*आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* *कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट की गई तैयार* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा। *आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* **आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* *कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट की गई तैयार* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा।* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा।
*आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* *कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट की गई तैयार* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा। *आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* **आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में विकसित हो रही गोहद की आंगनवाड़ियां* *सुपर 50 कार्यक्रम के तहत हो रहा आंगनवाड़ी भवन का जीर्णोद्धार* *कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों से बनेंगी महिलाएं और किशोरियां आत्मनिर्भर* *कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट की गई तैयार* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए
कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा।* *मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के सीएसआर फंड से मिल रहा वित्तपोषण* *भिण्ड 1 अगस्त 2026* आकांक्षी विकासखंड गोहद के अंतर्गत गोहद परियोजना की 340 आंगनवाड़ी और मौ परियोजना की 110 आंगनवाड़ियों को आदर्श आंगनवाड़ी के रूप में स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ियों के वित्तपोषण में विभागीय बजट के अतिरिक्त मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के सीएसआर फंड का भी समुचित उपयोग कर भौतिक सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। कंपनियों को गत 3 वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का न्यूनतम 2% हिस्सा सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना होता है। जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की पहल पर मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से गोहद विकासखंड की आंगनवाड़ियों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। *आदर्श आंगनवाड़ी का सुपर 50 कार्यक्रम* पायलट के तौर पर आंगनवाड़ियों के उन्नयन के लिए सुपर-50 कार्यक्रम पर काम किया जा रहा है, जिसमें चिह्नित 50 आंगनवाड़ियों में भवन की मरम्मत, उन्नयन, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन की ‘अडाप्ट एन आंगनवाड़ी’ पहल अंतर्गत सुपर 50 कार्यक्रम के तहत एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से कुल 13 आंगनवाड़ी, फ्यूजन फाइनेंस और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड के सीएसआर योगदान से एक-एक आंगनवाड़ी में भौतिक अधोसंरचना का विकास किया गया है। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा आंगनवाड़ी के भवन का प्लास्टर और रंग-रोगन कर जीर्णोद्धार किया गया तथा भवनों को आकर्षक वॉल पेंटिंग के माध्यम बच्चों के लिए रोचक वातावरण निर्मित किया गया है। एसआरएफ फाउंडेशन ने आंगनवाड़ियों के लिए अलमारी, पुस्तकें और खिलौने प्रदान किए हैं। फ्यूजन फाइनेंस ने घनश्यामपुरा वार्ड नंबर 1 के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए खिलौने और टेवा फार्मास्युटिकल इंडिया लिमिटेड ने सिंघवारी आंगनवाड़ी के लिए कूलर, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे, झूले और फिसलपट्टी उपलब्ध कराए हैं। परियोजना की दो आंगनवाड़ियों का उन्नयन जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त बजट के माध्यम से किया गया है। शेष आंगनवाड़ियों के उन्नयन का कार्य प्रगतिरत है जिसके आगामी 6 माह में पूर्ण होने का लक्ष्य है। राज्य शासन द्वारा 25 आंगनवाड़ियों में पानी के आरओ फिल्टर और एलईडी टीवी उपलब्ध करवाए गए हैं, इन सुविधाओं को अतिरिक्त आंगनवाड़ियों में उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनवाड़ी में प्री-स्कूल शिक्षा के लिए गोहद और मौ परियोजनाओं की दो सुपरवाइजर और दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एसआरएफ फाउंडेशन के सहयोग से नूह, हरियाणा में एक्सपोजर विजिट करवाई गई है और कुल 30 सुपरवाइजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल शिक्षा में नियमित अंतराल पर प्रशिक्षित किया जाता है। *पूरक पोषण आहार की व्यवस्था* आंगनवाड़ी के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए शासन द्वारा प्राप्त हो रहे टेक होम राशन के अतिरिक्त पूरक पोषण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत संसाधन और उद्योगों के योगदान से एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए फूड बास्केट तैयार की गई है, जिसमें मोरिंगा पाउडर, सत्तू, आमला कैंडी, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ रखे गए हैं। बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के इस प्रयास को मापने के लिए प्रत्येक माह ऐसे बच्चों का वजन जांचा जाएगा। *आत्मनिर्भरता की लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना* आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाली किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा पायलट के तौर पर लाड़ली समृद्ध ग्राम योजना बनाई गई है। गुरीखा के जनजातीय बाहुल्य आदिवासीपुरा आंगनवाड़ी में महिलाओं के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। सिलाई कार्य के अलावा केंद्र में अचार, मुरब्बा और चटाई बनाना सिखाया जाएगा। केंद्र में ऑयस्टर प्रजाति का मशरूम कल्चर विकसित किया जा रहा है, जिससे लगभग 23 प्रतिशत प्रोटीन प्राप्त होगा। ग्राम गुरीखा में जनजातीय समुदाय के सभी 13 परिवारों को निजी तौर पर 5-5 पंचरत्न पेड़ दिए जा रहे हैं, जिनमें आंवला, जामुन, जामफल, मोरिंगा (सहजन) और नींबू शामिल हैं। पशुपालन विभाग से समन्वय कर इन परिवारों को प्रत्येक 40 कड़कनाथ के चूजे दिए जाएंगे, 2.5 महीने बाद ही बाजार में इसकी कीमत लगभग 1200 रुपये होती है। कौशल विकास, मशरूम की खेती, फलदार पौधों और कड़कनाथ चूजों के माध्यम से समुदाय का आर्थिक सशक्तिकरण और स्वास्थ्यवर्धन दोनों सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पायलट को आगे सहारिया जनजातीय बाहुल्य अन्य 3 ग्राम- मातादीन का पुरा, आशाराम का पुरा और रडी का पुरा की आंगनवाड़ियों में भी लागू किया जाएगा।
- महिलाओं से चैन झपटने वाला नाबालिग मास्टरमाइंड दबोचा, 30-40 CCTV फुटेज से पुलिस ने सुलझाईं दो वारदातें गोहद। शहर में महिलाओं से चैन स्नैचिंग की दो वारदातों का गोहद थाना पुलिस ने खुलासा करते हुए गिरोह के नाबालिग मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दोनों घटनाओं में लूटा गया एक मंगलसूत्र और दो 'मनचली' आभूषण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 80 हजार रुपए बताई गई है। आरोपी नाबालिग होने के कारण पुलिस ने उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस के अनुसार 3 जून को सदर बाजार रोड स्थित राधा रानी मंदिर के सामने पल्सर बाइक पर आए तीन बदमाशों ने एक महिला के गले से मंगलसूत्र झपट लिया था। इसके बाद 16 जुलाई को पान वाली गली चौराहे के पास बिना नंबर की बाइक पर आए दो बदमाशों ने दूसरी महिला के गले से 'मनचली' आभूषण छीन लिया था। दोनों मामलों में थाना गोहद में धारा 304(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल तथा एसडीओपी महेन्द्र कुमार गौतम के मार्गदर्शन में गठित टीम ने शहर और आसपास लगे 30 से 40 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। जांच के दौरान 25 जुलाई को पुलिस ने अभय माहौर (20) निवासी ग्राम देवरा, थाना मेहगांव और गौरव सिंह (19) निवासी ग्राम पिपरौली, थाना मेहगांव को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, पल्सर बाइक के पार्ट्स और नकदी बरामद की थी। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के मुख्य आरोपी तक पहुंची, जिसे शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक नाबालिग आरोपी ही वारदात के दौरान बाइक पर पीछे बैठकर महिलाओं के गले से आभूषण झपटता था। उससे एक मंगलसूत्र और दो 'मनचली' बरामद की गई हैं। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, सउनि कम्पोटर सिंह, प्रधान आरक्षक गौरीशंकर, प्रधान आरक्षक सोनू कुमार, प्रधान आरक्षक आकाश केन, आरक्षक भानु तोमर, आरक्षक योगेन्द्र सिंह, आरक्षक सर्वेश तोमर, आरक्षक सागर तोमर, आरक्षक ब्रजेश शर्मा, आरक्षक जीतेन्द्र कदम, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक महेश कुमार तथा आरक्षक आनंद दीक्षित की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- किसान बनकर खाद दुकान पर पहुंचे तहसीलदार नरेश शर्मा.. खाद वितरण मे लापरवाही और किसानो को खाद ना देने पर अम्बाह मे खाद दुकान सील्ड.. मुरैना कलेक्टर लोकेश जांगिड़ द्वारा सभी निजी खाद विक्रेताओं को किसानो को तत्काल खाद वितरण करने के निर्देश दिए गए है!तहसील अम्बाह मे सुबह 8 बजे से थाना परिसर मे तहसीलदार नरेश शर्मा की उपस्थिति मे मार्केफ़ेद द्वारा नियमित रूप से खाद का वितरण किया जा रहा है!शनिवार को खाद वितरण की ड्यूटी के दौरान तहसीलदार नरेश शर्मा को एक कृषक मकरंद शर्मा द्वारा शिकायत की गयी कि उनकी पत्नी के नाम का इ टोकन जारी होने के बाद भी नीरज उपाध्याय खाद बीज भंडार द्वारा खाद नहीं दिया जा रहा है तथा पिछले 3 दिनों से दुकान बंद है!सूचना मिलने पर तहसीलदार नरेश शर्मा स्वयं किसान बनकर नीरज उपाध्याय खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे जहाँ दुकान बंद मिली!जब दुकान खुलवाकर खाद देने को कहा गया तो खाद की अनुपलब्धता बताकर वापस लौटाया गया!इसके बाद तहसीलदार नरेश शर्मा ने एस ए डी ओ अम्बाह महेश किरार, राजस्व विभाग के पटवारी एवं थाना अम्बाह के बल के साथ दुकान खुलवाकर निरीक्षण किया जहाँ भरपूर मात्रा मे डी ए पी एवं अन्य खाद उपलब्ध था!खाद विक्रेता द्वारा दुकान बंद रखने, इ टोकन वाले किसानो को खाद प्रदान ना करने एवं खाद वितरण मे अनियमितता करने के कारण दुकान को तत्काल सील्ड किया गया!तहसीलदार नरेश शर्मा द्वारा बताया गया कि दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर मुरैना को भेजा जायेगा साथ ही तहसील अम्बाह मे कृषकों को सही समय पर और उचित मूल्य पर खाद वितरण ना करने वाले दुकानदारों एवं सोसाइटी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी!साथ ही तहसीलदार नरेश शर्मा ने तहसील अम्बाह के कृषकों के लिए अपना मोबाइल नम्बर 9174952120 भी जारी किया है जहाँ किसान खाद वितरण के अधिक मूल्य, खाद प्रदान ना करने एवं दुकान ना खुलने सम्बंधित शिकायत कर सकते है!1
