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बजट से कर्मचारी वर्ग में आक्रोश, कल प्रदेशभर में जलेंगी बजट की प्रतियां राज्य सरकार के बजट को 'अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ' ने कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के लिए छलावा और निराशाजनक बताया है। महासंघ का आरोप है कि सरकार ने आठवें वेतन आयोग के नाम पर केवल कमेटियों का मायाजाल बुना है और उनकी वाजिब मांगों की अनदेखी की है। इस संवेदनहीनता के विरोध में 12 फरवरी को डूंगरपुर सहित पूरे प्रदेश के लाखों कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे और जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Santosh vyas
बजट से कर्मचारी वर्ग में आक्रोश, कल प्रदेशभर में जलेंगी बजट की प्रतियां राज्य सरकार के बजट को 'अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ' ने कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के लिए छलावा और निराशाजनक बताया है। महासंघ का आरोप है कि सरकार ने आठवें वेतन आयोग के नाम पर केवल कमेटियों का मायाजाल बुना है और उनकी वाजिब मांगों की अनदेखी की है। इस संवेदनहीनता के विरोध में 12 फरवरी को डूंगरपुर सहित पूरे प्रदेश के लाखों कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे और जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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- कहा - टेंट और पेड़ों के नीचे चल रहे स्कूल संसद के बजट सत्र में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में लाखों कक्षाएं जर्जर हैं और कई स्कूल अब भी टेंट या पेड़ों के नीचे चल रहे हैं। रोत ने सरकार से माही-कडाणा वृहद जल परियोजना की मांग की ताकि किसानों को सिंचाई का हक मिले और क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोका जा सके। स्वास्थ्य और मानदेय के मुद्दों पर बोलते हुए सांसद ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पोषाहार श्रमिकों के लिए सम्मानजनक मानदेय की वकालत की। उन्होंने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि जल-जंगल-जमीन की लड़ाई अब हथियारों से नहीं, बल्कि कलम और शिक्षा के जरिए लड़ी जानी चाहिए। रोत ने स्पष्ट किया कि जब तक आदिवासी समाज शिक्षित नहीं होगा और उन्हें संवैधानिक अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा।1
- वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम दिया कुमारी आज विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट से डूंगरपुर के लोगों को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की गईं। प्रदेश के आम बजट में डूंगरपुर को मिली कई सौगातें- बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग के लिए 130 करोड़ बेणेश्वर धाम में संगम एवं आबूदर्रा में घाटों का निर्माण एवं बेणेश्वर एनीकेट की रीमॉडलिंग कार्य के लिए 130 करोड़ की सौगात दी गई है। बेणेश्वर धाम प्रमुख आस्था का केंद्र है। यहां हर साल मेले में लाखों लोग आते है। रिवर फ्रंट निर्माण के लिए 100 करोड़ मोरन नदी को पुनर्जीवित करने, नदी के दोनों तरफ घाट, विशाल कुंड एवं खड़गदा गांव में रिवर फ्रंट के प्रथम चरण के निर्माण के लिए 100 करोड़ की सौगात मिली है। रिवर फ्रंट के लिए खड़गदा गांव के लोगों ने रामकथा और लोगो की भागीदारी के माध्यम से 2 करोड़ से ज्यादा का काम करवाया और जल संरक्षण की पहल की। इसका केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सालभर पहले उदघाटन करते हुए रिवर फ्रंट के लिए जल्द भरोसा दिया था। कथावाचक कमलेश भाई शास्त्री, चंद्रेश व्यास ने बजट में रिवर फ्रंट के लिए बजट मिलने पर खुशी जताई है। सड़क निर्माण के लिए 15 करोड़ बाबरा का नाका दोवड़ा, धाम का तालाब सीमलवाडा एवं चौरासी में एक एनीकेट के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का होगा काम। 15 करोड़ की लागत से अंबाडा पटली जोहरा सड़क व मोरन नदी पर होगा पुलिया निर्माण की घोषणा की गई है। - सागवाड़ा में वरसिंहपुर में 33/11 केवी जीएसएम की भी घोषणा हुई। - स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मल्टीपर्पस इनडोर हॉल एवं सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक के निर्माण की सौगात मिली है। - अमरपुरा बांध की नहर अमरपुरा से डुका कनबा तक नहरों का जीर्णोद्धार का काम होगा। जिससे किसानों को सिंचाई में फायदा मिलेगा। - अनास नदी से व्यर्थ बहकर जा रहे वर्षा जल को फीडर नहर के माध्यम से डूंगरपुर के सोम कमला आंबा तक लाने का काम होगा।1
