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लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।

2 hrs ago
user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।

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  • लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।
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    लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बिछुआ के सांदीपनि विद्यालय खमारपानी के कक्षा 12वीं साइंस के उत्तीर्ण छात्रों ने शिक्षा के साथ संस्कार और नवाचार की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इन छात्रों ने मिलकर अपने स्वयं के खर्चे से अष्टधातु से निर्मित मां सरस्वती की मूर्ति बनवाई और विधिवत पूजन के साथ विद्यालय को भेंट करते हुए उसकी स्थापना की। छात्रों का कहना है कि जिस विद्यालय ने उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए, उसकी स्मृति स्वरूप यह मूर्ति हमेशा विद्यालय प्रांगण में ज्ञान की देवी की उपस्थिति का एहसास कराएगी। यह पहल छात्रों की गुरु-भक्ति और विद्यालय के प्रति उनके गहरे लगाव का प्रतीक है। मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में इस सत्र के सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं, विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। विधिवत पूजन-अर्चना के बाद छात्रों ने विद्यालय परिवार को प्रसाद वितरित किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और भावुक कर देने वाला हो गया। विद्यालय प्राचार्य ने छात्रों के इस सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल छात्रों के विद्यालय के प्रति समर्पण भाव को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी शिक्षा के बाद गुरु और विद्यालय के प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखने की प्रेरणा देगी। शिक्षकों ने भी छात्रों की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब छात्र अक्सर परीक्षा के बाद विद्यालय को भूल जाते हैं, खमारपानी के इन छात्रों ने एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो निश्चित रूप से अन्य विद्यालयों के छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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    बिछुआ के सांदीपनि विद्यालय खमारपानी के कक्षा 12वीं साइंस के उत्तीर्ण छात्रों ने शिक्षा के साथ संस्कार और नवाचार की एक अनूठी मिसाल पेश की है। इन छात्रों ने मिलकर अपने स्वयं के खर्चे से अष्टधातु से निर्मित मां सरस्वती की मूर्ति बनवाई और विधिवत पूजन के साथ विद्यालय को भेंट करते हुए उसकी स्थापना की।

छात्रों का कहना है कि जिस विद्यालय ने उन्हें शिक्षा और संस्कार दिए, उसकी स्मृति स्वरूप यह मूर्ति हमेशा विद्यालय प्रांगण में ज्ञान की देवी की उपस्थिति का एहसास कराएगी। यह पहल छात्रों की गुरु-भक्ति और विद्यालय के प्रति उनके गहरे लगाव का प्रतीक है। मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में इस सत्र के सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं, विद्यालय के प्राचार्य और समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। विधिवत पूजन-अर्चना के बाद छात्रों ने विद्यालय परिवार को प्रसाद वितरित किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और भावुक कर देने वाला हो गया।

विद्यालय प्राचार्य ने छात्रों के इस सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल न केवल छात्रों के विद्यालय के प्रति समर्पण भाव को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी शिक्षा के बाद गुरु और विद्यालय के प्रति कृतज्ञता का भाव बनाए रखने की प्रेरणा देगी। शिक्षकों ने भी छात्रों की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में जब छात्र अक्सर परीक्षा के बाद विद्यालय को भूल जाते हैं, खमारपानी के इन छात्रों ने एक अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो निश्चित रूप से अन्य विद्यालयों के छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने अपने एक दिवसीय छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान केवल राजनीतिक गतिविधियों तक ही सीमित न रहते हुए, रिश्तों की मिठास और पारिवारिक संस्कारों का भी परिचय दिया। सिवनी से छिंदवाड़ा जाते समय चौरई पहुंचने पर उनका विभिन्न स्थानों पर आत्मीय स्वागत किया गया। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि चौरई के प्रतिष्ठित खंडेलवाल परिवार की पुत्री का विवाह उनके गृह क्षेत्र नीमच में हुआ है और दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध हैं। यह जानकारी मिलते ही श्री पाटीदार अपने सहयोगियों के साथ सीधे खंडेलवाल परिवार के निवास पहुंचे। वहां उन्होंने अपने गृह ग्राम से जुड़े इस परिवार के बीच स्नेहपूर्ण पल बिताए और अपनत्व का भाव साझा किया, जिससे राजनीति से परे मानवीय और आत्मीय रिश्तों की गर्माहट देखने को मिली।
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    भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने अपने एक दिवसीय छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान केवल राजनीतिक गतिविधियों तक ही सीमित न रहते हुए, रिश्तों की मिठास और पारिवारिक संस्कारों का भी परिचय दिया। सिवनी से छिंदवाड़ा जाते समय चौरई पहुंचने पर उनका विभिन्न स्थानों पर आत्मीय स्वागत किया गया।

इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि चौरई के प्रतिष्ठित खंडेलवाल परिवार की पुत्री का विवाह उनके गृह क्षेत्र नीमच में हुआ है और दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से आत्मीय संबंध हैं। यह जानकारी मिलते ही श्री पाटीदार अपने सहयोगियों के साथ सीधे खंडेलवाल परिवार के निवास पहुंचे।

