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हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर उमरिया। बाघों की दहाड़ और जंगल की रोमांचक दुनिया के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व केवल बाघों का घर ही नहीं, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण में हाथियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगल की कठिन परिस्थितियों में वन विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन गजराजों को सम्मान देने और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इन दिनों बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। “हाथी मेरे साथी” की भावना को साकार करता यह महोत्सव गजराजों और उनके महावतों के उस अनोखे रिश्ते की कहानी भी सामने लाता है, जो वर्षों के साथ विश्वास, अनुशासन और आपसी समझ से मजबूत हुआ है। जंगल के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं गजराज बांधवगढ़ के हाथी वन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों में वन अमले के सहयोगी रहे हैं। कठिन और दुर्गम इलाकों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, आपात परिस्थितियों में सहायता तथा जंगल से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जहां कई बार सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां प्रशिक्षित हाथी वन अमले के लिए भरोसेमंद साथी बनकर सामने आते हैं। इन गजराजों की विशेषता केवल उनका विशाल शरीर और ताकत नहीं, बल्कि उनका धैर्य, समझ और प्रशिक्षण भी है। महावत और हाथी के बीच वर्षों में विकसित हुआ विश्वास जंगल में काम करने के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महोत्सव में हो रही विशेष देखभाल पांच दिवसीय हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के हाथियों की विशेष सेवा-सुश्रुषा और स्वास्थ्य परीक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य, खान-पान और दैनिक देखभाल से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली जा रही है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और हाथी प्रेमी गजराजों के साथ समय बिताकर उनके संरक्षण और कल्याण का संदेश दे रहे हैं। महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। महावत और हाथी का रिश्ता बना आकर्षण बांधवगढ़ के हाथियों की कहानी में उनके महावतों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महावत ही हाथियों की दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखते हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण महावत अपने हाथियों की छोटी-छोटी गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलाव को भी आसानी से समझ लेते हैं। यही रिश्ता “हाथी मेरे साथी” की अवधारणा को मजबूत बनाता है। एक ओर हाथी जंगल में वन अमले का साथी है, तो दूसरी ओर उसका महावत उसकी देखभाल करने वाला संरक्षक। गजराजों के सम्मान का पर्व हाथी महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देने वाला अवसर है। बांधवगढ़ में आयोजित यह महोत्सव लोगों को यह समझने का अवसर देता है कि जंगल की सुरक्षा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले इन गजराजों की देखभाल और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों की मौजूदगी जितनी रोमांच पैदा करती है, उतनी ही खास कहानी इन हाथियों की भी है। वर्षों से जंगल की पगडंडियों पर वन अमले का साथ निभाते ये गजराज वास्तव में बांधवगढ़ के मौन प्रहरी और सच्चे साथी हैं। हाथी महोत्सव उनके इसी योगदान, समर्पण और वन संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को सलाम करने का अवसर बन गया है।

3 hrs ago
user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
Lawyer Bandhogarh, Umaria•
3 hrs ago
c63b3d57-1747-4168-b7be-289362eae154

हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर उमरिया। बाघों की दहाड़ और जंगल की रोमांचक दुनिया के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व केवल बाघों का घर ही नहीं, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण में हाथियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगल की कठिन परिस्थितियों में वन विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन गजराजों को सम्मान देने और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इन दिनों बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। “हाथी मेरे साथी” की भावना को साकार करता यह महोत्सव गजराजों और उनके महावतों के उस अनोखे रिश्ते की कहानी भी सामने लाता है, जो वर्षों के साथ विश्वास, अनुशासन और आपसी समझ से मजबूत हुआ है। जंगल के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं गजराज बांधवगढ़ के हाथी वन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों में वन अमले के सहयोगी रहे हैं। कठिन और दुर्गम इलाकों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, आपात परिस्थितियों में सहायता तथा जंगल से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जहां कई बार सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां प्रशिक्षित हाथी वन अमले के लिए भरोसेमंद साथी बनकर सामने आते हैं। इन गजराजों की विशेषता केवल उनका विशाल शरीर और ताकत नहीं, बल्कि उनका धैर्य, समझ और प्रशिक्षण भी है। महावत और हाथी के बीच वर्षों में विकसित हुआ विश्वास जंगल में काम करने के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महोत्सव में हो रही विशेष देखभाल पांच दिवसीय हाथी महोत्सव के

दौरान बांधवगढ़ के हाथियों की विशेष सेवा-सुश्रुषा और स्वास्थ्य परीक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य, खान-पान और दैनिक देखभाल से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली जा रही है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और हाथी प्रेमी गजराजों के साथ समय बिताकर उनके संरक्षण और कल्याण का संदेश दे रहे हैं। महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। महावत और हाथी का रिश्ता बना आकर्षण बांधवगढ़ के हाथियों की कहानी में उनके महावतों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महावत ही हाथियों की दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखते हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण महावत अपने हाथियों की छोटी-छोटी गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलाव को भी आसानी से समझ लेते हैं। यही रिश्ता “हाथी मेरे साथी” की अवधारणा को मजबूत बनाता है। एक ओर हाथी जंगल में वन अमले का साथी है, तो दूसरी ओर उसका महावत उसकी देखभाल करने वाला संरक्षक। गजराजों के सम्मान का पर्व हाथी महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देने वाला अवसर है। बांधवगढ़ में आयोजित यह महोत्सव लोगों को यह समझने का अवसर देता है कि जंगल की सुरक्षा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले इन गजराजों की देखभाल और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों की मौजूदगी जितनी रोमांच पैदा करती है, उतनी ही खास कहानी इन हाथियों की भी है। वर्षों से जंगल की पगडंडियों पर वन अमले का साथ निभाते ये गजराज वास्तव में बांधवगढ़ के मौन प्रहरी और सच्चे साथी हैं। हाथी महोत्सव उनके इसी योगदान, समर्पण और वन संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को सलाम करने का अवसर बन गया है।

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    हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर
हाथी मेरे साथी : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गजराजों की सेवा, समर्पण और साहस की कहानी
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव में गजराजों के योगदान को किया जा रहा याद, स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सेवा-सुश्रुषा पर जोर
उमरिया। बाघों की दहाड़ और जंगल की रोमांचक दुनिया के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व केवल बाघों का घर ही नहीं, बल्कि यहां वन्यजीव संरक्षण में हाथियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। जंगल की कठिन परिस्थितियों में वन विभाग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन गजराजों को सम्मान देने और उनके प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से इन दिनों बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
“हाथी मेरे साथी” की भावना को साकार करता यह महोत्सव गजराजों और उनके महावतों के उस अनोखे रिश्ते की कहानी भी सामने लाता है, जो वर्षों के साथ विश्वास, अनुशासन और आपसी समझ से मजबूत हुआ है।
जंगल के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं गजराज
बांधवगढ़ के हाथी वन क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों में वन अमले के सहयोगी रहे हैं। कठिन और दुर्गम इलाकों में गश्त, वन्यजीवों की निगरानी, आपात परिस्थितियों में सहायता तथा जंगल से जुड़े विभिन्न कार्यों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में जहां कई बार सामान्य साधनों से पहुंचना मुश्किल होता है, वहां प्रशिक्षित हाथी वन अमले के लिए भरोसेमंद साथी बनकर सामने आते हैं।
