logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भारी बारिश से शहडोल में नदी-नाले उफान पर, मुड़ना नदी का रपटा डूबने की कगार पर

1 hr ago
user_अजय कुमार केवट
अजय कुमार केवट
Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

भारी बारिश से शहडोल में नदी-नाले उफान पर, मुड़ना नदी का रपटा डूबने की कगार पर

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भारी बारिश से शहडोल में नदी-नाले उफान पर, मुड़ना नदी का रपटा डूबने की कगार पर
    1
    भारी बारिश से शहडोल में नदी-नाले उफान पर, मुड़ना नदी का रपटा डूबने की कगार पर
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शहडोल बुढार सोशल मीडिया में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी चार आरोपी गिरफ्तार. पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग
    1
    शहडोल बुढार 
सोशल मीडिया में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी चार आरोपी गिरफ्तार. 
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग होम कॉलेज का 2020-21 बैच का परीक्ष परिणाम में उमरिया जिला ही नहींपूरे संभाग मैं संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ। जिला उमरिया बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग 2020-21 बैच का परीक्षा परिणाम रहा सत प्रतिशत!! उमरिया जिले केबिरसिंहपुर पाली में संचालित संस्था कमला नर्सिंग कॉलेज का परीक्षा परिणाम सत प्रतिशत रहा एवं संभाग में संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है ।संस्था में पढ़ने वाली छात्रा आरती यादव 84% के साथ प्रथम स्थान प्राप्त की वहीं कृष्णा देवी ने 80.28%अंक साथ दूसरा प्राप्त किया है स्थान और मिनी सिंह 80.14%के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।,सुनैना प्रजापति, क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए ज्ञात हो की संस्था का पूर्व में भी सत प्रतिशत रिजल्ट आया था। संस्था की प्राचार्य प्रियंका पटेल ने बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं आगे भी इसी तरह से मेहनत करने का मंत्र दिया है ।इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं छात्राओं के अथक मेहनत के कारण ही संस्था का परिणाम सत प्रतिशत आ रहा है प्राचार्य ने आगे यह भी कहा कि हमारी संस्था में कार्यरत सभी शिक्षक बहुत ही लगन व मेहनत के साथ छात्राओं को अध्यापन कराते हैं वहीं छात्राएं भी पूरी लगन के साथ संस्था में भागीदारी एवं पढ़ाई का कार्य पूर्ण लगन के साथ करते हैं इसी वजह से छात्राओं का इतना बेहतर परिणाम प्राप्त हो सका। आगे भी संस्था अपने संस्था के अध्यापकों एवं छात्राओं से ऐसे ही सत प्रतिशत रिजल्ट की कामना करती है।
    1
    उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग होम कॉलेज का 2020-21 बैच का परीक्ष परिणाम में उमरिया जिला ही नहींपूरे संभाग मैं संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ।
जिला उमरिया बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग 2020-21 बैच का परीक्षा परिणाम रहा सत प्रतिशत!! 
उमरिया जिले केबिरसिंहपुर पाली में संचालित संस्था कमला नर्सिंग कॉलेज का परीक्षा परिणाम सत प्रतिशत रहा एवं संभाग में संस्था को  अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है ।संस्था में पढ़ने वाली छात्रा आरती यादव 84% के साथ प्रथम स्थान प्राप्त की वहीं कृष्णा देवी ने 80.28%अंक साथ दूसरा प्राप्त किया है स्थान और मिनी सिंह 80.14%के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।,सुनैना प्रजापति, क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए  ज्ञात हो की संस्था का पूर्व में भी सत प्रतिशत रिजल्ट आया था। संस्था की प्राचार्य प्रियंका पटेल ने बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं आगे भी इसी तरह से मेहनत करने का मंत्र दिया है ।इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं छात्राओं के अथक मेहनत के कारण ही संस्था का परिणाम सत प्रतिशत आ रहा है प्राचार्य ने आगे यह भी कहा कि हमारी संस्था में कार्यरत सभी शिक्षक बहुत ही लगन व मेहनत के साथ छात्राओं को अध्यापन कराते हैं वहीं छात्राएं भी पूरी लगन के साथ संस्था में भागीदारी एवं पढ़ाई का कार्य पूर्ण लगन के साथ करते हैं इसी वजह से छात्राओं का इतना बेहतर परिणाम प्राप्त हो सका। आगे भी संस्था अपने संस्था के अध्यापकों एवं छात्राओं से ऐसे ही सत प्रतिशत रिजल्ट की कामना करती है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अनूपपुर कलेक्टर ने जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम भेजरी में निर्माणाधीन सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास भवन का किया निरीक्षण कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम भेजरी में निर्माणाधीन सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने भवन के विभिन्न कक्षों, लाइब्रेरी, भोजन कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, पेयजल व्यवस्था, वाटर कूलर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक से छात्र संख्या एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। छात्रावास अधीक्षक ने बताया कि छात्रावास की क्षमता 50 विद्यार्थियों की है, जिसमें वर्तमान में 42 विद्यार्थी निवासरत हैं। नवीन भवन के पूर्ण होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री झा ने छात्रावास परिसर का भ्रमण कर भवन की छत, शौचालय, पेयजल, वाहन सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने भवन की छत को व्यवस्थित एवं सुरक्षित करने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ता और आवश्यक मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसलिए भवन निर्माण के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    1
