logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

।राघव चड्डा के बयान ने टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सही कहा कि ग्राहक रोज़ाना 1.5 GB या 2 GB डेटा के पूरे पैसे देते हैं, लेकिन बचा हुआ डेटा रात 12 बजे अपने आप खत्म क्यों हो जाता है? इसे कैरी फॉरवर्ड क्यों नहीं किया जाता?राघव चड्डा का बयान: डेटा की लूट का खुलासाआम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्डा ने हाल ही में टेलीकॉम कंपनियों की डेटा पॉलिसी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "हम रोज़ाना के 1.5 GB या 2 GB डेटा के पूरे पैसे देते हैं। लेकिन जो डेटा हम इस्तेमाल नहीं करते, वह रात 12 बजे अपने आप क्यों खत्म हो जाता है? बचा हुआ डेटा ग्राहकों को अगले दिन कैरी फॉरवर्ड क्यों नहीं किया जाता?" यह बयान लाखों स्मार्टफोन यूज़र्स की पीड़ा को आवाज़ देता है। भारत में 1.2 अरब से ज़्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर्स हैं, और ज़्यादातर प्रीपेड प्लान्स पर निर्भर हैं। TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक प्रीपेड यूज़र्स 85% से ज़्यादा हैं। ऐसे में, रोज़ाना डेटा रीसेट होने की पॉलिसी ग्राहकों पर बोझ बन गई है।चड्डा का सवाल बिल्कुल जायज़ है। मान लीजिए, आप Jio, Airtel या Vi का 299 रुपये वाला प्लान लेते हैं, जिसमें 28 दिनों के लिए 2 GB प्रतिदिन मिलता है। अगर आपका काम ज़्यादा डेटा खपत वाला नहीं है, तो शाम तक 500 MB-1 GB बच जाता है। लेकिन रात 12 बजे, बिना किसी चेतावनी के, पूरा बचा हुआ डेटा ज़ीरो हो जाता है। अगले दिन फिर वही सर्कल। यह 'डेटा वेस्ट' क्यों? कंपनियां क्यों ग्राहकों को उनका हक़ नहीं देतीं?टेलीकॉम कंपनियों की 'रोज़ाना रीसेट' पॉलिसी का सचटेलीकॉम कंपनियों का तर्क सरल है: "यह इंडस्ट्री स्टैंडर्ड है।" लेकिन गहराई में उतरें तो यह ग्राहक-विरोधी नीति है। Jio ने 2016 में लॉन्च होते ही 'अनलिमिटेड' और रोज़ाना डेटा प्लान्स पॉपुलर किए। Airtel और Vodafone Idea ने भी इसे कॉपी किया। इन प्लान्स में डेटा 'फिक्स्ड डेली क्वोटा' पर बांटा जाता है, जो मिडनाइट (रात 12 बजे) रीसेट होता है। क्यों?पहला कारण: राजस्व अधिकतमization। कंपनियां जानती हैं कि औसत यूज़र 50-70% डेटा ही इस्तेमाल करता है। बाकी बर्बाद हो जाता है, जिससे वे एक्स्ट्रा चार्ज ले सकती हैं। 2025 के TRAI डेटा से पता चलता है कि भारत में औसत डेटा खपत 25 GB/महीना है, लेकिन प्लान्स 50-60 GB देते हैं। बचा हुआ डेटा कैरी फॉरवर्ड करने से कंपनियों का 'ओवरसेलिंग' मॉडल टूटेगा। वे ज़्यादा डेटा बेचकर मुनाफा कमाते हैं। उदाहरणस्वरूप, अगर 1 GB बचता है और कैरी फॉरवर्ड हो जाए, तो ग्राहक को अगले दिन 3 GB मिलेगा—कंपनी को नुकसान।दूसरा कारण: नेटवर्क मैनेजमेंट। टेलीकॉम स्पेक्ट्रम सीमित है। रात के समय ट्रैफिक कम होता है, लेकिन कैरी फॉरवर्ड से अगले दिन सुबह पीक ऑवर्स में लोड बढ़ेगा। Airtel के CEO गोविंदल श्रीवास्तव ने 2024 में कहा था, "रीसेट पॉलिसी नेटवर्क क्वालिटी बनाए रखती है।" लेकिन यह बहाना लगता है, क्योंकि 5G रोलआउट के बाद नेटवर्क कैपेसिटी 10 गुना बढ़ चुकी है। Jio के 14,000 5G साइट्स (2025 तक) इसे झुठला देते हैं।