महेंद्ररा की फोर विलार की नई मॉडल की काली सच सुन कर आप रह जायेंगे डांग। महेंद्ररा scorpio, और XUV नइ फोर विलर मे केसे जनता को अतिरिक्त फ़िचर के बहाने, केसे जनता को लुटा जा रहा है l वीडियो के माध्यम से जाने काला सच l महिंद्रा की फोर-व्हीलर (4x4/AWD) गाड़ियां (जैसे Thar, XUV700, Scorpio-N) अपनी मजबूती के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल के दिनों में ग्राहकों ने कुछ प्रमुख तकनीकी और व्यावहारिक त्रुटियां (Issues) रिपोर्ट की हैं। यहाँ 2024-2026 की अवधि के आधार पर बताई गई कुछ प्रमुख समस्याएं हैं: 1. इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर की दिक्कतें (Electrical & Software Issues) Adrenox/Infotainment System: XUV700 और Scorpio-N में टचस्क्रीन लैग (sluggish), अपने आप रीस्टार्ट होना या "Black Screen of Death" (स्क्रीन काली पड़ जाना) की शिकायतें आई हैं। सेंसर एरर: के अनुसार, DPF (Diesel Particulate Filter) सेंसर, हिल-डिसेंट कंट्रोल (HDC) एरर, और ABS सेंसर के बार-बार खराब होने की रिपोर्टें हैं, जिससे डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट्स जल जाती हैं। कनेक्टिविटी: Android Auto/Apple CarPlay का बार-बार डिस्कनेक्ट होना एक आम समस्या है। [1, 2, 3, 4] 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,। कूलेंट/लीकेज: के अनुसार, कूलेंट होज़ फेल होना या इंजन के पास से तेल/तरल का रिसाव होना। [1, 2, 3, 4] 3. सस्पेंशन और बिल्ड क्वालिटी (Suspension & Build Quality) सस्पेंशन की आवाज (Knocking Sound): थार के अगले सस्पेंशन से "Gud-Gud" की आवाज आना (विशेषकर खराब रास्तों पर) एक बहुत ही आम शिकायत है। सवारी का अनुभव (Ride Quality): स्कॉर्पियो-एन और थार का सस्पेंशन सख्त महसूस होता है, जो हाई-स्पीड पर अनकम्फर्टेबल हो सकता है। बिल्ड क्वालिटी/Rattling: के अनुसार, डोर पैनल्स से आवाज आना (Rattling), प्लास्टिक के पार्ट्स ढीले होना और इंटीरियर की फिटिंग में कमी। 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,। कूलेंट/लीकेज: के अनुसार, कूलेंट होज़ फेल होना या इंजन के पास से तेल/तरल का रिसाव होना। [1, 2, 3, 4] 3. सस्पेंशन और बिल्ड क्वालिटी (Suspension & Build Quality) सस्पेंशन की आवाज (Knocking Sound): थार के अगले सस्पेंशन से "Gud-Gud" की आवाज आना (विशेषकर खराब रास्तों पर) एक बहुत ही आम शिकायत है। सवारी का अनुभव (Ride Quality): स्कॉर्पियो-एन और थार का सस्पेंशन सख्त महसूस होता है, जो हाई-स्पीड पर अनकम्फर्टेबल हो सकता है। बिल्ड क्वालिटी/Rattling: के अनुसार, डोर पैनल्स से आवाज आना (Rattling), प्लास्टिक के पार्ट्स ढीले होना और इंटीरियर की फिटिंग में कमी। 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,।
महेंद्ररा की फोर विलार की नई मॉडल की काली सच सुन कर आप रह जायेंगे डांग। महेंद्ररा scorpio, और XUV नइ फोर विलर मे केसे जनता को अतिरिक्त फ़िचर के बहाने, केसे जनता को लुटा जा रहा है l वीडियो के माध्यम से जाने काला सच l महिंद्रा की फोर-व्हीलर (4x4/AWD) गाड़ियां (जैसे Thar, XUV700, Scorpio-N) अपनी मजबूती के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल के दिनों में ग्राहकों ने कुछ प्रमुख तकनीकी और व्यावहारिक त्रुटियां (Issues) रिपोर्ट की हैं। यहाँ 2024-2026 की अवधि के आधार पर बताई गई कुछ प्रमुख समस्याएं हैं: 1. इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर की दिक्कतें (Electrical & Software Issues) Adrenox/Infotainment System: XUV700 और Scorpio-N में टचस्क्रीन लैग (sluggish), अपने आप रीस्टार्ट होना या "Black Screen of Death" (स्क्रीन काली पड़ जाना) की शिकायतें आई हैं। सेंसर एरर: के अनुसार, DPF (Diesel Particulate Filter) सेंसर, हिल-डिसेंट कंट्रोल (HDC) एरर, और ABS सेंसर के बार-बार खराब होने की रिपोर्टें हैं, जिससे डैशबोर्ड पर वॉर्निंग लाइट्स जल जाती हैं। कनेक्टिविटी: Android Auto/Apple CarPlay का बार-बार डिस्कनेक्ट होना एक आम समस्या है। [1, 2, 3, 4] 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,। कूलेंट/लीकेज: के अनुसार, कूलेंट होज़ फेल होना या इंजन के पास से तेल/तरल का रिसाव होना। [1, 2, 3, 4] 3. सस्पेंशन और बिल्ड क्वालिटी (Suspension & Build Quality) सस्पेंशन की आवाज (Knocking Sound): थार के अगले सस्पेंशन से "Gud-Gud" की आवाज आना (विशेषकर खराब रास्तों पर) एक बहुत ही आम शिकायत है। सवारी का अनुभव (Ride Quality): स्कॉर्पियो-एन और थार का सस्पेंशन सख्त महसूस होता है, जो हाई-स्पीड पर अनकम्फर्टेबल हो सकता है। बिल्ड क्वालिटी/Rattling: के अनुसार, डोर पैनल्स से आवाज आना (Rattling), प्लास्टिक के पार्ट्स ढीले होना और इंटीरियर की फिटिंग में कमी। 