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डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए। अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।

6 hrs ago
user_Heeralal Longre
Heeralal Longre
Media company हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए। अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।

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  • डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला। कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए। अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।
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    डूबे हुए ऐतिहासिक नगर हरसूद की 22वीं बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकार एवं कवि अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने अपनी मार्मिक कविता का पाठ कर उपस्थित जनसमुदाय को भावुक कर दिया। उनकी प्रस्तुति में पुराने हरसूद की स्मृतियाँ, विस्थापन का गहरा दर्द, अपनी जन्मभूमि से बिछड़ने की पीड़ा, और नई पीढ़ी तक उस समृद्ध विरासत को पहुँचाने का सशक्त संदेश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

कविता पाठ के दौरान अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने हरसूद की गलियों, मंदिरों, बाजारों और उसकी सांस्कृतिक विरासत का अत्यंत भावनात्मक चित्रण किया। उन्होंने उन हजारों परिवारों की संवेदनाओं को शब्द दिए, जिन्हें एक विकास परियोजना के कारण अपनी पुश्तैनी जमीन और घर छोड़ने पड़े थे। उनकी यह भावपूर्ण कविता सुनते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अनेक लोग भावुक हो उठे और पुराने हरसूद की यादों में खो गए।

अनुराग बंसल 'हरसूदी' ने इस अवसर पर कहा कि हरसूद केवल एक नगर मात्र नहीं था, बल्कि वह संस्कृति, परंपरा, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक जीवंत प्रतीक था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भले ही नगर आज जलाशय में समा गया हो, लेकिन उसकी स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में पूरी तरह जीवित हैं। उन्होंने नई पीढ़ी का यह दायित्व बताया कि वे हरसूद के इतिहास, उसके संघर्ष और उसकी सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखें। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य प्रेमियों और नागरिकों ने अनुराग बंसल 'हरसूदी' की इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कविता ने हरसूद की पीड़ा और उसके गौरवशाली अतीत को अत्यंत संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया, जिससे यह प्रस्तुति 22वीं बरसी के आयोजन का एक भावनात्मक और यादगार क्षण बन गई।
    user_Heeralal Longre
    Heeralal Longre
    Media company हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • एक पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उस पर से आवागमन जारी है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पुलिया निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
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    एक पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद उस पर से आवागमन जारी है, जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पुलिया निर्माण की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है।
    user_Pradeep gathiya
    Pradeep gathiya
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। इस घटना ने आदिवासी संगठन को भी नाराज कर दिया है, जिसके चलते सभी ने मिलकर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। आदिवासी समाज खालवा के युवक की मौत की घटना से बेहद गुस्से में है और मामले की उचित जांच की मांग कर रहा है।
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    खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। इस घटना ने आदिवासी संगठन को भी नाराज कर दिया है, जिसके चलते सभी ने मिलकर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। आदिवासी समाज खालवा के युवक की मौत की घटना से बेहद गुस्से में है और मामले की उचित जांच की मांग कर रहा है।
    user_Ramchandra Kasde
    Ramchandra Kasde
    Newspaper distribution खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • खंडवा में वन विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें 600 जवानों की एक टीम 90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। यह कार्रवाई 8 वन कर्मियों पर हुए हमले के बाद की जा रही है, जिसके संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अभियान के दौरान, वन अमले को रोकने के लिए रची गई एक साजिश का भी खुलासा हुआ है। अतिक्रमणकारियों ने 35 GBC से 90 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे और जंगल में कीलों का जाल बिछाया था। कलेक्टर, SP और DFO की साझा रणनीति के कारण इस साजिश को बेअसर करते हुए अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया जा रहा है।
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    खंडवा में वन विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें 600 जवानों की एक टीम 90 हेक्टेयर वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का कार्य कर रही है। यह कार्रवाई 8 वन कर्मियों पर हुए हमले के बाद की जा रही है, जिसके संबंध में चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

अभियान के दौरान, वन अमले को रोकने के लिए रची गई एक साजिश का भी खुलासा हुआ है। अतिक्रमणकारियों ने 35 GBC से 90 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़े-बड़े गड्ढे खोदे थे और जंगल में कीलों का जाल बिछाया था। कलेक्टर, SP और DFO की साझा रणनीति के कारण इस साजिश को बेअसर करते हुए अतिक्रमण को सफलतापूर्वक हटाया जा रहा है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • देवास शहर के जिला अस्पताल में मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ किसी स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति में ही एक डिलीवरी हो गई। इस घटना को शहर के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। लेखक ने इस गंभीर स्थिति के लिए विधायक, महापौर और अस्पताल की सीएमएचओ जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि इन सभी अधिकारियों के महिला होने के बावजूद भी महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस तरह की घटनाओं के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एम जी अस्पताल का नाम लेते हुए, लेखक ने तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या देवास के जनप्रतिनिधि केवल फोटो खिंचवाने और जन्मदिन मनाने के लिए ही अस्पताल आते हैं, जबकि जन समस्याओं पर उनका ध्यान बिल्कुल नहीं जाता है। इस दोहराए गए सवाल ने जनप्रतिनिधियों की जन-कल्याण के प्रति उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
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    देवास शहर के जिला अस्पताल में मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ किसी स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति में ही एक डिलीवरी हो गई। इस घटना को शहर के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। लेखक ने इस गंभीर स्थिति के लिए विधायक, महापौर और अस्पताल की सीएमएचओ जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि इन सभी अधिकारियों के महिला होने के बावजूद भी महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।

