चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शुक्रवार सायंकाल शहर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। इस भ्रमण के दौरान उनके साथ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, थानाधिकारी कोतवाली रजनीश, थानाधिकारी सदर प्रेमसिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने गोल प्याऊ चौराहा, बूंदी रोड, किला क्षेत्र, सुभाष चौक, गांधी नगर, घटियावली रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने नाकाबंदी स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र का दौरा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के दौरान बनने वाली यातायात स्थिति एवं जाम की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुर्ग मार्ग पर यातायात को सुचारू व सुरक्षित बनाए रखने, वाहनों की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने और पर्यटकों तथा आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शुक्रवार सायंकाल शहर क्षेत्र का व्यापक भ्रमण कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों तथा यातायात प्रबंधन का निरीक्षण किया। इस भ्रमण के दौरान उनके साथ पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह, थानाधिकारी कोतवाली रजनीश, थानाधिकारी सदर प्रेमसिंह एवं पुलिस निरीक्षक सुनीता गुर्जर भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने गोल प्याऊ चौराहा, बूंदी रोड, किला क्षेत्र, सुभाष चौक, गांधी नगर, घटियावली रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं संभावित नाकाबंदी प्वाइंटों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने नाकाबंदी स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी नाकाबंदी सुनिश्चित करने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन जांच करने तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। ऐतिहासिक दुर्ग क्षेत्र का दौरा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के दौरान बनने वाली यातायात स्थिति एवं जाम की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुर्ग मार्ग पर यातायात को सुचारू व सुरक्षित बनाए रखने, वाहनों की व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करने और पर्यटकों तथा आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त, प्रभावी निगरानी तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित श्री कालिका मंदिर परिसर में 19 जुलाई को 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के अंतर्गत एक हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। श्री कालिका गौशाला, नेतावलगढ़ पाछली की टीम द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को सम्मान दिलाना और उन्हें राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की जनभावना को मजबूत करना था। इस अभियान के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और गौभक्तों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया और हस्ताक्षर करके गौ संरक्षण व संवर्धन के प्रति अपना समर्थन जताया। इस अवसर पर गौशाला की टीम ने उपस्थित लोगों को गौ सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति में गौ माता के महत्व के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई, जिसके बाद गौशाला परिवार ने सभी श्रद्धालुओं, गौभक्तों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।3
- चित्तौड़गढ़ में 19 जुलाई 2026 को जादूगर कन्हैया के अति मनमोहक दर्शन कराए गए हैं। कान्हा के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति भाव को दर्शाते हुए कहा गया है कि जब तक हम बिके नहीं थे, तब तक कोई पूछता नहीं था, लेकिन हे मेरे कान्हा, तुमने खरीद कर हमें अनमोल कर दिया है।1
- चित्तौड़गढ़ में 19 जुलाई 2026 को दिनभर की कई प्रमुख गतिविधियां चर्चा में रहीं। इस दौरान क्षेत्र में जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ और जैन साध्वियों का भव्य मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। इसके साथ ही इनर व्हील क्लब का इंस्टॉलेशन, गौ सम्मान अभियान और लायंस क्लब की नई कार्यकारिणी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं।1
- चित्तौड़गढ़ के गंगरार थाना परिसर में एसडीएम नेहा मिश्रा की अध्यक्षता में सीएलजी (CLG) बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में डिप्टी उदय सिंह चूंडावत, थाना प्रभारी तुलसीराम प्रजापत सहित अन्य अधिकारी और सीएलजी सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कस्बे में लगे सीसीटीवी कैमरों को अभय कमांड सेंटर से जोड़ने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, हेलमेट की अनिवार्यता लागू करने और बढ़ते नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने सहित विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान आमजन से पुलिस को सहयोग करने की अपील भी की गई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों से कहा गया कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।1
