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राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद, शासन के निर्देश पर बिलासपुर का स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर संस्थानों और आईलेट्स सेंटरों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण से संचालकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम ने नगर में संचालित करीब सात संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। निरीक्षण के दौरान, टीम ने विद्युत सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास द्वार, फर्नीचर की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, और आपातकालीन निकासी सहित लगभग आठ प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं का गहनता से परीक्षण किया। प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे अधिशासी अधिकारी डॉ. गंगवार के अनुसार उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा। डॉ. गंगवार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, अग्निशमन अधिकारी, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार, कमल सक्सेना सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

2 hrs ago
user_कामरान खांन कम्मु
कामरान खांन कम्मु
बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद, शासन के निर्देश पर बिलासपुर का स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, शनिवार को नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम ने नगर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर संस्थानों और आईलेट्स सेंटरों का व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण से संचालकों में हड़कंप मच गया, क्योंकि टीम ने नगर में संचालित करीब सात संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाएं परखीं। निरीक्षण के दौरान, टीम ने विद्युत सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास द्वार, फर्नीचर की व्यवस्था, अग्निशमन यंत्र, और आपातकालीन निकासी सहित लगभग आठ प्रमुख सुरक्षा बिंदुओं का गहनता से परीक्षण किया। प्रत्येक संस्थान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसे अधिशासी अधिकारी डॉ. गंगवार के अनुसार उपजिलाधिकारी को भेजा जाएगा। डॉ. गंगवार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह, अग्निशमन अधिकारी, कस्बा चौकी प्रभारी योगेश कुमार, कमल सक्सेना सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • स्वार क्षेत्र के नरपतनगर गांव में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बिजली की आँख-मिचौली, लो वोल्टेज और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने से परेशान ग्रामीणों का सब्र शनिवार को टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वार बिजलीघर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने शिकायत की कि भीषण गर्मी के कारण घंटों की बिजली कटौती और लो वोल्टेज के चलते घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली के उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं। किसानों ने भी बताया कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनके सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और लो वोल्टेज की समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जवाब में, बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र ही उठाए जाएंगे।
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    स्वार क्षेत्र के नरपतनगर गांव में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बिजली की आँख-मिचौली, लो वोल्टेज और निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने से परेशान ग्रामीणों का सब्र शनिवार को टूट गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वार बिजलीघर पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी नाराजगी जताई।

ग्रामीणों ने शिकायत की कि भीषण गर्मी के कारण घंटों की बिजली कटौती और लो वोल्टेज के चलते घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली के उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं। किसानों ने भी बताया कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनके सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से मांग की कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और लो वोल्टेज की समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जवाब में, बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र ही उठाए जाएंगे।
    user_गुलफाम बक्श  9837568678
    गुलफाम बक्श 9837568678
    सुआर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई। छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
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    कर्नाटक के बेंगलुरु में NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक दिल दहला देने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ तीन छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। ये छात्राएं निर्धारित समय से मात्र 2 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र पहुंची थीं, जबकि गेट दोपहर 1:30 बजे ही बंद हो चुके थे। परीक्षा में शामिल होने से वंचित होने के बाद, उन्होंने गेट के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए एंट्री के लिए गुहार लगाई।

