पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में भीषण गर्मी के प्रकोप और पानी के घोर संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कड़ी मेहनत से सींचे गए संतरा के बाग आँखों के सामने सूखकर मर रहे हैं, और खेतों में खड़ी हरियाली तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही है। इस प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनके खेतों में मौत का सन्नाटा पसरा है। ग्राम भंदारगोंदी के किसान प्रवीण शंकरराव ठाकरे ने अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि संतरा फसल ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दिन-रात की मेहनत और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर जो बाग तैयार किए थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ठाकरे के अनुसार, प्रचंड गर्मी ने पौधों की जड़ों को सुखा दिया है, जिससे न केवल उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है, बल्कि उनके पूरे परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी बदहाली का दंश झेल रहे हैं और बर्बादी की कगार पर खड़े हैं। किसानों ने प्रशासन पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया गया और तत्काल राहत पैकेज या सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो किसानों का उबरना नामुमकिन होगा। आर्थिक तंगी से घिरे प्रवीण ठाकरे ने अब चुप न बैठने का दृढ़ निश्चय किया है और अपनी फरियाद लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जाने की बात कही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनकी आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।
पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में भीषण गर्मी के प्रकोप और पानी के घोर संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कड़ी मेहनत से सींचे गए संतरा के बाग आँखों के सामने सूखकर मर रहे हैं, और खेतों में खड़ी हरियाली तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही है। इस प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनके खेतों में मौत का सन्नाटा पसरा है। ग्राम भंदारगोंदी के किसान प्रवीण शंकरराव ठाकरे ने अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि संतरा फसल ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दिन-रात की मेहनत और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर जो बाग तैयार किए थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ठाकरे के अनुसार, प्रचंड गर्मी ने पौधों की जड़ों को सुखा दिया है, जिससे न केवल उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है, बल्कि उनके पूरे परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी बदहाली का दंश झेल रहे हैं और बर्बादी की कगार पर खड़े हैं। किसानों ने प्रशासन पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया गया और तत्काल राहत पैकेज या सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो किसानों का उबरना नामुमकिन होगा। आर्थिक तंगी से घिरे प्रवीण ठाकरे ने अब चुप न बैठने का दृढ़ निश्चय किया है और अपनी फरियाद लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जाने की बात कही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनकी आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।
- बैतूल में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस कंट्रोल रूम में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।1
- जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।1
- बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड स्थित केसिया सहकारी समिति खाद वितरण को लेकर किसानों के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। किसानों का दावा है कि खाद के भुगतान में पिछले साल की तुलना में अचानक 23 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका कोई स्पष्ट आधार उन्हें नहीं बताया गया। किसानों के अनुसार, पिछले साल एक किसान से 1 लाख 29 हजार 552 रुपये का भुगतान लिया गया था, जबकि इस साल उसी किसान के खाते में 1 लाख 52 हजार 552 रुपये की राशि दर्ज या वसूल की गई है। इस 23 हजार रुपये के अंतर ने सहकारी समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की मांग है कि यदि भुगतान में यह वृद्धि हुई है, तो समिति को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या किसानों को उतनी ही मात्रा में खाद दी गई है जितनी राशि उनके खातों में दर्ज की गई है। यदि खाद की मात्रा समान रही है, तो अतिरिक्त 23 हजार रुपये की वसूली या प्रविष्टि का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसमें खाद वितरण से संबंधित सभी अभिलेखों, भुगतान विवरणों और वितरण रजिस्टरों की गहनता से जांच की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर हुई अनियमितता का पता चल सके। किसानों का दृढ़ता से कहना है कि यह केवल 23 हजार रुपये का मामला नहीं है, बल्कि यह सहकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और 'अन्नदाता' के विश्वास से जुड़ा एक अहम मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनकी मेहनत की कमाई का पूरा हिसाब उन्हें मिलना चाहिए।1
