खरोरा के ग्राम पंचायत माठ अंतर्गत रामसागरपारा क्षेत्र भीषण गर्मी के कारण पिछले 10 दिनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा था, जिससे स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान थे। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए जनहित कल्याण समिति रामसागरपारा ने ग्राम पंचायत माठ को एक आवेदन सौंपा था। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन पाल ने बताया कि क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते समिति ने पंचायत से जल्द पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। आवेदन मिलने के बाद, ग्राम पंचायत माठ के सरपंच विनय वर्मा ने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया और जनहित कल्याण समिति के साथ मिलकर पानी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। सरपंच विनय वर्मा ने भीषण गर्मी में समिति द्वारा जनसमस्या को पंचायत तक पहुंचाने के कार्य को सराहनीय बताया और समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत विकास एवं जनहित के कार्यों में समिति के साथ मिलकर पूरा सहयोग करेगी। समिति के सदस्यों ने भी आगे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने और जनहित के कार्यों में हमेशा आगे रहकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
खरोरा के ग्राम पंचायत माठ अंतर्गत रामसागरपारा क्षेत्र भीषण गर्मी के कारण पिछले 10 दिनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा था, जिससे स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान थे। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए जनहित कल्याण समिति रामसागरपारा ने ग्राम पंचायत माठ को एक आवेदन सौंपा था। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन पाल ने बताया कि क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या के
कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते समिति ने पंचायत से जल्द पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। आवेदन मिलने के बाद, ग्राम पंचायत माठ के सरपंच विनय वर्मा ने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया और जनहित कल्याण समिति के साथ मिलकर पानी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। सरपंच विनय वर्मा ने भीषण गर्मी में
समिति द्वारा जनसमस्या को पंचायत तक पहुंचाने के कार्य को सराहनीय बताया और समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत विकास एवं जनहित के कार्यों में समिति के साथ मिलकर पूरा सहयोग करेगी। समिति के सदस्यों ने भी आगे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने और जनहित के कार्यों में हमेशा आगे रहकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
- खरोरा के ग्राम पंचायत माठ अंतर्गत रामसागरपारा क्षेत्र भीषण गर्मी के कारण पिछले 10 दिनों से गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहा था, जिससे स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान थे। ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए जनहित कल्याण समिति रामसागरपारा ने ग्राम पंचायत माठ को एक आवेदन सौंपा था। समिति के अध्यक्ष गोवर्धन पाल ने बताया कि क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते समिति ने पंचायत से जल्द पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। आवेदन मिलने के बाद, ग्राम पंचायत माठ के सरपंच विनय वर्मा ने तत्काल इस मामले को संज्ञान में लिया और जनहित कल्याण समिति के साथ मिलकर पानी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। सरपंच विनय वर्मा ने भीषण गर्मी में समिति द्वारा जनसमस्या को पंचायत तक पहुंचाने के कार्य को सराहनीय बताया और समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत विकास एवं जनहित के कार्यों में समिति के साथ मिलकर पूरा सहयोग करेगी। समिति के सदस्यों ने भी आगे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने और जनहित के कार्यों में हमेशा आगे रहकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।3
- रायपुर जिले के तिल्दा नेवरा थाना क्षेत्र में एक रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान चाकू दिखाकर लोगों में दहशत फैलाने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह चाकू भी बरामद किया है जिसका इस्तेमाल उसने लोगों को डराने के लिए किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 मई 2026 की रात ग्राम बोईरझिटी में हुई, जहाँ एक क्रिकेट प्रतियोगिता चल रही थी। इसी दौरान ग्राम अल्दा निवासी छबी कुमार विश्वकर्मा अपने हाथ में चाकू लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और तिल्दा नेवरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से चाकू जब्त कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज किया। 21 वर्षीय आरोपी छबी कुमार विश्वकर्मा, जो बसंत विश्वकर्मा का पुत्र और ग्राम अल्दा, थाना तिल्दा नेवरा, जिला रायपुर (ग्रामीण), छत्तीसगढ़ का निवासी है, उसे गिरफ्तार कर बाद में न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी, गुंडा-बदमाशों और अड्डेबाजों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।1
