हेलमेट नहीं तो लाइसेंस भी होगा निलंबित, नर्मदापुरम पुलिस की बड़ी कार्रवाई 15 दिन के विशेष अभियान में 2627 चालान, ₹7.91 लाख जुर्माना वसूला; 11 हजार लोगों को किया जागरूक नर्मदापुरम। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को रोकने और दोपहिया वाहन चालकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्मदापुरम पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष हेलमेट अभियान अब समाप्त हो गया है। 26 अप्रैल से 10 मई तक जिलेभर में चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 2627 चालकों पर चालानी कार्रवाई की और उनसे कुल ₹7.91 लाख का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं का प्रतिशत सबसे अधिक है। इनमें अधिकांश मामलों में चालक हेलमेट नहीं पहने होते, जिसके कारण गंभीर चोटें और मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी थाना क्षेत्रों और यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक साईंकृष्ण एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा द्वारा की गई। अभियान के दौरान जिलेभर में 7000 से अधिक दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान केवल हेलमेट नहीं पहनने वालों पर ही नहीं, बल्कि हेलमेट का गलत उपयोग करने वाले चालकों को भी समझाइश दी गई। यातायात पुलिस के अनुसार कई वाहन चालक हेलमेट पहनने के बावजूद चिन स्ट्रैप नहीं बांध रहे थे या फेस शील्ड का उपयोग नहीं कर रहे थे। ऐसे चालकों को हेलमेट सही तरीके से पहनने तथा गुणवत्तापूर्ण हेलमेट के उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। 970 लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा अभियान के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले सभी 2627 चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें से 970 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन हेतु अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि शेष 1657 मामलों में परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजे गए हैं। जागरूकता अभियान को भी दिया गया महत्व नर्मदापुरम पुलिस ने इस अभियान को केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया। जिलेभर में 231 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 11 हजार नागरिकों को हेलमेट पहनने के महत्व, सड़क सुरक्षा नियमों और दुर्घटना से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान राहवीर योजना, अज्ञात वाहन दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना तथा कैशलेस उपचार योजना जैसी जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी आम नागरिकों तक पहुंचाई गई। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई कर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया गया। हेलमेट चालान से नहीं, जीवन बचाने के लिए जरूरी उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जागरूकता विकसित करना था। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी बेहद आवश्यक है और प्रत्येक नागरिक को अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट का नियमित उपयोग करना चाहिए। नर्मदापुरम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें, क्योंकि हेलमेट केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन है।
हेलमेट नहीं तो लाइसेंस भी होगा निलंबित, नर्मदापुरम पुलिस की बड़ी कार्रवाई 15 दिन के विशेष अभियान में 2627 चालान, ₹7.91 लाख जुर्माना वसूला; 11 हजार लोगों को किया जागरूक नर्मदापुरम। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को रोकने और दोपहिया वाहन चालकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्मदापुरम पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष हेलमेट अभियान अब समाप्त हो गया है। 26 अप्रैल से 10 मई तक जिलेभर में चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 2627 चालकों पर चालानी कार्रवाई की और उनसे कुल ₹7.91 लाख का जुर्माना वसूला गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं का प्रतिशत सबसे अधिक है। इनमें अधिकांश मामलों में चालक हेलमेट नहीं पहने होते, जिसके कारण गंभीर चोटें और मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी थाना क्षेत्रों और यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक साईंकृष्ण एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान की प्रतिदिन समीक्षा उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा द्वारा की गई। अभियान के दौरान जिलेभर में 7000 से अधिक दोपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान केवल हेलमेट नहीं पहनने वालों पर ही नहीं, बल्कि हेलमेट का गलत उपयोग करने वाले चालकों को भी समझाइश दी गई। यातायात पुलिस के अनुसार कई वाहन चालक हेलमेट पहनने के बावजूद चिन स्ट्रैप नहीं बांध रहे थे या फेस शील्ड का उपयोग नहीं कर रहे थे। ऐसे चालकों को हेलमेट सही तरीके से पहनने तथा गुणवत्तापूर्ण हेलमेट के उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। 