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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर लेकर वर्धमान नदी के पुनरोद्धार के लिए पहुंचा है। यह कार्रवाई बबराला थाना क्षेत्र में की गई है। प्रशासन की इस पहल से एक दिन पहले ही इसी स्थान पर एक मजार पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। मजार को ध्वस्त करने के बाद, अब 15 किलोमीटर लंबी नदी के पुनरोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि नदी का यह कार्य वर्षा ऋतु से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
Mubarak Ali
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर लेकर वर्धमान नदी के पुनरोद्धार के लिए पहुंचा है। यह कार्रवाई बबराला थाना क्षेत्र में की गई है। प्रशासन की इस पहल से एक दिन पहले ही इसी स्थान पर एक मजार पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। मजार को ध्वस्त करने के बाद, अब 15 किलोमीटर लंबी नदी के पुनरोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि नदी का यह कार्य वर्षा ऋतु से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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- संभल जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरवा में सरकारी कब्रिस्तान की भूमि पर बने एक कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि लगभग 1200 वर्गमीटर कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। यह कार्रवाई दिन में 10 बजे से भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ शुरू हुई, जिसमें 60 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पांच थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रही। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए दो बुलडोजर, एक क्रेन मशीन और आधा दर्जन डंपर लगाए गए थे। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लिया, जबकि बुलडोजर एक्शन दोपहर 1 बजे से शुरू होकर शाम तक चलता रहा। इस दौरान ध्वस्त किए जाने से पहले एक ग्रामीण द्वारा आखिरी अजान भी दी गई। अभियान के दौरान अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर लगातार चलते रहे, और अवैध कब्जे को हटाया गया; गांव के मकानों की छतों पर पुलिस कमांडो भी तैनात किए गए थे। कार्रवाई का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ झंडे और पंपलेट मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।6
- जनपद संभल के नखासा थाना क्षेत्र के कसेरुआ गाँव में जिला प्रशासन ने कब्रिस्तान और ग्राम समाज की जमीन पर बनी एक मस्जिद को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।4
- संभल के थाना गाड़ी क्षेत्र के मिल्क मिथोली गांव में जलभराव की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनके गांव का मुख्य रास्ता है, जिसमें काफी लंबे समय से पानी भरा हुआ रहता है। इस जलभराव के कारण आने-जाने वाले राहगीरों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।2
- जनगणना कार्य में शानदार प्रदर्शन करने वाले 65 प्रगणकों को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने सम्मानित किया। यह सम्मान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रशस्ति-पत्र और फूलमालाएं देकर उनके उत्साहवर्धन के लिए दिया गया। प्रगणकों को मकान सूचीकरण और गणना कार्य को समयबद्ध व त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के लिए सराहा गया। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भीषण गर्मी में भी घर-घर पहुंचकर सटीक आंकड़े जुटाने वाले इन कर्मचारियों की विशेष सराहना की। उन्होंने जनगणना को राष्ट्र निर्माण और विभिन्न योजनाओं की आधारशिला बताते हुए इसके महत्व पर जोर दिया। बताया गया कि ये 65 प्रगणक कुल 13 चार्ज क्षेत्रों से चयनित किए गए थे। जनगणना 2027 का पहला चरण 20 जून तक चलेगा, और इस सम्मान समारोह में अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।3
- जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान, सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के कार्यकर्ताओं और Riddhima Sharma के बीच हुई तीखी बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए गए, जिसने एक 'वायरल मोमेंट' का रूप ले लिया है। यह वीडियो लोगों के बीच विशेष रूप से ध्यान खींच रहा है, जहाँ CJP पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के रूप में आलोचनात्मक टिप्पणियाँ भी देखने को मिली हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुख्य सवालों में NEET परीक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर छात्र मुद्दे शामिल थे, जिसने इस बहस को और भी गरमा दिया। दर्शक इस वीडियो को देखकर अपनी राय साझा कर रहे हैं और यह घटना मौजूदा शिक्षा संबंधी चुनौतियों तथा छात्र हितों को लेकर चल रही बहसों को दर्शाती है।1
- मुरादाबाद जनपद के मुंढापांडे थाना क्षेत्र के गोविंद खुर्द गांव में चावल गिरने को लेकर हुए विवाद में दबंगों ने एक युवक समद अली को सरिया की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। इस मारपीट में समद अली के सिर में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, जिसका फिलहाल मुरादाबाद के जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बताया गया है कि गोविंद खुर्द गांव निवासी निजाम के पिता का बीते दिन इंतकाल हो गया था, जिसके बाद दफन क्रिया पूरी होने पर मेहमानों को खाना खिलाया जा रहा था। इसी दौरान, दबंगों के घर के गेट पर चावल गिर गए। दबंगों ने पीड़ित निजाम और समद अली से गिरे हुए चावलों को तुरंत साफ करने को कहा। जब चावल साफ नहीं हुए, तो दबंग घर में घुस आए और धारदार हथियार लेकर जमकर मारपीट करने लगे। इसी दौरान उन्होंने समद अली के सिर पर सरिया की रॉड से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। विवाद बढ़ता देख गांव के लोगों और पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। घायल समद अली को पहले मुंढापांडे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर चोट को देखते हुए उसे मुरादाबाद के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित निजाम ने मारपीट करने वाले दबंगों के खिलाफ क्षेत्रीय पुलिस को तहरीर दी है और कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है।4
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर लेकर वर्धमान नदी के पुनरोद्धार के लिए पहुंचा है। यह कार्रवाई बबराला थाना क्षेत्र में की गई है। प्रशासन की इस पहल से एक दिन पहले ही इसी स्थान पर एक मजार पर बुलडोजर कार्रवाई हुई थी। मजार को ध्वस्त करने के बाद, अब 15 किलोमीटर लंबी नदी के पुनरोद्धार का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि नदी का यह कार्य वर्षा ऋतु से पहले पूरा कर लिया जाएगा।3
- उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिक अत्यधिक जोखिम भरे और चुनौतीपूर्ण (मजाक भरा) कार्यों को बहुत कम दिहाड़ी पर करते हैं। जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा प्रतिदिन केवल ₹600 का भुगतान किया जाता है, जबकि वे बेहद ख़तरनाक काम पूरा करते हैं। ऐसे लोगों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया गया है जो इतनी मामूली दिहाड़ी के लिए भी अपनी जान जोखिम में डालकर अपना काम करते हैं; उनके इस समर्पण और कठिन परिश्रम को 'अच्छी बात' बताया गया है।1