logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।

12 hrs ago
user_PMF NEWS
PMF NEWS
Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
12 hrs ago

बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हुआ बच्चे का भावुक वीडियो, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटे बच्चे को लेकर सड़क पर चलता दिखाई देता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों का दावा है कि बच्चा नेपाल की बाढ़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गया और अपनी छोटी बहन को लेकर उन्हें तलाश रहा है। वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक कर दिया और इसे नेपाल की बाढ़ त्रासदी से जोड़कर बड़े पैमाने पर शेयर किया जाने लगा। लेकिन वायरल दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और सामने आई। इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भावुक करने वाली किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी वास्तविक जगह और समय की पुष्टि करना कितना जरूरी है।
    1
    नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हुआ बच्चे का भावुक वीडियो, जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी बारिश के बीच सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा अपनी पीठ पर एक छोटे बच्चे को लेकर सड़क पर चलता दिखाई देता है। वीडियो देखने वाले कई लोगों का दावा है कि बच्चा नेपाल की बाढ़ में अपने माता-पिता से बिछड़ गया और अपनी छोटी बहन को लेकर उन्हें तलाश रहा है।
वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक कर दिया और इसे नेपाल की बाढ़ त्रासदी से जोड़कर बड़े पैमाने पर शेयर किया जाने लगा। लेकिन वायरल दावे की पड़ताल करने पर कहानी कुछ और सामने आई।
इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि भावुक करने वाली किसी भी तस्वीर या वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी वास्तविक जगह और समय की पुष्टि करना कितना जरूरी है।
    user_PMF NEWS
    PMF NEWS
    Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • ठाकुरजी मंदिरों में गूंजा ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’: जन्माष्टमी पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर, भजनों पर झूमे श्रद्धालु सुमेरपर: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को सुमेरपुर, तखतगढ़ शहर सहित उपखंड क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और देर रात तक धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा।तखतगढ़ के ठाकुरजी मंदिर को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। रात्रि में मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आए। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। जन्मोत्सव की रस्म पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। कान्हा को पालने में झूला झुलाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मंदिर में मौजूद रहे। इसी प्रकार सुमेरपुर के स्टेशन रोड स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जोधेश्वर महादेव मंदिर, रोकड़िया हनुमान मंदिर, साईं उद्यान सहित अन्य मंदिरों में भी आकर्षक सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों पर आधारित झांकियां सजाई गईं। महिलाओं ने कृष्ण भक्ति के भजनों पर नृत्य कर जन्माष्टमी का उत्साह मनाया।वहीं नोवी के राधे-कृष्ण मंदिर में भी मंदिर समिति के तत्वावधान में जन्माष्टमी पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और देर रात तक पूरा क्षेत्र कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।
    1
    ठाकुरजी मंदिरों में गूंजा ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’: जन्माष्टमी पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
सुमेरपर: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को सुमेरपुर, तखतगढ़ शहर सहित उपखंड क्षेत्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और देर रात तक धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा।तखतगढ़ के ठाकुरजी मंदिर को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। रात्रि में मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजनों की प्रस्तुतियां देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भजनों पर श्रद्धालु भी झूमते नजर आए। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर ‘आनंद के नंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। जन्मोत्सव की रस्म पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को पंजीरी और पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। कान्हा को पालने में झूला झुलाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक मंदिर में मौजूद रहे।
