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Umesh Chandra
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- Post by Umesh Chandra4
- कोटी से डोबरा तक टूरिज्म रोड़ का निर्माण हुआ शुरू, अधिशासी अभियंता PWD चम्बा ने की uklive से बात1
- गौर कलयुगः 9 वर्ष की लड़की को बच्चा पैदा, सगे भाई ने किया प्रेगनेंट.. हरियाणा के कैथल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 9 साल की बच्ची के 8 महीने की गर्भवती होने की खबर ने पूरे इलाके को हिला दिया। आरोप है कि इस मामले में बच्ची का 11 साल का सगा भाई शामिल है। गंभीर आरोप यह भी है कि मां बेटे को बचाने की कोशिश करती रही, जबकि मासूम बच्ची को समय पर इलाज और न्याय नहीं मिला। मामले ने समाज और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। #कैथल #हरियाणा #वायरलवीडियो #किडसेफ्टी #ट्रेंडिंग रील्स1
- हरिद्वार पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व मंत्रियों ने किया स्वागत, गृहमंत्री अमित शाह ने स्वामी रामदेव से की मुलाकात गृहमंत्री के दोरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट1
- साथियों हमारे आजाद समाज पार्टी काशीराम के विधानसभा अध्यक्ष अर्जुन करनवाल जी पर कुछ आहे सामाजिक तत्वों ने उन्हें के गांव हसनपुर में हमला कराया किया गया है सभी साथी मंडावर चौकी पहुंचने का काम करें ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे जय भीम जय संविधान1
- साथियों हमारे आजाद समाज पार्टी काशीराम के विधानसभा अध्यक्ष अर्जुन करनवाल जी पर कुछ आहे सामाजिक तत्वों ने उन्हें के गांव हसनपुर में हमला कराया किया गया है सभी साथी मंडावर चौकी पहुंचने का काम करें ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे जय भीम जय संविधान1
- **अगर कोई दुर्घटना हो गई तो दोष ट्रक ड्राइवर पर ही आएगा** स्टंटबाज़ी नहीं, समझदारी दिखाइए सड़कों पर बढ़ती भीड़ और तेज़ रफ्तार के बीच आजकल स्टंटबाज़ी एक फैशन बनती जा रही है। खासकर युवा वर्ग बाइक या कार से ऐसे खतरनाक करतब करता है, जिनसे न सिर्फ उनकी जान जोखिम में पड़ती है बल्कि सड़क पर चल रहे निर्दोष लोगों की ज़िंदगी भी खतरे में आ जाती है। दुर्भाग्य की बात यह है कि जब कोई हादसा हो जाता है, तो अक्सर दोष भारी वाहन चालकों, खासकर ट्रक ड्राइवरों पर डाल दिया जाता है। जबकि कई मामलों में दुर्घटना की असली वजह सामने वाले वाहन की लापरवाही, ओवरस्पीडिंग या स्टंटबाज़ी होती है। ट्रक ड्राइवर सीमित गति, भारी वजन और लंबे ब्रेकिंग सिस्टम के साथ वाहन चलाते हैं। अचानक सामने कोई बाइक स्टंट करते हुए आ जाए या तेज़ रफ्तार में कट मारे, तो ट्रक को तुरंत रोक पाना लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में हादसा हो जाए तो कानूनी और सामाजिक दबाव ट्रक चालक को ही झेलना पड़ता है, जबकि गलती किसी और की होती है। स्टंटबाज़ी केवल सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता दिला सकती है, लेकिन इसके परिणाम ज़िंदगी भर का पछतावा या किसी निर्दोष की मौत भी हो सकते हैं। सड़क कोई स्टेज नहीं है और न ही यह अपनी बहादुरी दिखाने की जगह है। सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह यातायात नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे। ज़रूरत है सोच बदलने की। स्टंट नहीं, संयम दिखाइए। रफ्तार नहीं, समझदारी अपनाइए। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर सकती है — और याद रखिए, हादसे के बाद सच से ज़्यादा आरोप तेज़ चलते हैं, जिनका बोझ अक्सर निर्दोष ट्रक ड्राइवरों को उठाना पड़ता है।1
- Post by Aman. Thakur1