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बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता मध्य प्रदेश उमरिया, बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

1 hr ago
user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता मध्य प्रदेश उमरिया, बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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  • बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता मध्य प्रदेश उमरिया, बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
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    बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा, खाना खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीता 
मध्य प्रदेश 
उमरिया,
बांधवगढ़ का नन्हा कृष्णा 
खाना, खेलना और अपनी मासूम अठखेलियों से सबका दिल जीतना… यही है नन्हे कृष्णा की दुनिया! 
कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान उसका नामकरण “कृष्णा” किया गया था। 
आज नन्हा कृष्णा अपनी प्यारी शरारतों से बांधवगढ़ आने वाले लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • ⏩ जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक ⏩ । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । ⏩ जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक ⏩ । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । उमंग दिवस की थीम “उमंग है तो जिंदगी में रंग है, चुनौतियों से लड़कर सकारात्मकता से गढ़ेंगे भविष्य” निर्धारित की गई थी। जिले के विद्यालयों में प्राचार्यों, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर एवं विद्यालयीन स्टाफ के सहयोग से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। ⏩ कार्यक्रम के दौरान रोल प्ले, कानाफूसी खेल, सशक्तिकरण स्टेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया। ⏩ कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने अपने संदेश मे कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण काल है, जिसमें किशोर-किशोरियों में तीव्र शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव आते हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के अंतर्द्वंद्व, सामाजिक दबाव, तनाव एवं शंकाओं का सामना करना पड़ता है। उमंग दिवस विद्यार्थियों को इन चुनौतियों को समझने और उनसे सकारात्मक रूप से निपटने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। ⏩ जिला शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह वरकड़े ने बताया कि उमंग दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों में 10 मूल जीवन कौशलों का विकास, उमंग टोल फ्री नंबर 14425 तथा टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी, उमंग स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच एवं उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही उज्ज्वल कार्यक्रम के माध्यम से जेंडर संवेदनशीलता तथा सशक्त कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया ⏩ यह कार्यक्रम सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग डॉ. पूजा द्विवेदी एवं जिला परियोजना समन्वयक आर.एस. मरावी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान डॉ. संदीप सिंह ,विनीत कुमार के.वी. उपस्थित रहे।
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    ⏩  जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस
विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक
⏩  । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । 
	
⏩  जिले में उत्साहपूर्वक मनाया गया उमंग दिवस
विद्यार्थियों को जीवन कौशल, आत्मविश्वास एवं चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए किया गया जागरूक
⏩  । समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उमंग दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन में कार्यक्रम आयोजित किए गए । 
उमंग दिवस की थीम “उमंग है तो जिंदगी में रंग है, चुनौतियों से लड़कर सकारात्मकता से गढ़ेंगे भविष्य” निर्धारित की गई थी। जिले के विद्यालयों में प्राचार्यों, हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर एवं विद्यालयीन स्टाफ के सहयोग से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान विद्यार्थियों को जीवन की विभिन्न चुनौतियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
⏩  कार्यक्रम के दौरान रोल प्ले, कानाफूसी खेल, सशक्तिकरण स्टेशन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों ने स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
⏩  कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने अपने संदेश मे कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण काल है, जिसमें किशोर-किशोरियों में तीव्र शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलाव आते हैं। इस दौरान उन्हें कई प्रकार के अंतर्द्वंद्व, सामाजिक दबाव, तनाव एवं शंकाओं का सामना करना पड़ता है। उमंग दिवस विद्यार्थियों को इन चुनौतियों को समझने और उनसे सकारात्मक रूप से निपटने के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।