- प्रसूता वार्ड में पहुंचे कलेक्टर, भर्ती महिलाओं से पूछा हाल: व्यवस्थाओं का लिया जायजा, नियमित जांच के दिए निर्देश भिंड।विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर शनिवार को कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रसूता वार्ड का राउंड लेकर भर्ती महिलाओं से उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ.आरके मिश्रा,सीएमएचओ सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को वार्ड में कुछ व्यवस्थाओं में कमियां दिखाई दीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी जैन से पूछा कि भर्ती महिलाओं का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक जांच की जा रही हैं या नहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रसूता की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर कलेक्टर ने नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए माताओं को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाली प्रत्येक प्रसूता को स्तनपान से जुड़े आवश्यक परामर्श दिए जाएं ताकि नवजात को जीवन की बेहतर शुरुआत मिल सके।1
- क्या बोली कल्लू कुशवाहा की पत्नी सुनिए पूरी बात को भिंड की अदालत क्या बोली कल्लू कुशवाहा की पत्नी सुनिए पूरी बात को भिंड की अदालत1
- *आदरणीय सर,* *आपकी गौरवपूर्ण सेवाओं और सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ *आदरणीय सर,* *आपकी गौरवपूर्ण सेवाओं और सफल कार्यकाल के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।* *आपने अपने कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और प्रेरणादायी नेतृत्व से पुलिस विभाग तथा समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। आपकी सेवाएँ सदैव याद रखी जाएँगी।* *सेवानिवृत्ति आपके जीवन की नई और सुखद शुरुआत है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख, समृद्धि और परिवार के साथ आनंदमय जीवन प्रदान करें।* *आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।* *सादर प्रणाम।*भिण्ड से पत्रकार दिनेश सोनी*🙏🙏🙏🙏1
- अंबाह जैन बगीची से निकली भव्य शोभायात्रा, 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना का श्रद्धापूर्वक शुभारंभ अम्बाह। धर्मनगरी अम्बाह के जैन बगीची परिसर में चातुर्मासरत आचार्यश्री सिद्धांत सागर जी महाराज की शिष्या परम पूज्य आर्यिका रत्न 105 श्री संगममति माताजी, परम पूज्य आर्यिका संयोगमति माताजी, क्षुल्लिका सम्पर्कमति माताजी, क्षुल्लिका सानिध्यमति माताजी एवं समर्पितमति माताजी ससंघ के पावन सान्निध्य में 35 दिवसीय णमोकार महामंत्र आराधना का श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर जैन बगीची से राठौटी बैंड की मधुर धुनों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः जैन बगीची पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ इसका समापन हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में भगवान महावीर स्वामी एवं णमोकार महामंत्र के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। आराधना के प्रथम दिवस के पुण्यार्जक भागचंद जैन, ऊषा जैन भंडारी, कुंदन जैन भंडारी एवं समस्त भंडारी परिवार रहे। उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चना कर णमोकार महामंत्र आराधना का शुभारंभ कराया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर धर्मलाभ अर्जित किया। भजन, मंगलाचरण एवं जयघोष से पूरा जैन बगीची परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। अपने मंगल प्रवचन में परम पूज्य आर्यिका श्री संगममति माताजी ने कहा कि "णमोकार महामंत्र समस्त मंत्रों का मूल है। इसका श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रता के साथ किया गया जाप आत्मशुद्धि, मानसिक शांति तथा आत्मबल की वृद्धि का श्रेष्ठ साधन है।" उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आगामी 35 दिनों तक नियमित रूप से आराधना में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए आत्मकल्याण एवं पुण्यार्जन का संदेश दिया। इस अवसर पर जैन बगीची स्थित पांडुकशिला पर भगवान का विधिवत अभिषेक, पूजन-अर्चना, पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का पुण्य लाभ समाजजनों ने प्राप्त किया। आयोजन समिति के अनुसार आगामी 35 दिनों तक प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल णमोकार महामंत्र जाप, प्रवचन, पूजन तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रथम दिवस की संध्या आरती एवं णमोकार महामंत्र आराधना का पुण्य लाभ भी भागचंद जैन, ऊषा जैन भंडारी, कुंदन जैन भंडारी एवं समस्त भंडारी परिवार द्वारा प्राप्त किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई। श्रद्धा, अनुशासन एवं धार्मिक उत्साह से संपन्न यह आयोजन नगर के धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना गया।1