इसी प्रकार सुमेरपुर के स्टेशन रोड स्थित द्वारकाधीश मंदिर, जोधेश्वर महादेव मंदिर, रोकड़िया हनुमान मंदिर, साईं उद्यान सहित अन्य मंदिरों में भी आकर्षक सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों पर आधारित झांकियां सजाई गईं। महिलाओं ने कृष्ण भक्ति के भजनों पर नृत्य कर जन्माष्टमी का उत्साह मनाया।वहीं नोवी के राधे-कृष्ण मंदिर में भी मंदिर समिति के तत्वावधान में जन्माष्टमी पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और देर रात तक पूरा क्षेत्र कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • आज मंडवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लापसी बनाई गई कर्णेश्वर महादेव प्राणी गो सेवा समिति मंडवाड़ा गौशाला में और यह लापसी कल गो माता को खिलाई जाएगी आज मंडवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लापसी बनाई गई कर्णेश्वर महादेव प्राणी गौशाला में और यह लापसी कल गो माता को खिलाई जाएगी लापसी बनाने में श्रमदान अध्यक्ष शैतान सिंह राव कोषाध्यक्ष ललित भाई पुरोहित हिम्मत भाई सैन किशोर काकु मोमताजी पुरोहित व महिलाए भी शामिल रही
    1
    आज मंडवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लापसी  बनाई गई कर्णेश्वर महादेव प्राणी गो सेवा समिति मंडवाड़ा गौशाला में और यह लापसी कल गो माता को खिलाई जाएगी 
आज मंडवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लापसी  बनाई गई कर्णेश्वर महादेव प्राणी गौशाला में और यह लापसी कल गो माता को खिलाई जाएगी लापसी बनाने में श्रमदान अध्यक्ष शैतान सिंह राव कोषाध्यक्ष ललित भाई पुरोहित हिम्मत भाई सैन किशोर काकु मोमताजी पुरोहित व  महिलाए भी शामिल रही
    user_अशोक आलिका राणा
    अशोक आलिका राणा
    Local News Reporter सिरोही, सिरोही, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर के खिलाफ ग्रामीणों की आवाज बुलंद! माधोपुरा-भैंसवाड़ा के ग्रामीण SDM कार्यालय पहुंचे, सौंपा ज्ञापन स्मार्ट मीटर को लेकर माधोपुरा एवं भैंसवाड़ा के ग्रामवासियों ने आज SDM को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर हटाने और पुराने बिजली मीटर वापस लगाए जाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी मांग पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
    1
    स्मार्ट मीटर के खिलाफ ग्रामीणों की आवाज बुलंद! माधोपुरा-भैंसवाड़ा के ग्रामीण SDM कार्यालय पहुंचे, सौंपा ज्ञापन
स्मार्ट मीटर को लेकर माधोपुरा एवं भैंसवाड़ा के ग्रामवासियों ने आज SDM को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर हटाने और पुराने बिजली मीटर वापस लगाए जाने की मांग रखी। ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी मांग पर उचित कार्रवाई करने की अपील की।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
    user_Sona Ram
    Sona Ram
    आहोर, जालोर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • पाली में बांगड़ धर्मशाला में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित भव्य भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ​कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं: ​गायक राकेश प्रजापति एवं पार्टी: राकेश प्रजापति और उनकी टीम ने अपनी सुरीली आवाज में कृष्ण भजनों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा पंडाल 'जय श्री कृष्णा' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा। ​विक्रम सिंह राठौड़ की विशेष प्रस्तुति: लोकप्रिय गायक विक्रम सिंह राठौड़ ने भी अपने प्रसिद्ध भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रद्धालु झूमने और नाचने पर मजबूर हो गए। ​मनमोहक झांकियां: कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप और विभिन्न लीलाओं पर आधारित सुंदर झांकियां सजाई गईं। ​महाआरती और प्रसाद वितरण: मध्यरात्रि में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय महाआरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा गया।
    4
    पाली में बांगड़ धर्मशाला में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दौरान आयोजित भव्य भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
​कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
​गायक राकेश प्रजापति एवं पार्टी: राकेश प्रजापति और उनकी टीम ने अपनी सुरीली आवाज में कृष्ण भजनों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा पंडाल 'जय श्री कृष्णा' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा।
