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Raju.u.p.44
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- Raju.u.p.44सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेशradhe radhe2 hrs ago
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- Post by संदीप यादव संदीप यादव1
- फोन से युवक को दी गई धमकी युवक नें लगाई न्याय की गुहार सुलतानपुर मोतिगर पुर की घटना1
- अंबेडकर नगर मीरानपुर मुरादपुर मोहल्ले में आज दिनांक दो अप्रैल दो हजार छब्बीस दिन शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है एक ही घर के अंदर चार मासूमों के शव मिलने से सनसनी फैल गई है बताया जा रहा है की अंदर का दरवाजा बंद था जबकी बच्चों की मां घर से लापता बताई जा रही है जिला अंबेडकर नगर पुलिस अधीक्षक की बाइट1
- *दिनांक 01-05-2026 थाना कोतवाली देहात, जनपद सुल्तानपुर, रात्रि लगभग 9:30 बजे कमनगढ़ बाईपास, अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर एक ट्रक, जिसकी संख्या UP 55 GT 9351 व एक अर्टिगा गाड़ी, जिसकी संख्या UP 65 EH 9489 है, का एक्सीडेंट हो गया। इसमें अर्टिगा में सवार 6 लोगों को चोट लग गई। सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस फ़ोर्स घटनास्थल पर पहुँची तथा घायलों को ज़िला अस्पताल पहुँचाया गया। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू किया गया। दोनों गाड़ियों को कब्ज़े में ले लिया गया है। चोटें ज़्यादा थीं, तो घायलों को लखनऊ रेफर कर दिया गया है। तहरीर के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।* *उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी लम्भुआ श्री रितिक कपूर की बाइटः-*1
- दो ईमानदार अधिकारियों की एंट्री से जगी उम्मीद, समाधान दिवस में बदली तस्वीर *लम्भुआ, सुलतानपुर।* तहसील लम्भुआ में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार आम दिनों से अलग नजर आया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारु निगम की मौजूदगी ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता बढ़ाई, बल्कि फरियादियों के बीच एक नई उम्मीद भी जगाई। दोनों अधिकारियों का सख्त और सक्रिय रवैया लोगों को यह विश्वास दिलाने में सफल रहा कि अब उनकी समस्याओं का समाधान टालमटोल के बजाय मौके पर ही संभव हो सकता है। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों ने खुलकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। खास बात यह रही कि कई मामलों में अधिकारियों ने तत्काल संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देकर मौके पर ही निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई। इससे लोगों को पहली बार यह एहसास हुआ कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और समझा जा रहा है। फरियादियों का कहना है कि पहले शिकायतें दर्ज तो हो जाती थीं, लेकिन उनके समाधान में लंबा समय लग जाता था या फिर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे। इस बार स्थिति अलग दिखी, जहां अधिकारियों ने सीधे संवाद कर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का भरोसा दिया। इससे प्रशासन की कार्यशैली में बदलाव का संकेत भी मिला है। डीएम और एसपी की संयुक्त उपस्थिति ने विभागीय अधिकारियों में भी जवाबदेही बढ़ाई है। मौके पर ही फटकार और निर्देश मिलने से संबंधित कर्मियों में सतर्कता देखी गई। यह साफ संकेत है कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि इस एक्शन मोड का असर लंबे समय तक बना रहता है या नहीं। फिलहाल, जनता की निगाहें प्रशासन की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं। अगर इसी तरह पारदर्शिता और तत्परता बनी रही, तो निश्चित ही आम जनता को राहत मिलेगी और समाधान दिवस की उपयोगिता भी सार्थक साबित होगी।4
- अमेठी तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक वरासत से जुड़े मामले में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने कड़ा रुख अपनाया। शिकायत लेकर पहुंची एक बुजुर्ग महिला ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि वह पिछले कई महीनों से अपने पति की मृत्यु के बाद वरासत दर्ज कराने के लिए लेखपाल और कानूनगो के कार्यालयों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। महिला ने बताया कि संबंधित अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं, जिससे उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस में सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा रखने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। जिलाधिकारी संजय चौहान ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित लेखपाल को फटकार लगाई और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को निर्देशित किया कि मामले की विस्तृत जांच कर शीघ्र आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वरासत जैसे संवेदनशील मामलों में अनावश्यक देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को भी निर्देश दिए कि वृद्ध महिला को शीघ्र न्याय दिलाया जाए और यदि जांच में लेखपाल व कानूनगो दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई से जहां प्रशासन की सक्रियता नजर आई, वहीं संपूर्ण समाधान दिवस में आए अन्य फरियादियों को भी उम्मीद जगी कि उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।1
- सिस्टम की नाकामी 19300 के लिए डेड बॉडी लेकर आए बहन की एक भाई1