- गुजरात में पकड़े गए जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के संदिग्धों को लेकर एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी आतंकी गतिविधियों के लिए रासायनिक और जैविक तरीकों का इस्तेमाल सीखने की कोशिश कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, इन संदिग्धों को जहरीली गैस बनाने और उसके इस्तेमाल से जुड़े तरीकों की जानकारी दी जा रही थी। इस मॉड्यूल से जुड़े कुछ लोगों ने जम्मू-कश्मीर जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली थी। संदिग्धों को करीब 40 तरह की आतंकी तकनीकों की जानकारी देने का दावा किया गया है, जिसमें विस्फोटक तैयार करने और हमले की योजना बनाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। विदेश में बैठे हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ पिछले 3 जुलाई को 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ हुआ था, जिनमें से पांच आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के चिकारड़ा क्षेत्र में प्री-मानसून की अच्छी शुरुआत के बाद लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। जहां अगेती बुवाई करने वाले किसानों की मक्का, सोयाबीन और मूंगफली की फसलें अच्छी स्थिति में हैं और निराई-गुड़ाई की अवस्था तक पहुंच चुकी हैं, वहीं मानसून के इंतजार में देरी से बुवाई करने वाले किसानों की फसलें पर्याप्त नमी के अभाव में संघर्ष कर रही हैं। कई किसानों को तो पानी की कमी के चलते दोबारा बुवाई करनी पड़ी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है और खेती की लागत भी बढ़ गई है। इस संकट के बीच किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसलों को बचाने और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बनाए रखने में जुटे हुए हैं। बारिश के इस लंबे अंतराल का उपयोग करते हुए खेतों से खरपतवार हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। आधुनिक कृषि मशीनों की भारी मांग और कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसान बैलों से चलने वाले पारंपरिक कुलपे और अन्य देसी कृषि उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा, जिन किसानों के पास कुएं या अन्य जलस्रोत उपलब्ध हैं, वे स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से फसलों की सिंचाई कर उन्हें जीवनदान देने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही पौधों की बढ़वार बनाए रखने के लिए यूरिया व अन्य आवश्यक उर्वरकों का छिड़काव भी किया जा रहा है। किसान शंकरलाल और उदयलाल के अनुसार, क्षेत्र में मक्का, सोयाबीन और मूंगफली की करीब 80 प्रतिशत फसलें फिलहाल अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही हैं, लेकिन यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि रविवार को सुबह से ही आसमान में बादलों का आना-जाना लगा रहा और तेज हवाओं के साथ उमस भरा मौसम बना रहा, लेकिन संतोषजनक बारिश नहीं हुई। पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर ग्रामीण किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए इंद्रदेव से मेहरबानी की गुहार लगा रहे हैं ताकि उनकी मेहनत रंग ला सके।4
- राजस्थान में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता कभी भी लागू हो सकती है। आचार संहिता प्रभावी होते ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में नए उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रमों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इसके साथ ही नए विकास कार्यों की मंजूरी, नई योजनाओं और नए कार्यादेशों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, हालांकि आचार संहिता लागू होने से पहले के शुरू हो चुके काम जारी रखे जा सकेंगे। चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, जिसे देखते हुए पंचायतीराज और शहरी निकायों से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादलों और पोस्टिंग पर रोक रहेगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद इन जिलों के किसी भी कर्मी को पद से कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा, भले ही उनका स्थानांतरण चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले ही क्यों न हुआ हो। चुनाव के दौरान मंत्रियों के दौरों और गतिविधियों को लेकर भी कड़े नियम रहेंगे। मंत्री चुनाव समाप्ति तक संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में कोई राजकीय दौरा नहीं कर सकेंगे। केवल कानून व्यवस्था बिगड़ने या आपातकालीन स्थिति में ही उन्हें जाने की अनुमति होगी, जिसकी सूचना विभाग के सचिव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे। मंत्री दौरे पर सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और निजी गाड़ी होने पर सायरन का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। वे सरकारी विश्राम गृहों या डाक बंगलों का उपयोग कार्यालय या चुनाव बैठकों के लिए नहीं कर सकेंगे और चुनाव से जुड़े सरकारी अधिकारी उनके स्वागत या प्रोटोकॉल में उपस्थित नहीं होंगे।1
- जंतर-मंतर पर एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया है, जहां राजस्थान की एक महिला के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरी घटना के बाद वहां जमकर हंगामा हुआ है।1