तीसरा कारण: वैल्यू एडेड सर्विसेज़ का जाल। बचा डेटा खत्म होने पर कंपनियां 'डेटा ऐड-ऑन' बेचती हैं—₹20 में 1 GB। यह impulse buying को बढ़ावा देता है। 2025 में टेलीकॉम राजस्व का 30% डेटा टोप-अप से आया।ग्राहकों पर क्या असर पड़ता है?यह पॉलिसी ग्राहकों को लूट रही है। एक सर्वे (LocalCircles, 2025) में 78% यूज़र्स ने कहा कि वे बचे डेटा के लिए एक्स्ट्रा पैसे देते हैं। सालाना नुकसान? औसत यूज़र के लिए ₹500-1000। कुल मिलाकर, 100 करोड़ प्रीपेड यूज़र्स से कंपनियां ₹50,000 करोड़ का 'हिडन प्रॉफिट' कमाती हैं।छोटे शहरों और गांवों में, जहां इंटरनेट एक्सेस सीमित है, यह और घातक है। सिलिगुरी जैसे शहरों में, जहां यूज़र्स कामकाजी हैं, शाम को डेटा बच जाता है। स्टूडेंट्स, जो क्लासेस के बाद कम यूज़ करते हैं, सबसे ज़्यादा प्रभावित। महिलाएं और सीनियर सिटिज़न्स, जो selective यूज़ करते हैं, परेशान। COVID के बाद डिजिटल इंडिया में 80 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स बने, लेकिन ऐसी पॉलिसी डिजिटल डिवाइड बढ़ा रही है।मानवाधिकार का सवाल भी है। डेटा अब बेसिक जरूरत है—UPI, ऑनलाइन पढ़ाई, टेलीमेडिसिन। बचा डेटा बर्बाद करना ग्राहक का हक़ मारना है। चड्डा ने इसे "डिजिटल लूट" कहा, जो सही है।TRAI और सरकार की भूमिका: सुस्त क्यों?TRAI ने 2017 में 'डेटा रोलओवर' पर विचार किया, लेकिन लागू नहीं किया। 2023 के कंसल्टेशन पेपर में कैरी फॉरवर्ड का प्रस्ताव था, पर कंपनियों के लॉबिंग से रुका। DoT (Department of Telecommunications) भी चुप। 2025 तक 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन से कंपनियों को ₹1.5 लाख करोड़ मिले, फिर भी ग्राहक हित क्यों अनदेखा?दुनिया में उदाहरण हैं। अमेरिका में T-Mobile 'Data Stash' देता है—बचा डेटा साल भर कैरी फॉरवर्ड। यूरोप में EU नियम बचे डेटा को अनलिमिटेड रोलओवर देते हैं। कनाडा में Rogers कैरी फॉरवर्ड ऑफर करता है। भारत क्यों पिछड़ रहा?समाधान: कैरी फॉरवर्ड क्यों जरूरी?कैरी फॉरवर्ड लागू करने से फायदे स्पष्ट हैं:ग्राहक संतुष्टि बढ़ेगी: 90% यूज़र्स स्विच करेंगे। चर्न रेट (कस्टमर लॉस) 15% कम होगा।कंपनियों को भी लाभ: लॉयल्टी बढ़ेगी, नए प्लान्स जैसे 'रोलओवर पैक' लॉन्च कर सकती हैं।नेटवर्क इफिशिएंट: AI से डायनामिक अलोकेशन संभव।ट्राई कर सकता है: न्यूनतम 50% कैरी फॉर्वर्ड अनिवार्य।चड्डा ने संसद में सवाल उठाया—अब सरकार जवाब दे।निष्कर्ष: समय आ गया बदलाव काराघव चड्डा का बयान जागृति का संकेत है। रोज़ाना डेटा रीसेट लूट है, कैरी फॉरवर्ड हक़। लाखों वॉट्सऐप फॉरवर्ड, ट्विटर ट्रेंड्स से दबाव बनाएं। TRAI को निर्देश दें, कंपनियां सुधारें। डिजिटल भारत तभी सच्चा होगा, जब हर बाइट ग्राहक की हो। यह लड़ाई जारी रहेगी!#RaghavChadha #DataResetScam #carryforwarddata #TelecomLoot #DataWastage #ConsumerRights #TRAIReform #fblifestyletyle #viralpost2026シ #rochakgyan

9 hrs ago
user_Mr Adarsh
Mr Adarsh
Voice of people कुरसाकांटा, अररिया, बिहार•
9 hrs ago