​विक्रम सिंह राठौड़ की विशेष प्रस्तुति: लोकप्रिय गायक विक्रम सिंह राठौड़ ने भी अपने प्रसिद्ध भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिससे श्रद्धालु झूमने और नाचने पर मजबूर हो गए।
​मनमोहक झांकियां: कार्यक्रम के दौरान भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप और विभिन्न लीलाओं पर आधारित सुंदर झांकियां सजाई गईं।
​महाआरती और प्रसाद वितरण: मध्यरात्रि में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय महाआरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा गया।
    user_Deepanshu lakhara
    Deepanshu lakhara
    Nurse पाली, पाली, राजस्थान•
    31 min ago
  • पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३,उम्मीदवार उमेश कुमार लखारा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया। पाली०४सितंबर।पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३भाजपा उमीदवार उमेश कुमार लखारा का चुनाव कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी,ने किया।साथ ही मंचासीन अतिथि ज्ञान चंद पारख, सुनील भंडारी, देवीलाल मेघवाल, पंकज ओझा,अशौक कुमार जौशी,प्रताप सिंह,हरबंश दवे,भंवर सिंह,तथा वार्डवासियों की उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहां कि आज मैंने एक भंवर राव की मिटीग का एक विडीयो देखा,जिसमे एक आदमी खड़ा होकर भंवर राव है बोला,कि तुम यहां से दो, तीन ‌बार‌ पार्षद बन गये,अब क्या यहां से पट्टा करवा रखा है।तो अब जनता पार्षद में परिवर्तन चाहतीं हैं।तो इस बार आप अपने मौहल्ले के समाजसेवी, वर्कर उमेश कुमार लखारा को भाजपा को अधिक से अधिक वोट देकर विजयी बनायेगे,तो बोर्ड का गठन होगा,और गठन होगा,तौ भाजपा की तिबल‌ इंजन की सरकार बनेगी तो विकास होगा। आपकी जानकारी के लिए बताये देते हैं,कि राजस्थान में भाजपा की सरकार है, मुख्यमंत्री भजनलाल जी कहां कि जो भाजपा के नैता है, उनके परिवार से किसी खड़ा करने की बजाय भाजपा के उम्मीदवार खड़े हैं,उनको भारी मतों से जिताने,ताकि नगर निगम चुनाव में प्रथम बार भाजपा का महापौर बनाया जा सकेगा।तो हमने हमारे परिवार के सदस्य को खड़ा नहीं किया। पाली भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने भी सभा को संबोधित करते हुए, उमेश कुमार लखारा को भाजपा से उमीदवार बनाया गया है।यह‌नैख निर्भीक, ईमानदार, समाज सेवी है।और आप इस बार उमेश कुमार लखारा को भाजपा से विजयी बनाकर नगर निगम चुनाव में भाजपा का बोर्ड का गठन होगा,कि तो तिपल इंजन की सरकार बनेगी। अंत में भाजपा चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया।लैक्मे है,कि ऊं ट किस करवट बैठता है? (छगन लाल भारद्वाज प्रधान संपादक,मो. नंबर -95090 70217)
    4
    पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३,उम्मीदवार उमेश कुमार लखारा के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया।
पाली०४सितंबर।पाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर ६३भाजपा उमीदवार उमेश कुमार लखारा का चुनाव कार्यालय का उद्घाटन पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, जिला अध्यक्ष सुनील भंडारी,ने किया।साथ ही मंचासीन अतिथि ज्ञान चंद पारख, सुनील भंडारी, देवीलाल मेघवाल, पंकज ओझा,अशौक कुमार जौशी,प्रताप सिंह,हरबंश दवे,भंवर सिंह,तथा वार्डवासियों की उपस्थिति रही। 
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने कहां कि आज मैंने एक भंवर राव की मिटीग का एक विडीयो देखा,जिसमे एक आदमी खड़ा होकर भंवर राव है बोला,कि तुम यहां से दो, तीन ‌बार‌ पार्षद बन गये,अब क्या यहां से पट्टा करवा रखा है।तो अब जनता पार्षद में परिवर्तन चाहतीं हैं।तो इस बार आप अपने मौहल्ले के समाजसेवी, वर्कर उमेश कुमार लखारा को भाजपा को अधिक से अधिक वोट देकर विजयी बनायेगे,तो बोर्ड का गठन होगा,और गठन होगा,तौ भाजपा की तिबल‌ इंजन की सरकार बनेगी तो विकास होगा।
आपकी जानकारी के लिए बताये देते हैं,कि राजस्थान में भाजपा की सरकार है, मुख्यमंत्री भजनलाल जी कहां  कि जो भाजपा के नैता है, उनके परिवार से किसी खड़ा करने की बजाय भाजपा के उम्मीदवार खड़े हैं,उनको भारी मतों से जिताने,ताकि नगर निगम चुनाव में प्रथम बार भाजपा का महापौर बनाया जा सकेगा।तो हमने हमारे परिवार के सदस्य को खड़ा नहीं किया।
पाली भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने भी सभा को संबोधित करते हुए, उमेश कुमार लखारा को भाजपा से उमीदवार बनाया गया है।यह‌नैख निर्भीक, ईमानदार, समाज सेवी है।और आप इस बार उमेश कुमार लखारा को भाजपा से विजयी बनाकर नगर निगम चुनाव में भाजपा का बोर्ड का गठन होगा,कि तो तिपल इंजन की सरकार बनेगी।
अंत में भाजपा चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया।लैक्मे है,कि ऊं ट किस करवट बैठता है?
