बैतूल पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सारणी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ीपूर्वक बिक्री करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त वाहन और फर्जी दस्तावेज जब्त कर मामले का खुलासा किया गया है। घटना का विवरण देते हुए फरियादी दीपक पिता राधेश्याम नागवंशी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कतिया कोयलारी थाना रानीपुर ने दिनांक 20.06.2026 को थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिनांक 02.08.2025 को अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को ₹20,000 प्रति माह के किराए पर तीन महीने के लिए विक्की बारपेटे, निवासी पाथाखेड़ा, को 500 रुपये के ई-स्टाम्प पर किरायानामा तैयार करके दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने 100 रुपये के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर जाली दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखे से निर्मल मंडल, निवासी धरमपुर, थाना चोपना, को ₹2.50 लाख रुपये में बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में त्वरित जांच करते हुए साक्ष्य जुटाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विक्की पिता देवराव बारपेटे, उम्र 30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा; दिवाकर पिता राजेश यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर; और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल, उम्र 38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना, शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया तथा साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेनदेन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें।
बैतूल पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सारणी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ीपूर्वक बिक्री करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त वाहन और फर्जी दस्तावेज जब्त कर मामले का खुलासा किया गया है। घटना का विवरण देते हुए फरियादी दीपक पिता राधेश्याम नागवंशी, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कतिया कोयलारी थाना रानीपुर ने दिनांक 20.06.2026 को थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिनांक 02.08.2025 को अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को ₹20,000 प्रति माह के किराए पर तीन महीने के लिए विक्की बारपेटे, निवासी पाथाखेड़ा, को 500 रुपये के ई-स्टाम्प पर किरायानामा तैयार करके दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने 100 रुपये के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर जाली दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखे से निर्मल मंडल, निवासी धरमपुर, थाना चोपना, को ₹2.50 लाख रुपये में बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 के तहत धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में त्वरित जांच करते हुए साक्ष्य जुटाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विक्की पिता देवराव बारपेटे, उम्र 30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा; दिवाकर पिता राजेश यादव, उम्र 25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर; और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल, उम्र 38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना, शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया तथा साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति की खरीद-बिक्री करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेनदेन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें।
- खामला में सोमवार को तेज़ हवा के साथ बादलों का आगमन हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। मौसम कभी बादलों से घिरा होता है तो कभी भीषण गर्मी पड़ती है। 'मिरग' शुरू हुए पूरे 16 दिन हो चुके हैं, पर मौसम ने अब तक करवट नहीं ली है। सोमवार को खामला के कई इलाकों में बादल छाए रहे।1
- देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है। पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।3
- पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में भीषण गर्मी के प्रकोप और पानी के घोर संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कड़ी मेहनत से सींचे गए संतरा के बाग आँखों के सामने सूखकर मर रहे हैं, और खेतों में खड़ी हरियाली तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही है। इस प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनके खेतों में मौत का सन्नाटा पसरा है। ग्राम भंदारगोंदी के किसान प्रवीण शंकरराव ठाकरे ने अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि संतरा फसल ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दिन-रात की मेहनत और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर जो बाग तैयार किए थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ठाकरे के अनुसार, प्रचंड गर्मी ने पौधों की जड़ों को सुखा दिया है, जिससे न केवल उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है, बल्कि उनके पूरे परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी बदहाली का दंश झेल रहे हैं और बर्बादी की कगार पर खड़े हैं। किसानों ने प्रशासन पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया गया और तत्काल राहत पैकेज या सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो किसानों का उबरना नामुमकिन होगा। आर्थिक तंगी से घिरे प्रवीण ठाकरे ने अब चुप न बैठने का दृढ़ निश्चय किया है और अपनी फरियाद लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जाने की बात कही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनकी आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।1
- सिवनी मालवा में गो-तस्करी से जुड़े एक चर्चित मामले में 14 गोसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद रविवार रात उत्तराखंड के गोसेवक दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुँचे। उन्होंने सजा प्राप्त युवकों के परिजनों से मुलाकात की, उनकी समस्याएँ सुनीं और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान, परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके परिवार के सदस्य गौवंश संरक्षण और गोसेवा की भावना से घटनास्थल पर गए थे। उनका आरोप था कि मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण वे न्यायालय के इस फैसले से निराश हैं। परिजनों ने अब उच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। दक्ष चौधरी ने परिजनों को धैर्य रखने की सलाह देते हुए आश्वस्त किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा की जाएगी और हाईकोर्ट में अपील की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस दौरान, दक्ष चौधरी ने क्षेत्र के विधायक और सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाए और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। इस बैठक में स्थानीय गोसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए आगे की रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। दक्ष चौधरी के सिवनी मालवा आगमन के बाद यह मामला एक बार फिर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, और अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और इस कानूनी लड़ाई का अगला चरण किस दिशा में आगे बढ़ेगा।1