।राघव चड्डा के बयान ने टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सही कहा कि ग्राहक रोज़ाना 1.5 GB या 2 GB डेटा के पूरे पैसे देते हैं, लेकिन बचा हुआ डेटा रात 12 बजे अपने आप खत्म क्यों हो जाता है? इसे कैरी फॉरवर्ड क्यों नहीं किया जाता?राघव चड्डा का बयान: डेटा की लूट का खुलासाआम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्डा ने हाल ही में टेलीकॉम कंपनियों की डेटा पॉलिसी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "हम रोज़ाना के 1.5 GB या 2 GB डेटा के पूरे पैसे देते हैं। लेकिन जो डेटा हम इस्तेमाल नहीं करते, वह रात 12 बजे अपने आप क्यों खत्म हो जाता है? बचा हुआ डेटा ग्राहकों को अगले दिन कैरी फॉरवर्ड क्यों नहीं किया जाता?" यह बयान लाखों स्मार्टफोन यूज़र्स की पीड़ा को आवाज़ देता है। भारत में 1.2 अरब से ज़्यादा मोबाइल सब्सक्राइबर्स हैं, और ज़्यादातर प्रीपेड प्लान्स पर निर्भर हैं। TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 तक प्रीपेड यूज़र्स 85% से ज़्यादा हैं। ऐसे में, रोज़ाना डेटा रीसेट होने की पॉलिसी ग्राहकों पर बोझ बन गई है।चड्डा का सवाल बिल्कुल जायज़ है। मान लीजिए, आप Jio, Airtel या Vi का 299 रुपये वाला प्लान लेते हैं, जिसमें 28 दिनों के लिए 2 GB प्रतिदिन मिलता है। अगर आपका काम ज़्यादा डेटा खपत वाला नहीं है, तो शाम तक 500 MB-1 GB बच जाता है। लेकिन रात 12 बजे, बिना किसी चेतावनी के, पूरा बचा हुआ डेटा ज़ीरो हो जाता है। अगले दिन फिर वही सर्कल। यह 'डेटा वेस्ट' क्यों? कंपनियां क्यों ग्राहकों को उनका हक़ नहीं देतीं?टेलीकॉम कंपनियों की 'रोज़ाना रीसेट' पॉलिसी का सचटेलीकॉम कंपनियों का तर्क सरल है: "यह इंडस्ट्री स्टैंडर्ड है।" लेकिन गहराई में उतरें तो यह ग्राहक-विरोधी नीति है। Jio ने 2016 में लॉन्च होते ही 'अनलिमिटेड' और रोज़ाना डेटा प्लान्स पॉपुलर किए। Airtel और Vodafone Idea ने भी इसे कॉपी किया। इन प्लान्स में डेटा 'फिक्स्ड डेली क्वोटा' पर बांटा जाता है, जो मिडनाइट (रात 12 बजे) रीसेट होता है। क्यों?पहला कारण: राजस्व अधिकतमization। कंपनियां जानती हैं कि औसत यूज़र 50-70% डेटा ही इस्तेमाल करता है। बाकी बर्बाद हो जाता है, जिससे वे एक्स्ट्रा चार्ज ले सकती हैं। 2025 के TRAI डेटा से पता चलता है कि भारत में औसत डेटा खपत 25 GB/महीना है, लेकिन प्लान्स 50-60 GB देते हैं। बचा हुआ डेटा कैरी फॉरवर्ड करने से कंपनियों का 'ओवरसेलिंग' मॉडल टूटेगा। वे ज़्यादा डेटा बेचकर मुनाफा कमाते हैं। उदाहरणस्वरूप, अगर 1 GB बचता है और कैरी फॉरवर्ड हो जाए, तो ग्राहक को अगले दिन 3 GB मिलेगा—कंपनी को नुकसान।दूसरा कारण: नेटवर्क मैनेजमेंट। टेलीकॉम स्पेक्ट्रम सीमित है। रात के समय ट्रैफिक कम होता है, लेकिन कैरी फॉरवर्ड से अगले दिन सुबह पीक ऑवर्स में लोड बढ़ेगा। Airtel के CEO गोविंदल श्रीवास्तव ने 2024 में कहा था, "रीसेट पॉलिसी नेटवर्क क्वालिटी बनाए रखती है।" लेकिन यह बहाना लगता है, क्योंकि 5G रोलआउट के बाद नेटवर्क कैपेसिटी 10 गुना बढ़ चुकी है। Jio के 14,000 5G साइट्स (2025 तक) इसे झुठला देते हैं।तीसरा कारण: वैल्यू एडेड सर्विसेज़ का जाल। बचा डेटा खत्म होने पर कंपनियां 'डेटा ऐड-ऑन' बेचती हैं—₹20 में 1 GB। यह impulse buying को बढ़ावा देता है। 2025 में टेलीकॉम राजस्व का 30% डेटा टोप-अप से आया।