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,। कूलेंट/लीकेज: के अनुसार, कूलेंट होज़ फेल होना या इंजन के पास से तेल/तरल का रिसाव होना। [1, 2, 3, 4] 3. सस्पेंशन और बिल्ड क्वालिटी (Suspension & Build Quality) सस्पेंशन की आवाज (Knocking Sound): थार के अगले सस्पेंशन से "Gud-Gud" की आवाज आना (विशेषकर खराब रास्तों पर) एक बहुत ही आम शिकायत है। सवारी का अनुभव (Ride Quality): स्कॉर्पियो-एन और थार का सस्पेंशन सख्त महसूस होता है, जो हाई-स्पीड पर अनकम्फर्टेबल हो सकता है। बिल्ड क्वालिटी/Rattling: के अनुसार, डोर पैनल्स से आवाज आना (Rattling), प्लास्टिक के पार्ट्स ढीले होना और इंटीरियर की फिटिंग में कमी। 2. इंजन और मैकेनिकल समस्याएं (Engine & Mechanical Issues) क्लिच और गियरबॉक्स: थार और स्कॉर्पियो-एन के 4x4 वेरिएंट्स में क्लच हार्ड होने, क्लच स्लिप होने या जलने की गंध आने की शिकायतें मिली हैं, खासकर भारी ऑफ-रोडिंग के बाद। DPF/Regeneration: डीजल इंजन वाली गाड़ियों में बार-बार DPF 'Regeneration' की समस्या (जिससे गाड़ी की स्पीड कम हो जाती है) परेशान करने वाली है,।
- झारखंड सरकार एवं हुसैन बाद के स्थानिये बिधायक जी को मुख बिंदु पर बिचार करते हुए हैं l समाधान निकलने की जरूरत है l ramashankar Sharma Garhwa Jharkhand2
- Post by Anit tiwary1
- गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी का रंका मोड पास JMM कार्यकर्ता ने पुतला दहन किया। जिला अध्यक्ष शंभू राम ने विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी जी पर कई ऐसे गंभीर आरोप भी लगाया1
- सिर्फ 19,300 के लिए एक गरीब आदमी ने निकाली अपनी बहन की कब्र से शव1
- Post by Sunil singh1
- चिनीयां से हेमंत कुमार की रिपोर्ट शुक्रवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब प्रभु प्रकाश मिशन विद्यालय जमुनिया टांड की चौथी कक्षा की करीब 12 वर्षीय छात्रा जंगल में रोती और भागती हुई मिली। जब चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव निवासी जयराम सिंह रंका जा रहे थे, तभी बड़का नाला के पास जंगल के बीच उन्होंने बच्ची को इस हालत में देखा। जयराम सिंह ने तुरंत अपनी बाइक रोकी और बच्ची को सुरक्षित अपने गांव चिरका ले आए। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम खुशबू कुमारी, पिता नागेंद्र सिंह, निवासी महूडंड (डंडई थाना क्षेत्र) बताया। बच्ची ने घबराई हुए अंदाज में बताया कि कुछ अज्ञात लोग मेरे साथ एक और लड़की को पकड़कर हाथ बांधकर जंगल में ले गए थे, जहां से वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर भाग निकली। हालांकि, विद्यालय प्रबंधन ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए इसे बच्ची की “बहानेबाजी” बताया। स्कूल इंचार्ज का कहना है कि छात्रा नई-नई दाखिल हुई है और इस तरह की बातें करती रहती है। उनके मुताबिक, उसके साथ कोई दूसरी बच्ची हॉस्टल से बाहर नहीं गई है। घटना की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। परिजनों विद्यालय के फादर को सूचना दी गई, जिसके बाद बच्ची की मां भी मौके पर पहुंच गईं। लेकिन खबर लिखे जाने तक विद्यालय की ओर से कोई शिक्षक, वार्डन या जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा था। बताते चले कि इसी सप्ताह मंगलवार को भी इसी विद्यालय के हॉस्टल से 7-8 साल के दो मासूम बच्चे भागकर जंगल के रास्ते आ गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने पकड़कर सुरक्षित चिनीयां थाना मोड़ तक पहुंचाया था। अब लगातार दूसरी घटना ने विद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग इसे गंभीर लापरवाही मान रहे हैं। अब सवाल यह उठना है कि क्या हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है? या फिर जिम्मेदारों की लापरवाही से मासूमों की जिंदगी खतरे में डाली जा रही है ?1
- Post by SK Paswan1
- कन्या विवाह और विकास समिति का सचिव विकास माली द्वारा एक बयान दिया गया जिसमें बताया गया कि अपनी बच्ची को नाबालिक स्थिति में विवाह न करें अन्यथा उनके ऊपर शारीरिक मानसिक रूप से बीमार पड़ सकती है कोई भी लड़कियां शादी के लिए 18 साल के बाद परिपक्व हो जाती है1