Shuru
Apke Nagar Ki App…
आम आदमी पार्टी के सांसद के अचानक बेहद क्रोधित और आग बबूला होने का मामला सामने आया है। उनके इस तरह गुस्से से लाल होने के पीछे आखिर क्या वजह रही और उनके साथ ऐसा क्या घटित हुआ, इसे लेकर उत्सुकता और सवाल बने हुए हैं।
(Journalist) Madhur kumar
आम आदमी पार्टी के सांसद के अचानक बेहद क्रोधित और आग बबूला होने का मामला सामने आया है। उनके इस तरह गुस्से से लाल होने के पीछे आखिर क्या वजह रही और उनके साथ ऐसा क्या घटित हुआ, इसे लेकर उत्सुकता और सवाल बने हुए हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उन्नाव जिले की हसनगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बाबा खेड़ा (पोस्ट आशा खेड़ा) का रास्ता बेहद खराब है। सड़क की इस बदहाली के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की इस दयनीय स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, क्योंकि रास्ता इतना खराब है कि छोटे-छोटे बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं।2
- हरदोई के बिलग्राम क्षेत्र में मेहंदीघाट माधवगंज रोड स्थित मटियामऊ गांव तिराहे पर भारी बरसात के कारण भीषण जलभराव हो गया है। मटियामऊ तिराहा पूरी तरह जलमग्न होकर तालाब में तब्दील हो चुका है, जिससे इस रास्ते से लोगों का निकलना बेहद दुश्वार हो गया है। जलभराव और सड़क में मौजूद गहरे खड्डों की वजह से तिराहे पर बार-बार हादसे हो रहे हैं। पानी भरे होने के कारण कई बैट्री रिक्शे अनियंत्रित होकर पलट गए, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने एक-दूसरे की मदद से उठवाया। इसके अलावा कई बाइक सवार गड्ढों के कारण गिर पड़े और साइकिल सवार भी गिरते-गिरते बचे। स्कूली बच्चों समेत पैदल चलने वाले आम लोग इस जलभराव और गड्ढों से काफी परेशान हैं। हालांकि, इन हादसों में किसी प्रकार का कोई नुकसान या जान-माल हताहत नहीं हुआ है। स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि भारी बारिश के कारण हुए इन खड्डों को जल्द से जल्द भरवाया जाए, ताकि किसी भी बड़े हादसे को होने से बचाया जा सके और आम जनता को आवागमन में राहत मिल सके।4
- दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में बना हुआ है। इस वीडियो में वह केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी करती हुई दिखाई दे रही हैं। हिरासत से पहले प्रियंका गांधी के तीखे तेवर देखने को मिले, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद उनके बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और पूरे मामले पर सियासत गरमा गई है।1
- उत्तरप्रदेश के लखनऊ में यूपी कैबिनेट ने बड़ी सौगात देते हुए 18 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत राज्य में दो नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और साथ ही छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी।1
- दिल्ली में संसद के बाहर सांसद संजय सिंह जी का प्रदर्शन देखने को मिला, जहाँ युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ उनका गुस्सा फूट पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं। युवाओं पर हुई बर्बरता के खिलाफ संसद में सांसद संजय सिंह जी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।4
- उन्नाव जिले के हसनगंज क्षेत्र के एक गांव में रास्ता न बनने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते की इस बदहाली की वजह से छोटे-छोटे बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।2
- सीतापुर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने देश के किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण भारत के ज्वलंत मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि लगातार बढ़ती खेती की लागत, फसलों का लाभकारी मूल्य न मिलने, गन्ने के लंबित भुगतान, उर्वरकों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं के कारण देश का किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों के हित में तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है। भाकियू ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते सहित विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों पर गहरी चिंता जताई है। संगठन का मानना है कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए बिना पर्याप्त सुरक्षा के खोला गया, तो इससे देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों तथा दुग्ध उत्पादकों को सीधा नुकसान होगा। भाकियू ने ऐसे किसी भी समझौते का कड़ा विरोध किया है जिससे एमएसपी, सार्वजनिक खरीद और खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो। इसके अलावा, डीजल, बिजली, बीज और कृषि यंत्रों की बढ़ती कीमतों ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है। संगठन ने राष्ट्रपति के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें स्वामीनाथन आयोग के सी2+50% फार्मूले के तहत सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देना, गन्ने का न्यूनतम राज्य परामर्श मूल्य ₹500 प्रति क्विंटल घोषित कर ब्याज सहित लंबित भुगतान कराना, और किसानों व कृषि मजदूरों की संपूर्ण कर्ज माफी व ब्याजमुक्त ऋण देना शामिल है। इसके साथ ही कृषि के लिए मुफ्त बिजली, ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने, बिजली बिल 2025 व निजीकरण को वापस लेने और डीएपी व यूरिया जैसे उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भाकियू ने प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर उचित मुआवजा देने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करने और डेयरी क्षेत्र में विदेशी दुग्ध उत्पादों के आयात पर रोक लगाने की भी अपील की है। भाकियू का स्पष्ट कहना है कि कृषि देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है। यदि किसानों की इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समाज पर पड़ेगा। संगठन ने केंद्र सरकार से इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है ताकि किसान सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकें और देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत बनी रहे।4
- देश में 152 पेपर लीक होने के कारण 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद एक भी दोषी को सजा नहीं दी गई है। सजा केवल उन मेहनती युवाओं को भुगतनी पड़ रही है जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब इन बच्चों ने शिक्षा को लेकर जायज़ सवाल उठाए, तो उन्हें जवाब में लाठी और हिरासत मिली। पेपर लीक करने वाले अपराधी आज भी आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि अपने वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्रों को बेरहमी से घसीटा और पीटा जा रहा है। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम ही नहीं कर रही, बल्कि उन पर बुरी तरह टूट पड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं, जो इतने युवा-विरोधी हैं कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तक नहीं ले सकते।1