ग्राहकों पर क्या असर पड़ता है?यह पॉलिसी ग्राहकों को लूट रही है। एक सर्वे (LocalCircles, 2025) में 78% यूज़र्स ने कहा कि वे बचे डेटा के लिए एक्स्ट्रा पैसे देते हैं। सालाना नुकसान? औसत यूज़र के लिए ₹500-1000। कुल मिलाकर, 100 करोड़ प्रीपेड यूज़र्स से कंपनियां ₹50,000 करोड़ का 'हिडन प्रॉफिट' कमाती हैं।छोटे शहरों और गांवों में, जहां इंटरनेट एक्सेस सीमित है, यह और घातक है। सिलिगुरी जैसे शहरों में, जहां यूज़र्स कामकाजी हैं, शाम को डेटा बच जाता है। स्टूडेंट्स, जो क्लासेस के बाद कम यूज़ करते हैं, सबसे ज़्यादा प्रभावित। महिलाएं और सीनियर सिटिज़न्स, जो selective यूज़ करते हैं, परेशान। COVID के बाद डिजिटल इंडिया में 80 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स बने, लेकिन ऐसी पॉलिसी डिजिटल डिवाइड बढ़ा रही है।मानवाधिकार का सवाल भी है। डेटा अब बेसिक जरूरत है—UPI, ऑनलाइन पढ़ाई, टेलीमेडिसिन। बचा डेटा बर्बाद करना ग्राहक का हक़ मारना है। चड्डा ने इसे "डिजिटल लूट" कहा, जो सही है।TRAI और सरकार की भूमिका: सुस्त क्यों?TRAI ने 2017 में 'डेटा रोलओवर' पर विचार किया, लेकिन लागू नहीं किया। 2023 के कंसल्टेशन पेपर में कैरी फॉरवर्ड का प्रस्ताव था, पर कंपनियों के लॉबिंग से रुका। DoT (Department of Telecommunications) भी चुप। 2025 तक 5G स्पेक्ट्रम ऑक्शन से कंपनियों को ₹1.5 लाख करोड़ मिले, फिर भी ग्राहक हित क्यों अनदेखा?दुनिया में उदाहरण हैं। अमेरिका में T-Mobile 'Data Stash' देता है—बचा डेटा साल भर कैरी फॉरवर्ड। यूरोप में EU नियम बचे डेटा को अनलिमिटेड रोलओवर देते हैं। कनाडा में Rogers कैरी फॉरवर्ड ऑफर करता है। भारत क्यों पिछड़ रहा?समाधान: कैरी फॉरवर्ड क्यों जरूरी?कैरी फॉरवर्ड लागू करने से फायदे स्पष्ट हैं:ग्राहक संतुष्टि बढ़ेगी: 90% यूज़र्स स्विच करेंगे। चर्न रेट (कस्टमर लॉस) 15% कम होगा।कंपनियों को भी लाभ: लॉयल्टी बढ़ेगी, नए प्लान्स जैसे 'रोलओवर पैक' लॉन्च कर सकती हैं।नेटवर्क इफिशिएंट: AI से डायनामिक अलोकेशन संभव।ट्राई कर सकता है: न्यूनतम 50% कैरी फॉर्वर्ड अनिवार्य।चड्डा ने संसद में सवाल उठाया—अब सरकार जवाब दे।निष्कर्ष: समय आ गया बदलाव काराघव चड्डा का बयान जागृति का संकेत है। रोज़ाना डेटा रीसेट लूट है, कैरी फॉरवर्ड हक़। लाखों वॉट्सऐप फॉरवर्ड, ट्विटर ट्रेंड्स से दबाव बनाएं। TRAI को निर्देश दें, कंपनियां सुधारें। डिजिटल भारत तभी सच्चा होगा, जब हर बाइट ग्राहक की हो। यह लड़ाई जारी रहेगी!#RaghavChadha #DataResetScam #carryforwarddata #TelecomLoot #DataWastage #ConsumerRights #TRAIReform #fblifestyletyle #viralpost2026シ #rochakgyan

More news from बिहार and nearby areas
  • सूत्रों के हवाले से खबर है कि बिहार की राजनीति में इस समय नई हलचल देखने को मिल रही है। Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है। राजनीतिक चर्चाओं में Samrat Choudhary, Vijay Sinha और Nishant Kumar जैसे नामों का भी जिक्र हो रहा है। हालांकि अंतिम फैसला राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। 👉 आपकी राय क्या है, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए?