छात्राओं ने अपनी इस देरी की वजह कांग्रेस रैली के कारण लगे भारी ट्रैफिक जाम को बताया। हालांकि, NTA के सख्त नियमों के चलते उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
    user_SonuKumar Gautam midia
    SonuKumar Gautam midia
    Local News Reporter टांडा, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र के सिधौली से मिली एक ग्राउंड रिपोर्ट में 'योगी' का तूफानी जलवा देखने को मिला है।
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    बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र के सिधौली से मिली एक ग्राउंड रिपोर्ट में 'योगी' का तूफानी जलवा देखने को मिला है।
    user_राजेश शर्मा
    राजेश शर्मा
    Local News Reporter मीरगंज, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से भी जाना जाता है, 19वीं सदी में सिख साम्राज्य के महान संस्थापक और पंजाब के पहले स्वतंत्र सम्राट थे। उनका जन्म 13 नवंबर 1780 को गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में) में हुआ था, और वे 27 जून 1839 को लाहौर में स्वर्ग सिधार गए। उन्होंने पंजाब को एक शक्तिशाली साम्राज्य के रूप में एकजुट किया। बचपन में चेचक के कारण उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। मात्र 12 वर्ष की आयु में पिता महा सिंह, जो सुकरचकिया मिसल के कमांडर थे, के निधन के बाद उन्होंने इस मिसल की कमान संभाली। 12 अप्रैल 1801 को उन्होंने 'महाराजा' की उपाधि ग्रहण की और अलग-अलग सिख मिसलों व अफगानों को पराजित कर एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी। उनका साम्राज्य उत्तर-पश्चिम में कश्मीर, लद्दाख और पेशावर से लेकर दक्षिण में पंजनाथ तक फैला था, और उनके जीते-जी अंग्रेजों ने कभी उनके साम्राज्य पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत नहीं की। महाराजा रणजीत सिंह का शासन धर्मनिरपेक्ष और न्यायपूर्ण था, जहाँ हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी समुदायों के लोगों को दरबार में उच्च पद प्राप्त थे। उनके शासनकाल की एक खास बात यह थी कि उन्होंने कभी किसी अपराधी को मृत्युदंड नहीं दिया, चाहे उसका अपराध कितना भी गंभीर क्यों न रहा हो। अमृतसर के प्रसिद्ध हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पर सोने की परत चढ़ाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। इसके अतिरिक्त, उनके पास दुनिया का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था, जो उन्हें अफ़गानिस्तान के शासक शाह शुजा की पत्नी वफ़ा बेगम ने अपने पति की मदद के बदले भेंट किया था। उनकी मृत्यु के बाद, सिख साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा और अंततः अंग्रेजों ने इसे अपने अधीन कर लिया।
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    महाराजा रणजीत सिंह, जिन्हें 'शेर-ए-पंजाब' के नाम से भी जाना जाता है, 19वीं सदी में सिख साम्राज्य के महान संस्थापक और पंजाब के पहले स्वतंत्र सम्राट थे। उनका जन्म 13 नवंबर 1780 को गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में) में हुआ था, और वे 27 जून 1839 को लाहौर में स्वर्ग सिधार गए। उन्होंने पंजाब को एक शक्तिशाली साम्राज्य के रूप में एकजुट किया।

बचपन में चेचक के कारण उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई थी। मात्र 12 वर्ष की आयु में पिता महा सिंह, जो सुकरचकिया मिसल के कमांडर थे, के निधन के बाद उन्होंने इस मिसल की कमान संभाली। 12 अप्रैल 1801 को उन्होंने 'महाराजा' की उपाधि ग्रहण की और अलग-अलग सिख मिसलों व अफगानों को पराजित कर एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी। उनका साम्राज्य उत्तर-पश्चिम में कश्मीर, लद्दाख और पेशावर से लेकर दक्षिण में पंजनाथ तक फैला था, और उनके जीते-जी अंग्रेजों ने कभी उनके साम्राज्य पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत नहीं की।

