कटनी में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करना और निर्धारित समय-सीमा के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र एवं विवाह पंजीयन संबंधी 11 आवेदनों का निपटारा करना पाँच पंचायत सचिवों और उप रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को महंगा पड़ा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद इन सभी पर कुल 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर ने इसे सेवा में कमी मानते हुए यह भी निर्देशित किया है कि जुर्माने की राशि वसूल कर संबंधित आवेदकों को प्रदान की जाए। यह कार्रवाई तब हुई जब कलेक्टर श्री तिवारी ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने समय-सीमा बैठक में आवेदकों को समय-बाह्य अवधि में प्रमाण-पत्र प्रदान करने के मामले में कड़ी कार्रवाई और संबंधित शासकीय कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। समीक्षा में यह सामने आया कि पाँच पंचायत सचिवों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र और विवाह पंजीयन जैसे आवेदनों का निराकरण तय समय-सीमा में नहीं किया गया था। इस पर उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन संबंधित सचिवों द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके बाद जिला योजना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके ने लोक सेवा के जिला प्रबंधक दिनेश विश्वकर्मा से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर पाँच ग्राम पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की। जिन सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें ग्राम पंचायत पोंनिया के सचिव हिम्मत सिंह पर दो आवेदनों के लिए 3 हजार रुपये, ग्राम पंचायत नदवान की सचिव राजकुमारी चतुर्वेदी पर एक आवेदन के लिए 5 हजार रुपये, ग्राम पंचायत छिहाइपिपरिया के सचिव दीपक कुमार गौतम पर एक आवेदन के लिए 1 हजार रुपये, ग्राम पंचायत बड़वारा के सचिव रंजीत सिंह चौहान पर पाँच आवेदनों के लिए 7 हजार 500 रुपये और ग्राम पंचायत इमलाज के सचिव राजकुमार श्रीवास पर दो आवेदनों के लिए 2 हजार 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। यह अधिरोपित शास्ति की राशि संबंधित पंचायत सचिवों के आगामी वेतन से काटकर सरकारी शीर्ष 0070 (60) (800) में जमा की जाएगी। साथ ही, अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, आवेदकों को प्रतिकार (मुआवजा) का भुगतान भी किया जाएगा।
कटनी में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करना और निर्धारित समय-सीमा के बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र एवं विवाह पंजीयन संबंधी 11 आवेदनों का निपटारा करना पाँच पंचायत सचिवों और उप रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को महंगा पड़ा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद इन सभी पर कुल 19 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर ने इसे सेवा में कमी मानते हुए यह भी निर्देशित किया है कि जुर्माने की राशि वसूल कर संबंधित आवेदकों को प्रदान की जाए। यह कार्रवाई तब हुई जब कलेक्टर श्री तिवारी ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान, उन्होंने समय-सीमा बैठक में आवेदकों को समय-बाह्य अवधि में प्रमाण-पत्र प्रदान करने के मामले में कड़ी कार्रवाई और संबंधित शासकीय कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने के सख्त निर्देश दिए थे। समीक्षा में यह सामने आया कि पाँच पंचायत सचिवों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र और विवाह पंजीयन जैसे आवेदनों का निराकरण तय समय-सीमा में नहीं किया गया था। इस पर उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन संबंधित सचिवों द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके बाद जिला योजना अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके ने लोक सेवा के जिला प्रबंधक दिनेश विश्वकर्मा से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर पाँच ग्राम पंचायत सचिवों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की। जिन सचिवों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें ग्राम पंचायत पोंनिया के सचिव हिम्मत सिंह पर दो आवेदनों के लिए 3 हजार रुपये, ग्राम पंचायत नदवान की सचिव राजकुमारी चतुर्वेदी पर एक आवेदन के लिए 5 हजार रुपये, ग्राम पंचायत छिहाइपिपरिया के सचिव दीपक कुमार गौतम पर एक आवेदन के लिए 1 हजार रुपये, ग्राम पंचायत बड़वारा के सचिव रंजीत सिंह चौहान पर पाँच आवेदनों के लिए 7 हजार 500 रुपये और ग्राम पंचायत इमलाज के सचिव राजकुमार श्रीवास पर दो आवेदनों के लिए 2 हजार 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है। यह अधिरोपित शास्ति की राशि संबंधित पंचायत सचिवों के आगामी वेतन से काटकर सरकारी शीर्ष 0070 (60) (800) में जमा की जाएगी। साथ ही, अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, आवेदकों को प्रतिकार (मुआवजा) का भुगतान भी किया जाएगा।
- ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम बिजोरी स्थित बेलकुंड नदी के किनारे पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हरे-भरे पेड़ों को रात के समय काटा जा रहा है और वाहनों में लोड करके बाहर ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें अवैध कटाई की आशंका है। उनका कहना है कि रात में लकड़ी का परिवहन बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई का संकेत देता है। मामले की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अजय मिश्रा ने ग्रामीणों की शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि जांच के लिए डिप्टी रेंजर की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि पेड़ों की कटाई वैधानिक अनुमति के तहत हो रही है या नहीं। यदि बिना अनुमति के कटाई पाई जाती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डिप्टी रेंजर अशोक कोल ने जानकारी दी है कि संबंधित क्षेत्र राजस्व भूमि के अंतर्गत आता है और सक्षम अनुमति के बाद ही पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कटाई के लिए चिह्नित पेड़ों पर नंबरिंग और हैमर मार्क लगाए गए हैं। कुल दो खसरों में 129 पेड़ काटने की अनुमति प्रदान की गई है। फिलहाल, विभाग इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।1
