कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी नीतिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। इस कार्यक्रम में कुल 82 शिकायतें और मांग पत्र प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए एक माह से अधिक समय से लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए और जिला योजना के निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएं समय पर पूर्ण करने को कहा। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर उपस्थित रहने तथा हर समय अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी व संसाधनों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जबकि विद्युत, पेयजल एवं पूर्ति विभागों को भी विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रखने को कहा। कार्यक्रम में कई विशिष्ट शिकायतें भी सामने आईं। पूर्व सैनिक समाज सेवा संगठन चौरास के अध्यक्ष सुबेदार मेजर यशवंत सिंह रौतेला ने चौरास में रहने वाले लगभग 500 पूर्व सैनिकों के लिए राष्ट्रीय पर्व, शहीद दिवस, शौर्य दिवस व बैठकों हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय को औचित्य पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, विकास खण्ड घनसाली के ग्राम चांजी तल्ली की सोहनलता रावत द्वारा खेतों में बिना अनुमति ट्रांसफार्मर व दो पोल लगाने की शिकायत पर विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तहसील नैनबाग के ग्राम मोगी निवासी आशीष दास, जो कि अस्थायी मानसिक दिव्यांगता से पीड़ित हैं और उनके पिता का देहांत हो चुका है, ने परिवार के आर्थिक संकट और चिकित्सा खर्च की समस्या रखी। जिला प्रशासन की 'मिशन शतक परीक्षा' के मेधावी छात्र रहे आशीष के पास इंस्पायर अवार्ड, विज्ञान प्रदर्शनी और राष्ट्रीय 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के प्रमाण पत्र भी हैं, जिस पर सेवायोजन अधिकारी को प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, ग्राम गोठ के जगत राम चमोली द्वारा आपदा मद से क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत कराने की मांग पर संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय और जिला विकास अधिकारी मो. असलम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी नीतिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। इस कार्यक्रम में कुल 82 शिकायतें और मांग पत्र प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए एक माह से अधिक समय से लंबित मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए और जिला योजना के निर्माण कार्यों से संबंधित सभी औपचारिकताएं समय पर पूर्ण करने को कहा। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय पर उपस्थित रहने तथा हर समय अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक मशीनरी व संसाधनों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जबकि विद्युत, पेयजल एवं पूर्ति विभागों को भी विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रखने को कहा। कार्यक्रम में कई विशिष्ट शिकायतें भी सामने आईं। पूर्व सैनिक समाज सेवा संगठन चौरास के अध्यक्ष सुबेदार मेजर यशवंत सिंह रौतेला ने चौरास में रहने वाले लगभग 500 पूर्व सैनिकों के
लिए राष्ट्रीय पर्व, शहीद दिवस, शौर्य दिवस व बैठकों हेतु भूमि उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय को औचित्य पूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, विकास खण्ड घनसाली के ग्राम चांजी तल्ली की सोहनलता रावत द्वारा खेतों में बिना अनुमति ट्रांसफार्मर व दो पोल लगाने की शिकायत पर विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तहसील नैनबाग के ग्राम मोगी निवासी आशीष दास, जो कि अस्थायी मानसिक दिव्यांगता से पीड़ित हैं और उनके पिता का देहांत हो चुका है, ने परिवार के आर्थिक संकट और चिकित्सा खर्च की समस्या रखी। जिला प्रशासन की 'मिशन शतक परीक्षा' के मेधावी छात्र रहे आशीष के पास इंस्पायर अवार्ड, विज्ञान प्रदर्शनी और राष्ट्रीय 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के प्रमाण पत्र भी हैं, जिस पर सेवायोजन अधिकारी को प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, ग्राम गोठ के जगत राम चमोली द्वारा आपदा मद से क्षतिग्रस्त रास्ते की मरम्मत कराने की मांग पर संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय और जिला विकास अधिकारी मो. असलम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- उत्तरकाशी के राजगढ़ी के खरादी में 13 जुलाई 2026 को यमुना नदी के तेज बहाव के बीच फंसे एक मवेशी (बछड़े) को पुलिस जवानों और स्थानीय युवाओं