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उत्तर प्रदेश के बदायूं में अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में होने वाले प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कई सपा नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। नेताओं को बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं और अखिलेश यादव की हिरासत के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है।
JOURNALIST REETESH CHAUHAN
उत्तर प्रदेश के बदायूं में अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में होने वाले प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कई सपा नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। नेताओं को बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं और अखिलेश यादव की हिरासत के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जंतर-मंतर पर एक बार फिर भारी बवाल देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर सरकार डरी हुई नजर आ रही है। जंतर-मंतर पर हुए इस हंगामे के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे। कॉक्रोच जनता पार्टी के इस कदम और जंतर-मंतर पर मचे बवाल के बाद विरोध और तेज हो गया है।1
- बदायूं के थाना दातागंज पुलिस द्वारा पुलिस मुठभेड़ के दौरान 25,000 रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई और गिरफ्तारी के संबंध में क्षेत्राधिकारी दातागंज श्री आशेषनाथ सिंह द्वारा बयान जारी कर जानकारी दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। बदायूं के सहसवान में पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफ़िज़ इरफ़ान ने उपजिलाधिकारी सहसवान के माध्यम से प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित यह ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहाँ हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों व कर्मचारियों के भविष्य तथा प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। हाफ़िज़ इरफ़ान ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मुहम्मद अली जौहर के नाम पर की गई है, इसलिए इस प्रकरण के सभी कानूनी, संवैधानिक और मानवीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश पर तुरंत रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायसंगत समीक्षा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए शिक्षा संस्थानों से जुड़े निर्णय विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ही लिए जाने चाहिए। इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान गुलफाम सिंह यादव, रज़ी अहमद राजू, मुकर्रम अंसारी, अजमल हुसैन, एडवोकेट क़सीम सरवर, शोएब अहमद शब्बू, हाफ़िज़ आतिफ रज़ा, शानू प्रधान बाग़वाला और मुबीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।2
- बदायूं के दातागंज अंतर्गत मोहल्ला गौस नगर वार्ड नंबर 17 में बारिश का पानी लगातार जमा रहने से समस्या बनी हुई है। इलाके में एक तय सीमा तक तो सड़क का निर्माण करा दिया गया है, लेकिन उससे आगे सड़क नहीं बनाई गई है। आगे सड़क न बनने के कारण ही मोहल्ले में लगातार बारिश के पानी का भराव बना रहता है।2
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में होने वाले प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने कई सपा नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है। नेताओं को बाहर निकलने से रोकने के लिए उनके आवासों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं और अखिलेश यादव की हिरासत के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया है।1
- बदायूं जिले के उसावा थाना क्षेत्र स्थित निरंजन नगला गांव में कृष्णपाल (पुत्र इतवारी लाल) के घर में देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में मकान के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। कृष्णपाल ने बताया कि देर रात घर में आग लगने के बाद उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और पुलिस को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार के सदस्यों को सुरक्षित निकाला, जिसके बाद गांव और मोहल्ले के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस अग्निकांड में 50,000 रुपये नकद, खाने-पीने का अनाज, कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग की सभी सामग्रियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। कृष्णपाल के अनुसार परिवार के सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है, हालांकि उनका घर और राशन पूरी तरह खत्म हो चुका है। पीड़ित ने सरकार से हुए नुकसान की भरपाई के लिए समय पर मुआवजे की मांग की है।3