Shuru
Apke Nagar Ki App…
पकड़ा गया आदम खोर तेंदुआ।।
Firdosh journalist
पकड़ा गया आदम खोर तेंदुआ।।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- इस्लाम के सबसे पवित्र महीने रमजान की शुरुआत होते ही बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। जगह-जगह लोग सेवइयां, खजूर और फल बेचते नजर आ रहे हैं, तो वहीं कपड़ों की दुकानों पर भी खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इबादत और अकीदत का महीना आपको बता दें कि इस्लाम में रमजान का महीना सबसे मुकद्दस (पवित्र) माना जाता है। इस पूरे महीने इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग रोजे रखते हैं। इसी क्रम में, बृहस्पतिवार को अकीदतमंदों द्वारा पहला रोजा रखा गया और मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ी गई। रोजों की अहमियत इस्लाम में रोजों का अत्यधिक महत्व है। हर साल रमजान के महीने में स्वस्थ और सक्षम मुसलमान पूरे 30 दिनों तक रोजे रखते हैं, क्योंकि इस्लाम में रोजा रखना 'फर्ज' यानी अनिवार्य है। यह महीना आत्म-संयम, दान-पुण्य और अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित होता है।1
- कुछ लोग तब याद करते हैं जब उन्हें ज़रूरत होती है… लेकिन रिश्ते ज़रूरत से नहीं क़द्र से चलते हैं… याद रखो — आप इंसान हो… किसी का मौका नहीं। 💯 अगर ये बात दिल को छू गई हो तो Khamosh Alfaaz से जुड़ जाना ❤️ कमेंट में बताओ — क्या आपने भी ऐसे लोगों से दूरी बनाई है? 💔 #selfrespect #lifetruth #positivethoughts #relationshiptruth #khamoshalfaz #emotionalshorts #motivation #selfgrowth #mindset1
- ब्बिजुआ-खीरी [ ब्यूरो रिपोर्ट... राजीव खत्री ] जानकी देवी इंटर कॉलेज बिजुआ में हाईस्कूल के छात्र धरने पर बैठे। आरोप—पूरे साल की फीस लेने के बावजूद स्कूल ने बोर्ड रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, आज का पेपर छूटा। छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल फोन नहीं उठा रहे और कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे। फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। #LakhimpurKheri #newpostchallenge #uppolicenews #keeripolic #CDOkheri #aspkheri #dmkheri #newpost #news1
- *ग्राम पंचायत बरोठा के गांव देवी दीन पुरवा में 5 सालों का विकास कार्य सिर्फ कागजों में सीमित रह गया* *स्वरित आवाज* *Rk जाटव जी कि रिपोर्ट* *निघासन खीरी* ब्लाक निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोठा गांव देवी दीन पुरवा में कथित घोटालों की निष्पक्ष जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। आरोप है। कि संबंधित अधिकारी जांच कराने में टाल-मटोल कर रहे है। और तथ्यों के बजाय भ्रामक रिपोर्ट तैयार कर रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है। कि प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीणों में यह भी चर्चा है। कि यह पूरा मामला “अंधेर नगरी-चौपट राजा” जैसी स्थिति को दर्शाता है।, जहां सच्चाई सामने आने के बजाय दबाई जा रही है। आरोप है। कि ऐसे कृत्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता के दावों पर भी उंगली उठाते है।, जबकि प्रदेश की सरकार—योगी आदित्यनाथ—भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़े कदम उठाने की बात करती रही है। अब ग्रामीणों की मांग है। कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्यवाही हो सके बहुत से काम ऐसे हैं की नालियों की कभी नहीं होती साफ-सफाई ग्राम पंचायत बरोठा के गांव देवी दीन पुरवा की निष्पक्ष जांच कराई जाए जो कि सच सामने आ सके।1
