logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जोगापट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विधायक ने पत्रकारों को धमकाया और अपने आदमियों से उनकी पिटाई करवाई। यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हुई, जहाँ विधायक पर पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप है।

6 hrs ago
user_M.A.P NETWORK
M.A.P NETWORK
Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
6 hrs ago

जोगापट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विधायक ने पत्रकारों को धमकाया और अपने आदमियों से उनकी पिटाई करवाई। यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में हुई, जहाँ विधायक पर पत्रकारों को निशाना बनाने का आरोप है।

More news from बिहार and nearby areas
  • बेतिया व्यवहार न्यायालय ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को पश्चिम चंपारण के भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2025 में एक जनसभा के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल पर "तेल चोर" सहित अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में बेतिया फ्लाईओवर ब्रिज के कथित गलत अलाइनमेंट के संदर्भ में भी उन्होंने सांसद पर निजी लाभ के लिए कार्य करने तथा "टूटपुंजिया नेता" जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। इन बयानों को मानहानिकारक बताते हुए सांसद एवं लोकसभा सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने बेतिया व्यवहार न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और प्रशांत किशोर को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सांसद के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा ने मीडिया को जानकारी दी कि दायर परिवाद में यह आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से सांसद की व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि के साथ-साथ उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए मानहानि का दावा किया गया है।
    1
    बेतिया व्यवहार न्यायालय ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को पश्चिम चंपारण के भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने सितंबर 2025 में एक जनसभा के दौरान सांसद डॉ. संजय जायसवाल पर "तेल चोर" सहित अन्य आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसके अतिरिक्त, अगस्त 2025 में बेतिया फ्लाईओवर ब्रिज के कथित गलत अलाइनमेंट के संदर्भ में भी उन्होंने सांसद पर निजी लाभ के लिए कार्य करने तथा "टूटपुंजिया नेता" जैसे शब्दों का प्रयोग किया था।

