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बिहार के इस पंचायत में नाबालिक बालक से काम कराया जा रहा है और बदले में पूरे दिन का ₹200 दिया जा रहा है। क्या यह उचित है आप लोग कमेंट करके जरूर बताइए? बिहार के इस पंचायत में नाबालिक बालक से काम कराया जा रहा है और बदले में पूरे दिन का ₹200 दिया जा रहा है। क्या यह उचित है आप लोग कमेंट करके जरूर बताइए?
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बिहार के इस पंचायत में नाबालिक बालक से काम कराया जा रहा है और बदले में पूरे दिन का ₹200 दिया जा रहा है। क्या यह उचित है आप लोग कमेंट करके जरूर बताइए? बिहार के इस पंचायत में नाबालिक बालक से काम कराया जा रहा है और बदले में पूरे दिन का ₹200 दिया जा रहा है। क्या यह उचित है आप लोग कमेंट करके जरूर बताइए?
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- पडरौना में गैस एजेंसियों पर छापा: जांच में बड़ा खेल उजागर, रेस्टोरेंट में अवैध सिलेंडर उपयोग पकड़ा गया कुशीनगर जिले में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार पडरौना अभिषेक मिश्रा ने टीम के साथ विभिन्न गैस एजेंसियों और प्रतिष्ठानों की सघन जांच की। इस दौरान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजीव कुमार, पूर्ति निरीक्षक बैजनाथ सिंह और राजस्वकर्मी योगेंद्र गुप्ता भी मौजूद रहे। टीम ने जंगल बेलवा स्थित इंडियन गैस एजेंसी और गायत्री नगर पडरौना की एजेंसी में करीब चार घंटे तक जांच-पड़ताल की। जांच के दौरान नगर के मिठाई महल और कैलोरी किचन रेस्टोरेंट में उपयोग हो रहे गैस सिलेंडरों की भी पड़ताल की गई। कैलोरी किचन में प्रतिदिन एक कमर्शियल सिलेंडर की खपत सामने आई। जबकि 6 मार्च से व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद रेस्टोरेंट में लगातार कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर चार सिलेंडर उपयोग में पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि यह रेस्टोरेंट अनिकेत इंडियन गैस एजेंसी के मालिक उदयभान सिंह से जुड़ा हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि एजेंसी द्वारा अपने ही प्रतिष्ठान को नियमित रूप से कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही थी। वहीं पडरौना की इंडियन गैस एजेंसी में भी भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। रिकॉर्ड में कई ऐसे लोगों के नाम पर गैस वितरण दिखाया गया, जिनके घर तक सिलेंडर पहुंचा ही नहीं। साथ ही एजेंसी पर कुछ बाहरी लोगों के काम करने की भी जानकारी सामने आई। प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।4
- आज 25 मार्च बुधवार दोपहर करीब 1 बजे जिला पदाधिकारी के समक्ष बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के राजस्व कर्मचारियों द्वारा एक दिवसीय धरना दिया गया। 11 फरवरी 2026 से चल रहे अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के कारण पूरे राज्य में दाखिल-खारिज, परिमार्जन सहित सभी 68 प्रकार के राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संघ अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अड़ा है और उनका कहना है कि बीते वर्ष 27 दिनों की ऐतिहासिक हड़ताल के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की, इसलिए जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।1
- 🔴खाकी पर दाग: गांजा तस्करी के काले खेल में पुलिसकर्मी शामिल 🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। सुरक्षा का भरोसा देने वाली खाकी जब खुद साजिश रचने लगे, तो कानून-व्यवस्था का चेहरा कितना भयावह हो सकता है इसकी बानगी रामकोला थाना क्षेत्र में देखने को मिली। यहां खाकी की वर्दी में छिपे ‘गिरोह’ ने ऐसा खेल खेला कि सच सामने आते ही पुलिस महकमे की नींव हिल गई। इनके मातहतों द्वारा लाखों रुपये की लूट की जो कहानी गढ़ी गई, वह दरअसल खाकी के भीतर पल रहे लालच और अपराध की पटकथा थी। बेशक! जब कानून के रखवाले ही कानून को चकमा देकर जघन्य अपराध को अंजाम देने लगे तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। रामकोला थाने के सिपाहियों के सामने आये अपराधिक कारनामे यह साबित करता है कि खाकी का दामन अंदर से कितना दागदार हो चुका है। लाखों रुपये की कथित लूट की जो कहानी तस्करो ने गढ़ी थी, वह दरअसल खुद पुलिसकर्मियों की साजिश निकली। पर्दा उठा तो सामने आया गांजा तस्करी का संगठित खेल। 