*नरसिंहपुर में सुअरों का आतंक! मक्का-गन्ने की फसल बर्बाद, अतिवृष्टि से सोयाबीन-उड़द भी प्रभावित | किसानों ने मांगा मुआवजा!* नरसिंहपुर। 7 सितंबर 2026 जिले में किसानों की फसलों को सुअरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत सामने आई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सुअरों के झुंड पहुंचकर मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इस वर्ष हुई अधिक बारिश के कारण भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव और फसलों में जड़ गलन एवं पीला मोजेक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसका असर सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलों पर पड़ रहा है। फसल नुकसान को लेकर किसानों ने कलेक्टर नरसिंहपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थिति का उचित सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियों और जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कराकर राहत उपलब्ध कराना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
*नरसिंहपुर में सुअरों का आतंक! मक्का-गन्ने की फसल बर्बाद, अतिवृष्टि से सोयाबीन-उड़द भी प्रभावित | किसानों ने मांगा मुआवजा!* नरसिंहपुर। 7 सितंबर 2026 जिले में किसानों की फसलों को सुअरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत सामने आई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सुअरों के झुंड पहुंचकर मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इस वर्ष हुई अधिक बारिश के कारण भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव और फसलों में जड़ गलन एवं पीला मोजेक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसका असर सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलों पर पड़ रहा है। फसल नुकसान को लेकर किसानों ने कलेक्टर नरसिंहपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थिति का उचित सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियों और जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कराकर राहत उपलब्ध कराना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
- *मध्यप्रदेश पुलिस में बड़ी पदोन्नति: कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर प्रमोशन, रिव्यू DPC के बाद जारी हुई सूची, देखिए नरसिंहपुर से कौन हुआ पदोन्नत!* नरसिंहपुर। 8 सितंबर 2026 मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर पदोन्नति को लेकर नई सूची जारी की गई है। पुलिस मुख्यालय, भोपाल के आदेश क्रमांक पुमु/3/कार्मिक/स-12/1006/2026, दिनांक 13 जुलाई 2026 के क्रम में विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा रिव्यू डीपीसी आयोजित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। रिव्यू डीपीसी के प्रतिवेदन के आधार पर अब कार्यवाहक निरीक्षक/उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए रिक्त पदों पर स्थानापन्न/अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदोन्नति दी गई है। पदोन्नत अधिकारियों को वरिष्ठता सूची के क्रम के अनुसार निरीक्षक पद पर यथावत स्थापित करते हुए, कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से पे-मेट्रिक्स लेवल-10 के वेतनमान में पदस्थ किया जाएगा। इससे पहले 13 जुलाई 2026 के आदेश के तहत कुल 1029 लोक सेवकों को पदोन्नत किया गया था। अब रिव्यू डीपीसी के बाद जारी आदेश में शामिल नामों को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज है। नरसिंहपुर जिले से भी पुलिस अधिकारियों के पदोन्नत होने की जानकारी सामने आई है। सूची में नरसिंहपुर से किन-किन अधिकारियों के नाम शामिल हैं और उनकी वर्तमान पदस्थापना क्या है, यह सूची के क्रमांक के अनुसार देखा जा सकता है। हालांकि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 तथा सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा भविष्य में पारित किए जाने वाले आदेशों के अध्यधीन रहेंगी। पदोन्नत शासकीय सेवकों को वेतन निर्धारण के लिए मध्यप्रदेश लोकसेवा पदोन्नति नियम 2025 के नियम 13 के अनुसार आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक माह के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। देखिये सूची नरसिंहपुर जिले से इस नई पदोन्नति सूची में किन पुलिस अधिकारियों को निरीक्षक पद की जिम्मेदारी मिली है।1
- भारत सरकार द्वारा संचालित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय असंगठित कामगारों के लिए पेंशन योजना प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का कैंप आज महेंद्र सिंह किलेदार वार्ड के सामने ओवर ब्रिज के नीचे मां काली मंदिर के पास में लगाया गया। इस योजना में 15 व्यक्तियों ने लाभ उठाया। यह योजना 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु तक के लिए थी। इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद 3000 रूपये प्रति माह की पेंशन मिलेगी। यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती तो उसके पति या पत्नी को पेंशन का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा।1
- नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, रेत घाट का पुल डूबाः प्रशासन ने नाव संचालन पर रोक लगाई; सुरक्षा के लिए जवान तैनात, बरगी बांध के 13 गेट खुले1
