logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

1 hr ago
user_भैंसदेही संवाददाता
भैंसदेही संवाददाता
Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया

कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग

में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    3
    बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई।

इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • खामला में सोमवार को तेज़ हवा के साथ बादलों का आगमन हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। मौसम कभी बादलों से घिरा होता है तो कभी भीषण गर्मी पड़ती है। 'मिरग' शुरू हुए पूरे 16 दिन हो चुके हैं, पर मौसम ने अब तक करवट नहीं ली है। सोमवार को खामला के कई इलाकों में बादल छाए रहे।
    1
    खामला में सोमवार को तेज़ हवा के साथ बादलों का आगमन हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। मौसम कभी बादलों से घिरा होता है तो कभी भीषण गर्मी पड़ती है। 'मिरग' शुरू हुए पूरे 16 दिन हो चुके हैं, पर मौसम ने अब तक करवट नहीं ली है। सोमवार को खामला के कई इलाकों में बादल छाए रहे।
    user_Om bele
    Om bele
    भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड स्थित केसिया सहकारी समिति खाद वितरण को लेकर किसानों के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। किसानों का दावा है कि खाद के भुगतान में पिछले साल की तुलना में अचानक 23 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका कोई स्पष्ट आधार उन्हें नहीं बताया गया। किसानों के अनुसार, पिछले साल एक किसान से 1 लाख 29 हजार 552 रुपये का भुगतान लिया गया था, जबकि इस साल उसी किसान के खाते में 1 लाख 52 हजार 552 रुपये की राशि दर्ज या वसूल की गई है। इस 23 हजार रुपये के अंतर ने सहकारी समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की मांग है कि यदि भुगतान में यह वृद्धि हुई है, तो समिति को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या किसानों को उतनी ही मात्रा में खाद दी गई है जितनी राशि उनके खातों में दर्ज की गई है। यदि खाद की मात्रा समान रही है, तो अतिरिक्त 23 हजार रुपये की वसूली या प्रविष्टि का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसमें खाद वितरण से संबंधित सभी अभिलेखों, भुगतान विवरणों और वितरण रजिस्टरों की गहनता से जांच की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर हुई अनियमितता का पता चल सके। किसानों का दृढ़ता से कहना है कि यह केवल 23 हजार रुपये का मामला नहीं है, बल्कि यह सहकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और 'अन्नदाता' के विश्वास से जुड़ा एक अहम मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनकी मेहनत की कमाई का पूरा हिसाब उन्हें मिलना चाहिए।
    1
    बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड स्थित केसिया सहकारी समिति खाद वितरण को लेकर किसानों के गंभीर आरोपों के घेरे में आ गई है। किसानों का दावा है कि खाद के भुगतान में पिछले साल की तुलना में अचानक 23 हजार रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसका कोई स्पष्ट आधार उन्हें नहीं बताया गया। किसानों के अनुसार, पिछले साल एक किसान से 1 लाख 29 हजार 552 रुपये का भुगतान लिया गया था, जबकि इस साल उसी किसान के खाते में 1 लाख 52 हजार 552 रुपये की राशि दर्ज या वसूल की गई है। इस 23 हजार रुपये के अंतर ने सहकारी समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसानों की मांग है कि यदि भुगतान में यह वृद्धि हुई है, तो समिति को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या किसानों को उतनी ही मात्रा में खाद दी गई है जितनी राशि उनके खातों में दर्ज की गई है। यदि खाद की मात्रा समान रही है, तो अतिरिक्त 23 हजार रुपये की वसूली या प्रविष्टि का आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिसमें खाद वितरण से संबंधित सभी अभिलेखों, भुगतान विवरणों और वितरण रजिस्टरों की गहनता से जांच की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर हुई अनियमितता का पता चल सके।

किसानों का दृढ़ता से कहना है कि यह केवल 23 हजार रुपये का मामला नहीं है, बल्कि यह सहकारी व्यवस्था की पारदर्शिता और 'अन्नदाता' के विश्वास से जुड़ा एक अहम मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा और उनकी मेहनत की कमाई का पूरा हिसाब उन्हें मिलना चाहिए।
    user_जिला ब्यूरो बैतूल
    जिला ब्यूरो बैतूल
    Salesperson बैतूल नगर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है। पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।
    3
    देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।

भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है।

पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।
    user_श्याम आर्य
    श्याम आर्य
    अनाज थोक विक्रेता भीमपुर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • बैतूल पुलिस ने दो मोबाइल झपटमार आरोपियों अजय आर्य उर्फ चंदू और अमन राज उर्फ एक्शल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के मार्गदर्शन में की गई। थाना कोतवाली में पहली घटना फरियादी रितेश पिता शिवपाल धुर्वे, उम्र 22 साल, निवासी झिरना ढाना सिल्लौट द्वारा रिपोर्ट की गई थी, जिसमें दिनांक 13.06.2026 को उनके करीब 12,000 रुपये कीमत का मोबाइल अज्ञात आरोपियों द्वारा झपट लिया गया था। इस पर अपराध क्रमांक 514/26 धारा 304(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। दूसरी घटना दिनांक 20.06.2026 को फरियादी शिवप्रसाद पिता शिवलाल इवने, उम्र 23 साल, निवासी झाड़ेगांव ने रिपोर्ट की, जिसमें दिनांक 18.06.2026 को आरोपी अजय आर्य और उसके साथी ने उनका करीब 15,500 रुपये कीमत का मोबाइल झपट लिया था। इस मामले में भी अपराध क्रमांक 514/26 धारा 304(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। कोतवाली पुलिस टीम ने दोनों प्रकरणों के अज्ञात आरोपियों की पहचान की। पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए अजय उर्फ चंदू आर्य ने बताया कि उसने दिनांक 13.06.2026 को ग्राम चिखलार के आगे पुलिया के पास से एक व्यक्ति से ओप्पो कंपनी का मोबाइल झपटा था, और दिनांक 18.06.2026 को कोसमी जोड़ बैतूल के पास अमन उर्फ एक्शल के साथ मिलकर एक व्यक्ति से वीवो कंपनी का मोबाइल छीना था। पुलिस ने आरोपी अजय आर्य, पिता संदीप, उम्र 25 साल, निवासी जयप्रकाश वार्ड सदर बैतूल, को गिरफ्तार कर दोनों ओप्पो और वीवो मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की। इसके बाद, आरोपी अमन राज उर्फ एक्शल, पिता जॉर्ज राज, उम्र 23 साल, निवासी जयप्रकाश वार्ड सदर बैतूल, को भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 27,500 रुपये का माल जब्त किया गया और दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, सउनि राजेश कुमार मालवीय, प्र.आर. 143 दिनेश निमोदा, आर. 56 नितिन चौहान, और आर. 723 हर्षित डांगे की अहम भूमिका रही।
    1
    बैतूल पुलिस ने दो मोबाइल झपटमार आरोपियों अजय आर्य उर्फ चंदू और अमन राज उर्फ एक्शल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के मार्गदर्शन में की गई।

थाना कोतवाली में पहली घटना फरियादी रितेश पिता शिवपाल धुर्वे, उम्र 22 साल, निवासी झिरना ढाना सिल्लौट द्वारा रिपोर्ट की गई थी, जिसमें दिनांक 13.06.2026 को उनके करीब 12,000 रुपये कीमत का मोबाइल अज्ञात आरोपियों द्वारा झपट लिया गया था। इस पर अपराध क्रमांक 514/26 धारा 304(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया। दूसरी घटना दिनांक 20.06.2026 को फरियादी शिवप्रसाद पिता शिवलाल इवने, उम्र 23 साल, निवासी झाड़ेगांव ने रिपोर्ट की, जिसमें दिनांक 18.06.2026 को आरोपी अजय आर्य और उसके साथी ने उनका करीब 15,500 रुपये कीमत का मोबाइल झपट लिया था। इस मामले में भी अपराध क्रमांक 514/26 धारा 304(2) BNS पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

कोतवाली पुलिस टीम ने दोनों प्रकरणों के अज्ञात आरोपियों की पहचान की। पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए अजय उर्फ चंदू आर्य ने बताया कि उसने दिनांक 13.06.2026 को ग्राम चिखलार के आगे पुलिया के पास से एक व्यक्ति से ओप्पो कंपनी का मोबाइल झपटा था, और दिनांक 18.06.2026 को कोसमी जोड़ बैतूल के पास अमन उर्फ एक्शल के साथ मिलकर एक व्यक्ति से वीवो कंपनी का मोबाइल छीना था। पुलिस ने आरोपी अजय आर्य, पिता संदीप, उम्र 25 साल, निवासी जयप्रकाश वार्ड सदर बैतूल, को गिरफ्तार कर दोनों ओप्पो और वीवो मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की। इसके बाद, आरोपी अमन राज उर्फ एक्शल, पिता जॉर्ज राज, उम्र 23 साल, निवासी जयप्रकाश वार्ड सदर बैतूल, को भी गिरफ्तार किया गया। कुल मिलाकर 27,500 रुपये का माल जब्त किया गया और दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, सउनि राजेश कुमार मालवीय, प्र.आर. 143 दिनेश निमोदा, आर. 56 नितिन चौहान, और आर. 723 हर्षित डांगे की अहम भूमिका रही।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    1 hr ago
  • आमला थाने में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि यातायात व्यवस्था को भंग करने या कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर साइबर से जुड़े मुद्दों और उनसे संबंधित जागरूकता फैलाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
    1
    आमला थाने में शांति समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि यातायात व्यवस्था को भंग करने या कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर साइबर से जुड़े मुद्दों और उनसे संबंधित जागरूकता फैलाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
    user_AMLA NEWS
    AMLA NEWS
    आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • आमला में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार शाम 4 बजे थाना आमला परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों, पत्रकारों और विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी ने की, जिसमें पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ मोहर्रम के जुलूस, ताजिया कार्यक्रम, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की पुरानी परंपरा को बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की गई, जिस पर पुलिस प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने और कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि आमला नगर हमेशा गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी भाईचारे का उदाहरण रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हैं, और मोहर्रम पर्व भी इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पर्व के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और शांति व सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
    4
    आमला में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार शाम 4 बजे थाना आमला परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों, पत्रकारों और विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी ने की, जिसमें पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ मोहर्रम के जुलूस, ताजिया कार्यक्रम, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की पुरानी परंपरा को बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की गई, जिस पर पुलिस प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने और कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि आमला नगर हमेशा गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी भाईचारे का उदाहरण रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हैं, और मोहर्रम पर्व भी इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पर्व के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और शांति व सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बैतूल में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस कंट्रोल रूम में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
    1
    बैतूल में मुहर्रम पर्व के मद्देनजर पुलिस कंट्रोल रूम में एक शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.