ने अपनी सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया। नदी के तेज बहाव में इस बेजुबान के फंसने की सूचना मिलते ही सीजनल पुलिस चौकी खरादी में तैनात पुलिस जवान राकेश चौहान और कैलाश चौहान ने बिना समय गंवाए स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। इस काम के लिए समीप ही स्थित एक क्रेशर से जेसीबी मशीन की सहायता ली गई, जिसके जरिए पुलिस टीम नदी के बीच तक पहुंची और सूझबूझ का परिचय देते हुए बेजुबान का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। नदी से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद बछड़े का आवश्यक उपचार भी करवाया गया। संकट की इस स्थिति में पुलिस के जवानों और स्थानीय युवाओं ने मिलकर इस बेजुबान की जान बचाई।1
- हरिद्वार के भारत माता मंदिर के पास सुबह-सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जहाँ एक बेहद प्यासी गौ माता ने खुद अपने मुंह से पानी का नल खोला और अपनी प्यास बुझाई। टपकते हुए नल को देखकर गाय ने अपने मुंह का इस्तेमाल कर उसे खोला और पानी पीने लगी, जिसे देखकर लोग अचरज में पड़ गए और इस पूरे दृश्य का एक वीडियो भी बना लिया गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जब पेट में आग लगती है, तो दिमाग अपने आप काम करने लगता है। आज के दौर में इंसान केवल अपने और अपने बच्चों के बारे में ही सोचता है, लेकिन इन बेजुबान जीव-जंतुओं के बारे में कोई नहीं विचार करता। यदि हम वास्तव में गाय को अपनी माता मानते हैं, तो हमें उनके पेट भरने और पानी पीने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए और उनके लिए रोजाना एक रोटी जरूर निकालनी चाहिए। जब हम गौ माता के लिए कुछ करेंगे, तभी हम खुद को गौ माता का कहलाने के हकदार साबित कर पाएंगे। जय सनातन, जय भारत माता।1
- उत्तराखंड के देहरादून में स्थित ग्राम पंचायत केदारवाला जिला स्तर पर स्वच्छता के मामले में नंबर वन होने के बावजूद अब पिछड़ती जा रही है। बरसात के मौसम में यहाँ की सड़कों के आसपास बहुत ज्यादा घास उग आई है। करीबन साल भर से सड़कों की सफाई नहीं होने के कारण सड़कों के किनारों पर उगी इस अधिक घास की वजह से अब नालियों का भी पता नहीं चल पा रहा है। सड़कों की इस बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने स्वच्छता विभाग से गुहार लगाई है कि इन सड़कों की जल्द से जल्द सफाई कराई जाए।2
- उत्तराखंड के हरिद्वार में वर्ष 2021-22 और 2022-23 की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। इस महाघोटाले को लेकर 19 स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की शिकायत पर की गई है, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग, धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार पुलिस द्वारा अब एक एसआईटी का गठन किया जाएगा, जो इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी।1
- हरिद्वार के रुड़की में मेथाडिस्ट कॉलेज के पास से चोरी हुई बुलेट मोटरसाइकिल के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम शेरपुर, कोतवाली रुड़की के निवासी रामकुमार सैनी ने 10 जुलाई 2026 को पुलिस को शिकायत दी थी कि 4 जुलाई 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बुलेट चोरी कर ली थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक भजराम चौहान को सौंपी थी। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में उप निरीक्षक भजराम चौहान, हेड कांस्टेबल अरविंद और कांस्टेबल राजेश देवरानी की टीम गठित की गई। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 12 जुलाई 2026 को आरोपी कोशिंदर को कलियर नहर पटरी से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से चोरी की बुलेट बरामद की। पुलिस अब आरोपी के एक अन्य साथी की तलाश कर रही है जो सहारनपुर के थाना गागालहेडी क्षेत्र का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- देहरादून के चकराता स्थित एक डेयरी फार्म में एक शानदार साहिवाल गाय उपलब्ध है। इस गाय ने अभी-अभी बच्चे को जन्म दिया है और इसकी दूध देने की क्षमता 18 लीटर है।1
- उत्तरकाशी में सांकरी–तालुका सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हर की दून, रुइंसारा ताल और बाली पास सहित कई प्रसिद्ध ट्रेकिंग रूटों का प्रवेश मार्ग होने के बावजूद यह सड़क वर्षों से जर्जर स्थिति में बनी हुई है। बरसात के दौरान इस मार्ग पर सफर करना बेहद खतरनाक हो जाता है, क्योंकि जगह-जगह भूस्खलन होने और उफनते नालों के कारण आवागमन पूरी तरह जोखिमभरा हो जाता है। इस मार्ग की बदहाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने सड़क के शीघ्र सुधार की मांग की है।1