इस तरह की घटनाओं के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एम जी अस्पताल का नाम लेते हुए, लेखक ने तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या देवास के जनप्रतिनिधि केवल फोटो खिंचवाने और जन्मदिन मनाने के लिए ही अस्पताल आते हैं, जबकि जन समस्याओं पर उनका ध्यान बिल्कुल नहीं जाता है। इस दोहराए गए सवाल ने जनप्रतिनिधियों की जन-कल्याण के प्रति उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।
    user_Rajendra shreevas
    Rajendra shreevas
    Local News Reporter कन्नौद, देवास, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के देवास जिले की हाटपिपल्या तहसील में स्थित ग्राम कवड़िया में प्रधानमंत्री सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। यह सड़क, जो 2007 में बनी थी और गाँव के ठीक बीच से होकर गुजरती है, खासकर इसकी RCC (सीमेंटेड) हिस्सा पूरी तरह से टूट चुकी है। सड़क की इस जर्जर हालत के कारण बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके साथ किसी भी वक्त कोई घटना होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। गाँव के आम जन भी इस टूटी हुई सड़क से बहुत परेशान हैं, क्योंकि इसके निर्माण के बाद से आज तक कभी इसकी मरम्मत या नया निर्माण नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग को कई बार अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों की मांग है कि प्रधानमंत्री सड़क का अति शीघ्र निर्माण किया जाए, क्योंकि इसकी मौजूदा स्थिति बेहद खराब है।
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    मध्य प्रदेश के देवास जिले की हाटपिपल्या तहसील में स्थित ग्राम कवड़िया में प्रधानमंत्री सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। यह सड़क, जो 2007 में बनी थी और गाँव के ठीक बीच से होकर गुजरती है, खासकर इसकी RCC (सीमेंटेड) हिस्सा पूरी तरह से टूट चुकी है।

सड़क की इस जर्जर हालत के कारण बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके साथ किसी भी वक्त कोई घटना होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। गाँव के आम जन भी इस टूटी हुई सड़क से बहुत परेशान हैं, क्योंकि इसके निर्माण के बाद से आज तक कभी इसकी मरम्मत या नया निर्माण नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग को कई बार अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों की मांग है कि प्रधानमंत्री सड़क का अति शीघ्र निर्माण किया जाए, क्योंकि इसकी मौजूदा स्थिति बेहद खराब है।
    user_B S  Sendhav
    B S Sendhav
    हाटपीपल्या, देवास, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • खंडवा के ट्रांसपोर्ट उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रफ्फा सेठ, विनोद गंगराड़े और अरुण जैन को इंदौर में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सायजी इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) की बैठक के दौरान प्रदान किया गया। इन तीनों सदस्यों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए शील्ड देकर सम्मानित किया गया, जिससे खंडवा का मान बढ़ा है।
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    खंडवा के ट्रांसपोर्ट उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रफ्फा सेठ, विनोद गंगराड़े और अरुण जैन को इंदौर में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सायजी इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) की बैठक के दौरान प्रदान किया गया।

इन तीनों सदस्यों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए शील्ड देकर सम्मानित किया गया, जिससे खंडवा का मान बढ़ा है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मूंदी में एक कलाली दुकान में चोरी का प्रयास दुकान कर्मचारियों की सतर्कता के कारण विफल हो गया। कर्मचारियों की तत्परता से एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। हालांकि, इस दौरान उसके दो साथी मोटरसाइकिल से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी संदीप भीलाला, जो जुलवानिया का निवासी है, के कब्जे से एक देशी पिस्टल, टीन काटने वाली कटर और आरी का पत्ता बरामद किया। आरोपी संदीप भीलाला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना मूंदी पुलिस के उपनिरीक्षक उमेश कुमार लाखरे, सहायक उपनिरीक्षक पुनमचंद पाटिल, प्रधान आरक्षक मोहनसिंह मुवेल, आरक्षक राहुल धाकड़ और आरक्षक संतोष चौहान की भूमिका सराहनीय रही।
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    मध्य प्रदेश के मूंदी में एक कलाली दुकान में चोरी का प्रयास दुकान कर्मचारियों की सतर्कता के कारण विफल हो गया। कर्मचारियों की तत्परता से एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। हालांकि, इस दौरान उसके दो साथी मोटरसाइकिल से फरार होने में कामयाब रहे।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपी संदीप भीलाला, जो जुलवानिया का निवासी है, के कब्जे से एक देशी पिस्टल, टीन काटने वाली कटर और आरी का पत्ता बरामद किया। आरोपी संदीप भीलाला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

इस पूरी कार्रवाई में थाना मूंदी पुलिस के उपनिरीक्षक उमेश कुमार लाखरे, सहायक उपनिरीक्षक पुनमचंद पाटिल, प्रधान आरक्षक मोहनसिंह मुवेल, आरक्षक राहुल धाकड़ और आरक्षक संतोष चौहान की भूमिका सराहनीय रही।
    user_Ishaq gouri mundi
    Ishaq gouri mundi
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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