- Post by Khumaram Garasiya1
- बुधवार को छींच स्थित श्री सिद्धिविनायक धाम में आस्था, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नवीन प्रासाद में श्री सिद्धिविनायक जी के विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा उपरांत पहला बुधवार होने के कारण विशेष भजन-कीर्तन व दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसने सम्पूर्ण क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार गणेश युवा परिषद द्वारा प्रत्येक बुधवार रात्रि 7 से 9 बजे तक भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस पावन अवसर पर भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ सहभागिता निभाई। नवीन प्रासाद में विराजे बाप्पा के दर्शन हेतु हर घर से दीपक की थाल सजाकर श्रद्धालु सिद्धिविनायक मंदिर पहुँचे। भजन-कीर्तन के उपरांत जब सैकड़ों दीपकों को एक साथ प्रज्ज्वलित किया गया, तो पूरा मंदिर परिसर दीपों की रौशनी से जगमगा उठा। भक्तों ने सामूहिक आरती कर भगवान गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति भाव के साथ भव्य आतिशबाजी भी की गई, जिससे उत्सव का उल्लास चरम पर पहुँच गया। इस धार्मिक आयोजन में गणेश युवा परिषद के प्रमुख कार्यकर्ताओं — अशोक उपाध्याय, शैलेन्द्र पंड्या, वालेंग राठौड़, देवा मसाणी, जितेंद्र मसाणी, योगेश उपाध्याय, रमेश सोलंकी, वासुदेव सुथार, रमेश मसाणी सहित अनेक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। नवीन प्रासाद में विराजमान श्री सिद्धिविनायक जी के दर्शन के साथ यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, परंपरा और सामूहिक भक्ति भावना का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।1
- आज राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है। भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करने वाली भाजपा सरकार ने पूरे बजट में रिफाइनरी तथा ERCP जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का जिक्र तक नहीं किया है। पिछले बजट में रिफाइनरी का उद्घाटन अगस्त, 2025 तक करने की घोषणा की गई जो आज तक पूरी नहीं हुई है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हर वर्ष 15% बढ़ोतरी का प्रावधान कांग्रेस सरकार ने किया था। पिछले दो बजट में इस बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की जाती थी परन्तु इस बार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोत्तरी की कोई घोषणा न होने से 90 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों में निराशा हुई है। 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी की आस लगाकर बैठे युवाओं के लिए किसी बड़ी भर्ती की घोषणा नहीं की गई है। कम पदों पर भी भर्तियां संविदा आधार पर करने की घोषणा की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (STA) बनाने की घोषणा की गई है पर NTA बीते दिनों विवादों का केन्द्र बनी थी। RPSC में सदस्य संख्या बढ़ाकर 10 करने वाली भाजपा सरकार अभी तक RPSC सदस्यों की रिक्तियों तक को नहीं भर सकी है। STA केवल और केवल भाजपा सरकार के दौरान हो रहे OMR घोटाले से युवाओं का ध्यान हटाने की कवायद लगती है। कांग्रेस सरकार के दौरान गरीब वर्ग के लिए शुरू की गई अन्नपूर्णा राशन किट को बहाल नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। देशभर में उदाहरण बनी 25 लाख रुपये की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (वर्तमान में MAA योजना) के बारे में जनता में यह भ्रम की स्थिति बन चुकी है कि यह बीमा अब 25 लाख की बजाय 5 लाख रुपये का हो चुका है जबकि कागजों में बीमा अभी भी 25 लाख रुपये का है। सरकार को कम से कम इस भ्रांति को दूर करने के लिए ही एक घोषणा करनी चाहिए थी। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जिन मांगों को लेकर उन्होंने जयपुर में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था उन पर ध्यान दिया जाएगा एवं इससे संबंधित घोषणा की जाएगी परन्तु उन्हें भी निराशा हाथ लगी। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी इस बजट से निराशा ही हाथ लगी है क्योंकि पूरे बजट में पत्रकारों के लिए भी कोई घोषणा नहीं की गई है। नए जिलों पर भी भाजपा केवल राजनीति कर रही है। जुलाई 2024 में पेश किए गए संशोधित बजट में सरकार ने नए जिलों के बुनियादी ढांचे के लिए ₹1,000 करोड़ की घोषणा की थी। फिर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 मार्च 2025 को विधानसभा में बजट चर्चा के जवाब के दौरान पुनः ऐसी ही घोषणा की। आज पुनः 3000 करोड़ रुपए नए जिलों में मिनी सचिवालय के लिए घोषित किए हैं। 