इन बयानों को मानहानिकारक बताते हुए सांसद एवं लोकसभा सचेतक डॉ. संजय जायसवाल ने बेतिया व्यवहार न्यायालय में एक परिवाद दायर किया था। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया और प्रशांत किशोर को अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सांसद के अधिवक्ता चंद्रिका कुशवाहा ने मीडिया को जानकारी दी कि दायर परिवाद में यह आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से सांसद की व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि के साथ-साथ उनके पूरे परिवार की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए मानहानि का दावा किया गया है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • कई वर्षों से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सेब की पहचान अब बदल रही है, क्योंकि बिहार की धरती पर भी लाल सेबों की बंपर पैदावार हो रही है। पश्चिम चम्पारण के किसान इस बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जिससे बिहार अब सेब उत्पादन की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। पश्चिम चम्पारण के साथ-साथ गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे कई जिलों में किसान अब व्यावसायिक स्तर पर सेब की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड स्थित बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे ने दो साल पहले करीब 70 सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हुए हैं। प्रत्येक पेड़ से 8 से 10 किलो तक सेब का उत्पादन हो रहा है, जिनकी गुणवत्ता, मिठास, रंग और आकार किसी भी पहाड़ी प्रदेश में उगने वाले सेब से कम नहीं है। शिशिर दूबे के अनुसार, शुरुआत में बिहार की गर्म जलवायु में सेब की खेती की सफलता पर लोगों को विश्वास नहीं था, लेकिन अब दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने और खेती की तकनीक जानने आ रहे हैं। इस अभियान में बेतिया शहर के व्यवसायी मेराजुल हक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने पर्यावरण प्रेम के चलते अपने आवास और परिसर में सेब के कई पौधे लगाए, जो अब फल दे रहे हैं। उनका मानना है कि फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। पश्चिम चम्पारण में मझौलिया के रविकांत पांडे और रामनगर के विजय गिरी जैसे अन्य किसान भी सेब की खेती में सफलता हासिल कर रहे हैं, जिनके बागानों में दर्जनों पौधे लगातार फल दे रहे हैं। बिहार में उगाए जा रहे सेब की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय से पहले उपलब्धता है। जहां हिमाचल और कश्मीर में सेब की कटाई सितंबर और अक्टूबर में होती है, वहीं बिहार में जून और जुलाई तक इसकी तुड़ाई पूरी हो जाती है। इससे किसानों को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि उनका उत्पाद बाजार में दो महीने पहले पहुंच जाता है और उन्हें बेहतर कीमतें मिलती हैं। वर्तमान में पश्चिम चम्पारण में ये सेब ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि कई जगहों पर इसकी कीमत ₹250 प्रति किलो तक पहुंच रही है। यह सेब बेहद मीठा, रसीला और आकर्षक लाल रंग का होता है, जो पकने पर पूरी तरह लाल हो जाता है। किसानों द्वारा उगाई जा रही सेब की यह विशेष किस्म HRMN-99 (हरमन-99) है, जिसे विशेष रूप से गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किस्म 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी आसानी से विकसित होती है और पौधारोपण के एक से दो वर्ष के भीतर ही फल देना शुरू कर देती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किस्म बिहार के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर लाभ देने की क्षमता रखती है। यदि सरकारी स्तर पर तकनीकी सहायता और बाजार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बिहार भविष्य में सेब उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। पश्चिम चम्पारण में सेब के पौधे खेती में नवाचार और नई सोच से असंभव को संभव बनाने का प्रमाण हैं, जो बिहार में सेब उत्पादन की एक नई कहानी लिख रहे हैं। कभी पहाड़ों की पहचान माना जाने वाला सेब अब बिहार की मिट्टी में भी सफलता की नई फसल बन चुका है और यह बिहार का लाल सेब अब देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
    1
    कई वर्षों से कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सेब की पहचान अब बदल रही है, क्योंकि बिहार की धरती पर भी लाल सेबों की बंपर पैदावार हो रही है। पश्चिम चम्पारण के किसान इस बदलाव की नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जिससे बिहार अब सेब उत्पादन की दिशा में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। पश्चिम चम्पारण के साथ-साथ गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे कई जिलों में किसान अब व्यावसायिक स्तर पर सेब की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।

पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड स्थित बैकुंठवा गांव के किसान शिशिर दूबे ने दो साल पहले करीब 70 सेब के पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हुए हैं। प्रत्येक पेड़ से 8 से 10 किलो तक सेब का उत्पादन हो रहा है, जिनकी गुणवत्ता, मिठास, रंग और आकार किसी भी पहाड़ी प्रदेश में उगने वाले सेब से कम नहीं है। शिशिर दूबे के अनुसार, शुरुआत में बिहार की गर्म जलवायु में सेब की खेती की सफलता पर लोगों को विश्वास नहीं था, लेकिन अब दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने और खेती की तकनीक जानने आ रहे हैं। इस अभियान में बेतिया शहर के व्यवसायी मेराजुल हक भी शामिल हुए हैं, जिन्होंने पर्यावरण प्रेम के चलते अपने आवास और परिसर में सेब के कई पौधे लगाए, जो अब फल दे रहे हैं। उनका मानना है कि फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी कमाया जा सकता है। पश्चिम चम्पारण में मझौलिया के रविकांत पांडे और रामनगर के विजय गिरी जैसे अन्य किसान भी सेब की खेती में सफलता हासिल कर रहे हैं, जिनके बागानों में दर्जनों पौधे लगातार फल दे रहे हैं।

बिहार में उगाए जा रहे सेब की सबसे बड़ी खासियत इसकी समय से पहले उपलब्धता है। जहां हिमाचल और कश्मीर में सेब की कटाई सितंबर और अक्टूबर में होती है, वहीं बिहार में जून और जुलाई तक इसकी तुड़ाई पूरी हो जाती है। इससे किसानों को सीधा फायदा मिलता है क्योंकि उनका उत्पाद बाजार में दो महीने पहले पहुंच जाता है और उन्हें बेहतर कीमतें मिलती हैं। वर्तमान में पश्चिम चम्पारण में ये सेब ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि कई जगहों पर इसकी कीमत ₹250 प्रति किलो तक पहुंच रही है। यह सेब बेहद मीठा, रसीला और आकर्षक लाल रंग का होता है, जो पकने पर पूरी तरह लाल हो जाता है।