970 लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा अभियान के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले सभी 2627 चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें से 970 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन हेतु अनुशंसा की जा चुकी है, जबकि शेष 1657 मामलों में परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजे गए हैं। जागरूकता अभियान को भी दिया गया महत्व नर्मदापुरम पुलिस ने इस अभियान को केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने का प्रयास किया। जिलेभर में 231 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 11 हजार नागरिकों को हेलमेट पहनने के महत्व, सड़क सुरक्षा नियमों और दुर्घटना से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान राहवीर योजना, अज्ञात वाहन दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना तथा कैशलेस उपचार योजना जैसी जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी आम नागरिकों तक पहुंचाई गई। साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई कर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया गया। हेलमेट चालान से नहीं, जीवन बचाने के लिए जरूरी उप पुलिस अधीक्षक यातायात संतोष मिश्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जागरूकता विकसित करना था। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में जनभागीदारी बेहद आवश्यक है और प्रत्येक नागरिक को अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट का नियमित उपयोग करना चाहिए। नर्मदापुरम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें, क्योंकि हेलमेट केवल कानूनी औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन है।
- घर में घुसकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार सिवनी मालवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट का माल और हथियार बरामद नर्मदापुरम। सिवनी मालवा पुलिस ने घर में घुसकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए हैं। इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है। पुलिस के अनुसार 7 मई 2026 को फरियादी रामभरोस जाट निवासी वार्ड क्रमांक 7 शिवपुर रोड सिवनी मालवा ने थाना सिवनी मालवा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 6 मई की रात करीब 9:30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश उनके घर में घुस आए। आरोपियों ने फरियादी के साथ मारपीट कर धारदार हथियार से डराया और घर में रखे लगभग 10 हजार रुपए नकद सहित सोने-चांदी एवं बेंटेक्स के आभूषण लूटकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिवनी मालवा पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, बस स्टैंड और अन्य स्थानों की जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने संदिग्ध आशीष कटारे और अनिल बाथम उर्फ लुक्का को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने वारदात करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त छुरा, लूट की नकदी, चांदी के जेवर, बेंटेक्स के आभूषण और सोने की अंगूठी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी अनिल बाथम निवासी सिवनी मालवा के भी वारदात में शामिल होने की जानकारी दी, जो घटना के बाद से फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आशीष कटारे पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी अनिल बाथम उर्फ लुक्का के खिलाफ भी पूर्व में अपराध दर्ज होना पाया गया है। पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस थोटा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस महेंद्र सिंह चौहान के पर्यवेक्षण में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुधाकर बारस्कर सहित थाना स्टाफ और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद रैली में देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का संयम से इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह देश की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए आवश्यक है।1
- हेडलाइन: रायसेन में AI का ‘डिजिटल शिकंजा’, खनिज माफियाओं में भगदड़ चेकपोस्ट ने खोली काली कमाई की पोल, 10 डंपरों पर 35 लाख से ज्यादा की मार सब-हेडलाइन: कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की हाईटेक कार्रवाई, नंबर प्लेट स्कैन होते ही खुल गई अवैध परिवहन की पूरी कहानी रिपोर्टर रितिकजैन बाड़ी रायसेन। रायसेन जिले में अब खनिज माफियाओं की चालाकी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भारी पड़ने लगा है। जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन पर लगाम कसने के लिए खनिज विभाग ने एआई आधारित चेकपोस्ट सिस्टम का ऐसा डिजिटल जाल बिछाया कि नंबर प्लेट स्कैन होते ही कई वाहनों की पोल खुल गई। कलेक्टर के सख्त निर्देश पर हुई इस बड़ी कार्रवाई में खनिज विभाग ने 10 डंपरों को पकड़ते हुए करीब 35 लाख रुपए से अधिक की भारी पेनल्टी ठोक