महाराजा रणजीत सिंह का शासन धर्मनिरपेक्ष और न्यायपूर्ण था, जहाँ हिंदू, मुस्लिम और सिख सभी समुदायों के लोगों को दरबार में उच्च पद प्राप्त थे। उनके शासनकाल की एक खास बात यह थी कि उन्होंने कभी किसी अपराधी को मृत्युदंड नहीं दिया, चाहे उसका अपराध कितना भी गंभीर क्यों न रहा हो। अमृतसर के प्रसिद्ध हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पर सोने की परत चढ़ाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। इसके अतिरिक्त, उनके पास दुनिया का प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी था, जो उन्हें अफ़गानिस्तान के शासक शाह शुजा की पत्नी वफ़ा बेगम ने अपने पति की मदद के बदले भेंट किया था। उनकी मृत्यु के बाद, सिख साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा और अंततः अंग्रेजों ने इसे अपने अधीन कर लिया।
    user_Jagdish Ballabh Sharma
    Jagdish Ballabh Sharma
    Teacher हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    29 min ago
  • महाराष्ट्र में हुए टीईटी (TET) पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। आरोप लगाया गया है कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं करा सकती। पोस्ट में तीखी टिप्पणी करते हुए यह भी कहा गया है कि सरकार केवल राजनीतिक दलों को तोड़ने और विधायकों व सांसदों को अपने पाले में करने में ही कुशल है।
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    महाराष्ट्र में हुए टीईटी (TET) पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। आरोप लगाया गया है कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा सरकार एक भी परीक्षा ठीक से आयोजित नहीं करा सकती। पोस्ट में तीखी टिप्पणी करते हुए यह भी कहा गया है कि सरकार केवल राजनीतिक दलों को तोड़ने और विधायकों व सांसदों को अपने पाले में करने में ही कुशल है।
    user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक की खबर सामने आने से लाखों अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है। इस 'बड़े खुलासे' ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यह पूरा मामला पुलिस जाँच के दायरे में आ गया है, और इसका सीधा असर आगामी परीक्षा पर पड़ने की आशंका है।
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    महाराष्ट्र TET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले कथित पेपर लीक की खबर सामने आने से लाखों अभ्यर्थियों को गहरा झटका लगा है। इस 'बड़े खुलासे' ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। यह पूरा मामला पुलिस जाँच के दायरे में आ गया है, और इसका सीधा असर आगामी परीक्षा पर पड़ने की आशंका है।
    user_Dharmendra Kumar
    Dharmendra Kumar
    Voice of people मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मोहर्रम के पवित्र अवसर पर भोजपुर के वाजिदपुर तिगरी में राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया। इस पहल के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी और सब्र को याद किया गया।
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    मोहर्रम के पवित्र अवसर पर भोजपुर के वाजिदपुर तिगरी में राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाया गया। इस पहल के माध्यम से कर्बला की कुर्बानी और सब्र को याद किया गया।
    user_नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    नाजिम हुसैन पत्रकार डिलारी
    Local Politician Moradabad, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • एक व्यक्ति को महिलाओं के नहाते हुए वीडियो बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस घटना को लेकर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया है, और यह मांग उठाई गई है कि इस "दरिंदे" की तस्वीर भारत के हर घर तक पहुंचाई जानी चाहिए।
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    एक व्यक्ति को महिलाओं के नहाते हुए वीडियो बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस घटना को लेकर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया गया है, और यह मांग उठाई गई है कि इस "दरिंदे" की तस्वीर भारत के हर घर तक पहुंचाई जानी चाहिए।
    user_JAI HIND MEDIA
    JAI HIND MEDIA
    Newspaper publisher Moradabad, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • झारखंड के जपला से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लक्ष्मी शिशु वाटिका के प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप छोटी बच्चियों को बेरहमी से पीटते हुए एक वीडियो में कैद हुए हैं। इस वीडियो में प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप को मासूम बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए, उन्हें निर्ममतापूर्वक पीटते हुए देखा जा सकता है।
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    झारखंड के जपला से एक परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लक्ष्मी शिशु वाटिका के प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप छोटी बच्चियों को बेरहमी से पीटते हुए एक वीडियो में कैद हुए हैं। इस वीडियो में प्रिंसिपल शाशीकेश कश्यप को मासूम बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए, उन्हें निर्ममतापूर्वक पीटते हुए देखा जा सकता है।
    user_SonuKumar Gautam midia
    SonuKumar Gautam midia
    Local News Reporter टांडा, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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