किसानों द्वारा उगाई जा रही सेब की यह विशेष किस्म HRMN-99 (हरमन-99) है, जिसे विशेष रूप से गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों के लिए विकसित किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह किस्म 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक की भीषण गर्मी में भी आसानी से विकसित होती है और पौधारोपण के एक से दो वर्ष के भीतर ही फल देना शुरू कर देती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किस्म बिहार के किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत बन सकती है, क्योंकि यह पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर लाभ देने की क्षमता रखती है। यदि सरकारी स्तर पर तकनीकी सहायता और बाजार की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो, तो बिहार भविष्य में सेब उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकता है। पश्चिम चम्पारण में सेब के पौधे खेती में नवाचार और नई सोच से असंभव को संभव बनाने का प्रमाण हैं, जो बिहार में सेब उत्पादन की एक नई कहानी लिख रहे हैं। कभी पहाड़ों की पहचान माना जाने वाला सेब अब बिहार की मिट्टी में भी सफलता की नई फसल बन चुका है और यह बिहार का लाल सेब अब देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।
    3
    कुशीनगर के दुदही ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा चिरकुटहा की मुसहर समुदाय की महिलाओं ने, मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में, जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने 'नवीन परती' भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए हैं, और जब महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए कार्रवाई की मांग की, तो प्रधान ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस प्रताड़ना के चलते महिलाएं गांव छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेयर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ सांठगांठ कर फर्जी पट्टे कर दिए थे। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गांव के लोगों ने पहले भी इन फर्जी पट्टों को रद्द करने के लिए राजस्व विभाग और डीएम को पत्र दिया था। इस बात की जानकारी होने पर ग्राम प्रधान ने गांव की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

महिलाओं ने डीएम से फर्जी पट्टों को तुरंत रद्द करने और दोषी ग्राम प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे प्रधान के उत्पीड़न के कारण गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगी। इस अवसर पर मुसहर मंच कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित बड़ी संख्या में मुसहर समुदाय की महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के फरमान के बावजूद, निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बाजपट्टी बाजार में महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की जयंती का आयोजन 10 जून को किया जाएगा।
    1
    बाजपट्टी बाजार में महाराजा सुहेलदेव राजभर जी की जयंती का आयोजन 10 जून को किया जाएगा।
    user_Raviteja Rajbhar
    Raviteja Rajbhar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • कुशीनगर में मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। इन महिलाओं ने ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद पर नवीन परती भूमि पर फर्जी पट्टा करने, और इसका विरोध करने पर उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ देने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि प्रधान की इस प्रताड़ना के कारण वे अपना गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएँ देने के फरमान के बावजूद निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है। महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुदही ब्लॉक के ग्रामसभा चिरकुटहा में गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेअर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ साँठगाँठ कर फर्जी पट्टा कर दिया था। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गाँव के लोगों ने राजस्व विभाग से इस फर्जी पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई के लिए पहले भी जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद पट्टा तो निरस्त नहीं हुआ, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने गाँव की महिलाओं को न केवल भद्दी गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे तंग आकर गाँव छोड़ने को विवश हो गई हैं। पीड़ित महिलाओं ने इस पूरे प्रकरण में फर्जी पट्टे को तत्काल निरस्त करते हुए दोषी ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधान की प्रताड़ना के कारण मजबूरीवश उन्हें गाँव से पलायन करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुसहर मंच की कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित कई मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
    2
    कुशीनगर में मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद के नेतृत्व में मुसहर समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को ज्ञापन सौंपा है। इन महिलाओं ने ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद पर नवीन परती भूमि पर फर्जी पट्टा करने, और इसका विरोध करने पर उन्हें भद्दी-भद्दी गालियाँ देने व जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। महिलाओं का कहना है कि प्रधान की इस प्रताड़ना के कारण वे अपना गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा मुसहर समुदाय को मूलभूत सुविधाएँ देने के फरमान के बावजूद निचले स्तर पर उनकी उपेक्षा हो रही है।