    अनूपपुर कलेक्टर ने जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम भेजरी में निर्माणाधीन सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास भवन का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री  रत्नाकर झा ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम भेजरी में निर्माणाधीन सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने भवन के विभिन्न कक्षों, लाइब्रेरी, भोजन कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, पेयजल व्यवस्था, वाटर कूलर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। 
कलेक्टर ने छात्रावास अधीक्षक से छात्र संख्या एवं वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। छात्रावास अधीक्षक ने बताया कि छात्रावास की क्षमता 50 विद्यार्थियों की है, जिसमें वर्तमान में 42 विद्यार्थी निवासरत हैं। नवीन भवन के पूर्ण होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री झा ने छात्रावास परिसर का भ्रमण कर भवन की छत, शौचालय, पेयजल, वाहन सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने भवन की छत को व्यवस्थित एवं सुरक्षित करने तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ता और आवश्यक मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसलिए भवन निर्माण के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Prince ojha
    Prince ojha
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गणपति विसर्जन कुंड पर नगर पालिका की व्यवस्था पर सवाल विसर्जन कुंड में क्रेन नहीं, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार ? अनूपपुर - अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र में बनाए गए विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एडवोकेट जयंत राव ने शिकायत करते हुए कहा कि विसर्जन स्थल पर आवश्यक मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं होने के साथ स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई दी। शिकायत के मुताबिक, रात करीब 12 बजे तक विसर्जन कुंड पर क्रेन उपलब्ध नहीं थी। इस दौरान तहसीलदार से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेने पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था किए जाने की बात बताई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी हाइड्रा मौके पर उपलब्ध नहीं हो सका। *कीचड़ और फिसलन के बीच विसर्जन की व्यवस्था* विसर्जन के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेने पर स्थल पर काफी मात्रा में कीचड़ और फिसलन दिखाई देने की बात सामने आई। ऐसे स्थान पर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के साथ पहुंचने और विसर्जन करने में परेशानी की स्थिति बन सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। जयंत राव का कहना है कि जिस स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है, वहां आवागमन के लिए सुरक्षित रास्ता, पर्याप्त प्रकाश, कीचड़ से बचाव तथा फिसलन रोकने के इंतजाम पहले से किए जाने चाहिए थे। *पहले से निर्धारित था विसर्जन का कार्यक्रम* गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होता है। इसके बावजूद विसर्जन स्थल पर क्रेन अथवा हाइड्रा जैसी आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता को लेकर शिकायत सामने आने से तैयारियों पर सवाल उठे हैं। वहीं, स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति ने भी व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी पर प्रश्नचिह्न लगाया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन की तैयारियों में समन्वय की कमी और लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई दी। व्यवस्था की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने प्रशासन से मांग की है कि विसर्जन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा कर यह पता लगाया जाए कि आवश्यक मशीनरी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम समय रहते क्यों नहीं किए गए। उन्होंने भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों से पहले स्थल का निरीक्षण, कीचड़ एवं फिसलन से निपटने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश, सुरक्षा इंतजाम तथा क्रेन या हाइड्रा जैसी मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। अब सवाल यह है कि जब गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तिथि पहले से निर्धारित थी, तो क्या विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण किया गया था? यदि निरीक्षण हुआ था, तो कीचड़, फिसलन और मशीनरी की उपलब्धता जैसी समस्याएं समय रहते दूर क्यों नहीं की गईं?
    1
    गणपति विसर्जन कुंड पर नगर पालिका की व्यवस्था पर सवाल 
विसर्जन कुंड में क्रेन नहीं, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार ?
