सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। विषय: बिजली विभाग (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अवैध छंटनी और बहाली के संबंध में। आदरणीय योगी जी, सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। हम उन 'बिजली योद्धाओं' में से हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश के लाइन लॉस को कम करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में दिन-रात एक किया है। अत्यंत खेद का विषय है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से भारी संख्या में अनुभवी कर्मचारियों की छंटनी (Retrenchment) कर दी गई है। इस संबंध में हम निम्नलिखित बिंदु आपके समक्ष रखना चाहते हैं: * अनुचित निष्कासन: बिना किसी पूर्व नोटिस या ठोस कारण के हमें कार्यमुक्त कर दिया गया है, जो कि श्रम नियमों का उल्लंघन है। * अनुभव की अनदेखी: वर्षों का अनुभव रखने वाले पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की आशंका है। * आर्थिक मानसिक उत्पीड़न: मानदेय (Salary) पहले ही कम था, और अब नौकरी जाने से हमारे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दवा का संकट खड़ा हो गया है। हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि: * आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त निर्देश देकर हमारी तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए। * बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए एक ठोस नीति (Policy) बनाई जाए ताकि भविष्य में एजेंसियां हमारा शोषण न कर सकें। * बकाया वेतन (यदि कोई हो) का भुगतान तुरंत कराया जाए। महाराज जी, आप प्रदेश के अभिभावक हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आप इन आउटसोर्सिंग कंपनियों के तानाशाही रवैये से हमें बचाएंगे और हमारे साथ न्याय करेंगे।
सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। विषय: बिजली विभाग (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अवैध छंटनी और बहाली के संबंध में। आदरणीय योगी जी, सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। हम उन 'बिजली योद्धाओं' में से हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश के लाइन लॉस को कम करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में दिन-रात एक किया है। अत्यंत खेद का विषय है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से भारी संख्या में अनुभवी कर्मचारियों की छंटनी (Retrenchment) कर दी गई है। इस संबंध में हम निम्नलिखित बिंदु आपके समक्ष रखना चाहते हैं: * अनुचित निष्कासन: बिना किसी पूर्व नोटिस या ठोस कारण के हमें कार्यमुक्त कर दिया गया है, जो कि श्रम नियमों का उल्लंघन है। * अनुभव की अनदेखी: वर्षों का अनुभव रखने वाले पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की आशंका है। * आर्थिक मानसिक उत्पीड़न: मानदेय (Salary) पहले ही कम था, और अब नौकरी जाने से हमारे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दवा का संकट खड़ा हो गया है। हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि: * आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त निर्देश देकर हमारी तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए। * बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए एक ठोस नीति (Policy) बनाई जाए ताकि भविष्य में एजेंसियां हमारा शोषण न कर सकें। * बकाया वेतन (यदि कोई हो) का भुगतान तुरंत कराया जाए। महाराज जी, आप प्रदेश के अभिभावक हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आप इन आउटसोर्सिंग कंपनियों के तानाशाही रवैये से हमें बचाएंगे और हमारे साथ न्याय करेंगे।
- सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ। विषय: बिजली विभाग (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की अवैध छंटनी और बहाली के संबंध में। आदरणीय योगी जी, सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं। हम उन 'बिजली योद्धाओं' में से हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश के लाइन लॉस को कम करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में दिन-रात एक किया है। अत्यंत खेद का विषय है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा मनमाने ढंग से भारी संख्या में अनुभवी कर्मचारियों की छंटनी (Retrenchment) कर दी गई है। इस संबंध में हम निम्नलिखित बिंदु आपके समक्ष रखना चाहते हैं: * अनुचित निष्कासन: बिना किसी पूर्व नोटिस या ठोस कारण के हमें कार्यमुक्त कर दिया गया है, जो कि श्रम नियमों का उल्लंघन है। * अनुभव की अनदेखी: वर्षों का अनुभव रखने वाले पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की आशंका है। * आर्थिक मानसिक उत्पीड़न: मानदेय (Salary) पहले ही कम था, और अब नौकरी जाने से हमारे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दवा का संकट खड़ा हो गया है। हमारी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि: * आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त निर्देश देकर हमारी तत्काल बहाली सुनिश्चित की जाए। * बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए एक ठोस नीति (Policy) बनाई जाए ताकि भविष्य में एजेंसियां हमारा शोषण न कर सकें। * बकाया वेतन (यदि कोई हो) का भुगतान तुरंत कराया जाए। महाराज जी, आप प्रदेश के अभिभावक हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आप इन आउटसोर्सिंग कंपनियों के तानाशाही रवैये से हमें बचाएंगे और हमारे साथ न्याय करेंगे।1
- जिला लखीमपुर क्षेत्र निघासन रोड गांव लुधौरी चौराहे से लग भाग 10 मीटर की दूरी पर हुआ एक्सीडेंट बहुत ही ख़तरनाक राजकुमार जाटव जी की रिपोर्ट2