महिलाओं द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि दुदही ब्लॉक के ग्रामसभा चिरकुटहा में गाटा संख्या 528/0.0690 हेक्टेअर नवीन परती भूमि पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने कुछ लोगों के साथ साँठगाँठ कर फर्जी पट्टा कर दिया था। मुसहर मंच के जिलाध्यक्ष राजीव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि गाँव के लोगों ने राजस्व विभाग से इस फर्जी पट्टे को निरस्त करने की कार्रवाई के लिए पहले भी जिलाधिकारी को पत्र दिया था। इसके बाद पट्टा तो निरस्त नहीं हुआ, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान शारदा प्रसाद ने गाँव की महिलाओं को न केवल भद्दी गालियाँ दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे वे तंग आकर गाँव छोड़ने को विवश हो गई हैं।

पीड़ित महिलाओं ने इस पूरे प्रकरण में फर्जी पट्टे को तत्काल निरस्त करते हुए दोषी ग्राम प्रधान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो प्रधान की प्रताड़ना के कारण मजबूरीवश उन्हें गाँव से पलायन करना पड़ेगा। इस अवसर पर मुसहर मंच की कोषाध्यक्ष दुर्गा देवी, सदस्य मनिता देवी, प्रेमी देवी, सुशीला देवी, समाजसेवी दिनेश प्रसाद और रामबहाल सिंह सहित कई मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
    user_Ajeet kumar gond
    Ajeet kumar gond
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने एक अप्रत्याशित घटना में अपनी ही पार्टी, भाजपा, पर निशाना साधा। उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर हमला करना था, लेकिन उन्होंने अप्रत्याशित रूप से भाजपा को ही 'रेल' दिया।
    1
    भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने एक अप्रत्याशित घटना में अपनी ही पार्टी, भाजपा, पर निशाना साधा। उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर हमला करना था, लेकिन उन्होंने अप्रत्याशित रूप से भाजपा को ही 'रेल' दिया।
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • बेतिया के मंडल कारा में बंद गोपालपुर थाना क्षेत्र निवासी भूलन साह (35) की जीएमसीएच बेतिया में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद उनके परिजनों ने उत्पाद विभाग के कर्मियों पर गिरफ्तारी के दौरान मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि इस मारपीट के कारण ही भूलन साह की तबीयत बिगड़ी और अंततः उनकी मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग ने 9 जून को भूलन साह को सिकटा थाना क्षेत्र से कथित तौर पर नशे की हालत में गिरफ्तार किया था और उन्हें मंडल कारा भेज दिया था। बताया गया कि 10 जून को जेल में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद कारा प्रशासन ने उन्हें जीएमसीएच बेतिया के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 12 जून को करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई और मृत्यु के बाद ही कारा प्रशासन द्वारा सूचित किया गया। परिजनों के अनुसार, 10 जून को ही भूलन साह की जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन दिया गया था और जमानत राशि भी जमा कर दी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 9 जून को भूलन साह अपने ससुराल मंगलपुर घरारी में जमीन खरीदने के सिलसिले में गए थे और उनके पास करीब दो लाख रुपये नकद थे, साथ ही एक मोबाइल फोन भी था, जो गिरफ्तारी के बाद से लापता है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए मारपीट और नकदी गायब होने के आरोपों तथा अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मृतक की पत्नी लीलावती देवी ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं—प्रमोद कुमार (10 वर्ष), अखिलेश कुमार (8 वर्ष) एवं छबीला कुमार (6 वर्ष)। उन्होंने बताया कि भूलन साह मछली खरीद-बिक्री का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, और उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और रुपये गायब होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    1
    बेतिया के मंडल कारा में बंद गोपालपुर थाना क्षेत्र निवासी भूलन साह (35) की जीएमसीएच बेतिया में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद उनके परिजनों ने उत्पाद विभाग के कर्मियों पर गिरफ्तारी के दौरान मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि इस मारपीट के कारण ही भूलन साह की तबीयत बिगड़ी और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग ने 9 जून को भूलन साह को सिकटा थाना क्षेत्र से कथित तौर पर नशे की हालत में गिरफ्तार किया था और उन्हें मंडल कारा भेज दिया था। बताया गया कि 10 जून को जेल में उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके बाद कारा प्रशासन ने उन्हें जीएमसीएच बेतिया के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 12 जून को करीब 1:30 बजे उनकी मौत हो गई, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई और मृत्यु के बाद ही कारा प्रशासन द्वारा सूचित किया गया। परिजनों के अनुसार, 10 जून को ही भूलन साह की जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन दिया गया था और जमानत राशि भी जमा कर दी गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 9 जून को भूलन साह अपने ससुराल मंगलपुर घरारी में जमीन खरीदने के सिलसिले में गए थे और उनके पास करीब दो लाख रुपये नकद थे, साथ ही एक मोबाइल फोन भी था, जो गिरफ्तारी के बाद से लापता है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए मारपीट और नकदी गायब होने के आरोपों तथा अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मृतक की पत्नी लीलावती देवी ने बताया कि उनके तीन पुत्र हैं—प्रमोद कुमार (10 वर्ष), अखिलेश कुमार (8 वर्ष) एवं छबीला कुमार (6 वर्ष)। उन्होंने बताया कि भूलन साह मछली खरीद-बिक्री का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, और उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और रुपये गायब होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। यह जागरूकता रैली प्रातः 10:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू होकर थाना रवीन्द्रनगर तक निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आमजन ने भाग लिया। रैली के माध्यम से जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने भी लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में शामिल होकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का अनुरोध किया। इस जागरूकता रैली में रामप्रताप सिंह (संस्था अध्यक्ष), सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय, पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
    3
    अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जनपद कुशीनगर में बाल श्रम उन्मूलन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया गया। यह जागरूकता रैली प्रातः 10:00 बजे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर से शुरू होकर थाना रवीन्द्रनगर तक निकाली गई, जिसे जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं और आमजन ने भाग लिया। रैली के माध्यम से जनसामान्य को बाल श्रम के दुष्परिणामों, बच्चों के शिक्षा के अधिकार और बाल श्रम निषेध संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार के बाल श्रम को बढ़ावा न दें और बच्चों को शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराने में सहयोग करें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने भी लोगों से इस जन-जागरूकता अभियान में शामिल होकर बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का अनुरोध किया।