अनूपपुर   -
अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र में बनाए गए विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एडवोकेट जयंत राव ने शिकायत करते हुए कहा कि विसर्जन स्थल पर आवश्यक मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं होने के साथ स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई दी।
शिकायत के मुताबिक, रात करीब 12 बजे तक विसर्जन कुंड पर क्रेन उपलब्ध नहीं थी। इस दौरान तहसीलदार से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेने पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था किए जाने की बात बताई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी हाइड्रा मौके पर उपलब्ध नहीं हो सका।
*कीचड़ और फिसलन के बीच विसर्जन की व्यवस्था*
विसर्जन के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेने पर स्थल पर काफी मात्रा में कीचड़ और फिसलन दिखाई देने की बात सामने आई। ऐसे स्थान पर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के साथ पहुंचने और विसर्जन करने में परेशानी की स्थिति बन सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
जयंत राव का कहना है कि जिस स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है, वहां आवागमन के लिए सुरक्षित रास्ता, पर्याप्त प्रकाश, कीचड़ से बचाव तथा फिसलन रोकने के इंतजाम पहले से किए जाने चाहिए थे।
*पहले से निर्धारित था विसर्जन का कार्यक्रम*
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होता है। इसके बावजूद विसर्जन स्थल पर क्रेन अथवा हाइड्रा जैसी आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता को लेकर शिकायत सामने आने से तैयारियों पर सवाल उठे हैं। वहीं, स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति ने भी व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी पर प्रश्नचिह्न लगाया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन की तैयारियों में समन्वय की कमी और लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
व्यवस्था की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने प्रशासन से मांग की है कि विसर्जन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा कर यह पता लगाया जाए कि आवश्यक मशीनरी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम समय रहते क्यों नहीं किए गए। उन्होंने भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों से पहले स्थल का निरीक्षण, कीचड़ एवं फिसलन से निपटने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश, सुरक्षा इंतजाम तथा क्रेन या हाइड्रा जैसी मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तिथि पहले से निर्धारित थी, तो क्या विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण किया गया था? यदि निरीक्षण हुआ था, तो कीचड़, फिसलन और मशीनरी की उपलब्धता जैसी समस्याएं समय रहते दूर क्यों नहीं की गईं?
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर उमरिया। बाघों की दहाड़ और जंगल की रोमांचक दुनिया के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व केवल बाघों का घर ही नहीं, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण में हाथियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगल की कठिन परिस्थितियों में वन विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन गजराजों को सम्मान देने और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इन दिनों बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। “हाथी मेरे साथी” की भावना को साकार करता यह महोत्सव गजराजों और उनके महावतों के उस अनोखे रिश्ते की कहानी भी सामने लाता है, जो वर्षों के साथ विश्वास, अनुशासन और आपसी समझ से मजबूत हुआ है। जंगल के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं गजराज बांधवगढ़ के हाथी वन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों में वन अमले के सहयोगी रहे हैं। कठिन और दुर्गम इलाकों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, आपात परिस्थितियों में सहायता तथा जंगल से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जहां कई बार सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां प्रशिक्षित हाथी वन अमले के लिए भरोसेमंद साथी बनकर सामने आते हैं। इन गजराजों की विशेषता केवल उनका विशाल शरीर और ताकत नहीं, बल्कि उनका धैर्य, समझ और प्रशिक्षण भी है। महावत और हाथी के बीच वर्षों में विकसित हुआ विश्वास जंगल में काम करने के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महोत्सव में हो रही विशेष देखभाल पांच दिवसीय हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के हाथियों की विशेष सेवा-सुश्रुषा और स्वास्थ्य परीक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य, खान-पान और दैनिक देखभाल से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली जा रही है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और हाथी प्रेमी गजराजों के साथ समय बिताकर उनके संरक्षण और कल्याण का संदेश दे रहे हैं। महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। महावत और हाथी का रिश्ता बना आकर्षण बांधवगढ़ के हाथियों की कहानी में उनके महावतों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महावत ही हाथियों की दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखते हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण महावत अपने हाथियों की छोटी-छोटी गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलाव को भी आसानी से समझ लेते हैं। यही रिश्ता “हाथी मेरे साथी” की अवधारणा को मजबूत बनाता है। एक ओर हाथी जंगल में वन अमले का साथी है, तो दूसरी ओर उसका महावत उसकी देखभाल करने वाला संरक्षक। गजराजों के सम्मान का पर्व हाथी महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देने वाला अवसर है। बांधवगढ़ में आयोजित यह महोत्सव लोगों को यह समझने का अवसर देता है कि जंगल की सुरक्षा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले इन गजराजों की देखभाल और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों की मौजूदगी जितनी रोमांच पैदा करती है, उतनी ही खास कहानी इन हाथियों की भी है। वर्षों से जंगल की पगडंडियों पर वन अमले का साथ निभाते ये गजराज वास्तव में बांधवगढ़ के मौन प्रहरी और सच्चे साथी हैं। हाथी महोत्सव उनके इसी योगदान, समर्पण और वन संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को सलाम करने का अवसर बन गया है।