🔴 खुलासे मे खाकी का घिनौना चेहरा हुआ बेनकाब खुलासा हुआ कि यह कोई लूट की घटना नहीं, बल्कि गांजा तस्करी से कमाए गए काले धन को हड़पने का सुनियोजित षड्यंत्र था और इस षड्यंत्र के किरदार खाकी वर्दी के पीछे छिपे पुलिसकर्मी थे।जांच में सामने आया कि सिपाही सूरज गिरी इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड था। उसने तस्करों के साथ मिलकर अवैध धंधे की ऐसी ‘साझेदारी’ बना रखी थी, जहां गांजा तस्करी से आने वाला पैसा सीधे उसके खाते में पहुंचता था। रकम बढ़ी तो नीयत बिगड़ गयी और फिर रची गई फर्जी लूट की कहानी, ताकि पैसा भी हड़प लिया जाए और मामला भी दब जाए। 🔴 सिपाही सुरज गिरी के साझेदार तीन सिपाही चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंदे खेल में सिपाही सूरज गिरी अकेला नहीं है। उसके साथ तीन और खाकीधारी सिपाही विनोद गुप्ता, सिपाही जितेन्द्र पाल व सिपाही नितेश यादव भी साझेदार और हिस्सेदार है। यानी कानून की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले ही कानून के साथ खेल रहे थे। इस कांड ने यह साफ कर दिया है कि कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों ने वर्दी को ‘ढाल’ नहीं, बल्कि ‘हथियार’ बना लिया है जिसके सहारे वह बेखौफ अपराध को अंजाम दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस बार भी कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह जाएगी, या फिर इन वर्दीधारी गुनहगारों पर ऐसा प्रहार होगा जो आने वाले समय के लिए नजीर बनेगा? 🔴 इन पर दर्ज हुआ मुकदमा सख्त धाराओं में कसा शिकंजा रामकोला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी कार्रवाई करते हुए सिपाही सूरज गिरी, सिपाही विनोद गुप्ता, सिपाही जितेन्द्र पाल समेत सुन्दर लाल निषाद, सुरेश यादव उर्फ सुनील यादव, मनोज बिंद, रणजीत यादव उर्फ राहुल, पंकज, रत्नेश राय, दीपु भारती व धीरज के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 8, 20(बी), 27(ए) व 29 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन धाराओं के तहत आरोपियों पर न सिर्फ संगठित तस्करी, बल्कि अवैध कमाई और आपराधिक साजिश का गंभीर आरोप तय हुआ है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ना तय माना जा रहा है। 🔴एसपी की सख्ती से घिरे खाकीधारी, अब बचना मुश्किल गांजा तस्करी और फर्जी लूट कांड में बेनकाब हुए खाकीधारियों के गंदे खेल को पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने गंभीरता से लेते हुए साफ संकेत दे दिया हैं कि इस बार दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 🔴 जीरो टॉलरेंस का संदेश एसपी केशव कुमार के रुख से यह साफ हो गया है कि पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले कर्मियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है। जांच में दोषी पाए गए सिपाहियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है। 🔴 बचाव के रास्ते बंद सूत्रों के मुताबिक, मामले में शामिल सिपाहियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। ऐसे में अब उनके लिए बच निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ जेल की राह भी तय मानी जा रही है। 🔴 संदेश साफ खाकी में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं एसपी केशव कुमार की सख्ती ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। यह कार्रवाई न सिर्फ दोषियों पर भारी पड़ेगी, बल्कि पूरे महकमे को एक कड़ा संदेश भी देगी।1
- बिजली विभाग के गलत रवैया से परेशान जनता अपना प्रतिक्रिया दीजिए आप लोग?1