    1
    सूत्रों के हवाले से खबर है कि बिहार की राजनीति में इस समय नई हलचल देखने को मिल रही है।
Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है।
राजनीतिक चर्चाओं में Samrat Choudhary, Vijay Sinha और Nishant Kumar जैसे नामों का भी जिक्र हो रहा है।
हालांकि अंतिम फैसला राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
👉 आपकी राय क्या है, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए?
    user_Csi news
    Csi news
    Local News Reporter फारबिसगंज, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • व्यवहार न्यायालय अररिया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार रथ रवाना कर किया गया व्यापक प्रचार-प्रसार। जिले में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जागरूकता रथ को व्यवहार न्यायालय परिसर से रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया गुंजन पांडे ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहनों को रवाना किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 14 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से व्यवहार न्यायालय, अररिया परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक मामलों के निपटारे के लिए जागरूकता प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को दोपहर 1:35 बजे व्यवहार न्यायालय परिसर से प्रचार गाड़ियों को रवाना किया गया। इन वाहनों के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को लोक अदालत के महत्व, इसके माध्यम से त्वरित और सुलभ न्याय तथा समझौते के आधार पर मामलों के निपटारे के बारे में जागरूक किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में कई प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा। इनमें सुलहनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, समझौता योग्य यातायात चालान, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल से जुड़े विवाद, पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण मामले, सेवा एवं पेंशन से जुड़े मामले, उपभोक्ता वाद, बौद्धिक संपदा अधिकार वाद सहित अन्य दीवानी मामलों का समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रोहित श्रीवास्तव, सीजेएम अमरेंद्र प्रसाद, न्यायाधीश संतोष कुमार गुप्ता, न्यायाधीश शेफाली नारायण तथा विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
    1
    व्यवहार न्यायालय अररिया में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार रथ रवाना कर किया गया व्यापक प्रचार-प्रसार।
जिले में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को जागरूकता रथ को व्यवहार न्यायालय परिसर से रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया गुंजन पांडे ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार वाहनों को रवाना किया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली तथा बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 14 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से व्यवहार न्यायालय, अररिया परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर आम लोगों तक जानकारी पहुंचाने और अधिक से अधिक मामलों के निपटारे के लिए जागरूकता प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को दोपहर 1:35 बजे व्यवहार न्यायालय परिसर से प्रचार गाड़ियों को रवाना किया गया। इन वाहनों के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को लोक अदालत के महत्व, इसके माध्यम से त्वरित और सुलभ न्याय तथा समझौते के आधार पर मामलों के निपटारे के बारे में जागरूक किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई प्रकार के मामलों का निपटारा किया जाएगा। इनमें सुलहनीय आपराधिक वाद, एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, समझौता योग्य यातायात चालान, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल से जुड़े विवाद, पारिवारिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण मामले, सेवा एवं पेंशन से जुड़े मामले, उपभोक्ता वाद, बौद्धिक संपदा अधिकार वाद सहित अन्य दीवानी मामलों का समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रोहित श्रीवास्तव, सीजेएम अमरेंद्र प्रसाद, न्यायाधीश संतोष कुमार गुप्ता, न्यायाधीश शेफाली नारायण तथा विभिन्न बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Forbesganj, Araria•
    3 hrs ago
  • अररिया के गैरा पंचायत में अवैध खाद से भरा ट्रक पकड़ा, कृषि विभाग ने शुरू की जांच अररिया/अल्लामा ग़ज़ाली अररिया जिले के गैरा पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से ले जाई जा रही खाद की खेप को प्रशासन ने पकड़ा है। जानकारी के अनुसार एक ट्रक में बड़ी मात्रा में खाद लोड कर लाई जा रही थी, जो वैशाली जिले से अररिया की ओर आ रही थी। ट्रक चालक से जब खाद से संबंधित कागजात मांगे गए तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदी खाद की प्रत्येक बोरी करीब 45 किलोग्राम की है। गुप्त सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कारवाई की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि खाद की गुणवत्ता, स्रोत और परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि किसानों को नकली या अवैध खाद से बचाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