- सारनी पुलिस ने फर्जी स्टाम्प धोखाधड़ी के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पाथाखेड़ा निवासी विक्की पिता देवराम बरपेटा, गणेश चौक शोभापुर निवासी दिवाकर पिता राजेश यादव, और धर्मपुर चोपना निवासी निर्मल पिता कनक मंडल शामिल हैं।1
- तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।1
- बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम तिगांव बस स्टैंड का इलाका इन दिनों सटोरियों का एक सुरक्षित अड्डा बन गया है, जहाँ प्रशासन की नाक के नीचे कानून को ठेंगा दिखाकर सट्टे का अवैध साम्राज्य खुलेआम फल-फूल रहा है। हाल ही में सोमवार को एक पत्रकार के वहां से गुजरने पर उन्होंने रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा देखा, जहाँ व्यस्त बस स्टैंड पर सटोरियों का भारी हुजूम बेखौफी से मिलन डे, कल्याण, मुंबई और राजधानी जैसे बड़े सट्टों पर दांव लगा रहा था। इस खुलेआम सट्टेबाजी के खेल को देखकर मौके पर मौजूद पत्रकार भी दंग रह गए कि कैसे दिनदहाड़े आम जनता की मेहनत की कमाई को चंद सटोरिये अपनी जेबों में भर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि यह धंधा नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां जड़ें जमा चुका है, जिसके कारण अनगिनत हंसी-खुशी बसे परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते कई युवा इस दलदल में फंसकर अपना भविष्य तबाह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दर्द अब खुलकर सामने आ रहा है, उनका कहना है कि यह लत शराब और तंबाकू से भी अधिक जानलेवा है, जो सीधे तौर पर घरों के चूल्हों को बुझा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बस स्टैंड पर हर पल लोगों की आवाजाही रहती है और जहाँ से पुलिस की गाड़ियाँ भी गुजरती हैं, वहाँ क्या प्रशासन को इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार की भनक तक नहीं है? या फिर किसी बड़ी मिलीभगत के चलते सब कुछ जानकर भी खामोशी साधी जा रही है? यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सटोरियों के बीच से पुलिस प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। यदि समय रहते इन सट्टे के अड्डों पर ताले नहीं जड़े गए, तो क्षेत्र की युवा पीढ़ी और कई परिवार इस लत की भेंट चढ़ जाएंगे। अब देखना यह है कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह अवैध धंधा इसी तरह फलता-फूलता रहेगा।1
- मध्य प्रदेश के तामिया में सरपंच और सचिव पर मिलकर लाखों रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला खेत में बिना किसी तालाब का निर्माण किए ही लाखों रुपयों की धांधली का है। एक हितग्राही किसान ने बताया है कि उनके खेत में कोई तालाब नहीं बनाया गया, फिर भी लाखों रुपयों की हेराफेरी की गई है। किसान ने यह भी दावा किया कि वे खुद काम पर नहीं गए थे, लेकिन इसके बावजूद मस्टर रोल में उनकी फर्जी हाजिरी भर दी गई। इस तरह लाखों रुपये के घोटाले का यह मामला प्रकाश में आया है।1
- बैतूल में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण अभियान के तहत सारणी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जहाँ फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ी-पूर्वक बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दिनांक 20.06.2026 को फरियादी दीपक पिता श्री राधेश्याम नागवंशी ने थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसने अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को दिनांक 02.08.2025 को ₹500 के ई-स्टाम्प पर तैयार किरायानामा के आधार पर ₹20,000 प्रति माह पर तीन माह के लिए विक्की बारपेटे निवासी पाथाखेड़ा को किराए पर दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने ₹100 के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखाधड़ी-पूर्वक ₹2,50,000 में निर्मल मंडल निवासी धरमपुर, थाना चोपना के नाम बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्की पिता देवराव बारपेटे (30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा), दिवाकर पिता राजेश यादव (25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर) और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल (38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया और साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति का क्रय-विक्रय करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार के अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेन-देन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचना देने की अपील भी की गई है।1