⏩  जिला शिक्षा अधिकारी श्री भूपेन्द्र सिंह वरकड़े ने बताया कि उमंग दिवस के माध्यम से विद्यार्थियों में 10 मूल जीवन कौशलों का विकास, उमंग टोल फ्री नंबर 14425 तथा टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी, उमंग स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच एवं उनके उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही उज्ज्वल कार्यक्रम के माध्यम से जेंडर संवेदनशीलता तथा सशक्त कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया
⏩  यह कार्यक्रम सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग डॉ. पूजा द्विवेदी एवं जिला परियोजना समन्वयक आर.एस. मरावी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस दौरान डॉ. संदीप सिंह ,विनीत कुमार के.वी. उपस्थित रहे।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर 🚩 जनचिंगारी एक्सक्लूसिव 452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर 150 वर्ष की गौरवगाथा पर विद्या भारती का ‘नमामि भारतम्’—अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों ने एक साथ किया सामूहिक गायन मानपुर/उमरिया। वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को मानपुर में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम में विद्यालय परिसर एक साथ उठे 452 स्वरों से गूंज उठा। सुबह 11 बजे विद्या भारती सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। जब 452 लोग एक साथ बोले—वन्देमातरम्! कार्यक्रम के दौरान जैसे ही सामूहिक वन्देमातरम् का स्वर गूंजा, पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से भर उठा। भैया-बहिनों के साथ आचार्य परिवार, अभिभावकों एवं उपस्थित नागरिकों ने सहभागिता कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। एसडीएम हरनीत कौर का प्रेरक संदेश—संस्कारों की ताकत बताई कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर ने कहा कि वन्देमातरम् भारतीय संस्कृति, एकता एवं अखंडता की भावना को व्यक्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अपने अनुभव को साझा करते हुए एसडीएम ने बताया कि राज्य सिविल सेवा परीक्षा में 40 अभ्यर्थियों में से 22 अभ्यर्थी सरस्वती शिशु मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले थे। उन्होंने इसे शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रशासनिक अमला भी बना राष्ट्रगान का सहभागी कार्यक्रम में एसडीएम सुश्री हरनीत कौर कलसी, तहसीलदार पंकज नयन तिवारी, जनपद पंचायत मानपुर के सीईओ अंकित सीरोठिया एवं थाना प्रभारी बृजकिशोर गर्ग की उपस्थिति रही। अधिकारियों की मौजूदगी और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। विद्यालय के व्यवस्थापक एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक हरीश कुमार विश्वकर्मा, जिला सचिव लक्ष्मीनारायण शुक्ल, कोषाध्यक्ष श्रीप्रकाश त्रिपाठी, अध्यक्ष दिनेश प्रसाद परौहा, सदस्य मुकेश चतुर्वेदी, पत्रकार आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी शरण द्विवेदी एवं कुलदीप गुप्ता, प्राचार्य श्रवण कुमार तिवारी, संयोजिका अर्चना गुप्ता, सहसंयोजिका योगिता तिवारी तथा कार्यक्रम संचालक अनुराग कुमार शुक्ल सहित समिति सदस्य आचार्य देवेन्द्र कुमार मिश्रा एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
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    452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर

🚩 जनचिंगारी एक्सक्लूसिव
452 स्वरों में गूंजा ‘वन्देमातरम्’, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ मानपुर
150 वर्ष की गौरवगाथा पर विद्या भारती का ‘नमामि भारतम्’—अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों ने एक साथ किया सामूहिक गायन
मानपुर/उमरिया। वन्देमातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर शुक्रवार को मानपुर में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम में विद्यालय परिसर एक साथ उठे 452 स्वरों से गूंज उठा। सुबह 11 बजे विद्या भारती सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया।
जब 452 लोग एक साथ बोले—वन्देमातरम्!
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही सामूहिक वन्देमातरम् का स्वर गूंजा, पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से भर उठा। भैया-बहिनों के साथ आचार्य परिवार, अभिभावकों एवं उपस्थित नागरिकों ने सहभागिता कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
एसडीएम हरनीत कौर का प्रेरक संदेश—संस्कारों की ताकत बताई
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसडीएम मानपुर सुश्री हरनीत कौर ने कहा कि वन्देमातरम् भारतीय संस्कृति, एकता एवं अखंडता की भावना को व्यक्त करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने अनुभव को साझा करते हुए एसडीएम ने बताया कि राज्य सिविल सेवा परीक्षा में 40 अभ्यर्थियों में से 22 अभ्यर्थी सरस्वती शिशु मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले थे। उन्होंने इसे शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रशासनिक अमला भी बना राष्ट्रगान का सहभागी
कार्यक्रम में एसडीएम सुश्री हरनीत कौर कलसी, तहसीलदार पंकज नयन तिवारी, जनपद पंचायत मानपुर के सीईओ अंकित सीरोठिया एवं थाना प्रभारी बृजकिशोर गर्ग की उपस्थिति रही। अधिकारियों की मौजूदगी और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