- हजारा। जनपद के ट्रांस शारदा क्षेत्र में खनन माफियाओं और अधिकारियों की जुगलबंदी ने एक घर का चिराग बुझा दिया है। राष्ट्रीय पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष गुरुसेठपाल सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर खनन निरीक्षक सुभाष सिंह की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है। आरोप है कि खान निरीक्षक को बार बार सूचना देने और वीडियो साक्ष्य भेजने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसका नतीजा मंगलवार रात एक युवक की मौत के रूप में सामने आया। मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस अनुज्ञा पत्र के आधार पर खनन किया जा रहा है, उसमें जमीन का रकबा भूलेख रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग है। आरोप है कि रिकॉर्ड के अनुसार जिस जमीन का रकबा महज 0.4130 हेक्टेयर है, उसे खनन विभाग के कागजों में 6130 हेक्टेयर दिखाकर बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। इतना ही नहीं, खनन के प्रयोजन वाला कॉलम भी खाली छोड़ा गया है। सवाल यह है कि बिना जांच किए साहब ने ऐसी संदिग्ध परमिशन पर मुहर कैसे लगा दी? पत्रकार ने साक्ष्यों के साथ बताया कि उन्होंने दोपहर में ही खान निरीक्षक को बिना नंबर की ट्रैक्टर ट्रॉलियों की तेज रफ्तार और अवैध पटान की जानकारी दी थी। ड्राइवरों के पास कोई वैध कागजात नहीं थे। लेकिन साहब परमिशन है कहकर पल्ला झाड़ते रहे। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि रात करीब 8:00 बजे रामनगर तिराहे के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने भूपेंद्र निवासी ग्राम बहादुर नगर को रौंद दिया, जिससे उसकी दुखद मृत्यु हो गई। गुरुसेठपाल सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए। खान निरीक्षक सुभाष सिंह को तुरंत सस्पेंड कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते खनन निरीक्षक ने संज्ञान लिया होता, तो आज एक बेगुनाह की जान न जाती। अब देखना यह है कि बाबा का बुलडोजर इन बेखौफ खनन माफियाओं और लापरवाह अफसरों पर कब चलता है?1
- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तहत पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू ने समाजवादी विचारधारा में आस्था जताते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया। उनके सपा में शामिल होने की घोषणा के बाद पीलीभीत में समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। शहर के प्रमुख मार्गों पर बैनर-पोस्टर लगाए गए और ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकाला गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी, स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत समारोह के दौरान फूल बाबू को फूल-मालाओं से लाद दिया गया। समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए उन्हें क्षेत्र की मजबूत आवाज बताया। अपने संबोधन में अनीस अहमद ने कहा कि वे प्रदेश में विकास, सामाजिक न्याय और सर्वसमाज की भागीदारी के लिए सपा के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की नीतियां आम जनता, किसानों और युवाओं के हित में हैं और वे पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। स्थानीय सपा नेताओं ने कहा कि फूल बाबू के शामिल होने से पार्टी को पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों में मजबूती मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से जिले की सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। कार्यक्रम के अंत में समर्थकों ने एकजुटता का संदेश देते हुए आगामी चुनावों में सपा को मजबूत बनाने का संकल्प1
- मथुरा। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपराओं और नई व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से सुलग रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद लिए गए फैसलों ने बुधवार को उस वक्त उग्र रूप ले लिया, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया। गर्भगृह बंद होने की खबर फैलते ही सेवायत गोस्वामियों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। प्रशासनिक फैसले को परंपराओं पर हमला बताते हुए सेवायतों ने विरोध तेज कर दिया, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए। श्रद्धालुओं का कहना है कि बिना व्यापक सहमति और परंपराओं का सम्मान किए लिए गए निर्णय आस्था को ठेस पहुंचा रहे हैं। उधर सेवायत गोस्वामी इसे सीधे-सीधे परंपरागत अधिकारों में दखल बता रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मथुरा-वृंदावन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल अब भी कायम है—क्या नई व्यवस्थाएं परंपराओं पर भारी पड़ेंगी, या आस्था के आगे प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़ेंगे?1
- Post by Firdosh journalist1