- करेली हथियारों समेत तीन बदमाश गिरफ्तार चाकू-तलवार अड़ाकर लोगों को धमकाया, पुलिस ने निकाला जुलूस1
- गाडरवारा पहुंचे तेन्दूखेड़ा पूर्व विधायक संजय शर्मा रोटरी क्लब कार्यक्रम में हुए शामिल *तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से रामकिशन कुशवाहा की रिपोर्ट1
- 8 वर्ष की मासूम बच्ची अपने परिजनों को बिना बताए बस में बैठकर पहुंची सोहागपुर, पुलिस ने सकुशल नानी को किया सुपुर्द नर्मदापुरम - जिले के सोहागपुर थाने से मिली जानकारी के अनुसार एक बच्ची समाधि मंदिर कोठी बाजार नर्मदापुरम के पास की रहने वाली उम्र करीबन 8 वर्ष की अपने परिजनों को बिना बताए बस में बैठकर सोहागपुर आ गई थी एसडीओपी कार्यालय सोहागपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक नरेंद्र पटेल के द्वारा थाने पर सूचना दी गई बस स्टैंड पर यह बच्ची घूम रही है, तत्काल सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी के द्वारा ड्यूटी में लगे आरक्षक विवेक के द्वारा बच्ची को थाने लाने कहा गया थाना पर बच्ची से पूछताछ की गई जिसने अपना नाम प्रियांशी विश्वकर्मा बताया जिसकी नानी गोपालपुर कलमेश्वरा में रहती है यह भी बताया श्यामा बाई विश्वकर्मा से संपर्क किया गया जो थाने उपस्थित आई प्रियांशी को उसकी नानी श्यामाबाई के सुपुर्द करते हुए हिदायत भी दी गई की बच्ची को अच्छे से रखें बच्ची के मां एवं पिता को भी बताएं ऐसे बच्चों को अकेला ना छोड़े घटना दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता । बच्ची प्रियांशी थाना पर करीबन 30 मिनट रही उससे बातचीत की गई पढ़ाई के बारे में पूछा गया सारी चीजें बताई, कुछ खाने के बारे में बात की तो कहा भूख लगी है तभी थाने में सहायक उपनिरीक्षक गणेश राय के द्वारा खाना एवं लड्डू भी उसे खिलाया गया है, बच्ची को सकुशल उसकी नानी के सुपुर्द किया गया है सभी परिजन अपने छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें सतर्क रहें सुरक्षित रहें ।2
- नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल एवं रेलवे स्टेशन पर लोगो को किया जागरूक नरसिंहपुर रेलवे अस्पताल एवं रेलवे स्टेशन पर लोगो को किया जागरूक नरसिंहपुर. अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस. नीले आसमान के लिए स्वच्छ वायु के अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया गया. जिसमें वायु प्रदूषण के बारे में. जागरूकता बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन पर एवं रेलवे यात्रियों को अनाउंसमेंट के द्वारा. रेलवे चिकित्सक डॉक्टर आर आर कुर्रे एवं जिला अस्पताल से एपिडेमियोलॉजी. डॉ गुलाब खातरकर द्वारा. अन्य रेलवे कर्मचारियों अधिकारियों एवं प्लेटफार्म में बैठे हुए यात्रियोंक़ो भी जागरूक किया गया.. रेलवे चिकित्सक डॉक्टर आर आर कुर्रे ने बताया कि. W H . O आंकड़ों के अनुसार. वायु के रासायनिक भौतिक एवं जैविक कारण के कारण बाहरी एवं घर के अंदर के हवा जो सांस लेने के लिए सुरक्षित नहीं होना वायु प्रदूषण कहलाती है.. जिसमें शिक्षक कार्ड जो हवा के द्वारा फेफड़ों से होकर के ब्लड में जाने से कैंसर का भी कारण हो सकता है.. हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड नाइट्रोजन ओजोन ईंधन पेंट सॉल्वेंट से निकलने वाले वाष्प से भी. वायु प्रदूषण होता है. जिसमें मुख्य स्रोत है वाहन उत्सर्जन. कारखाना सड़क केनिर्माण एवं धूल.. कोयला आधारित बिजली संयंत्र. खेतों में जलने वाले परा ली.सन 2019. मैं हो के आंकड़ों के अनुसार 42 लाख लोग प्रतिवर्ष की मृत्यु होता है. 99% लोग WHO के मानकों के प्रदूषी त वायु में सांस लेते हैं.. हमारा संकल्प. स्वच्छ वायु हर व्यक्ति का हर जगह मौलिक अधिकार है. वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण. दोनों को कार्यवाहीसाथ चलना होगा. सरकार उद्योग एवं नागरिकों को.मिलकर अनिवार्य रूप से सामूहिक कार्रवाई होना चाहिए.. हर छोटा स्थानी प्रयास. स्वस्थ स्वच्छ नीले आसमान की ओर. ले जाता है. डॉ आर आर कुर्रे4
- *नरसिंहपुर में सुअरों का आतंक! मक्का-गन्ने की फसल बर्बाद, अतिवृष्टि से सोयाबीन-उड़द भी प्रभावित | किसानों ने मांगा मुआवजा!* नरसिंहपुर। 7 सितंबर 2026 जिले में किसानों की फसलों को सुअरों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायत सामने आई है। किसानों का कहना है कि खेतों में सुअरों के झुंड पहुंचकर मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, इस वर्ष हुई अधिक बारिश के कारण भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार अतिवृष्टि के चलते खेतों में जलभराव और फसलों में जड़ गलन एवं पीला मोजेक जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। इसका असर सोयाबीन, उड़द सहित अन्य फसलों पर पड़ रहा है। फसल नुकसान को लेकर किसानों ने कलेक्टर नरसिंहपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थिति का उचित सर्वे कराने की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा दिलाया जाए। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियों और जंगली जानवरों से हो रहे नुकसान के कारण खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द सर्वे कराकर राहत उपलब्ध कराना किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा।1