दी। कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कई वाहन संचालकों ने अपने वाहन छिपा दिए, जबकि कुछ ने आनन-फानन में दस्तावेज अपडेट कराने शुरू कर दिए। AI कैमरों से बच नहीं पाए माफिया खनिज विभाग द्वारा लगाए गए AI चेकगेट सिस्टम ने वाहनों के नंबर प्लेट स्कैन कर तुरंत ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच में सामने आया कि कई वाहन या तो नियम विरुद्ध तरीके से खनिज परिवहन कर रहे थे या फिर दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी थी। कुछ मामलों में रॉयल्टी और परिवहन अनुमति में भी अनियमितता पाई गई। जैसे ही सिस्टम ने संदिग्ध वाहनों को चिन्हित किया, विभाग की टीम हरकत में आ गई और तत्काल कार्रवाई करते हुए डिमांड नोट जारी कर दिए गए। कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खनिज विभाग की इस कार्रवाई ने पूरे जिले में खलबली मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन का खेल चल रहा था, लेकिन अब AI तकनीक ने इस नेटवर्क की परतें खोलना शुरू कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ नाकों पर चेकिंग नहीं होगी, बल्कि हर वाहन की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन करने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिन वाहनों पर हुई भारी कार्रवाई: MP38H2173 (मुरम) – ₹2.11 लाख MP38ZD9073 (मुरम) – ₹4.20 लाख MP04HE9796 (गिट्टी) – ₹2.26 lakh MP07HB6217 (गिट्टी) – ₹4.26 लाख MP04ZW2453 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख MP04ZP8838 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख MP04HE4285 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख MP04ZV5730 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख MP38ZC5381 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख CG10BM9450 (मुरम) – ₹4.20 लाख “अब तकनीक करेगी निगरानी” खनिज विभाग ने साफ संदेश दिया है कि रायसेन जिले में अब अवैध खनिज परिवहन पर तकनीक के जरिए चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। विभाग ने वाहन संचालकों से वैध दस्तावेजों के साथ ही परिवहन करने की अपील की है। रायसेन में हुई यह हाईटेक कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में AI आधारित निगरानी सिस्टम खनिज माफियाओं की कमर तोड़ सकता है।4
- चीचली की नहर की पुलिया के पास पल्सर मोटरसाइकिल ने पति पत्नी को मारी टक्कर, पुलिस ने किया मामला दर्ज चीचली की नहर की पुलिया के पास पल्सर मोटरसाइकिल ने पति पत्नी को मारी टक्कर, पुलिस ने किया मामला दर्ज सोहागपुर में सेमरी हरचंद रोड पर चीचली की नहर की पुलिया के पास एक काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल के चालक ने लापरवाही पूर्वक तेज गति से मोटरसाइकिल चला कर पति-पत्नी को टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गए। घटना के बाद फरियादी महिला सरिता कुशवाहा पति लोकेश कुशवाहा ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि काले रंग की पल्सर गाड़ी के चालक ने लापरवाही पूर्वक तेज गति से मोटरसाइकिल चलाकर उसे वह उसके पति लोकेश कुशवाहा को टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार शाम 5:00 बजे बताया कि फरियादी महिला की शिकायत पर पल्सर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी प्रहलाद कुशवाहा ने अपनी दिवंगत पत्नी दुर्गाबाई कुशवाहा की स्मृति में एक नेक कार्य किया। उन्होंने 'गंगाजली पूजन' के उपरांत राम रहीम रोटी बैंक के माध्यम से जरूरतमंदों और नर्मदा परिक्रमावासियों को स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस कार्य में उनके पुत्र और दामाद ने भी सहयोग दिया।1
- सिवनी मालवा के एक घर में हुई सनसनीखेज लूटपाट और मारपीट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे ₹7000 नकद व जेवर बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में एक आदतन अपराधी है और फरार तीसरे बदमाश की तलाश जारी है।1
- भोपाल के नूरगंज में ग्रामीण पिछले 3 दिनों से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान आवासीय क्षेत्र में होने से शांति भंग हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।1
- बनखेड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: झारखंड से पकड़े गए साइबर ठग, 3 लाख से ज्यादा की ठगी का खुलासा बनखेड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: झारखंड से पकड़े गए साइबर ठग, 3 लाख से ज्यादा की ठगी का खुलासा बनखेड़ी पुलिस को साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने झारखंड से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बनखेड़ी निवासी छोटेलाल कुशवाह के बैंक खाते से 3 लाख 9 हजार 917 रुपये की ठगी की थी।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मोबाइल पर APK फाइल भेजकर ई-सिम तैयार की और बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली। बनखेड़ी पुलिस, साइबर सेल और चौकी स्टाफ की संयुक्त टीम ने देवघर, झारखंड में दबिश देकर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।1