सायकिल घोटाले की पोल खोली, तो जेल की हवा मिली? रवि भगत की गिरफ्तारी पर उठा 'सुशासन' का जनाज़ा! रायपुर/रायगढ़ | स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट लोकतंत्र का नया नियम आ गया है—"भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाओगे, तो सीधा जेल जाओगे!" कूपाकानी स्कूल में बांटी गई खटारा और गुणवत्ताहीन साइकिलों के खिलाफ जब आदिवासी समाज के युवा नेता और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हल्ला बोला था, तो लोगों को लगा था कि सरकार जागेगी और भ्रष्ट ठेकेदारों-अफसरों पर गाज गिरेगी। लेकिन 'सुशासन' का खेल देखिए साहब! गाज भ्रष्टाचारियों पर नहीं, बल्कि घोटाला उजागर करने वाले रवि भगत पर गिर गई। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार में बैठा हर दूसरा हुक्मरान रवि भगत की बढ़ती लोकप्रियता और सवालों से इतना थर-थर कांपने लगा कि आनन-फानन में खाकी वर्दी को आगे किया गया और जबरन पकड़कर उन्हें रायगढ़ जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया! 🚲 घोटाला उजागर करने का 'इनाम': सीधे रायगढ़ जेल! पिछले दिनों आपने उस वीडियो में साफ देखा होगा कि किस तरह रवि भगत ने साइकिलों के नाम पर बांटे जा रहे कबाड़ का सच जनता के सामने रखा था। उन्होंने साफ लहजे में कहा था: "मैं आदिवासी समाज से आता हूँ और अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ यह अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूँगा!" लेकिन व्यवस्था का तमाचा देखिए: असली भ्रष्टाचारी: मस्त हैं, कमीशन गिन रहे हैं। सवालों के घेरे में अफसर: बेफिक्र हैं, कुर्सी से चिपके हैं। हक की बात करने वाला युवा: सलाखों के पीछे है! क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं या फिर यह सत्ता की सीधी-सादी 'सरकारी गुंडागर्दी' है? 🎭 "जो पार्टी में नहीं, वो सीधे जेल में?" राजनीतिक गलियारों में अब एक ही बात की चर्चा है—"जब तक बीजेपी में थे, तब तक नेता जी; जैसे ही पार्टी का दामन छोड़ा और सच बोला, बन गए अपराधी!" रवि भगत कोई अपना निजी फायदा नहीं मांग रहे थे। वे देश, समाज और गरीब आदिवासी बच्चों के हक की बात कर रहे थे, जिन्हें घटिया साइकिलें थमाकर बजट का गोलमाल किया जा रहा था। मगर इस कार्रवाई से सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है और सच बोलने वालों को दबाना उनकी नीति! ⚖️ बड़ा सवाल: न्याय मिलेगा या अस्तित्व मिटाने का है खेल? अब सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है: क्या रवि भगत को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशासन का ढोल पीटने वाली यह व्यवस्था एक आदिवासी समाज के उभरते लड़के का अस्तित्व ही मिटा कर रख देगी? यदि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाली लूट पर आवाज़ उठाना अपराध है, तो फिर समझ लीजिए कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में बचा है। अब देखना यह है कि आदिवासी समाज और जागरूक जनता इस अन्याय के खिलाफ कब तक खामोश रहती है या फिर रवि भगत की यह गिरफ्तारी किसी बड़े जन-आंदोलन का तूफान बनती है!
सायकिल घोटाले की पोल खोली, तो जेल की हवा मिली? रवि भगत की गिरफ्तारी पर उठा 'सुशासन' का जनाज़ा! रायपुर/रायगढ़ | स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट लोकतंत्र का नया नियम आ गया है—"भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाओगे, तो सीधा जेल जाओगे!" कूपाकानी स्कूल में बांटी गई खटारा और गुणवत्ताहीन साइकिलों के खिलाफ जब आदिवासी समाज के युवा नेता और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हल्ला बोला था, तो लोगों को लगा था कि सरकार जागेगी और भ्रष्ट ठेकेदारों-अफसरों पर गाज गिरेगी। लेकिन 'सुशासन' का खेल देखिए साहब! गाज भ्रष्टाचारियों पर नहीं, बल्कि घोटाला उजागर करने वाले रवि भगत पर गिर गई। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार में बैठा हर दूसरा हुक्मरान रवि भगत की बढ़ती लोकप्रियता और सवालों से इतना थर-थर कांपने लगा कि आनन-फानन में खाकी वर्दी को आगे किया गया और जबरन पकड़कर उन्हें रायगढ़ जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया! 🚲 घोटाला उजागर करने का 'इनाम': सीधे रायगढ़ जेल! पिछले दिनों आपने उस वीडियो में साफ देखा होगा कि किस तरह रवि भगत ने साइकिलों के नाम पर बांटे जा रहे कबाड़ का सच जनता के सामने रखा था। उन्होंने साफ लहजे में कहा था: "मैं आदिवासी समाज से आता हूँ और अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ यह अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूँगा!" लेकिन व्यवस्था का तमाचा देखिए: असली भ्रष्टाचारी: मस्त हैं, कमीशन गिन रहे हैं। सवालों के घेरे में अफसर: बेफिक्र हैं, कुर्सी से
