Shuru
Apke Nagar Ki App…
स्थानीय इलाके में अकीदत और एहतराम के साथ मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान, पूरे इलाके में 'या हुसैन' के नारों की गूँज सुनाई दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।
Md sabir
स्थानीय इलाके में अकीदत और एहतराम के साथ मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान, पूरे इलाके में 'या हुसैन' के नारों की गूँज सुनाई दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।
More news from झारखंड and nearby areas
- रामगढ़ जिले के मांडू कोयलांचल में कर्बला की याद में मोहर्रम का जुलूस बहुत ही अक़ीदत और एहतेराम के साथ निकाला गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र कर्बला की याद में गूंज उठा। इस पवित्र अवसर पर गंगा-जमुनी तहजीब का एक अनोखा और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।1
- रामगढ़ जिले के कुजू नया मोड़ पर ट्रैफिक जाम के कारण हुए एक हादसे के बाद पुलिस प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सख्त हो गए हैं। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, संबंधित अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है।1
- सुल्ताना में मोहर्रम का एक ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। इस जुलूस की मुख्य विशेषता ताजिया की भव्यता और खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित किए गए हैरतअंगेज करतब थे।1
- हजारीबाग जिले के कटकमसांडी में शुक्रवार को प्रसिद्ध इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मेले में कटकमदाग, कटकमसांडी और इचाक प्रखंडों से कुल 22 जुलूसों ने शानदार भागीदारी की, जिसमें खुटरा, पेलावल, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर, पबरा, लुपुंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, गोविंदपुर और कवातु सहित विभिन्न गांवों के जुलूस शामिल थे। मेले का मुख्य आकर्षण गगनचुंबी निशान था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उमड़ पड़े, जबकि विशाल इस्लामी परचम और खूबसूरती से सजाए गए ताजिए भी चर्चा का विषय बने रहे। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के अकीदतमंदों ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र के खेल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया, जिससे छड़वा मैदान "या अली" और "या हुसैन" की गूंज से श्रद्धा और उत्साह से भर उठा। मेले में गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर मिसाल भी देखने को मिली, जहाँ अंतु साव का ताजिया सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा और उपस्थित लोगों ने इसकी जमकर सराहना की। मेले के सफल आयोजन और शांतिपूर्ण संचालन के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मेले में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिसकी निगरानी मुख्य मंच से हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती, आरक्षी अधीक्षक अमन कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे, एएसपी अमित कुमार, सीसीआर डीएसपी अरमान उल हक, प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता, पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक और अंचल इंस्पेक्टर सपन कुमार महथा सहित अन्य अधिकारियों द्वारा की गई। इस आयोजन में पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, कांग्रेस जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के स्टेट कोऑर्डिनेटर विनोद कुमार कुशवाहा, झारखंड हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक, कांग्रेस प्रदेश सचिव रेणू कुमारी, पूर्व मेयर प्रत्याशी तसलीम अंसारी, झामुमो केंद्रीय सदस्य राजा मोहम्द, झामुमो नेता राजा खान, कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह, अनवार उल हक, जहीर खान, अनंत कुमार आर्या, आफताब आलम, शमशेर आलम, मोहम्मद इम्तियाज, शरीफ उल्ला गुड्डू, पूर्व ज़िप प्रतिनिधि मिसबाहउल इस्लाम, ज़िप प्रतिनिधि मनीष ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य सलाउद्दीन उर्फ बबलू, पेलावल मोहर्रम कमेटी के सदर हैदर अली, पेलावल कब्रिस्तान कमेटी के सदर मोहम्मद मुमताज, महमूद आलम, समाजसेवी एजाज अहमद, इमरान खान, मोहम्मद रेहान, मुनीष ठाकुर, मोहम्मद अकबर, पन्नू महतो, मनोज मोदी, विरेन्द्र कुमार सिंह, दिगम्बर प्रसाद मेहता, शमशेर आलम, मोहम्मद अयूब, मुखिया नरायाण साव, अयूब अंसारी, तासीर अंसारी, नदीम खान, महबूब अंसारी, अजीम अंसारी, मिन्हाज आलम, अब्दुल सत्तार, जमशेद खान सहित कई समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। हजारीबाग का छड़वा मोहर्रम मेला अपने गगनचुंबी निशान और ऐतिहासिक परंपरा के कारण वर्षों से एक विशेष पहचान रखता है। यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी प्रतीक बन चुका है, और इसी गगनचुंबी निशान के कारण इसे इंटरनेशनल छड़वा मोहर्रम मेला के नाम से जाना जाता है।3
- हजारीबाग शहर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक छात्र के अपहरण, बेरहमी से मारपीट, सिगरेट से दागने और हत्या की कोशिश का आरोप लगाते हुए पीड़ित की माँ ने बड़ी बाजार थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में छह लोगों को नामजद किया गया है और कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। माँ के आवेदन के अनुसार, 25 जून की सुबह करीब 10:40 बजे डीपीएस स्कूल के पास खड़े छात्र को आरोपितों ने जबरन अपने साथ ले लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि छात्र को एक कमरे में बंद करके बेरहमी से पीटा गया, उसे किसी मामले को लेकर धमकाया गया, गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर सिगरेट से शरीर के कई हिस्सों को दागा गया। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि आरोपितों ने छात्र को मृत समझकर उसे कार में डालकर कहीं फेंकने की तैयारी की थी। इसी दौरान रास्ते में वाहन रुकने पर छात्र मौका देखकर उनके चंगुल से भाग निकला और अपनी जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद, परिजनों ने छात्र की आपबीती सुनकर सीधे थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित छात्र की माँ ने अपने आवेदन में अपहरण, मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने, जान से मारने की कोशिश और घटना में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कुछ आरोपितों के नाम और एक मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। फिलहाल, पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आरोपितों पर लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- जयराम महतो को मुख्यमंत्री (CM) बनाने के लिए एक 'नया फॉर्मूला' सामने आया है। इस संबंध में एक 'बड़ा फैसला' आगामी 28 जून को लिया जाएगा।1
- स्थानीय इलाके में अकीदत और एहतराम के साथ मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान, पूरे इलाके में 'या हुसैन' के नारों की गूँज सुनाई दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।1
- झारखंड के दनुआ घाटी क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण इसे 'मौत की खाई' बताया जा रहा है। तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है, जिसके चलते आए दिन किसी न किसी परिवार का चिराग बुझ रहा है। इन भयावह परिस्थितियों को देखते हुए, प्रशासन से मांग की गई है कि घाटी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इसमें चेतावनी बोर्ड लगाने, स्पीड कंट्रोल की उचित व्यवस्था करने और नियमित निगरानी बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं, ताकि मासूम लोगों की जान बचाई जा सके। यह भी चेताया गया है कि सड़क पर थोड़ी सी भी लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है, और इसलिए वाहनों को सावधानी से चलाने व सुरक्षित रहने की अपील की गई है।2