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वाराणसी के चौबेपुर स्थित स्व० सूबेदार सिंह स्मृति महिला महाविद्यालय कटेसर कलां में उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक पेड़ माँ के नाम' योजना के अंतर्गत 'वृहत वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम के शुभारंभ पर महाविद्यालय के प्रबंधक अमित कुमार सिंह सन्नी, सचिव अनुज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. स्वतंत्र कुमार सिंह और प्राचार्या डॉ. पुष्पा सिंह ने उपस्थित सभी स्वयं सेविकाओं को पर्यावरण संरक्षण की गंभीर शपथ दिलाई।
NEWS 2 INDIA (NTI)
वाराणसी के चौबेपुर स्थित स्व० सूबेदार सिंह स्मृति महिला महाविद्यालय कटेसर कलां में उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक पेड़ माँ के नाम' योजना के अंतर्गत 'वृहत वृक्षारोपण महायज्ञ 2026' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम के शुभारंभ पर महाविद्यालय के प्रबंधक अमित कुमार सिंह सन्नी, सचिव अनुज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. स्वतंत्र कुमार सिंह और प्राचार्या डॉ. पुष्पा सिंह ने उपस्थित सभी स्वयं सेविकाओं को पर्यावरण संरक्षण की गंभीर शपथ दिलाई।
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- उत्तर प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहन में मौजूद अधिवक्ता रवि गौतम के साथ एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय द्वारा कथित मारपीट और संबंधित पुलिस कार्रवाई के मामले में केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा की गई शिकायत पर की गई है, जिसके बाद आयोग ने केस संख्या 14615/24/54/2026 दर्ज किया है। अमिताभ ठाकुर ने अपनी शिकायत में इस घटना से जुड़े वीडियो एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने, अधिवक्ता रवि गौतम का स्वतंत्र बयान दर्ज कराने और पूरे मामले की मेरठ पुलिस से स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस के प्रभावी नियंत्रण में मौजूद किसी भी व्यक्ति के साथ किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा कथित तौर पर मारपीट किया जाना गंभीर मानवाधिकार और पुलिस जवाबदेही का विषय है। उन्होंने आयोग से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर उत्तरदायित्व निर्धारित करने और दोषियों के खिलाफ समुचित कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।2
- बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के बुर्ज उस्मान मुहल्ले में 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आए पोते को बचाने के प्रयास में दादा की करंट लगने से मौत हो गई। शुक्रवार को बरसात के कारण स्कूल बंद होने की वजह से 12 वर्षीय अहद अपने घर की छत पर अकेला पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान उसकी पतंग मकान के बाहर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अटक गई। अहद ने लोहे के पाइप से पतंग उतारने का प्रयास किया, जिससे पाइप तार से छूते ही तेज धमाका हुआ और वह करंट की चपेट में आ गया। धमाके की आवाज सुनकर नीचे बैठे 65 वर्षीय दादा इसरार तुरंत छत की ओर भागे। उन्होंने जैसे ही अपने पोते को बचाने के लिए उठाया, वे खुद भी करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। परिजन दोनों को तुरंत जटिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इसरार को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसे अहद को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस हादसे के वक्त अहद के पिता अबरार पॉटरी में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और ऊर्जा निगम के कर्मचारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की। अधीक्षण अभियंता प्रथम हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर द्वारा लोहे के पाइप से पतंग उतारने के प्रयास के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें उसे बचाने गए दादा की जान चली गई। एसडीओ ने इस घटना के संबंध में स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया है और आम जनता से अपील की है कि वे कभी भी हाईटेंशन लाइन से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया। समापन समारोह से पहले बीएड प्रशिक्षुओं ने सर्व धर्म प्रार्थना सभा के बाद ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने तम्बू निर्माण किया और रंगोली बनाई, जिसके बाद प्रशिक्षकों ने उन्हें दीक्षा दिलाई। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद बीएड प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने प्रशिक्षुओं के मंगल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी प्रवक्ता डॉ. राजमन प्रसाद ने की और संचालन प्रशिक्षक मदन चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त रितेशनी मिश्रा, प्रशिक्षिका कुसुम लता, रीना मौर्या, शिवांगी, प्रीति, रूबी, रविन्द्र कुमार, मनीष, रवि, राजेश, सतीश पटेल, नवीन मौर्य और राम प्रवेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी के सदर स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने स्काउटिंग और गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और कौशल का अभ्यास किया।1
- चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।1
- वाराणसी से अयोध्या जंक्शन जा रही मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 कोच में सफर कर रहे एक परिवार को दबंगई और गंभीर बदसलूकी का सामना करना पड़ा। 10 जून 2026 को हुई इस घटना में, पीड़ित परिवार के पास लोअर बर्थ की सीट संख्या 17 और 20 का कंफर्म टिकट था। लेकिन सीट संख्या 18, 19, 21 और 22 पर पहले से अवैध कब्जा जमाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें अपनी ही सीट पर बैठने से रोक दिया। विरोध करने पर उन लोगों ने पीड़ित परिवार को 'गंवार' बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और टिकट दिखाने के बाद भी लगातार बदतमीजी की। अगल-बगल के यात्रियों के समझाने पर पीड़ित परिवार को बैठने की जगह तो मिल गई, लेकिन आरोपियों ने उनका बैग सीट के नीचे रखने से मना कर दिया और उसे गोद में लेकर बैठने को कहा, जबकि उनका अपना सामान पूरी सीट पर भरा हुआ था। हद तो तब हो गई जब सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को इन लोगों ने बार-बार धक्का दिया और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित के अनुसार, इन 4 सीटों पर कुल 6 लोग दादागिरी करते हुए यात्रा कर रहे थे, जिनमें से दो लोग नशे की हालत में लग रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के कारण पीड़ित परिवार को भारी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित ने इस संबंध में रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब आरोपी ट्रेन से उतर चुके थे और पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब वे कुछ नहीं कर सकते। वाराणसी से अयोध्या तक पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन में कोई टीटीई या रेलवे स्टाफ नहीं चढ़ा, जिससे ये लोग पकड़े नहीं जा सके। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से निराश पीड़ित ने मांग की है कि रेलवे के पास बर्थ नंबर 18, 19, 21 और 22 के यात्रियों का जो विवरण है, उसके आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ये लोग किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न कर सकें।1