इस जागरूकता रैली में रामप्रताप सिंह (संस्था अध्यक्ष), सुनील कुमार चौहान, जयवर्धन चौहान, सुमन पांडे, लक्ष्मी रावत, नवीन पांडे, आलोक उपाध्याय, अनिल कुमार, शशिशेखर मिश्रा, प्रभाकर उपाध्याय, पंकज कुमार खरवार सहित कई अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
    1
    कुशीनगर के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दिल का दौरा पड़ने से एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली और इलाज में भी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। गुस्से में आए परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की और स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट भी की, जिसमें एक चिकित्सक सहित कुल चार स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए।

इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति और अस्पतालों में सुरक्षा के इंतज़ामों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यदि परिजनों को इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या एम्बुलेंस सेवा में देरी की शिकायत थी, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए। लेकिन किसी भी सूरत में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि ये लोग संकट के समय में लोगों की जान बचाने का काम करते हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या गुस्से में आकर कानून को अपने हाथ में लेना किसी समस्या का समाधान हो सकता है, या फिर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए? अस्पताल को रणक्षेत्र बना देने से न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी होती है, बल्कि इससे अन्य ज़रूरतमंद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
    user_जुगनू शर्मा
    जुगनू शर्मा
    Photographer पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.