- इटारसी और नर्मदापुरम से आज चार प्रमुख खबरें सामने आईं। इटारसी में यूनियन ऑफिस से तीन पुलिया रोड का निर्माण कार्य बंद होने के कारण कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सड़क पर लेटकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, उनका आरोप है कि काम बंद होने से आम जनता धूल और गड्ढों से बेहद परेशान है। वहीं, नर्मदापुरम में NEET परीक्षा केंद्र पर कुछ बच्चे निर्धारित समय से मात्र कुछ मिनट की देरी से पहुंचे, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद परीक्षा केंद्र के गेट पर ही बच्चों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इटारसी के कपड़ा बाजार में नगर पालिका का विशेष सफाई अभियान लगातार सातवें सप्ताह भी जारी रहा। रविवार को बाजार बंद होने का फायदा उठाकर नपा की टीम ने नालियों की तली तक जमे मलबे और पॉलीथीन को पूरी तरह साफ किया। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे ने जयस्तंभ के पास सेठी बूट हाउस वाली गली का औचक निरीक्षण कर कड़े निर्देश दिए और व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने डस्टबिन रखने की अपील की। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और आम जनता की एक और बड़ी मांग पूरी करते हुए स्टूडेंट्स स्टोर्स वाली सड़क का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर जारी है। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे और पार्षद कीर्ति दुबे ने मौके पर पहुंचकर काम की गुणवत्ता का जायजा लिया। सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए जल निकासी हेतु विशेष ढाल देने और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं।1
- सोहागपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक महिला को उसका खोया हुआ सोने का आभूषण वापस मिल गया। गुर्जरखेड़ी निवासी रिंकी पटेल अपने बच्चों के साथ सोहागपुर के मंगल भवन पार्क घूमने आई थीं, तभी उनके गले में पहनी करीब डेढ़ तोला वजनी सोने की मनचली टूटकर पार्क में कहीं गिर गई। रिंकी पटेल ने तुरंत सोहागपुर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने बिना देर किए आभूषण की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पता चला कि यह आभूषण अंबेडकर वार्ड निवासी काजल दोहरे को मिला था। पुलिस ने आभूषण को बरामद कर लिया और आज सोमवार शाम लगभग 4 बजे रिंकी पटेल को वापस सुपुर्द कर दिया। अपना कीमती आभूषण वापस मिलने से खुश रिंकी पटेल ने सोहागपुर पुलिस और काजल दोहरे दोनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।1
- मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा खरीफ 2025-26 की समीक्षा और आगामी खरीफ 2026 की तैयारियों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पांढुर्णा जिले से कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ, अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर मेघा शर्मा सहित कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी विकास और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली उपस्थित रहे। बैठक के दौरान खरीफ 2025-26 में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं की प्रगति और लक्ष्य पूर्ति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दें। साथ ही, आगामी खरीफ सीजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, नस्ल सुधार, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग और गौशालाओं में संचालित गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा की गई। क्षीरधारा ग्रामों में पशु स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा हुई। मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग की समीक्षा में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड तथा उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों पर बल दिया गया। कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें और खरीफ 2026 की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें ताकि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति हो सके।1
- इटारसी के नाला मोहल्ला (वार्ड क्रमांक 25) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान घोर लापरवाही बरती गई है। इस लापरवाही के कारण नाली का गंदा और दूषित पानी सीधे पीने के पानी की टंकी (हौद) में मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की नालियाँ भी पूरी तरह से जाम हो चुकी हैं, जिससे गंदगी सड़कों पर बह रही है। इस गंभीर स्थिति के चलते स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और उन्हें महामारी फैलने का डर सता रहा है। यह पूरी घटना प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है।1
- बैतूल में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण अभियान के तहत सारणी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जहाँ फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ी-पूर्वक बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दिनांक 20.06.2026 को फरियादी दीपक पिता श्री राधेश्याम नागवंशी ने थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसने अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को दिनांक 02.08.2025 को ₹500 के ई-स्टाम्प पर तैयार किरायानामा के आधार पर ₹20,000 प्रति माह पर तीन माह के लिए विक्की बारपेटे निवासी पाथाखेड़ा को किराए पर दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने ₹100 के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखाधड़ी-पूर्वक ₹2,50,000 में निर्मल मंडल निवासी धरमपुर, थाना चोपना के नाम बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्की पिता देवराव बारपेटे (30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा), दिवाकर पिता राजेश यादव (25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर) और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल (38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया और साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति का क्रय-विक्रय करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार के अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेन-देन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचना देने की अपील भी की गई है।1