वहां उन्होंने अपने गृह ग्राम से जुड़े इस परिवार के बीच स्नेहपूर्ण पल बिताए और अपनत्व का भाव साझा किया, जिससे राजनीति से परे मानवीय और आत्मीय रिश्तों की गर्माहट देखने को मिली।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा अंतर्गत पौनार गाँव में फादर्स डे के अवसर पर एक चौंकाने वाली और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 'कलयुगी' बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता को घर से बेदखल कर दिया है। बेटे के इस क्रूर कृत्य ने पिता को दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज कर दिया है। घर से निकाले जाने के बाद पीड़ित पिता दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और अपना भरण-पोषण पड़ोसियों से माँग कर रहे हैं। इस दुखद स्थिति में उनकी पत्नी भी उन्हें छोड़कर चली गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अपनी दयनीय दशा को देखते हुए, पीड़ित पिता ने अब अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
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    छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा अंतर्गत पौनार गाँव में फादर्स डे के अवसर पर एक चौंकाने वाली और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक 'कलयुगी' बेटे ने अपने ही वृद्ध पिता को घर से बेदखल कर दिया है। बेटे के इस क्रूर कृत्य ने पिता को दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज कर दिया है।

घर से निकाले जाने के बाद पीड़ित पिता दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और अपना भरण-पोषण पड़ोसियों से माँग कर रहे हैं। इस दुखद स्थिति में उनकी पत्नी भी उन्हें छोड़कर चली गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अपनी दयनीय दशा को देखते हुए, पीड़ित पिता ने अब अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।
    user_पब्लिक न्यूज़ अमरवाड़ा
    पब्लिक न्यूज़ अमरवाड़ा
    अमरवाड़ा, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।
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    तामिया देलाखारी के लुक्का ढाना और शहराढाना क्षेत्रों में ज़ोरदार झमाझम बारिश दर्ज की गई है।
    user_Aakash Mandrah
    Aakash Mandrah
    Local News Reporter तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में भीषण गर्मी के प्रकोप और पानी के घोर संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कड़ी मेहनत से सींचे गए संतरा के बाग आँखों के सामने सूखकर मर रहे हैं, और खेतों में खड़ी हरियाली तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही है। इस प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनके खेतों में मौत का सन्नाटा पसरा है। ग्राम भंदारगोंदी के किसान प्रवीण शंकरराव ठाकरे ने अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि संतरा फसल ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दिन-रात की मेहनत और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर जो बाग तैयार किए थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ठाकरे के अनुसार, प्रचंड गर्मी ने पौधों की जड़ों को सुखा दिया है, जिससे न केवल उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है, बल्कि उनके पूरे परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी बदहाली का दंश झेल रहे हैं और बर्बादी की कगार पर खड़े हैं। किसानों ने प्रशासन पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया गया और तत्काल राहत पैकेज या सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो किसानों का उबरना नामुमकिन होगा। आर्थिक तंगी से घिरे प्रवीण ठाकरे ने अब चुप न बैठने का दृढ़ निश्चय किया है और अपनी फरियाद लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जाने की बात कही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनकी आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।
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    पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में भीषण गर्मी के प्रकोप और पानी के घोर संकट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कड़ी मेहनत से सींचे गए संतरा के बाग आँखों के सामने सूखकर मर रहे हैं, और खेतों में खड़ी हरियाली तड़प-तड़प कर दम तोड़ रही है। इस प्रकृति की मार से क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और उनके खेतों में मौत का सन्नाटा पसरा है।

ग्राम भंदारगोंदी के किसान प्रवीण शंकरराव ठाकरे ने अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि संतरा फसल ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दिन-रात की मेहनत और अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर जो बाग तैयार किए थे, वे आज पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ठाकरे के अनुसार, प्रचंड गर्मी ने पौधों की जड़ों को सुखा दिया है, जिससे न केवल उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है, बल्कि उनके पूरे परिवार का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है। क्षेत्र के अन्य किसान भी इसी बदहाली का दंश झेल रहे हैं और बर्बादी की कगार पर खड़े हैं।

किसानों ने प्रशासन पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर स्थिति का संज्ञान नहीं लिया गया और तत्काल राहत पैकेज या सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो किसानों का उबरना नामुमकिन होगा। आर्थिक तंगी से घिरे प्रवीण ठाकरे ने अब चुप न बैठने का दृढ़ निश्चय किया है और अपनी फरियाद लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जाने की बात कही है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेगा और उनकी आजीविका बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    27 min ago
  • सेवनी जिले के छपारा में एक छात्रावास की छत उड़ गई है। इस घटना ने कथित तौर पर 40 सालों से चली आ रही लापरवाही को उजागर करते हुए प्रशासन की पूरी पोल खोल दी है।
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    सेवनी जिले के छपारा में एक छात्रावास की छत उड़ गई है। इस घटना ने कथित तौर पर 40 सालों से चली आ रही लापरवाही को उजागर करते हुए प्रशासन की पूरी पोल खोल दी है।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।
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    जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।

मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा।

ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
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