Shuru
Apke Nagar Ki App…
गाजियाबाद के आकाश नगर कॉलोनी मे भव्य भागवत कथा का आयोजन
पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी
गाजियाबाद के आकाश नगर कॉलोनी मे भव्य भागवत कथा का आयोजन
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- गाजियाबाद में झुग्गियों और कबाड़ गोदाम में भीषण आग इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में झुग्गियों, कबाड़ के गोदाम में लगी आग आग लगते ही इलाके में चारों तरफ फैली तेज लपटें सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं आग पर काबू पाने का प्रयास लगातार जारी है3
- गाज़ियाबाद की आग: हादसा या सुनियोजित साज़िश,आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। कबाड़ियों के गोदाम एवं झुग्गी-झोपड़ियों में विशेष रिपोर्ट: पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत कनावनी गांव के पास स्थित कबाड़े के गोदाम झुग्गी-झोपड़ियों में लगी हालिया भीषण आग ने एक बार फिर OGW नेटवर्क और झुग्गी क्लस्टर पर उठते गंभीर सवाल,उन सवालों को जिंदा कर दिया है, जो पिछले कई वर्षों से दबे हुए थे, लेकिन हर नई घटना के साथ फिर सतह पर आ जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिलसिला है जो समय-समय पर दोहराया जाता रहा है और हर बार कारण अलग-अलग बताकर मामला ठंडा कर दिया जाता है। कभी इसे शॉर्ट सर्किट कहा जाता है, कभी सिलेंडर ब्लास्ट, तो कभी गर्मी का असर, लेकिन लगातार दोहराती घटनाएं अब संयोग से ज्यादा कुछ प्रतीत होने लगी हैं। कनावनी, इंदिरापुरम, कौशांबी से लेकर गाजीपुर मंडी और आसपास के डेरी क्षेत्रों तक फैले झुग्गी क्लस्टर्स को अगर एक साथ जोड़कर देखा जाए, तो एक ऐसा भूगोल सामने आता है जहां आबादी घनी है, निगरानी सीमित है और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया कमजोर मानी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए लंबे समय तक बिना ध्यान आकर्षित किए रहना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। यही वह बिंदु है जहां से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता शुरू होती है, खासकर तब जब हाल के दिनों में कौशांबी क्षेत्र से कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हों और “ओवर ग्राउंड वर्कर” यानी OGW नेटवर्क की चर्चा तेज हुई हो। OGW शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो किसी बड़े नेटवर्क के लिए जमीन पर रहकर सहायता प्रदान करते हैं—चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट हो, सूचना जुटाना हो या अस्थायी ठिकाने उपलब्ध कराना। हालांकि गाज़ियाबाद की इन घटनाओं को सीधे किसी ऐसे नेटवर्क से जोड़ना अभी जांच का विषय है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। खासतौर पर तब, जब इन कबाड़ा के गोदाम एवं झुग्गी क्लस्टर्स के आसपास CRPF और PAC जैसे सुरक्षा बलों के कैंप मौजूद हों, जो इन इलाकों को रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बनाते हैं। स्थानीय चर्चाओं में एक और पहलू सामने आता है—तकनीक का उपयोग। कुछ लोगों का दावा है कि संदिग्ध तत्व छोटे सोलर उपकरणों या कैमरों का इस्तेमाल कर सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, आधुनिक दौर में निगरानी के साधनों के छोटे और सस्ते हो जाने के कारण इस संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता। यदि इस दिशा में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो यह मामला केवल स्थानीय अपराध की सीमा से बाहर निकलकर एक बड़े सुरक्षा आयाम में प्रवेश कर सकता है। इन सभी सवालों के बीच सबसे महत्वपूर्ण और चिंताजनक पहलू बार-बार लगने वाली आग है। हर घटना के बाद झुग्गियां पूरी तरह जलकर खाक हो जाती हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों के दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य साक्ष्य भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह केवल दुर्घटना है, या फिर अनजाने में या जानबूझकर ऐसी स्थिति बन रही है जहां हर