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चांचोडी से रामदेवरा पैदल यात्री 21 फीट ध्वज लेकर हुए रवाना- चांचोडी। ग्राम में रामदेवरा पैदल यात्रा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। गुरुवार दिनभर केई पैदल यात्री रामदेवरा हेतु हाथों में ध्वज लेकर रामदेवजी मंदिर दर्शन कर रवाना हुए। साथ में देर शाम को 21 फिट ध्वज लेकर गणेश चौधरी के नेतृत्व में डीजे की धुन के साथ पैदल यात्री रवाना हुए जो रात्रि विश्राम कर शुक्रवार को रामदेवरा का सफर जारी रखेंगे।
Magharam Chauhan
चांचोडी से रामदेवरा पैदल यात्री 21 फीट ध्वज लेकर हुए रवाना- चांचोडी। ग्राम में रामदेवरा पैदल यात्रा को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। गुरुवार दिनभर केई पैदल यात्री रामदेवरा हेतु हाथों में ध्वज लेकर रामदेवजी मंदिर दर्शन कर रवाना हुए। साथ में देर शाम को 21 फिट ध्वज लेकर गणेश चौधरी के नेतृत्व में डीजे की धुन के साथ पैदल यात्री रवाना हुए जो रात्रि विश्राम कर शुक्रवार को रामदेवरा का सफर जारी रखेंगे।
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- नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हुआ बच्चे का भावुक वीडियो, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटे बच्चे को लेकर सड़क पर चलता दिखाई देता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों का दावा है कि बच्चा नेपाल की बाढ़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गया और अपनी छोटी बहन को लेकर उन्हें तलाश रहा है। वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक कर दिया और इसे नेपाल की बाढ़ त्रासदी से जोड़कर बड़े पैमाने पर शेयर किया जाने लगा। लेकिन वायरल दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और सामने आई। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भावुक करने वाली किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी वास्तविक जगह और समय की पुष्टि करना कितना जरूरी है।1
- ठाकुरजी मंदिरों में गूंजा ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’: जन्माष्टमी पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर, भजनों पर झूमे श्रद्धालु सुमेरपर: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को सुमेरपुर, तखतगढ़ शहर सहित उपखंड क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और देर रात तक धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा।तखतगढ़ के ठाकुरजी मंदिर को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। रात्रि में मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आए। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। जन्मोत्सव की रस्म पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। कान्हा को पालने में झूला झुलाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मंदिर में मौजूद रहे। इसी प्रकार सुमेरपुर के स्टेशन रोड स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जोधेश्वर महादेव मंदिर, रोकड़िया हनुमान मंदिर, साईं उद्यान सहित अन्य मंदिरों में भी आकर्षक सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों पर आधारित झांकियां सजाई गईं। महिलाओं ने कृष्ण भक्ति के भजनों पर नृत्य कर जन्माष्टमी का उत्साह मनाया।वहीं नोवी के राधे-कृष्ण मंदिर में भी मंदिर समिति के तत्वावधान में जन्माष्टमी पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और देर रात तक पूरा क्षेत्र कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।1
- पाली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस्कॉन केंद्र में भव्य धार्मिक कार्यक्रम, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब पाली (राजस्थान)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पाली स्थित इस्कॉन केंद्र में भव्य और दिव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरा मंदिर परिसर हरे रामा-हरे कृष्णा के महामंत्र से गुंजायमान रहा और श्रद्धालुओं का हुजूम भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन व भक्ति संध्या में भाग लेने पहुंचा। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री राधा-कृष्ण के विशेष श्रृंगार व मंगला आरती के साथ हुई। मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी लाइटों और रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया था। इस अवसर पर भगवान का दूध, दही, शहद, घी और पंचामृत से भव्य महाभिषेक किया गया। संध्या समय इस्कॉन संकीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों और हरे कृष्णा महामंत्र के कीर्तन पर श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए। मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्रकटोत्सव पर महाआरती की गई और महाप्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में पाली शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन व मंदिर समिति द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन प्राप्त हुए। रिपोर्टर: दीपान्शु चौहान स्थान: पाली (राजस्थान)3
- पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३,उम्मीदवार उमेश कुमार लखारा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया। पाली०४सितंबर।पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३भाजपा उमीदवार उमेश कुमार लखारा का चुनाव कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी,ने किया।साथ ही मंचासीन अतिथि ज्ञान चंद पारख, सुनील भंडारी, देवीलाल मेघवाल, पंकज ओझा,अशौक कुमार जौशी,प्रताप सिंह,हरबंश दवे,भंवर सिंह,तथा वार्डवासियों की उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहां कि आज मैंने एक भंवर राव की मिटीग का एक विडीयो देखा,जिसमे एक आदमी खड़ा होकर भंवर राव है बोला,कि तुम यहां से दो, तीन बार पार्षद बन गये,अब क्या यहां से पट्टा करवा रखा है।तो अब जनता पार्षद में परिवर्तन चाहतीं हैं।तो इस बार आप अपने मौहल्ले के समाजसेवी, वर्कर उमेश कुमार लखारा को भाजपा को अधिक से अधिक वोट देकर विजयी बनायेगे,तो बोर्ड का गठन होगा,और गठन होगा,तौ भाजपा की तिबल इंजन की सरकार बनेगी तो विकास होगा। आपकी जानकारी के लिए बताये देते हैं,कि राजस्थान में भाजपा की सरकार है, मुख्यमंत्री भजनलाल जी कहां कि जो भाजपा के नैता है, उनके परिवार से किसी खड़ा करने की बजाय भाजपा के उम्मीदवार खड़े हैं,उनको भारी मतों से जिताने,ताकि नगर निगम चुनाव में प्रथम बार भाजपा का महापौर बनाया जा सकेगा।तो हमने हमारे परिवार के सदस्य को खड़ा नहीं किया। पाली भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने भी सभा को संबोधित करते हुए, उमेश कुमार लखारा को भाजपा से उमीदवार बनाया गया है।यहनैख निर्भीक, ईमानदार, समाज सेवी है।और आप इस बार उमेश कुमार लखारा को भाजपा से विजयी बनाकर नगर निगम चुनाव में भाजपा का बोर्ड का गठन होगा,कि तो तिपल इंजन की सरकार बनेगी। अंत में भाजपा चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया।लैक्मे है,कि ऊं ट किस करवट बैठता है? (छगन लाल भारद्वाज प्रधान संपादक,मो. नंबर -95090 70217)4
- गानों पर झूमे भक्त, पैदल यात्रियों की सेवा में जुटी रामदेव सेवा समिति बाबा के गानों पर झूमे भक्त, पैदल यात्रियों की सेवा में जुटी रामदेव सेवा समिति रिपोर्टर हडमतसिहं कुम्पावत सोमेसर @बुसी के वेरा नारायण सागर क्षेत्र में रामदेव सेवा समिति की ओर से पैदल यात्रियों के लिए सेवा शिविर लगाया गया। समिति के सदस्यों ने यात्रियों को चाय, पानी एवं नाश्ता उपलब्ध करवाकर सेवा का संकल्प निभाया। इस दौरान बाबा रामदेवजी के भजनों की धुन पर श्रद्धालु एवं समिति के कार्यकर्ता जमकर झूमे। भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पैदल यात्रियों ने भी सेवा व्यवस्था की सराहना करते हुए समिति के सदस्यों का आभार जताया। समिति के भक्तों ने बताया कि बाबा की भक्ति और सेवा भावना से प्रेरित होकर यात्रियों की सेवा की जा रही है।1
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- नाडोल अणसीबाई समाधि स्थल मंदिर ट्रस्ट ने...नाडोल अणसीबाई समाधि स्थल मंदिर ट्रस्ट ने रामदेवरा यात्रियों के लिए पेयजल व्यवस्था हेतु पानी टेंकर की व्यवस्था की। नाडोल अणसीबाई समाधि स्थल मंदिर ट्रस्ट ने रामदेवरा यात्रियों के लिए पेयजल व्यवस्था हेतु पानी टेंकर की व्यवस्था की।1
- बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।1