2 साल में कितने मिनी सचिवालय बने हैं, यह भी जानकारी देनी चाहिए थी। वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में 25 लाख नल कनेक्शन एवं 2025 के बजट में 20 लाख नल कनेक्शन उक्त वित्त वर्षों में देने की घोषणा की थी। आज स्वयं वित्त मंत्री महोदय ने बताया है कि दो साल में 14 लाख जल कनेक्शन ही लगाए जा सके हैं जबकि वादा 45 लाख नल कनेक्शन का था। ये सरकार की खुली असफलता है जबकि यही भाजपा कांग्रेस सरकार पर जल जीवन मिशन की धीमी गति करने के आरोप लगाती थी। कांग्रेस सरकार में एक भावना थी कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए काम मांगते-मांगते थक जाएंगे पर सरकार काम देते-देते नहीं थकेगी। यह कांग्रेस सरकार ने सिर्फ कहा नहीं बल्कि करके दिखाया एवं घोषणाएं जमीन पर उतरीं। भाजपा सरकार की हालत देखने के बाद न तो जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लिए कुछ मांग पा रहे हैं और न ही सरकार कुछ काम दे पा रही है।1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी राजस्थान विधानसभा में चल रहा है विधानसभा में बजट का वाचन वित्त मंत्री दिया कुमारी बजट का वाचन कर रही है। कांग्रेस के विधायक और प्रतिपक्ष के नेता और विधायक थोड़ा हंगामा कर देते हैं। किन्तु सभापति वासुदेव देवनानी के सख्त रवैया के कारण वह ज्यादा हंगामा नहीं कर पाते हैं उन्होंने रोहित बोहरा और गोविंद सिंह डोटासरा को भी शांति से बजट सुनने की नसीहत दी। और कहा कि 3 दिन वजट पर बहस होगी। आप खुलकर बोलने खुलकर आलोचना करने के लिए कहा।1
- पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा की संगोष्ठी एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम। प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकर्ता तथा अंत्योदय एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा मंडल आबूरोड शहर द्वारा संगोष्ठी एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेश सैनी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन दर्शन, संगठन क्षमता एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित जी का ‘एकात्म मानववाद’ आज भी राष्ट्र की समग्र प्रगति का मार्गदर्शक सिद्धांत है सैनी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने हेतु संकल्पित होकर कार्य करें। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनीष सिंघल एवं रितेश सिंह चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पंडित जी के त्यागमय जीवन, सादगी और संगठन के प्रति समर्पण को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन भारतीय संस्कृति और राष्ट्रवाद की मजबूत आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन भगवती सिंह ने किया। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर जिला सह सोशल मीडिया प्रभारी रितेश सिंह, नगर मण्डल अध्यक्ष मनीष सिंहल, महामंत्री दिनेश कुमार, भगवती सिंह, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह, देवेंद्र निगम, रमेश वैष्णव, मंत्री अनुज गर्ग, अशोक माली, कोषाध्यक्ष दिलीप सोनी, निर्वतमान पार्षद दीपक कुमार, अभिषेक मेरु, राजेन्द्र प्रसाद, इम्मामुदिन, चंद्रलेखा अग्रवाल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष राजेंद्र गोयल, सुरेश सैनी, रत्तीलाल बारोट , विशाल अग्रवाल, प्रहलाद भाटी, गोविंद भील उपस्थित थे।1
- डूंगरपुर। राजस्थान बजट सत्र में चौरासी विधायक अनिल कटारा की मजबूत पैरवी के बाद अमरपुरा बांध के विकास की घोषणा की गई है। विधायक ने सदन में क्षेत्र के किसानों और पेयजल की समस्या को प्रखरता से उठाया था, जिसे स्वीकार करते हुए सरकार ने इसे बजट में शामिल किया। इस घोषणा से क्षेत्र के हजारों परिवारों में खुशी की लहर है। अमरपुरा बांध भविष्य में चौरासी की लाइफलाइन साबित होगा। इसके निर्माण से कृषि के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और गिरते भू-जल स्तर में भी सुधार आएगा। ग्रामीणों ने इस सौगात को विधायक कटारा की सक्रियता और विकासोन्मुख सोच की बड़ी जीत बताया है। विधायक अनिल कटारा ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को हल कर चौरासी को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। बांध की यह परियोजना क्षेत्र की प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।1