- नवापारा-राजिम शहर के भीतर से प्रतिबंधित समय में रेत से भरे हाइवा वाहनों के लगातार गुजरने से हर पल बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इसी क्रम में बुधवार शाम पौने चार बजे, पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी और भाजपा मंडल महामंत्री सिंटू सौरभ जैन ने गंज रोड से एक के बाद एक निकल रहे तीन रेत भरे हाइवा वाहनों को रोका। जनप्रतिनिधियों ने ड्राइवरों से उनके पीट पास मांगे, जिसे वे मौके पर नहीं दिखा पाए। इसके बाद इन तीनों वाहनों को गंज रोड स्थित हाई स्कूल मैदान में खड़ा कराया गया। उपाध्यक्ष सोनी ने खनन विभाग के अधिकारी श्री भार्गव को फोन पर सूचित किया, जिन्होंने तत्काल टीम भेजने की बात कही। हालांकि, हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि खनन अधिकारी से जनप्रतिनिधियों की बात होते ही पलक झपकते ही तीनों गाड़ियों के पास पीट पास पहुंच जाने की जानकारी मिली। शहर के व्यापारियों और गणमान्य नागरिकों में रेत से भरे इन भारी वाहनों के शहर के भीतर से गुजरने को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश का वातावरण है। नगरवासियों का कहना है कि शहर के संकरे और व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार से दौड़ते ये हाइवा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। लगातार शिकायतों और विरोध के बावजूद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है, और भारी वाहन चालक खुलेआम नियमों को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से रोक लगाई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संबंधित ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि शहर में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके। पालिका उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी ने स्वयं इन गाड़ियों को रोककर थाना और माइनिंग विभाग को सूचित करते हुए कार्रवाई के लिए कहा है।1
- Post by Dileshawar Rajak1
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में ग्राम पंचायत दरिमा की महिलाएं शराब ठेकों को बंद या स्थानांतरित करने की मांग लेकर कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंची थीं। इस दौरान कलेक्टर ने उनसे एक अटपटा सवाल पूछा कि क्या उन्हें महतारी वंदना योजना के तहत ₹1000 मिल रहे हैं। जब महिलाओं ने इसकी पुष्टि की, तो कलेक्टर ने कथित तौर पर यह कहकर अहसान जताने की कोशिश की कि शराब बेचना भी सरकार की योजना है, और अगर उन्हें महतारी वंदना के ₹1000 हर महीने चाहिए तो वे शराब बिक्री का विरोध क्यों करती हैं। कलेक्टर की इस बात से महिलाएं अत्यंत क्रोधित हो गईं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि अगर महतारी वंदना की राशि इस शर्त पर मिल रही है कि उनके नौजवान परिवार शराब में डूब जाएं, तो उन्हें सरकार के ₹1000 नहीं चाहिए। यह घटना सरकार की उस सोच पर सवाल उठाती है, जहां पहले यह पूछा जाता था कि महिलाओं को इतना पैसा देने के लिए फंड कहां से आएगा, लेकिन अब सरकार खुलकर कह रही है कि महतारी वंदना के ₹1000 देने के लिए उन्हें मजबूरी में शराब दुकानों की संख्या बढ़ानी पड़ रही है। इसे 'गाय मार कर जूता दान' वाली कहावत जैसा बताया गया है। अंबिकापुर में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी, यानी जिलाधीश द्वारा कही गई यह बात दर्शाती है कि सरकार ने अपनी 'मनमानी गारंटी' का भार सिस्टम चलाने वालों पर डाल रखा है, जिससे यह धारणा बन गई है कि महतारी वंदना योजना शराब के पैसे से ही संचालित हो रही है। कलेक्टर की बातों ने महिलाओं के दिमाग की बत्ती जला दी, और उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके घरों में कलह का कारण उन्हें मिलने वाली महतारी वंदना की राशि ही हो सकती है। इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ में इस बात के चरितार्थ होने के रूप में देखा जा रहा है कि चुनाव जीतने के लालच में पार्टियों के वादे अंततः जनता को ही भारी पड़ते हैं।1
- राज टॉकीज रायपुर ने अपनी सेवाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। दर्शक अब बुक माय शो प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं, जिसके लिए एक सीधा लिंक उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही, सिनेमाघर ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। इच्छुक दर्शक दिए गए लिंक पर क्लिक करके इस ग्रुप से जुड़ सकते हैं और अन्य लोगों को जोड़ने के लिए यह लिंक उन्हें भी भेज सकते हैं। किसी भी सहायता या जानकारी के लिए राज टॉकीज रायपुर के दिए गए संपर्क नंबर पर फोन किया जा सकता है।1
- छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है, जहाँ चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ता लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सूरज देवता के आग बरसाने और पारा आसमान छूने के बावजूद, लोग छांव के बजाय रसोई गैस सिलेंडर ढूंढ रहे हैं, जिसे 'सिलेंडर सत्याग्रह' या मजबूरी की इंतहा बताया जा रहा है। बाजार में सिलेंडर की किल्लत इस कदर हावी है कि ग्राहक अब सिर्फ "बस सिलेंडर दे दो, चाहे जैसे भी दो!" की रट लगाए हुए हैं और अपनी जेब ढीली करके ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से भी सिलेंडर खरीदने को मजबूर और तैयार बैठे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, स्थानीय प्रशासन को कथित तौर पर इसकी कानों-कान खबर नहीं है, या यदि खबर है भी, तो अब तक इसका कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन इस नौतपा में 'कूलर की ठंडी हवा' खाकर सो रहा है। एक तरफ छत्तीसगढ़ में आए दिन विकास, व्यवस्था और 'सुशासन-तिहार' (सुशासन उत्सव) के बड़े-बड़े ढिंढोरे पीटे जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि आम नागरिक को अपनी बुनियादी जरूरत—रसोई गैस—के लिए इस जानलेवा धूप में कतारबद्ध होना पड़ रहा है। यह स्थिति 'दावों का सुशासन' और 'धरातल की हकीकत' के बीच के बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ 'सुशासन-तिहार के भव्य आयोजन' एक तरफ हैं और 'ब्लैक में सिलेंडर खरीदने की मजबूरी' दूसरी तरफ। जनता पूछ रही है कि इस किल्लत का जिम्मेदार कौन है और क्या बम्लेश्वरी गैस एजेंसी की अव्यवस्था अधिकारियों की नजरों से इतनी दूर है कि उन्हें धूप में खड़े ये बेबस चेहरे दिखाई नहीं देते। बलौदाबाजार की जनता को अब किसी 'तिहार' की नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर और इस समस्या के स्थायी समाधान की दरकार है, और प्रशासन के 'कुंभकर्णी नींद' से जागने का इंतजार है।2
- राज टॉकीज, रायपुर के लिए अब अपनी टिकटें बुक करने का समय है।1