    2
    हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर
हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर
उमरिया। बाघों की दहाड़ और जंगल की रोमांचक दुनिया के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व केवल बाघों का घर ही नहीं, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण में हाथियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगल की कठिन परिस्थितियों में वन विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन गजराजों को सम्मान देने और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इन दिनों बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
“हाथी मेरे साथी” की भावना को साकार करता यह महोत्सव गजराजों और उनके महावतों के उस अनोखे रिश्ते की कहानी भी सामने लाता है, जो वर्षों के साथ विश्वास, अनुशासन और आपसी समझ से मजबूत हुआ है।
जंगल के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं गजराज
बांधवगढ़ के हाथी वन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों में वन अमले के सहयोगी रहे हैं। कठिन और दुर्गम इलाकों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, आपात परिस्थितियों में सहायता तथा जंगल से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जहां कई बार सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां प्रशिक्षित हाथी वन अमले के लिए भरोसेमंद साथी बनकर सामने आते हैं।
इन गजराजों की विशेषता केवल उनका विशाल शरीर और ताकत नहीं, बल्कि उनका धैर्य, समझ और प्रशिक्षण भी है। महावत और हाथी के बीच वर्षों में विकसित हुआ विश्वास जंगल में काम करने के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
महोत्सव में हो रही विशेष देखभाल
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के हाथियों की विशेष सेवा-सुश्रुषा और स्वास्थ्य परीक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य, खान-पान और दैनिक देखभाल से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली जा रही है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और हाथी प्रेमी गजराजों के साथ समय बिताकर उनके संरक्षण और कल्याण का संदेश दे रहे हैं।
महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है।
महावत और हाथी का रिश्ता बना आकर्षण
बांधवगढ़ के हाथियों की कहानी में उनके महावतों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महावत ही हाथियों की दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखते हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण महावत अपने हाथियों की छोटी-छोटी गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलाव को भी आसानी से समझ लेते हैं।
यही रिश्ता “हाथी मेरे साथी” की अवधारणा को मजबूत बनाता है। एक ओर हाथी जंगल में वन अमले का साथी है, तो दूसरी ओर उसका महावत उसकी देखभाल करने वाला संरक्षक।
गजराजों के सम्मान का पर्व
हाथी महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देने वाला अवसर है। बांधवगढ़ में आयोजित यह महोत्सव लोगों को यह समझने का अवसर देता है कि जंगल की सुरक्षा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले इन गजराजों की देखभाल और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है।
बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों की मौजूदगी जितनी रोमांच पैदा करती है, उतनी ही खास कहानी इन हाथियों की भी है। वर्षों से जंगल की पगडंडियों पर वन अमले का साथ निभाते ये गजराज वास्तव में बांधवगढ़ के मौन प्रहरी और सच्चे साथी हैं। हाथी महोत्सव उनके इसी योगदान, समर्पण और वन संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को सलाम करने का अवसर बन गया है।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    6 hrs ago
  • लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, परिजनों में मातम,क्षेत्र में शोक की लहर मध्य प्रदेश, उमरिया बीती रात लोढ़ा हाईवे पर सड़क हादसे में स्थानीय निलेश पिता रामनाथ यादव उम्र करीब 24 वर्ष के मौत की खबर है। इस हादसे में घटना के बाद गंभीर रूप से जख्मी युवक को देर रात जिला अस्पताल लाया गया था, प्राथमिक उपचार कर, बिना देर किए कटनी रेफर कर दिया गया था। परंतु डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अंततः कटनी अस्पताल में मौत हो गई। हादसा कैसा हुआ। फिलहाल अब तक साफ नहीं है। हालांकि शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे हुए इस हादसे के बाद पुलिस पहुंची। और जरूरी तफ़्तीश कर रही है। फिलहाल मृत युवक की डेड बॉडी गांव नहीं पहुंची है। पीएम आदि की कार्यवाही पूर्ण होकर कटनी से सव ग्राम लोढ़ा पहुंचेगी। मृतक युवक ऑटो चालक रहा है। घटनास्थल हाईवे के बगल में बने उसके घर से महज चंद कदम दूरी पर है। घटना को लेकर बताया जाता है कि उमरिया से कटनी की ओर जा रही अज्ञात चार पहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी है, बताया जाता की टक्कर के दौरान सड़क पर खड़े टैंकर से भी उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन टकराया है। मौत की खबर के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वही गांव में भी इस घटना से मातम की लहर
    1
    लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर
लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, परिजनों में मातम,क्षेत्र में शोक की लहर 
