलेज ग्राम पोलप में थाना तामली पुलिस टीम द्वारा एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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    चम्पावत जिले के वायब्रेंट विलेज ग्राम पोलप में थाना तामली पुलिस टीम द्वारा एक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक पर्यावरण-अनुकूल रेस्टोरेंट 'वेस्ट टू बेस्ट' (कचरे से सर्वोत्तम) की अवधारणा को बढ़ावा दे रहा है। यह अनूठी पहल, जिसे संभवतः तुलसी रेस्टोरेंट चला रहा है, स्थिरता, पुनर्चक्रण और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को प्रोत्साहित करती है। इसका उद्देश्य हरित जीवनशैली और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोग प्रेरित हों।
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    उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक पर्यावरण-अनुकूल रेस्टोरेंट 'वेस्ट टू बेस्ट' (कचरे से सर्वोत्तम) की अवधारणा को बढ़ावा दे रहा है। यह अनूठी पहल, जिसे संभवतः तुलसी रेस्टोरेंट चला रहा है, स्थिरता, पुनर्चक्रण और प्लास्टिक-मुक्त जीवन को प्रोत्साहित करती है। इसका उद्देश्य हरित जीवनशैली और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देना है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोग प्रेरित हों।
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
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