चिपके हैं। हक की बात करने वाला युवा: सलाखों के पीछे है! क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं या फिर यह सत्ता की सीधी-सादी 'सरकारी गुंडागर्दी' है? 🎭 "जो पार्टी में नहीं, वो सीधे जेल में?" राजनीतिक गलियारों में अब एक ही बात की चर्चा है—"जब तक बीजेपी में थे, तब तक नेता जी; जैसे ही पार्टी का दामन छोड़ा और सच बोला, बन गए अपराधी!" रवि भगत कोई अपना निजी फायदा नहीं मांग रहे थे। वे देश, समाज और गरीब आदिवासी बच्चों के हक की बात कर रहे थे, जिन्हें घटिया साइकिलें थमाकर बजट का गोलमाल किया जा रहा था। मगर इस कार्रवाई से सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है और सच बोलने वालों को दबाना उनकी नीति! ⚖️ बड़ा सवाल: न्याय मिलेगा या अस्तित्व मिटाने का है खेल? अब सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है: क्या रवि भगत को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशासन का ढोल पीटने वाली यह व्यवस्था एक आदिवासी समाज के उभरते लड़के का अस्तित्व ही मिटा कर रख देगी? यदि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाली लूट पर आवाज़ उठाना अपराध है, तो फिर समझ लीजिए कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में बचा है। अब देखना यह है कि आदिवासी समाज और जागरूक जनता इस अन्याय के खिलाफ कब तक खामोश रहती है या फिर रवि भगत की यह गिरफ्तारी किसी बड़े जन-आंदोलन का तूफान बनती है!
- सायकिल घोटाले की पोल खोली, तो जेल की हवा मिली? रवि भगत की गिरफ्तारी पर उठा 'सुशासन' का जनाज़ा! रायपुर/रायगढ़ | स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट लोकतंत्र का नया नियम आ गया है—"भ्रष्टाचार पर आवाज़ उठाओगे, तो सीधा जेल जाओगे!" कूपाकानी स्कूल में बांटी गई खटारा और गुणवत्ताहीन साइकिलों के खिलाफ जब आदिवासी समाज के युवा नेता और भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हल्ला बोला था, तो लोगों को लगा था कि सरकार जागेगी और भ्रष्ट ठेकेदारों-अफसरों पर गाज गिरेगी। लेकिन 'सुशासन' का खेल देखिए साहब! गाज भ्रष्टाचारियों पर नहीं, बल्कि घोटाला उजागर करने वाले रवि भगत पर गिर गई। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सरकार में बैठा हर दूसरा हुक्मरान रवि भगत की बढ़ती लोकप्रियता और सवालों से इतना थर-थर कांपने लगा कि आनन-फानन में खाकी वर्दी को आगे किया गया और जबरन पकड़कर उन्हें रायगढ़ जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया गया! 🚲 घोटाला उजागर करने का 'इनाम': सीधे रायगढ़ जेल! पिछले दिनों आपने उस वीडियो में साफ देखा होगा कि किस तरह रवि भगत ने साइकिलों के नाम पर बांटे जा रहे कबाड़ का सच जनता के सामने रखा था। उन्होंने साफ लहजे में कहा था: "मैं आदिवासी समाज से आता हूँ और अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ यह अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूँगा!" लेकिन व्यवस्था का तमाचा देखिए: असली भ्रष्टाचारी: मस्त हैं, कमीशन गिन रहे हैं। सवालों के घेरे में अफसर: बेफिक्र हैं, कुर्सी से चिपके हैं। हक की बात करने वाला युवा: सलाखों के पीछे है! क्या इसी को लोकतंत्र कहते हैं या फिर यह सत्ता की सीधी-सादी 'सरकारी गुंडागर्दी' है? 🎭 "जो पार्टी में नहीं, वो सीधे जेल में?" राजनीतिक गलियारों में अब एक ही बात की चर्चा है—"जब तक बीजेपी में थे, तब तक नेता जी; जैसे ही पार्टी का दामन छोड़ा और सच बोला, बन गए अपराधी!" रवि भगत कोई अपना निजी फायदा नहीं मांग रहे थे। वे देश, समाज और गरीब आदिवासी बच्चों के हक की बात कर रहे थे, जिन्हें घटिया साइकिलें थमाकर बजट का गोलमाल किया जा रहा था। मगर इस कार्रवाई से सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है और सच बोलने वालों को दबाना उनकी नीति! ⚖️ बड़ा सवाल: न्याय मिलेगा या अस्तित्व मिटाने का है खेल? अब सबसे बड़ा और चुभता हुआ सवाल यह है: क्या रवि भगत को इंसाफ मिलेगा? या फिर सुशासन का ढोल पीटने वाली यह व्यवस्था एक आदिवासी समाज के उभरते लड़के का अस्तित्व ही मिटा कर रख देगी? यदि जनता के टैक्स के पैसे से होने वाली लूट पर आवाज़ उठाना अपराध है, तो फिर समझ लीजिए कि लोकतंत्र सिर्फ किताबों में बचा है। अब देखना यह है कि आदिवासी समाज और जागरूक जनता इस अन्याय के खिलाफ कब तक खामोश रहती है या फिर रवि भगत की यह गिरफ्तारी किसी बड़े जन-आंदोलन का तूफान बनती है!2
- शराब और सब्जी बनाने के विवाद में पति ने ली पत्नी की जान, जशपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार,न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल घुटरी गांव में हत्या: शराब और खाने के विवाद में पति बना हैवान, पुलिस ने सुलझाई गुत्थी जशपुर :- जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम घुटरी में एक पति द्वारा अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि ग्राम घुटरी निवासी 46 वर्षीय दुबेश्वरी बाई की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां महिला का शव घर में पड़ा मिला। पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि मृतका और उसके 48 वर्षीय पति जगेश्वर राम के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के दिन भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज पंचनामा के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतका के गले और सिर पर चोट के गंभीर निशान थे और खून बह रहा था। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लगने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी और बाहरी चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी पति जगेश्वर राम को हिरासत में ले लिया। सब्जी न बनाने और शराब के विवाद में की हत्या कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी जगेश्वर राम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि घटना के दिन शराब नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच बहस हो रही थी। इसी दौरान उसने पत्नी को सब्जी बनाने के लिए कहा। पत्नी द्वारा सब्जी बनाने से मना करने पर वह गुस्से में आग-बबूला हो गया और उसने अपनी पत्नी पर हाथ, मुक्के और लात से जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। डीआईजी का बयान और पुलिस टीम की भूमिका इस मामले पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जशपुर) डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया, "कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुटरी में पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।" इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपी की गिरफ्तारी में सिटी कोतवाली जशपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, एएसआई मनोज साहू, स्नेहलता सिंह, पीएसआई लक्ष्मी मरकाम, जितेंद्र साहू, महिला आरक्षक नीलम टोप्पो, आरक्षक उपेंद्र सिंह, नगर सैनिक थानेश्वर देशमुख और रवि डनसेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🚨 साइकिल वितरण कार्यक्रम में हंगामा! लैलूंगा के युवा नेता रवि भगत ने राजपुर में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वितरण रुकवा दिया। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी और पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटाया। 🎥 देखिए, आखिर पूरा मामला क्या है... 📍 राजपुर | छत्तीसगढ़ #JashpurTimes #RaviBhagat #Rajpur #Raigarh #CycleDistribution #Chhattisgarh #BreakingNews #PoliticalNews #Reels #SachSabTak1
- PM Modi in Sikkim: राज्यत्व स्वर्ण जयंती समारोह में बोले– सिक्किम भारत की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर 🇮🇳 सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के 50वें राज्यत्व वर्ष के समापन समारोह में भाग लेते हुए राज्य की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प में सिक्किम की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यटन, कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना को नई गति देने वाली विकास परियोजनाओं पर भी जोर दिया गया। 🌿 सिक्किम की गौरवशाली यात्रा को नमन, विकास के नए अध्याय की ओर एक और मजबूत कदम। #PMModi #Sikkim #Statehood50 #ViksitBharat2047 #Gangtok #Development #NewIndia #भारत #NarendraModi #PradeshKhabarNetwork1
- सरगुजा से गौ माता सम्मान अभियान के समर्थन में 1 लाख से अधिक हस्ताक्षर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित सरगुजा से गौ माता सम्मान अभियान के समर्थन में 1 लाख से अधिक हस्ताक्षर, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित अंबिकापुर, सुरगुजा (छत्तीसगढ़): गौ माता की सेवा, सम्मान एवं सुरक्षा के उद्देश्य से देशभर में चल रहे "गौ माता सम्मान अभियान" के दूसरे चरण के अंतर्गत सुरगुजा जिले में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। अभियान के तहत जिलेभर से 1 लाख से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्रित किए गए। संग्रहित हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन जिलाधिकारी (कलेक्टर) सुरगुजा के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित किया गया। अभियान का उद्देश्य गौ संरक्षण, गौ सेवा तथा गौ माता के सम्मान के प्रति जनजागरण और सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। ज्ञापन सौंपने के बाद गौ भक्तों ने "जय श्रीराम" के उद्घोष के साथ रैली निकाली। हाथों में झंडे, बैनर एवं अभियान से जुड़े संदेश लिए कार्यकर्ताओं ने गौ माता की सेवा, सम्मान और सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा जनसामान्य से इस जनआंदोलन में सहभागी बनने का आह्वान किया। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। उनके संरक्षण और सम्मान के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को आगे आना चाहिए।2
- हरियाली की असली विरासत! कोरबा रेल मंडल का अनोखा अभियान, परिवारों ने लिया पौधों की सुरक्षा का जिम्मा...1
- रायगढ़ में अंडरपास में भरा पानी,गिर रहे लोग नाले का पानी भरने से बार-बार हट रहा चेंबर का ढक्कन स्थायी समाधान नहीं।1