इन गजराजों की विशेषता केवल उनका विशाल शरीर और ताकत नहीं, बल्कि उनका धैर्य, समझ और प्रशिक्षण भी है। महावत और हाथी के बीच वर्षों में विकसित हुआ विश्वास जंगल में काम करने के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
महोत्सव में हो रही विशेष देखभाल
पांच दिवसीय हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के हाथियों की विशेष सेवा-सुश्रुषा और स्वास्थ्य परीक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके स्वास्थ्य, खान-पान और दैनिक देखभाल से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी ली जा रही है। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और हाथी प्रेमी गजराजों के साथ समय बिताकर उनके संरक्षण और कल्याण का संदेश दे रहे हैं।
महोत्सव के माध्यम से यह संदेश भी दिया जा रहा है कि वन्यजीव संरक्षण केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि जंगल के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है।
महावत और हाथी का रिश्ता बना आकर्षण
बांधवगढ़ के हाथियों की कहानी में उनके महावतों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। महावत ही हाथियों की दिनचर्या, भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार नजर रखते हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण महावत अपने हाथियों की छोटी-छोटी गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलाव को भी आसानी से समझ लेते हैं।
यही रिश्ता “हाथी मेरे साथी” की अवधारणा को मजबूत बनाता है। एक ओर हाथी जंगल में वन अमले का साथी है, तो दूसरी ओर उसका महावत उसकी देखभाल करने वाला संरक्षक।
गजराजों के सम्मान का पर्व
हाथी महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण का संदेश देने वाला अवसर है। बांधवगढ़ में आयोजित यह महोत्सव लोगों को यह समझने का अवसर देता है कि जंगल की सुरक्षा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले इन गजराजों की देखभाल और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है।
बांधवगढ़ के जंगलों में बाघों की मौजूदगी जितनी रोमांच पैदा करती है, उतनी ही खास कहानी इन हाथियों की भी है। वर्षों से जंगल की पगडंडियों पर वन अमले का साथ निभाते ये गजराज वास्तव में बांधवगढ़ के मौन प्रहरी और सच्चे साथी हैं। हाथी महोत्सव उनके इसी योगदान, समर्पण और वन संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को सलाम करने का अवसर बन गया है।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    3 hrs ago
  • लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, परिजनों में मातम,क्षेत्र में शोक की लहर मध्य प्रदेश, उमरिया बीती रात लोढ़ा हाईवे पर सड़क हादसे में स्थानीय निलेश पिता रामनाथ यादव उम्र करीब 24 वर्ष के मौत की खबर है। इस हादसे में घटना के बाद गंभीर रूप से जख्मी युवक को देर रात जिला अस्पताल लाया गया था, प्राथमिक उपचार कर, बिना देर किए कटनी रेफर कर दिया गया था। परंतु डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अंततः कटनी अस्पताल में मौत हो गई। हादसा कैसा हुआ। फिलहाल अब तक साफ नहीं है। हालांकि शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे हुए इस हादसे के बाद पुलिस पहुंची। और जरूरी तफ़्तीश कर रही है। फिलहाल मृत युवक की डेड बॉडी गांव नहीं पहुंची है। पीएम आदि की कार्यवाही पूर्ण होकर कटनी से सव ग्राम लोढ़ा पहुंचेगी। मृतक युवक ऑटो चालक रहा है। घटनास्थल हाईवे के बगल में बने उसके घर से महज चंद कदम दूरी पर है। घटना को लेकर बताया जाता है कि उमरिया से कटनी की ओर जा रही अज्ञात चार पहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी है, बताया जाता की टक्कर के दौरान सड़क पर खड़े टैंकर से भी उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन टकराया है। मौत की खबर के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वही गांव में भी इस घटना से मातम की लहर
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    लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, क्षेत्र में शोक की लहर
लोढ़ा में भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत, परिजनों में मातम,क्षेत्र में शोक की लहर 
मध्य प्रदेश, उमरिया
