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मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाभरा में भील समाज की आदिवासी परंपराएँ देखी जाती हैं। यह स्थान भील समुदाय की आदिवासी परंपराओं के लिए जाना जाता है।
Bhiku Vasuniya
मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाभरा में भील समाज की आदिवासी परंपराएँ देखी जाती हैं। यह स्थान भील समुदाय की आदिवासी परंपराओं के लिए जाना जाता है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- बड़वानी जिले के देरवलिया गाँव के ग्रामीण भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आज़ाद समाज पार्टी के विचारों से काफी प्रभावित हुए हैं। इन विचारों से प्रेरित होकर, क्षेत्र के कई ग्रामीण इन संगठनों के सदस्य बन गए हैं। इस नई सदस्यता के साथ, भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आज़ाद समाज पार्टी का संगठन ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तारित हुआ है।1
- Post by Bapulal Ahari1
- कुवैत से भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील ने पत्नी की हत्या के मामले में एक भारतीय प्रवासी को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है और आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।1
- कुशलगढ़ वृत्त के तहत छोटा डूंगरा चौकी पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डूंगरा मार्ग पर अवैध बजरी से भरे एक डंपर को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई डीएसटी अधिकारी श्री भंवरलाल और पुलिस टीम द्वारा की गई। डंपर को जब्त करने के बाद उसे छोटा डूंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है, और खनन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- सेंधवा के शहीद भीमा नायक कॉलोनी गोई निवासी प्रवीण मोरे का भारतीय सेना में अग्निवीर के पद पर चयन हुआ है। ट्रक चालक बद्री मोरे के पुत्र प्रवीण ने लगातार चार वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद अपने पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की, जिससे उनके परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सैन्य प्रशिक्षण की नई यात्रा 28 जून से तेलंगाना के सिकंदराबाद में शुरू होगी। आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए भी प्रवीण ने भारतीय सेना में भर्ती होने के अपने सपने को नहीं छोड़ा। उन्होंने शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित अभ्यास किया, क्योंकि बचपन से ही उनके मन में फौजियों को देखकर सेना में शामिल होने की प्रबल इच्छा थी। प्रवीण सेंधवा शहर के दूसरे युवा हैं जिनका चयन अग्निवीर के रूप में हुआ है। प्रवीण ने महू स्थित आर्मी सेंटर में सभी आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और वे जल्द ही सिकंदराबाद में प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगे। उनके पिता बद्री मोरे ने बेटे के चयन पर असीम खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका बेटा देश की सेवा करेगा और इससे बड़ी खुशी उनके लिए कोई नहीं है। प्रवीण को शारीरिक प्रशिक्षण देने वाले आकाश पवार ने उनके अनुशासन और मेहनत की सराहना की और बताया कि यह उपलब्धि उनके नियमित अभ्यास और समर्पण का सीधा परिणाम है। आकाश पवार अपनी अकादमी के माध्यम से युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, और प्रवीण उनकी अकादमी से अग्निवीर में चयनित होने वाले दूसरे युवा हैं।1
- कुशलगढ़ की हिरण नदी, जिसे कभी नगर की जीवनरेखा और आत्मा माना जाता था, आज अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण अपना मूल स्वरूप खो रही है। कोटड़ा मार्ग से महादेव मंदिर की ओर बहने वाली यह नदी, जो पहले लगभग 50 मीटर चौड़ी और करीब 45 फीट गहरी हुआ करती थी, अब कई स्थानों पर संकरे नाले जैसी दिखती है, और कुछ हिस्सों में बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारों पर लगातार मिट्टी भरने, निर्माण सामग्री फेंकने और कचरा डालने से इसकी चौड़ाई और गहराई में भारी कमी आई है। पांडवसाथ मार्ग पर पूर्व में बनी सुरक्षा दीवार भी शिकायतों के बाद कायम नहीं रह सकी। क्षेत्रवासियों को आशंका है कि इस वर्ष तेज बारिश होने पर पांडवसाथ सहित आसपास के मोहल्लों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि करीब दो वर्ष पहले भी भारी बारिश से क्षेत्र में नुकसान हुआ था। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से हिरण नदी पर हुए अतिक्रमण को हटाने, गहरीकरण और सफाई का काम कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी के पुनर्जीवन से बेहतर जल निकासी होगी, भू-जल स्तर बढ़ेगा और भविष्य के जल संकट से राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर हिरण नदी को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का आग्रह किया है।2
- कुवैत से मिली खबर के अनुसार, दो एशियाई प्रवासियों को झूठी लड़ाई की खबर देने के आरोप में देश से निकाला जाएगा। यह निर्णय कुवैत में हुए इस घटनाक्रम से जुड़ा है।1
- रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला योजना समिति के सदस्य महेंद्र शुक्ला को सर्पदंश का शिकार होने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बावजूद घंटों तक बेड नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब पीड़ित दोपहर लगभग 2:30 बजे अपने प्रतिष्ठान “हिनौता नाथ कृषि एवं हार्डवेयर सेवा केंद्र” में थे और दुकान खोलने के दौरान अचानक एक चूहा और उसके पीछे आए सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चुरहट ले जाया गया, जहाँ डॉ. गौरव पांडे ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित शाम करीब 4:30 बजे रीवा अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी में भर्ती हुए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू भेजा गया, लेकिन बेड उपलब्ध न होने के कारण रात 9 बजे तक, यानी लगभग पाँच घंटे तक, उन्हें स्ट्रेचर पर ही लेटे रहना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें समय पर बेड नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित ने भाजपा संगठन से जुड़े विजय दुबे से भी संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल कोई राहत नहीं मिल पाई। अंततः रात करीब 10 बजे उन्हें जनरल वार्ड में बेड उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो सका। पीड़ित ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें समय पर बेड न मिलना, शौचालयों की खराब स्थिति, बेड पर चादर की कमी और मरीजों के प्रति प्रशासन की लापरवाही शामिल है। पीड़ित ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपील करते हुए रीवा जैसे प्रमुख मेडिकल केंद्र की व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। गौरतलब है कि रीवा का संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली आदि) के लाखों लोगों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, और ऐसे में यहाँ की व्यवस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।1