विद्यालय के व्यवस्थापक एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक हरीश कुमार विश्वकर्मा, जिला सचिव लक्ष्मीनारायण शुक्ल, कोषाध्यक्ष श्रीप्रकाश त्रिपाठी, अध्यक्ष दिनेश प्रसाद परौहा, सदस्य मुकेश चतुर्वेदी, पत्रकार आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी शरण द्विवेदी एवं कुलदीप गुप्ता, प्राचार्य श्रवण कुमार तिवारी, संयोजिका अर्चना गुप्ता, सहसंयोजिका योगिता तिवारी तथा कार्यक्रम संचालक अनुराग कुमार शुक्ल सहित समिति सदस्य आचार्य देवेन्द्र कुमार मिश्रा एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील डिंडौरी। बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी। *बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। *प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही ग्राम शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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    बिलगांव बांध का एक अतिरिक्त गेट 26 सितंबर को सुबह 7 बजे खोला जाएगा
कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा के चलते अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी; निचले क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
डिंडौरी।
बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में अधिक वर्षा होने के कारण बांध में जलभराव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए दिनांक 26 सितंबर 2026 को सुबह 7:00 बजे बांध का एक अतिरिक्त गेट खोला जाएगा। इस दौरान बांध से पानी की निकासी की जाएगी।
*बांध से कुल 2 गेट खुले रहेंगे,* जिनमें एक गेट 60 सेंटीमीटर तथा दूसरा गेट 50 सेंटीमीटर तक खोला जाएगा। इन गेटों से लगभग 73.16 क्यूमेक (घन मीटर प्रति सेकंड) पानी का डिस्चार्ज होगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यदि बिलगांव बांध के कैचमेंट क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है, तो जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेटों को आवश्यकता के अनुसार और अधिक खोला जा सकता है। ऐसी स्थिति में बांध से निकलने वाले पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।
*प्रभावित/सतर्कता वाले ग्राम:* 
शहपुरा विकासखंड के अंतर्गत बिलगांव, पिपरिया, अमठेरा, बरगांव, करौंदी, इंदौरी, घुंडीसरई, डुंडीसरई, कारीगढ़हरी, चंदवाही, चांटी, फुलवाही,मेंहदवानी विकासखंड के अंतर्गत पिंडरई, कुटरई एवं फूलवाही  ग्राम शामिल हैं।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बांध से पानी की निकासी के दौरान नदी के किनारे, निचले क्षेत्रों एवं जल प्रवाह वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
    user_मोर डिण्डौरी
    मोर डिण्डौरी
    Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा। तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच 39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया। 2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं। 1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले! शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है। सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है। अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
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    तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 

शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
तकनीकी स्वीकृति की फाइल में त्रुटि का पेंच
39 वार्डों का विकास ठप, शहडोल नपा के पार्षदों ने संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन 
शहडोल। शहडोल नगर पालिका में इन दिनों विकास का पहिया घोंघे की रफ्तार से भी धीमा चल रहा है, और इसका जिम्मेदार कोई और नहीं बल्कि संभागीय कार्यालय में बैठे अफसरों की वो लाल कलम है, जो हर फाइल में कोई न कोई त्रुटि निकालकर उसे कागजों के ढेर में वापस दबा देती है। पिछले दो सालों से नगर के सभी 39 वार्डों के पार्षद अपने-अपने इलाके में रोड, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। आखिर में सब्र का बांध टूटा तो संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले तमाम पार्षदों ने एकजुट होकर संभागायुक्त की चौखट पर जाकर ज्ञापन का पुलिंदा सौंप दिया।
2 साल से फाइलों का पिंग-पॉन्ग खेल 
पार्षदों का सीधा आरोप है कि जब भी वार्ड की जनता के लिए रोड, नाली या पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रस्ताव नगर पालिका स्तर से मंजूर होकर तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास संभागीय कार्यालय भेजा जाता है, तो वहां बैठे जिम्मेदार अफसर कोई न कोई कमी या त्रुटि का बहाना बनाकर फाइलों को वापस लौटा देते हैं। पिछले 2 वर्षों से फाइलों का यह पिंग-पॉन्ग खेल बदस्तूर जारी है। निकाय दफ्तर से फाइल ईई दफ्तर जाती है और वहां से तकनीकी पेंच फंसाकर वापस नगर पालिका भेज दी जाती है। इस चक्कर में 39 वार्डों का विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़ा है और जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि अपनी ही नगर सरकार में उपेक्षित और लाचार महसूस कर रहे हैं।
1 साल में 3 सीएमओ और 2 ईई बदले!