बीती रात लोढ़ा हाईवे पर सड़क हादसे में स्थानीय निलेश पिता रामनाथ यादव उम्र करीब 24 वर्ष के मौत की खबर है। इस हादसे में घटना के बाद गंभीर रूप से जख्मी युवक को देर रात जिला अस्पताल लाया गया था, प्राथमिक उपचार कर, बिना देर किए कटनी रेफर कर दिया गया था। परंतु डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अंततः कटनी अस्पताल में मौत हो गई। हादसा कैसा हुआ। फिलहाल अब तक साफ नहीं है। हालांकि शुक्रवार की देर रात करीब 11 बजे हुए इस हादसे के बाद पुलिस पहुंची। और जरूरी तफ़्तीश कर रही है। फिलहाल मृत युवक की डेड बॉडी गांव नहीं पहुंची है। पीएम आदि की कार्यवाही पूर्ण होकर कटनी से सव ग्राम लोढ़ा पहुंचेगी। मृतक युवक ऑटो चालक रहा है। घटनास्थल हाईवे के बगल में बने उसके घर से महज चंद कदम दूरी पर है। घटना को लेकर बताया जाता है कि उमरिया से कटनी की ओर जा रही अज्ञात चार पहिया वाहन ने जोरदार टक्कर मारी है, बताया जाता की टक्कर के दौरान सड़क पर खड़े टैंकर से भी उक्त दुर्घटनाग्रस्त वाहन टकराया है। मौत की खबर के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वही गांव में भी इस घटना से मातम की लहर
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग होम कॉलेज का 2020-21 बैच का परीक्ष परिणाम में उमरिया जिला ही नहींपूरे संभाग मैं संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ। जिला उमरिया बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग 2020-21 बैच का परीक्षा परिणाम रहा सत प्रतिशत!! उमरिया जिले केबिरसिंहपुर पाली में संचालित संस्था कमला नर्सिंग कॉलेज का परीक्षा परिणाम सत प्रतिशत रहा एवं संभाग में संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है ।संस्था में पढ़ने वाली छात्रा आरती यादव 84% के साथ प्रथम स्थान प्राप्त की वहीं कृष्णा देवी ने 80.28%अंक साथ दूसरा प्राप्त किया है स्थान और मिनी सिंह 80.14%के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।,सुनैना प्रजापति, क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए ज्ञात हो की संस्था का पूर्व में भी सत प्रतिशत रिजल्ट आया था। संस्था की प्राचार्य प्रियंका पटेल ने बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं आगे भी इसी तरह से मेहनत करने का मंत्र दिया है ।इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं छात्राओं के अथक मेहनत के कारण ही संस्था का परिणाम सत प्रतिशत आ रहा है प्राचार्य ने आगे यह भी कहा कि हमारी संस्था में कार्यरत सभी शिक्षक बहुत ही लगन व मेहनत के साथ छात्राओं को अध्यापन कराते हैं वहीं छात्राएं भी पूरी लगन के साथ संस्था में भागीदारी एवं पढ़ाई का कार्य पूर्ण लगन के साथ करते हैं इसी वजह से छात्राओं का इतना बेहतर परिणाम प्राप्त हो सका। आगे भी संस्था अपने संस्था के अध्यापकों एवं छात्राओं से ऐसे ही सत प्रतिशत रिजल्ट की कामना करती है।
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    उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग होम कॉलेज का 2020-21 बैच का परीक्ष परिणाम में उमरिया जिला ही नहींपूरे संभाग मैं संस्था को अव्वल स्थान प्राप्त हुआ।
जिला उमरिया बिरसिंहपुर पाली कमला नर्सिंग कॉलेज के बीएससी नर्सिंग 2020-21 बैच का परीक्षा परिणाम रहा सत प्रतिशत!! 
उमरिया जिले केबिरसिंहपुर पाली में संचालित संस्था कमला नर्सिंग कॉलेज का परीक्षा परिणाम सत प्रतिशत रहा एवं संभाग में संस्था को  अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है ।संस्था में पढ़ने वाली छात्रा आरती यादव 84% के साथ प्रथम स्थान प्राप्त की वहीं कृष्णा देवी ने 80.28%अंक साथ दूसरा प्राप्त किया है स्थान और मिनी सिंह 80.14%के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया है।,सुनैना प्रजापति, क्रमशः प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए  ज्ञात हो की संस्था का पूर्व में भी सत प्रतिशत रिजल्ट आया था। संस्था की प्राचार्य प्रियंका पटेल ने बच्चों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं आगे भी इसी तरह से मेहनत करने का मंत्र दिया है ।इस कार्यक्रम में सभी शिक्षकों एवं छात्राओं के अथक मेहनत के कारण ही संस्था का परिणाम सत प्रतिशत आ रहा है प्राचार्य ने आगे यह भी कहा कि हमारी संस्था में कार्यरत सभी शिक्षक बहुत ही लगन व मेहनत के साथ छात्राओं को अध्यापन कराते हैं वहीं छात्राएं भी पूरी लगन के साथ संस्था में भागीदारी एवं पढ़ाई का कार्य पूर्ण लगन के साथ करते हैं इसी वजह से छात्राओं का इतना बेहतर परिणाम प्राप्त हो सका। आगे भी संस्था अपने संस्था के अध्यापकों एवं छात्राओं से ऐसे ही सत प्रतिशत रिजल्ट की कामना करती है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • शहडोल बुढार सोशल मीडिया में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी चार आरोपी गिरफ्तार. पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग
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    शहडोल बुढार 
सोशल मीडिया में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी चार आरोपी गिरफ्तार. 