(छगन लाल भारद्वाज प्रधान संपादक,मो. नंबर -95090 70217)
    user_CHHAGANLAL BHARDWAJ
    CHHAGANLAL BHARDWAJ
    पाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • जुक्कल हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलटी आरटीसी बस, चालक की मौत; 15 यात्री घायल कामारेड्डी, 4 सितंबर: कामारेड्डी जिले के जुक्कल मंडल अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-161 पर शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। जुक्कल चौराहे के पास हैदराबाद डिपो की एक आरटीसी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हो गए। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरटीसी की यह एक्सप्रेस बस यात्रियों को लेकर हैदराबाद से बिचकुंदा जा रही थी। जुक्कल चौराहे के समीप पहुंचते ही चालक का वाहन से नियंत्रण खो गया और बस सड़क किनारे पुलिया (कलवर्ट) की दीवार से टकराकर पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि 50 वर्षीय चालक आंजनेयुलु की मौके पर ही मौत हो गई। बस में सवार 15 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू कर यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचित किया। हादसे की खबर मिलते ही डीएसपी विट्ठल रेड्डी, सीआई रवि कुमार और एसआई मुरली ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मृतक चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा अस्पताल भेज दिया है, वहीं सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए बिचकुंदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
    1
    जुक्कल हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलटी आरटीसी बस, चालक की मौत; 15 यात्री घायल
कामारेड्डी, 4 सितंबर: कामारेड्डी जिले के जुक्कल मंडल अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-161 पर शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। जुक्कल चौराहे के पास हैदराबाद डिपो की एक आरटीसी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हो गए।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरटीसी की यह एक्सप्रेस बस यात्रियों को लेकर हैदराबाद से बिचकुंदा जा रही थी। जुक्कल चौराहे के समीप पहुंचते ही चालक का वाहन से नियंत्रण खो गया और बस सड़क किनारे पुलिया (कलवर्ट) की दीवार से टकराकर पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि 50 वर्षीय चालक आंजनेयुलु की मौके पर ही मौत हो गई। बस में सवार 15 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू कर यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचित किया। हादसे की खबर मिलते ही डीएसपी विट्ठल रेड्डी, सीआई रवि कुमार और एसआई मुरली ने घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस ने मृतक चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बांसवाड़ा अस्पताल भेज दिया है, वहीं सभी घायल यात्रियों को उपचार के लिए बिचकुंदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
    user_Ramesh Solanki
    Ramesh Solanki
    स्वतंत्र पत्रकार जालोर, जालोर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। अटके काम बनने के संकेत स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है। * बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं। * ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है। * नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है। जानकारों की सलाह यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।
    1
    बंदर का अंतिम संस्कार देखना माना जाता है अत्यंत दुर्लभ और शुभ: मान्यता, दूर होते हैं सारे कष्ट, घर में होता है धन का आगमन
सनातन धर्म और लोक मान्यताओं में वानर को पवनपुत्र हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में किसी मृत बंदर का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार होते देखना एक अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी शकुन माना गया है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के जानकारों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस दृश्य का साक्षी बनता है, उस पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है और उसके जीवन से दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।
अटके काम बनने के संकेत
स्थानीय धर्मविदों का कहना है कि बंदर की अंतिम यात्रा या दाह संस्कार देखने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है।
* बाधाओं से मुक्ति: वर्षों से अटके सरकारी, कानूनी या पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद स्वतः सुलझने लगते हैं।
* ग्रह शांति: कुंडली में शनि, राहु और मंगल से जुड़े क्रूर दोषों का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है।
* नकारात्मकता का नाश: घर में लंबे समय से चली आ रही अशांति, तनाव और कलह से राहत मिलती है।
आर्थिक तंगी से छुटकारा और धन लाभ
मान्यता है कि इस अलौकिक संयोग को देखने वाले जातक के जीवन में धन के नए स्रोत बनने लगते हैं। व्यापार में घाटा झेल रहे कारोबारियों को अचानक लाभ के अवसर मिलते हैं, पुराना कर्ज उतरने लगता है और परिवार में संपन्नता आती है।
जानकारों की सलाह
यदि रास्ते में कभी अनायास ही बंदर का अंतिम संस्कार या उसकी अंतिम यात्रा दिख जाए, तो व्यक्ति को तुरंत मार्ग पर रुककर सिर झुकाना चाहिए। दोनों हाथ जोड़कर मन ही मन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और प्रभु से अपने कष्टों के निवारण की प्रार्थना करनी चाहिए।
    user_PMF NEWS
    PMF NEWS
    Content Creator (YouTuber) बाली, पाली, राजस्थान•
    12 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.