बार सब कुछ “रीसेट” हो जाता है। यह केवल एक संदेह है, लेकिन जांच के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा जरूर हो सकती है। हाल ही में लखनऊ में सामने आए एक जासूसी से जुड़े मामले के बाद वहां भी झुग्गी क्षेत्र में आग लगने की घटना ने कई लोगों को चौंकाया था। अब गाज़ियाबाद में इसी तरह की घटना के बाद कुछ लोग इन दोनों को जोड़कर देखने लगे हैं, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस साक्ष्य जरूरी हैं और केवल समानता के आधार पर पैटर्न तय करना जल्दबाजी होगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है, जिसे एक साथ दो मोर्चों पर काम करना होता है—एक ओर मानवीय संकट है, जहां झुग्गियों में रहने वाले लोग हर बार आग में अपना सब कुछ खो देते हैं और पुनर्वास की मांग करते हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा का प्रश्न है, जहां इन अनियंत्रित बस्तियों के कारण संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय निवासी भी इसी द्वंद्व में हैं—वे न तो किसी निर्दोष को नुकसान पहुंचते देखना चाहते हैं और न ही अपने आसपास किसी संभावित खतरे को अनदेखा करना चाहते हैं। प्रशासन ने इस बार घटना के बाद जांच तेज करने की बात कही है। फॉरेंसिक टीमों को लगाया गया है, आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और हालिया गिरफ्तारियों के साथ किसी संभावित कनेक्शन को भी परखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जाएगी और बिना साक्ष्य के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। फिलहाल, गाज़ियाबाद की यह आग एक बार फिर कई अनुत्तरित सवाल छोड़ गई है। क्या यह केवल एक और दुर्घटना है, जिसे समय के साथ भुला दिया जाएगा, या फिर यह किसी गहरे और लंबे समय से चल रहे तंत्र की एक झलक है? सच्चाई जो भी हो, वह जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस तरह की लगातार घटनाएं अब केवल स्थानीय मुद्दा नहीं रह गई हैं, बल्कि शहरी सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक संतुलन—तीनों पर एक साथ सवाल खड़े कर रही हैं।4
- सांसद हर्ष मल्होत्रा ने झिलमिल वार्ड के निगम पार्षद पंकज लूथरा द्वारा आयोजित अंबेडकर जयंती पर क्षेत्रीय बच्चों संग काटा 135 किलो का केक1
- दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टलाः दो विमानों के पंख टकराए नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां उड़ान भरने की तैयारी कर रहे SpiceJet के विमान का पंख खड़ी Akasa Air के विमान से टकरा गया। जानकारी के मुताबिक, आकासा एयर का विमान पहले से खड़ा था, जबकि स्पाइसजेट का विमान टेकऑफ की तैयारी में था। इसी दौरान दोनों विमानों के पंख आपस में टकरा गए। घटना के तुरंत बाद स्पाइसजेट की उड़ान रोक दी गई। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं। समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया।1
- Post by MOHD Ahsan. 95406238261
- Post by फरमान इदरीसी1
- धीरेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश/गाजियाबाद मधुबन बापूधाम बिजली घर 8 पर लोगो ने किया जोरदार हंगामा स्मार्ट मीटर के विरोध मे जनपद मे लगातार हो रहा है विरोध लोगो का कहना है स्मार्ट मीटर मे तरह तरह की समस्या आये दिन हो rhi है3
- Post by MOHD Ahsan. 95406238261
- बुलंदशहर- भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तहसील खुर्जा के अधिकारियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप। तहसील अधिकारियों के लिए सड़कों पर भीख मांगते नजर आए भाकियू युवा प्रदेश महासचिव बब्बन चौधरी। भीख मांगकर पैसा इकट्ठा कर तहसील प्रशासन को सौंपेंगे भाकियू के कार्यकर्ता। सालों से लंबित पड़े मामलों को बिना पैसे काम न करने का तहसील खुर्जा का अधिकारियों पर लगा आरोप। सड़कों पर भीख मांगते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का वीडियो वायरल। तहसील खुर्जा क्षेत्र के दाताराम चौक का मामला। बाइट बब्बन चौधरी ,भाकियू युवा प्रदेश महासचिव *मौहम्मद इरफ़ान*1