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Location Shahdol पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, बुढ़ार पुलिस ने चार आरोपियों को भेजा जेल Ancor शहडोल जिले के बुढार थाने अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक निर्देश में पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। Vo 1 बुढ़ार थाने अंतर्गत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यम केवट, सुमित केवट, किशन केवट और राहुल केवट को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर लाइक और व्यूज बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। मामले में पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या वायरल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। Byte राजेंद्र मोहन दुबे सीएसपी जिला शहडोल Location Shahdol पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, बुढ़ार पुलिस ने चार आरोपियों को भेजा जेल Ancor शहडोल जिले के बुढार थाने अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक निर्देश में पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। Vo 1 बुढ़ार थाने अंतर्गत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यम केवट, सुमित केवट, किशन केवट और राहुल केवट को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर लाइक और व्यूज बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। मामले में पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या वायरल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। Byte राजेंद्र मोहन दुबे सीएसपी जिला शहडोल
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    Location Shahdol 
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग 
 
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, बुढ़ार पुलिस ने चार आरोपियों को भेजा जेल

Ancor 
शहडोल जिले के बुढार थाने अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक  निर्देश में पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Vo 1 
बुढ़ार थाने अंतर्गत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यम केवट, सुमित केवट, किशन केवट और राहुल केवट को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर लाइक और व्यूज बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। मामले में पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या वायरल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।

Byte 
राजेंद्र मोहन दुबे सीएसपी जिला शहडोल
Location Shahdol 
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार शहडोल संभाग 
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी, बुढ़ार पुलिस ने चार आरोपियों को भेजा जेल
Ancor 
शहडोल जिले के बुढार थाने अंतर्गत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक  निर्देश में पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Vo 1 
बुढ़ार थाने अंतर्गत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यम केवट, सुमित केवट, किशन केवट और राहुल केवट को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट कर लाइक और व्यूज बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। मामले में पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट या वायरल न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।
Byte 
राजेंद्र मोहन दुबे सीएसपी जिला शहडोल
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडौरी। बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी। *बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। *प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही ग्राम शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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    बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा
कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
डिंडौरी।
बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी।
*बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
*प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* 
शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही  ग्राम शामिल हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
    user_मोर डिण्डौरी
    मोर डिण्डौरी
    Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर अब कुत्तों द्वारा की जा रही सतत् निगरानी! कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर अब कुत्तों द्वारा की जा रही सतत् निगरानी! कटनी – कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अनोखा नजारा सामने आया है। स्टेशन परिसर में आवारा कुत्ते लगातार घूमते नजर आ रहे हैं, मानो यात्रियों और स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं ने संभाल रखी हो। स्टेशन परिसर में कुत्तों की लगातार मौजूदगी पर यात्रियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब ये कुत्ते भी चौबीसों घंटे अपनी "ड्यूटी" निभाते दिखाई दे रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या स्टेशन परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या पर रेलवे प्रशासन का ध्यान जाएगा या फिर यात्रियों की सुरक्षा की यह "सतत निगरानी" यूं ही जारी रहेगी?
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    कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर अब कुत्तों द्वारा की जा रही सतत् निगरानी!
कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर अब कुत्तों द्वारा की जा रही सतत् निगरानी!
कटनी – कटनी मुख्य रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अनोखा नजारा सामने आया है। स्टेशन परिसर में आवारा कुत्ते लगातार घूमते नजर आ रहे हैं, मानो यात्रियों और स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं ने संभाल रखी हो।
स्टेशन परिसर में कुत्तों की लगातार मौजूदगी पर यात्रियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब ये कुत्ते भी चौबीसों घंटे अपनी "ड्यूटी" निभाते दिखाई दे रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या स्टेशन परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या पर रेलवे प्रशासन का ध्यान जाएगा या फिर यात्रियों की सुरक्षा की यह "सतत निगरानी" यूं ही जारी रहेगी?
    user_Deepak Gupta
    Deepak Gupta
    Electrician Murwara Or Katni, Madhya Pradesh•
    16 min ago
  • बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता मध्य प्रदेश उमरिया, बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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    बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता 
मध्य प्रदेश 
उमरिया,
बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा 
खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! 
कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। 
आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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