- भारत में बिकने वाला पारले-जी (Parle-G) देश के सबसे लोकप्रिय और पुराने बिस्कुट ब्रांडों में से एक है। पारले कंपनी ने बिस्कुट बनाना 1939 में शुरू किया था, जिसकी शुरुआत Parle Gluco नाम से हुई थी, जिसे बाद में Parle-G नाम दिया गया। पहले इसमें 'G' का अर्थ Glucose माना जाता था, लेकिन बाद में विज्ञापनों के माध्यम से इसे "G for Genius" के रूप में भी प्रचारित किया गया। इस बिस्कुट के लोकप्रिय होने के मुख्य कारणों में इसकी कम कीमत, हर जगह आसानी से उपलब्ध होना और चाय के साथ इसे खाने की आदत शामिल है, जिसने इसे घर-घर तक पहुंचाया। आम तौर पर इसे बनाने में गेहूं का आटा, चीनी, दूध पाउडर, तेल, नमक और फ्लेवरिंग जैसे घटक उपयोग होते हैं। इसका पीला-सफेद पैकेट और उस पर बनी छोटी बच्ची की तस्वीर भारत में इसकी एक मजबूत पहचान है। कई रिपोर्टों में पारले-जी को दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले बिस्कुट ब्रांडों में भी गिना गया है, जो इसकी वैश्विक पहचान को दर्शाता है।1
- कटनी नगर के जगमोहन दास वार्ड और सावरकर वार्ड में करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ, जिससे इन क्षेत्रों को नई गति मिली। जगमोहन दास वार्ड की गोवर्धन धाम कॉलोनी में लगभग 29 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड और नाली निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। वहीं, सावरकर वार्ड में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से पुलिया, नाली और स्कूल भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के केंद्र और प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत एक व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति और युवाओं ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी, वार्ड के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्री जयनारायण निषाद, पूर्व पार्षद श्रीमती पार्वती निषाद, पार्षद श्री राजेश भास्कर, सरपंच श्री संतोष निषाद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पार्षदगण मौजूद रहे। बड़ी संख्या में वार्ड के वरिष्ठ नागरिक, मातृशक्ति और युवा साथी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने निषादराज क्रिकेट क्लब की टीम को एक क्रिकेट बैट भेंट किया, जिसके लिए खिलाड़ियों ने महापौर का आभार व्यक्त किया। विकास कार्यों के भूमिपूजन और वृक्षारोपण कार्यक्रम से क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि इन निर्माण कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में बेहतर सड़क, जल निकासी और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।1
- कटनी नगर में माँ विंध्यवासिनी के दरबार में होने वाली महाआरती की तैयारी की जा रही है।2
- जबलपुर में स्थित डूंड़ी बीजापुर गौशाला इस समय गंभीर बदहाली का सामना कर रही है। गौशाला की इसी दयनीय स्थिति के कारण बीते एक हफ़्ते के भीतर ही यहाँ 6 गायों ने दम तोड़ दिया है।1
- दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जहाँ फुटेरा और बकायन मार्ग के बीच 21 पेटी देशी शराब से भरी एक कार पकड़ी गई। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने कार क्रमांक एम पी 20 जेड बी 2224 का पीछा किया, जिसके दौरान कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई। इस मौके का फायदा उठाकर वाहन में सवार आरोपी अंधेरे में फरार हो गए। पुलिस ने तलाशी में कार से 21 पेटी लाल मसाला देशी शराब बरामद की, जिसमें लगभग 1050 पाव शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है; दुर्घटना के कारण कुछ पाव क्षतिग्रस्त भी पाए गए। यह कार्रवाई भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों द्वारा अवैध शराब परिवहन की सूचना दिए जाने के बाद की गई। थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, और संगठन से सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई। भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रियता दोहराते हुए कहा कि वे नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार सक्रिय हैं, तथा अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रहे हैं। पुलिस ने जब्त शराब और वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रजनी शुक्ला, फुटेरा चौकी प्रभारी आनंद कुमार, प्रधान आरक्षक विपेश चौबे, आरक्षक संदीप और आरक्षक सोनू कुर्मी की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब वाहन के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है, और मामले की आगे की जांच जारी है।1
- कटनी-दमोह मुख्य मार्ग पर स्थित देवरी रेलवे गेट प्रतिदिन बड़े जाम का कारण बन रहा है। गेट बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आम लोग, स्कूली बच्चे, कर्मचारी और व्यापारी वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। यहां तक कि एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी इस भीषण जाम में फंसकर रह जाती हैं। इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक प्रस्तावित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के नागरिकों ने अब प्रशासन से इस ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।1
- कटनी के बरही थाना क्षेत्र स्थित इंफिनिटी जिम में पुरानी रंजिश के चलते एक हिंसक झड़प हुई है, जिसने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि यह मारपीट और धारदार हथियार से हमले में बदल गया, जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिम के अंदर पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के दौरान जिम में मौजूद अन्य लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे। इस घटना से जुड़ा वीडियो जिम में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है और फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है, जिसमें युवकों को आपस में भिड़ते देखा जा सकता है। पुलिस के लिए यह फुटेज जांच का एक महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है, हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। बरही के नागरिकों और व्यापारियों ने ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस घटना ने सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सीसीटीवी में सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों की शीघ्र पहचान कर कार्रवाई करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, युवाओं के बीच बढ़ती आपसी रंजिश को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर पहल की जरूरत पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।1