- कभी-कभी दर्द धोखे से नहीं… उम्मीद टूटने से होता है… जब वो इंसान बदल जाए जिसे हमने अपना रब माना हो… अगर ये सवाल दिल में उतर गया हो तो Khamosh Alfaaz से जुड़ जाना ❤️ कमेंट में सच बताओ — ज़्यादा दर्द किसका होता है? बेवफाई / बदल जाना 💔1
- डिजिटल डकैती: लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी में 'बिना नंबर' की गाड़ी से आए शातिर ठग का तांडव, QR कोड के जाल में फंसाकर दुकानदार को सरेआम लूटा लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कस्बा मोहम्मदी से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन सुरक्षा कवच पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहाँ एक ओर भारत सरकार गाँव-गाँव तक 'डिजिटल इंडिया' का सपना साकार कर रही है, वहीं दूसरी ओर शातिर अपराधी अब तकनीक के जरिए ही गरीब व्यापारियों की खून-पसीने की कमाई पर 'डिजिटल डकैती' डाल रहे हैं। कस्बा कोतवाली का मामला: ₹15,000 की सरेआम 'लूट' घटना कस्बा मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुरेला चौराहा (बरवर रोड) की है। यहाँ 'आकाश' नाम का एक युवक जनसेवा केंद्र चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 03 फरवरी 2026 की दोपहर लगभग 3:20 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति ग्राहक बनकर दुकान पर पहुँचा। उस समय दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ थी, जिसका फायदा उठाकर ठग ने आकाश को अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। अपराधी ने बड़ी ही मासूमियत से दो अलग-अलग QR कोड आकाश को दिए और उनसे पैसे ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। आकाश ने जैसे ही मानवता और व्यापारिक धर्म निभाते हुए: * पहले QR कोड पर ₹10,000 भेजे। * दूसरे QR कोड पर ₹5,000 ट्रांसफर किए। जैसे ही कुल ₹15,000 का सफल ट्रांजैक्शन हुआ, वह शातिर अपराधी बिना नकद पैसे दिए, अपनी गाड़ी स्टार्ट कर आँखों से ओझल हो गया। अपराध का नया पैटर्न: बिना नंबर की गाड़ी और 'अदृश्य' अपराधी इस घटना ने नेशनल लेवल पर इसलिए चिंता बढ़ा दी है क्योंकि यह एक संगठित अपराध की ओर इशारा करती है। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपराधी जिस गाड़ी से आया था, उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में आरोपी की पूरी रिकॉर्डिंग तो कैद हुई है, लेकिन गाड़ी पर पहचान का कोई निशान न होने के कारण उसे पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। जनता के मन में उठते राष्ट्रीय स्तर के सवाल: * ट्रैफिक सुरक्षा पर सवाल: आखिर कस्बा कोतवाली और पुलिस की सघन चेकिंग के बावजूद 'बिना नंबर' की गाड़ियां सड़कों पर अपराध का सामान लेकर कैसे घूम रही हैं? * डिजिटल सुरक्षा का अभाव: क्या डिजिटल वॉलेट और बैंकिंग ऐप्स के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो संदिग्ध QR कोड्स को तुरंत फ्लैग कर सके? * अपराधियों का मनोबल: क्या अब अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है कि वे भरे बाजार में सीसीटीवी के सामने ठगी कर फरार हो रहे हैं? पीड़ित की गुहार: 'साहब, मेहनत की कमाई दिला दो' पीड़ित दुकानदार आकाश ने कोतवाली मोहम्मदी के प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। आकाश का कहना है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में अगर दुकानदार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो छोटे व्यापारी ऑनलाइन सेवाओं से किनारा करने लगेंगे। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सौंप दी है, जिसमें ठग की पूरी करतूत कैद है। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव लखीमपुर खीरी के कस्बा मोहम्मदी की यह घटना देश भर के लाखों जनसेवा केंद्र संचालकों और दुकानदारों के लिए एक 'अलार्म कॉल' है। इस 'डिजिटल डकैती' ने साफ कर दिया है कि अपराधी अब हथियार लेकर नहीं, बल्कि तकनीक लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। कस्बा मोहम्मदी पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है, लेकिन सवाल वही है— क्या सीसीटीवी में कैद यह शातिर ठग पुलिस की गिरफ्त में आएगा? या फिर बिना नंबर की गाड़ी का सहारा लेकर वह कानून की आंखों में धूल झोंकता रहेगा?1
- लखीमपुर के ए आरटीओ श्री शांति भूषण पांडे जी के द्वारा अवैध संचालन के खिलाफ सघन प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए तीन बसों के साथ-एक स्कूली वाहन जिसका परमिट फिटनेस फेल होने पर बंद किया गया ।साथ ही एक गन्ना परिवहन में संचालित ट्रक जिसका परमिट फिटनेस फेल था उसको भी बंद किया गया । थाना फ़रधन में कुल सात वाहन बंद किया गए ।1
- लखीमपुर खीरी जिले के ढखेरवा में आयोजित तीन दिवसीय विराट कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन ही दंगल मैदान दर्शकों से खचाखच भर गया। पारंपरिक अखाड़े में पहलवानों के दमखम और दांव-पेंच देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ लोकप्रिय ब्लॉक प्रमुख अमित वर्मा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। पहले दिन कुल 18 पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबले हुए, जिसमें 9 कुश्तियां संपन्न कराई गईं। इनमें से 7 कुश्तियों में पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच के दम पर जीत दर्ज की, जबकि 2 कुश्तियां बराबरी पर छूटीं, जिससे दर्शकों का रोमांच चरम पर रहा। इस विराट कुश्ती प्रतियोगिता में पड़ोसी देश नेपाल सहित राजस्थान, अयोध्या, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, चंबल, पंजाब, हरियाणा और बनारस से आए नामी पहलवानों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता को देखने के लिए ढखेरवा चौराहा समेत आसपास के गांवों से हजारों दर्शक मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।4
- Post by Mukesh Kumar1
- #सिगरेट_जलाई_थी👀तेरी_याद_भुलाने_को_😭मगर_कमबख्त_धुए_ने👰🏻♀तेरी_तस्वीर_बना_डाली😔💔🥀1