    1
    अररिया के गैरा पंचायत में अवैध खाद से भरा ट्रक पकड़ा, कृषि विभाग ने शुरू की जांच
अररिया/अल्लामा ग़ज़ाली 
अररिया जिले के गैरा पंचायत क्षेत्र में अवैध रूप से ले जाई जा रही खाद की खेप को प्रशासन ने पकड़ा है। जानकारी के अनुसार एक ट्रक में बड़ी मात्रा में खाद लोड कर लाई जा रही थी, जो वैशाली जिले से अररिया की ओर आ रही थी। ट्रक चालक से जब खाद से संबंधित कागजात मांगे गए तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
बताया जा रहा है कि ट्रक में लदी खाद की प्रत्येक बोरी करीब 45 किलोग्राम की है। गुप्त सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कारवाई की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि खाद की गुणवत्ता, स्रोत और परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि किसानों को नकली या अवैध खाद से बचाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
    user_अल्लामा ग़ज़ाली
    अल्लामा ग़ज़ाली
    Artist जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    9 min ago
  • Post by Rambalam Patel
    1
    Post by Rambalam Patel
    user_Rambalam Patel
    Rambalam Patel
    Accountant कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Danish Alam
    1
    Post by Danish Alam
    user_Danish Alam
    Danish Alam
    जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Araria News
    1
    Post by Araria News
    user_Araria News
    Araria News
    Media company Araria, Bihar•
    2 hrs ago
  • Post by SANJARUL
    1
    Post by SANJARUL
    user_SANJARUL
    SANJARUL
    कुरसाकट्टा, अररिया, बिहार•
    3 hrs ago
  • फारबिसगंज प्रखंड में पंचायत समिति बैठक संपन्न, आंगनवाड़ी और बिजली व्यवस्था पर गंभीर मंथन फारबिसगंज प्रखंड परिसर स्थित सभा भवन में प्रखंड प्रमुख ओम प्रकाश पासवान की अध्यक्षता में पंचायत समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं में कमी तथा पोषण आहार वितरण में आ रही समस्याओं पर विशेष रूप से गंभीर मंथन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कई केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं की कमी, भवन जर्जर होने और नियमित देखरेख नहीं होने की बात उठाई। प्रखंड प्रमुख ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को व्यवस्था में शीघ्र सुधार लाने तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की लचर स्थिति भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। अनियमित विद्युत आपूर्ति, बार-बार होने वाली कटौती और ग्रामीण इलाकों में कम वोल्टेज की समस्या को जनप्रतिनिधियों ने प्रमुखता से उठाया। इस पर संबंधित विभाग को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने, ट्रांसफॉर्मर मरम्मत में तेजी लाने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों के मुखिया, मुखिया प्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य एवं समिति प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए समाधान की मांग की। प्रखंड प्रमुख ओम प्रकाश पासवान ने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन और पारदर्शी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगे, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके ।
    1
    फारबिसगंज प्रखंड में पंचायत समिति बैठक संपन्न, आंगनवाड़ी और बिजली व्यवस्था पर गंभीर मंथन
फारबिसगंज प्रखंड परिसर स्थित सभा भवन में प्रखंड प्रमुख ओम प्रकाश पासवान की अध्यक्षता में पंचायत समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं में कमी तथा पोषण आहार वितरण में आ रही समस्याओं पर विशेष रूप से गंभीर मंथन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कई केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं की कमी, भवन जर्जर होने और नियमित देखरेख नहीं होने की बात उठाई। प्रखंड प्रमुख ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को व्यवस्था में शीघ्र सुधार लाने तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वहीं क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की लचर स्थिति भी बैठक का प्रमुख मुद्दा रही। अनियमित विद्युत आपूर्ति, बार-बार होने वाली कटौती और ग्रामीण इलाकों में कम वोल्टेज की समस्या को जनप्रतिनिधियों ने प्रमुखता से उठाया। इस पर संबंधित विभाग को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने, ट्रांसफॉर्मर मरम्मत में तेजी लाने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रखंड के लगभग सभी पंचायतों के मुखिया, मुखिया प्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य एवं समिति प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को मजबूती से उठाते हुए समाधान की मांग की।
प्रखंड प्रमुख ओम प्रकाश पासवान ने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन और पारदर्शी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करेंगे, ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके ।
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Forbesganj, Araria•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.