मध्य प्रदेश, उमरिया
बीती रात लोढ़ा हाईवे पर सड़क हादसे में स्थानीय निलेश पिता रामनाथ यादव उम्र करीब 24 वर्ष के मौत की खबर है। इस हादसे में घटना के बाद गंभीर रूप से जख्मी युवक को देर रात जिला अस्पताल लाया गया था, प्राथमिक उपचार कर, बिना देर किए कटनी रेफर कर दिया गया था। परंतु डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अंततः कटनी अस्पताल में मौत हो गई। हादसा कैसा हुआ। फिलहाल अब तक साफ नहीं है। हालांकि शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे हुए इस हादसे के बाद पुलिस पहुंची। और जरूरी तफ़्तीश कर रही है। फिलहाल मृत युवक की डेड बॉडी गांव नहीं पहुंची है। पीएम आदि की कार्यवाही पूर्ण होकर कटनी से सव ग्राम लोढ़ा पहुंचेगी। मृतक युवक ऑटो चालक रहा है। घटनास्थल हाईवे के बगल में बने उसके घर से महज चंद कदम दूरी पर है। घटना को लेकर बताया जाता है कि उमरिया से कटनी की ओर जा रही अज्ञात चार पहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी है, बताया जाता की टक्कर के दौरान सड़क पर खड़े टैंकर से भी उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन टकराया है। मौत की खबर के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वही गांव में भी इस घटना से मातम की लहर
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • ⏩ जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक ⏩ । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । ⏩ जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक ⏩ । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । उमंग दिवस की थीम “उमंग है तो जिंदगी में रंग है, चुनौतियों से लड़कर सकारात्मकता से गढ़ेंगे भविष्य” निर्धारित की गई थी। जिले के विद्यालयों में प्राचार्यों, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर एवं विद्यालयीन स्टाफ के सहयोग से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। ⏩ कार्यक्रम के दौरान रोल प्ले, कानाफूसी खेल, सशक्तिकरण स्टेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। ⏩ कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने अपने संदेश मे कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण काल है, जिसमें किशोर-किशोरियों में तीव्र शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव आते हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के अंतर्द्वंद्व, सामाजिक दबाव, तनाव एवं शंकाओं का सामना करना पड़ता है। उमंग दिवस विद्यार्थियों को इन चुनौतियों को समझने और उनसे सकारात्मक रूप से निपटने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। ⏩ जिला शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह वरकड़े ने बताया कि उमंग दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों में 10 मूल जीवन कौशलों का विकास, उमंग टोल फ्री नंबर 14425 तथा टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी, उमंग स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच एवं उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही उज्ज्वल कार्यक्रम के माध्यम से जेंडर संवेदनशीलता तथा सशक्त कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया ⏩ यह कार्यक्रम सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग डॉ. पूजा द्विवेदी एवं जिला परियोजना समन्वयक आर.एस. मरावी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान डॉ. संदीप सिंह ,विनीत कुमार के.वी. उपस्थित रहे।
    1
    ⏩  जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस
विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक
⏩  । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । 
	
⏩  जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस
विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक
⏩  । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । 
उमंग दिवस की थीम “उमंग है तो जिंदगी में रंग है, चुनौतियों से लड़कर सकारात्मकता से गढ़ेंगे भविष्य” निर्धारित की गई थी। जिले के विद्यालयों में प्राचार्यों, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर एवं विद्यालयीन स्टाफ के सहयोग से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
⏩  कार्यक्रम के दौरान रोल प्ले, कानाफूसी खेल, सशक्तिकरण स्टेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
⏩  कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने अपने संदेश मे कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण काल है, जिसमें किशोर-किशोरियों में तीव्र शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव आते हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के अंतर्द्वंद्व, सामाजिक दबाव, तनाव एवं शंकाओं का सामना करना पड़ता है। उमंग दिवस विद्यार्थियों को इन चुनौतियों को समझने और उनसे सकारात्मक रूप से निपटने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।
⏩  जिला शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह वरकड़े ने बताया कि उमंग दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों में 10 मूल जीवन कौशलों का विकास, उमंग टोल फ्री नंबर 14425 तथा टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी, उमंग स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच एवं उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही उज्ज्वल कार्यक्रम के माध्यम से जेंडर संवेदनशीलता तथा सशक्त कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया
⏩  यह कार्यक्रम सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग डॉ. पूजा द्विवेदी एवं जिला परियोजना समन्वयक आर.एस. मरावी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान डॉ. संदीप सिंह ,विनीत कुमार के.वी. उपस्थित रहे।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.