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वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैचों के लिए शामिल किया गया है। वे अब टीम इंडिया का हिस्सा बन गए हैं।
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वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैचों के लिए शामिल किया गया है। वे अब टीम इंडिया का हिस्सा बन गए हैं।
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- पश्चिम चंपारण के चनपटिया प्रखंड की लोहियरिया पंचायत के भंगहा वार्ड संख्या-4 में घटी एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, जहाँ तीन मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस मामले में बच्चों की माँ ललिता देवी ने अपने पति रामबाबू यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ललिता देवी के अनुसार, मंगलवार सुबह पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद रामबाबू ने उन्हें और तीनों बच्चों को जबरन तिरहुत नहर की सुगौली शाखा के पास पहुँचाया। वहाँ पहले उन्हें नहर में धक्का दिया गया और फिर एक-एक कर छह वर्ष की बेटी, चार वर्ष के बेटे और पाँच माह की मासूम बेटी को भी पानी में फेंक दिया गया। ललिता देवी ने किसी तरह संघर्ष कर अपनी जान बचाई और मायके पहुँचीं, लेकिन जब तक परिजन और पुलिस मौके पर पहुँचे, तीनों बच्चे डूब चुके थे। बाद में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर तीनों बच्चों के शव बरामद किए। परिजनों का आरोप है कि रामबाबू यादव बेटा चाहता था और पाँच महीने पहले बेटी के जन्म के बाद से ही वह पत्नी के साथ अक्सर मारपीट और विवाद करता था। घटना के बाद आरोपी रामबाबू यादव को ससुराल पक्ष के लोगों ने पकड़ लिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जाँच कर रही है और कई सवालों के जवाब तलाश रही है। मृत बच्चों की माँ ललिता देवी के बयान को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है, साथ ही पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी खंगाल रही है। अधिकारी घटना के समय की परिस्थितियों, घटनास्थल और सभी संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि आखिर तीनों बच्चे नहर में कैसे पहुँचे और पूरी घटना की वास्तविक कड़ी क्या है। पुलिस ने कहा है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी, लेकिन जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। तीन मासूमों की इस दर्दनाक मौत ने पूरे जिले को हिला दिया है और सभी की नज़र अब जाँच के बाद सामने आने वाले सच पर टिकी है।1
- वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैचों के लिए शामिल किया गया है। वे अब टीम इंडिया का हिस्सा बन गए हैं।1
- बलिया के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बेरूआरबारी में अधीक्षक पद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण कर उनके स्थान पर डॉ. सिद्धि रंजन को नियुक्त किए जाने के बावजूद, सोमवार को कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर लंबे समय से बेरूआरबारी पीएचसी में कार्यरत थे और उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर कई बार चर्चा हुई थी। हाल ही में, कुछ लोगों ने जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह से शिकायत की थी कि डॉ. ज्ञानेश्वर का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी से आहरित होता है, जबकि उनकी तैनाती बेरूआरबारी पीएचसी में थी। इस शिकायत के बाद, जिलाधिकारी ने 21 मई को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मामले की समीक्षा के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कार्रवाई करते हुए डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेजुरी कर दिया और डॉ. सिद्धि रंजन को बेरूआरबारी पीएचसी का नया अधीक्षक नियुक्त किया। सोमवार को जब डॉ. सिद्धि रंजन कार्यभार ग्रहण करने के लिए पीएचसी पहुंचे, तो कार्यभार हस्तांतरण संभव नहीं हो पाया। सूत्रों के मुताबिक, उस समय डॉ. वरुण ज्ञानेश्वर अस्पताल में मौजूद नहीं थे और अधीक्षक कार्यालय बंद था, जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार ग्रहण करने में कठिनाई हुई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर और स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी यदि समय पर कार्यभार हस्तांतरण नहीं होता है, तो इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने और उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र के बेलवतिया गाँव में एक शादी उस समय टूट गई जब नेपाल से आई बारात में चढ़ावे में मिले गहने नकली निकले। ढोल-बाजे बजने और विवाह की तैयारियों के बीच नकली गहनों का पता चलने के बाद शादी संपन्न नहीं हो सकी।1
- गोपालगंज की पॉक्सो कोर्ट ने अपनी नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी चाचा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे-6 सह विशेष न्यायाधीश की अदालत ने दोषी पर ₹50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना 11 जनवरी 2024 की शाम को हुई थी। आरोपी अपनी भतीजी और बेटी को कुरकुरे दिलाने के लिए दुकान पर ले गया था। बेटी को घर वापस भेजने के बाद, उसने अपनी नाबालिग भतीजी को गाँव के बाहर चंवर में पुल के नीचे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी की माँ ने इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो दारोगा सिंह और बचाव पक्ष से अधिवक्ता शैलेश कुमार तिवारी ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत के समक्ष पीड़िता का बयान, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को पुख्ता तौर पर प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे सजा सुनाई।1
- पटना में पाइप से घरेलू गैस (PNG) कनेक्शन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिसे "कछुआ चाल" बताया गया है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए, पटना के हर घर तक गैस पाइपलाइन पहुँचने में लगभग 15 साल का समय लग जाएगा।1
- ट्रेंडिंग सुपरस्टार खेसारी लाल यादव हाल ही में भरत तिवारी के घर पहुंचे। वहाँ उन्होंने भरत तिवारी को यह आश्वासन दिया कि वे उनके साथ खड़े हैं। यह जानकारी VMJ Live News के हवाले से सामने आई है।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक नाबालिग ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने थाना क्षेत्र निवासी रंजन सहनी पर प्रेम संबंध के दौरान शादी का भरोसा दिलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है, जिससे वह गर्भवती हो गई। पीड़िता के आवेदन के अनुसार, जब उसने अपने परिवार को अपनी आपबीती बताई, तो उसकी चचेरी भाभी सहित परिवार के अन्य लोगों ने उसे आरोपी पक्ष के साथ 'इलाज' के बहाने बेतिया ले गए। वहाँ कथित तौर पर डॉक्टरों की मिलीभगत से उसे और उसकी माँ को बेहोश कर दिया गया और उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात करा दिया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि घर लौटने के बाद जब परिजनों ने इस मामले को लेकर बातचीत की, तो आरोपियों ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी और पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस घटना के बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे नौतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया। पीड़िता ने पुलिस से न्याय और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। नौतन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने आवेदन मिलने की पुष्टि की है और बताया है कि मामले की जाँच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस मामले ने पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि पीड़िता न्याय की आस में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए देख रही है।1