शहडोल नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिरता की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में यहां 3-3 मुख्य नगर पालिका अधिकारी बदले जा चुके हैं। संभागीय कार्यालय का हाल तो और भी हास्यास्पद है, यहां कार्यपालन यंत्री के 02 पद स्वीकृत हैं, लेकिन काम सिर्फ 01 ही अफसर के भरोसे चल रहा है। इस एक साल में यहां भी 2 बार कार्यपालन यंत्री बदले जा चुके हैं। जब दफ्तरों में अफसरों का आना-जाना ही लगा रहेगा, तो विकास की फाइलों पर दस्तखत कौन करेगा? इस तबादला उद्योग का खामियाजा सीधे तौर पर शहडोल की आम जनता भुगत रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड रोड बेहाल 
संयुक्त पार्षद मंच ने अपने शिकायती पत्र में नगर की दो प्रमुख और विकराल समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराया है। 
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड मार्ग: इस बेहद व्यस्त मार्ग के निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सडक़ की खस्ताहाली और धूल-गड्ढों से जनता का गुस्सा दिन-ब-दिन फूट रहा है।
सीवर परियोजना का कोराम: पिछले 2 सालों से शहडोल शहर में सीवर लाइन बिछाने के नाम पर पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। सीवर कंपनी अपनी मर्जी से जहां चाहे खुदाई कर देती है, न कोई समयसीमा है और न ही वार्ड पार्षदों को इसकी कोई पूर्व सूचना दी जाती है। जनता रोज दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है और ठेकेदार बेफिक्र घूम रहा है।
अव्यवस्था सुधारो, वरना होगा आंदोलन
शहडोल के सभी वार्ड पार्षदों ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी स्वीकृतियों में अनावश्यक देरी का यह सिलसिला तुरंत बंद नहीं हुआ और सीवर कंपनी की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो जनप्रतिनिधि खामोश नहीं बैठेंगे। अब देखना यह होगा कि संभागायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संभागीय कार्यालय के कार्यपालन यंत्री और नगर पालिका प्रशासन की नींद टूटती है या फिर 39 वार्डों का विकास यूं ही फाइलों के पन्नों में दम तोड़ता रहेगा।
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • *वृद्धाश्रम में रह रहे विनोद कांबली!* सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त विनोद कांबली आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है, उन्होंने ने भावुक कर देने वाला सन्देश दिया है.... कभी एक बड़े क्रिकेटर थे जो आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है।
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    *वृद्धाश्रम में रह रहे विनोद कांबली!*
सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त विनोद कांबली आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है, उन्होंने ने भावुक कर देने वाला सन्देश दिया है....  कभी एक बड़े क्रिकेटर थे जो आज वृद्धा आश्रम मे रह रहे है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कलेक्टर ने सड़क समिति सुरक्षा समिति की वर्चुअली बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा समिति की वर्चुअली बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश वाहन चालकों को सीट बेल्ट व हेलमेट लगाने के लिए करें प्रेेरित- कलेक्टर मध्य प्रदेश उमरिया 24 सितंबर। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक वर्चुअली आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा काल में जिले की जो सडके क्षतिग्रस्त हुई है उनका प्राथमिकता से सुधार का कार्य प्रारंभ कराएं। इसके साथ ही सडको में संकेतक व रंबल स्ट्रिक लगाए जाने का कार्य भी कराया जाए। कलेक्टर सभागार से वर्चुअली बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा एमपीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्राधिकार की सभी सड़के नियत समय में दुरूस्त कराएं। उन्होंने शहडोल मार्ग में निर्माणाधीन आरओबी की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली तथा शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों मे निर्मित फुटपाथ पर लगाई जाने वाली दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ताकि फुटपाथ पर लोग पैदल चल सके। उन्होंने शहरी क्षेत्र की सड़क के किनारे की नालियों को खुली न रहने के निर्देश दिए तथा सडक के किनारे आवागमन को बाधित करने वाले ठेलों व अन्य पथ विक्रेताओं को निश्चित स्थान पर व्यवस्थित करने के लिए यातायात पुलिस व नगर पालिका संयुक्त रूप से कार्यवाही करें । उन्होने कहा कि चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा दो पहिया वाहन चालको को हेलमेट लगाए जाने की अनिवार्यता सुनिश्चित कराए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज उपस्थित रहे तथा वर्चुअल रूप से अन्य संबंधित अधिकारी जुडे़।
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    कलेक्टर ने सड़क समिति सुरक्षा समिति की वर्चुअली बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा समिति की वर्चुअली बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
वाहन चालकों को सीट बेल्ट व हेलमेट लगाने के लिए करें प्रेेरित- कलेक्टर
मध्य प्रदेश 
उमरिया 24 सितंबर। कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक वर्चुअली आयोजित की गई। इस अवसर पर कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा काल में जिले की जो सडके क्षतिग्रस्त हुई है उनका प्राथमिकता से सुधार का कार्य प्रारंभ कराएं। इसके साथ ही सडको में संकेतक व रंबल स्ट्रिक लगाए जाने का कार्य भी कराया जाए। 
कलेक्टर सभागार से वर्चुअली बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा एमपीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्राधिकार की सभी सड़के नियत समय में दुरूस्त कराएं। उन्होंने शहडोल मार्ग में निर्माणाधीन आरओबी की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली तथा शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।  
कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों मे निर्मित फुटपाथ पर लगाई जाने वाली दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ताकि फुटपाथ पर लोग पैदल चल सके। उन्होंने शहरी क्षेत्र की सड़क के किनारे की नालियों को खुली न रहने के निर्देश दिए तथा सडक के किनारे आवागमन को बाधित करने वाले ठेलों व अन्य पथ विक्रेताओं को निश्चित स्थान पर व्यवस्थित करने के लिए यातायात पुलिस व नगर पालिका संयुक्त रूप से कार्यवाही करें । उन्होने कहा कि चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने तथा दो पहिया वाहन चालको को हेलमेट लगाए जाने की अनिवार्यता सुनिश्चित कराए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज उपस्थित रहे तथा वर्चुअल रूप से अन्य संबंधित अधिकारी जुडे़।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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