दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के विरोध में इंदौर का भंवरकुआं चौराहा (टंट्या भील चौराहा) विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बनकर "नया जंतर-मंतर" बन गया है। परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली, पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक से अपने भविष्य को अधर में लटकता देख हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इंदौर का भंवरकुआं इलाका शहर का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां धार, खरगोन, देवास, खंडवा और झाबुआ जैसे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हाल ही में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना ने इस रोष को और भड़का दिया है। चौराहे पर सुबह से लेकर देर रात तक हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्रों का जमावड़ा लगा हुआ है। छात्रों के इस विशाल जनसैलाब और बढ़ते तनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आंदोलन के चलते इस व्यस्ततम मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देश के भविष्य यानी युवाओं का यूं सड़क पर उतरना शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के दावों पर सवाल खड़ा करता है, और यदि समय रहते इनकी जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह चिंगारी देश के अन्य हिस्सों में भी विकराल रूप ले सकती है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के विरोध में इंदौर का भंवरकुआं चौराहा (टंट्या भील चौराहा) विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बनकर "नया जंतर-मंतर" बन गया है। परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली, पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक से अपने भविष्य को अधर में लटकता देख हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इंदौर का भंवरकुआं इलाका शहर का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां धार, खरगोन, देवास, खंडवा और झाबुआ जैसे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हाल ही में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना ने
इस रोष को और भड़का दिया है। चौराहे पर सुबह से लेकर देर रात तक हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्रों का जमावड़ा लगा हुआ है। छात्रों के इस विशाल जनसैलाब और बढ़ते तनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आंदोलन के चलते इस व्यस्ततम मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देश के भविष्य यानी युवाओं का यूं सड़क पर उतरना शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के दावों पर सवाल खड़ा करता है, और यदि समय रहते इनकी जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह चिंगारी देश के अन्य हिस्सों में भी विकराल रूप ले सकती है।
- शाजापुर जिले के थाना बेरछा पुलिस ने घर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 16 जुलाई 2026 को फरियादी राधेश्याम सोलंकी ने रात में घर में घुसकर करीब ₹1.75 लाख के जेवर चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस और अपराध क्रमांक 145/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और एसडीओपी डॉक्टर नागेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक भरतसिंह किरार के नेतृत्व वाली टीम ने कार्रवाई करते हुए रुलकी कंजर डेरा निवासी 28 वर्षीय विकास (पिता ओमप्रकाश कंजर) को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से ₹58,500 कीमत की एक सोने की अंगूठी, दो जोड़ी चांदी की पायजेब और एक जोड़ी चांदी की बिछिया बरामद की गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथियों अमीश कंजर और विशाल कंजर के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है और बताया कि चोरी का शेष माल फरार साथियों के पास है। इस कार्रवाई में निरीक्षक भरतसिंह किरार और उप निरीक्षक सुरजभान सिंह ढिल्लन समेत बेरछा पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस गुरुवार शाम जारी प्रेस नोट के अनुसार दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
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- Post by Anitm3021
- सुसनेर विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह व भाजपा पदाधिकारियों ने भोपाल में मध्य प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल से मुलाकात की। यह मुलाकात गुरुवार को 4 बजे हुई। इस दौरान सोयत कलाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत करने तथा मोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति करने पर विस्तृत चर्चा की गई। उसके पश्चात पूर्व विधायक राणा ने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से भी मुलाकात की और सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, नए निर्माण कार्यों, बुनियादी सुविधाओं व लोक निर्माण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक एवं विस्तृत चर्चा की।1
- मध्य प्रदेश में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर धरना दिया और अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन पीपलरावाँ थाना प्रभारी सुबोध कुमार गौत्तम को सौंपा।1
- NEET पेपर लीक और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में कालापीपल में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुमार चौधरी के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन से पंचमुखी चौराहे तक एक मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों से सीधे सवाल पूछकर उनकी राय जानी गई और उनसे पूछा गया कि क्या शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मार्च के जरिए नीट परीक्षा मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।1
- दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के विरोध में इंदौर का भंवरकुआं चौराहा (टंट्या भील चौराहा) विरोध प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र बनकर "नया जंतर-मंतर" बन गया है। परीक्षा प्रणाली में कथित धांधली, पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक से अपने भविष्य को अधर में लटकता देख हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। इंदौर का भंवरकुआं इलाका शहर का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, जहां धार, खरगोन, देवास, खंडवा और झाबुआ जैसे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। हाल ही में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना ने इस रोष को और भड़का दिया है। चौराहे पर सुबह से लेकर देर रात तक हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्रों का जमावड़ा लगा हुआ है। छात्रों के इस विशाल जनसैलाब और बढ़ते तनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आंदोलन के चलते इस व्यस्ततम मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देश के भविष्य यानी युवाओं का यूं सड़क पर उतरना शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के दावों पर सवाल खड़ा करता है, और यदि समय रहते इनकी जायज मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह चिंगारी देश के अन्य हिस्सों में भी विकराल रूप ले सकती है।2
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील अंतर्गत ग्राम अलूनी में भारी बारिश के बीच एक गरीब आदिवासी मजदूर मोड़सिंह की वर्षों पुरानी घास-फूस की टापरी को जेसीबी चलाकर जमींदोज कर दिया गया। इस अमानवीय कार्रवाई के कारण पीड़ित का परिवार और मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। टापरी ढहाए जाने से उसके भीतर रखा सारा पशु-चारा भी बारिश के पानी में भीगकर पूरी तरह सड़ गया है, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति पहुंची है। पीड़ित मोड़सिंह ने प्रशासन और स्थानीय दबंगों पर लक्षित कार्रवाई और सामाजिक भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, गांव के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण मौजूद हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल इस गरीब आदिवासी मजदूर को ही निशाना बनाया। इसके अलावा गांव के कुछ रसूखदार लोग पीड़ित और उसके परिवार को सार्वजनिक ट्यूबवेल से पानी तक नहीं भरने दे रहे हैं, जिससे उन्हें पीने के पानी के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। दूसरी ओर मामले में पटवारी रामबाबू ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राम पंचायत भवन निर्माण के लिए सरपंच और सचिव द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर नियमानुसार सरकारी भूमि को खाली कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने सारंगपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, फसल व चारे के नुकसान के उचित मुआवजे और पानी रोकने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।1