आमला में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार शाम 4 बजे थाना आमला परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों, पत्रकारों और विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी ने की, जिसमें पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ मोहर्रम के जुलूस, ताजिया कार्यक्रम, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की पुरानी परंपरा को बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की गई, जिस पर पुलिस प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने और कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि आमला नगर हमेशा गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी भाईचारे का उदाहरण रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हैं, और मोहर्रम पर्व भी इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पर्व के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और शांति व सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
आमला में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार शाम 4 बजे थाना आमला परिसर में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संगठनों, पत्रकारों और विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी ने की, जिसमें पर्व के दौरान
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ मोहर्रम के जुलूस, ताजिया कार्यक्रम, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और शहर की सांप्रदायिक सौहार्द की पुरानी परंपरा को बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक में विशेष रूप
से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की गई, जिस पर पुलिस प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने और कानून अपने हाथ में न लेने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि आमला नगर हमेशा गंगा-जमुनी संस्कृति और आपसी भाईचारे का उदाहरण
रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्वों में शामिल होकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हैं, और मोहर्रम पर्व भी इसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पर्व के दौरान प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने, यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और शांति व सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
- बैतूल जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, सांईखेड़ा पुलिस ने हत्या के प्रयास (जान से मारने की कोशिश) के एक गंभीर मामले को मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह घटना 20 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे की है। फरियादी श्यामा पिता किसना देवरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम धाबला, थाना सांईखेड़ा ने 21 जून 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज था। इसी बात पर उसने आनंदराव बारस्कर पर जान से मारने की नीयत से पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आहत आनंदराव बारस्कर के गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 109(1), 296(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर, घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी सांईखेड़ा भैयालाल उईके सहित प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, प्रधान आरक्षक दिलीप झरबड़े, प्रधान आरक्षक राजकुमार धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, आरक्षक विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार एवं प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद, आपसी मतभेद या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी कि छोटी-सी कहासुनी या आवेश में किया गया हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।1
- स्वास्थ्य मंत्री का एक योग से संबंधित वीडियो खूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो तेजी से लोगों के बीच फैल रहा है।1
- छिंदवाड़ा-पांढुरना जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ का 52वां जन्मदिन आज पांढुरना में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। विधायक कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केक काटकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नकुलनाथ के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करते हुए, केक काटने के बाद एक-दूसरे को मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। इस जन्मदिन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके, विधायक नीलेश उईके, ब्लॉक अध्यक्ष विलास डोंगरे, नगर अध्यक्ष जयंत घोड़े के साथ-साथ विलास धोटे, भरत सिंह ठाकुर, ओम पटेल, अरुण धुर्वे, सुरेश सुरजुसे, गोपाल अजमीरे, श्रीकांत महाजन, देवकांत मांडोगडे, नितिन देवड़ा, अरुण कुमार धुर्वे, सिराज भाई, अमजद खान, तुलसीदास सलामे, आकाश कोल्हे, अरशद खान, सुरेन्द्र सुले, श्रीमती प्रतिमा मेश्राम और उज्ज्वल देशमुख समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है। पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।3
- तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।1
- लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।1
- मेरा युवा भारत पांढुर्ना ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आज, 21 जून 2026 को पांढुर्ना के हाई स्कूल ग्राउंड मोरडोगरी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया। इस महाअभियान में क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्राचार्य डी सी घागरे ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे वर्तमान भागदौड़ भरी जिंदगी में केवल व्यायाम न कहकर एक संपूर्ण जीवनशैली बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि योग तनाव, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में बेहद प्रभावी है, साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका, ताड़ासन, वृक्षासन और त्रिकोणासन के विशिष्ट लाभों की भी जानकारी दी। वहीं, सरपंच कैलाश पराड़कर ने बताया कि भारत सरकार की पहल पर यह 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस विश्व के 193 देशों में मनाया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ग्रामीणों ने इस आयोजन की हृदय से सराहना करते हुए इसे स्वस्थ रहने का एक नया मंत्र करार दिया और भविष्य में भी योग को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविन्द गोरखड़े ने किया, जिसमें आर बी उइके, जे एल आहके, यस आसरे, सुनीता भादे, मीनाक्षी, नशीम खान, ओमकार सलामे, सोनू धारपुरे, सगीता भलावी, देवांग पाठे, सागर मस्तकर, रजत पराड़कर सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।1
- मध्य प्रदेश के तामिया में सरपंच और सचिव पर मिलकर लाखों रुपये का बड़ा फर्जीवाड़ा करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला खेत में बिना किसी तालाब का निर्माण किए ही लाखों रुपयों की धांधली का है। एक हितग्राही किसान ने बताया है कि उनके खेत में कोई तालाब नहीं बनाया गया, फिर भी लाखों रुपयों की हेराफेरी की गई है। किसान ने यह भी दावा किया कि वे खुद काम पर नहीं गए थे, लेकिन इसके बावजूद मस्टर रोल में उनकी फर्जी हाजिरी भर दी गई। इस तरह लाखों रुपये के घोटाले का यह मामला प्रकाश में आया है।1
- नगर परिषद सोहागपुर की सफाई व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है, जहाँ नगर के कई वार्डों में कचरे के ढेर लगे हैं और नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी लगातार फैल रही है। मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान, जब नगर में विशेष साफ-सफाई की आवश्यकता होती है, तब भी कई क्षेत्रों में गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि वार्डवासी और नगर परिषद के पूर्व पार्षद व्हाट्सएप ग्रुपों में गंदगी की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं। वायरल हो रहे इन वीडियो में विभिन्न वार्डों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। नगर परिषद द्वारा जगह-जगह रखी गई हाथ गाड़ियों में भी कचरा भरा हुआ है और कई स्थानों पर तो कचरा गाड़ियों से बाहर तक फैल गया है। नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इस गंदगी से आसपास दुर्गंध फैल रही है, जिससे मच्छरों और विभिन्न बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के समय नगर परिषद को विशेष सफाई अभियान चलाना चाहिए, लेकिन वर्तमान में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल नजर आ रही है। नगरवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेने, वार्डों में जमा कचरे को हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि धार्मिक आयोजनों और आम नागरिकों को स्वच्छता संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।1