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*नादन क्षेत्र की बिजली समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता को सौंपा ज्ञापन* सौभाग्य योजना में आरोपित अधिकारियों के हाथों में कमान कैसे मिलेगा न्याय- प्रभात मैहर। विधानसभा के नादन क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्याओं को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेता अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा के नेतृत्व में ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग की। आंदोलन के दौरान कार्यपालन अभियंता (डीई) स्वयं स्थल पर पहुंचे, आंदोलनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में बताया गया कि नादन शारदा प्रसाद तलैया टोला, टिकुरिया टोला सहित आसपास के कई स्थान में भूमिगत विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से उपभोक्ता पर्याप्त बिजली आपूर्ति से वंचित हैं। मांग की गई कि क्षतिग्रस्त केबलों को तत्काल बदला जाए तथा बढ़ते लोड को देखते हुए 100 केवीए के स्थान पर 200 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कम बारिश के कारण किसान पहले से ही प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जले हुए ट्रांसफार्मरों और बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जरियारी नादन सर्किल करौंदी नरवर सहित कई गांवों में फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। किसानों ने कृषि कार्य हेतु बिजली आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने और जले ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की मांग भी की। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है जो सरकार और विद्युत विभाग की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन पूर्वी क्षेत्र में इसी योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे। जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं और जिनकी विभागीय जांच चल रही है, उन्हें हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में प्रमोशन नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हीं अधिकारियों को विभाग का मुखिया बनाया गया महत्वपूर्ण पदों का प्रभार देकर उनसे वरिष्ठ पदोन्नत अधिकारियों से इनके मार्गदर्शन में भी कार्य कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि विद्युत वितरण कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की कार्यशैली और विवेक का स्तर क्या है। जब ऐसे विवादित अधिकारियों के हाथों में सतना और मैहर जिले की जिम्मेदारी होगी तो आम उपभोक्ताओं और किसानों को न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने आगे कहा कि किसान सूखे और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रहा है। खराब केबल जले ट्रांसफार्मर और लगातार कटौती ने ग्रामीणों का जीवन संकट में डाल दिया है। द्विवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ जले हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करेगी और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जनता अब केवल आश्वासन नहीं परिणाम चाहती है। ज्ञापन में भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ता एवं किसान विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए ज्ञापन में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी दद्दा युवक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू लोधी अरुण पांडे अमरनाथ पटेल जगदीश पटेल लालू साहू रविंद्र तिवारी रामजी पटेल रामकरण तुलसीदास रामप्रकाश विश्वकर्मा गुलाब सिंह सुरेश पटेल राजेंद्र साहू बाल किशोर तिवारी कमलेश कुशवाहा जय मंगल सिंह रघुवंशी राजेंद्र साहू मोतीलाल यज्ञ नारायण साहू वृंदावन पटेल कृष्णा पटेल दिलीप पटेल शिव प्रसाद तिवारी हर प्रसाद पटेल राम सिया साकेत विक्रम साहू अर्जुन पटेल रवि सोंधिया गुड्डू साहू पवन साहू प्रवीण विश्वकर्मा जी सहित अनेक स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन में भाग लेकर क्षेत्र की बिजली समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

11 hrs ago
user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
उमेश पाठक सेमरिया रीवा
सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

*नादन क्षेत्र की बिजली समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता को सौंपा ज्ञापन* सौभाग्य योजना में आरोपित अधिकारियों के हाथों में कमान कैसे मिलेगा न्याय- प्रभात मैहर। विधानसभा के नादन क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्याओं को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेता अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा के नेतृत्व में ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग की। आंदोलन के दौरान कार्यपालन अभियंता (डीई) स्वयं स्थल पर पहुंचे, आंदोलनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में बताया गया कि नादन शारदा प्रसाद तलैया टोला, टिकुरिया टोला सहित आसपास के कई स्थान में भूमिगत विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से उपभोक्ता पर्याप्त बिजली आपूर्ति से वंचित हैं। मांग की गई कि क्षतिग्रस्त केबलों को तत्काल बदला जाए तथा बढ़ते लोड को देखते हुए 100 केवीए के स्थान पर 200 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कम बारिश के कारण किसान पहले से ही प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जले हुए ट्रांसफार्मरों और बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जरियारी नादन सर्किल करौंदी नरवर सहित कई गांवों में फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। किसानों ने कृषि कार्य हेतु बिजली आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने और जले ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की मांग भी की। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है जो सरकार और विद्युत विभाग की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन पूर्वी क्षेत्र में इसी योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे। जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं और जिनकी विभागीय जांच चल रही है, उन्हें हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में प्रमोशन नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हीं अधिकारियों को विभाग का मुखिया बनाया गया महत्वपूर्ण पदों का प्रभार देकर उनसे वरिष्ठ पदोन्नत अधिकारियों से इनके मार्गदर्शन में भी कार्य कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि विद्युत वितरण कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की कार्यशैली और विवेक का स्तर क्या है। जब ऐसे विवादित अधिकारियों के हाथों में सतना और मैहर जिले की जिम्मेदारी होगी तो आम उपभोक्ताओं और किसानों को न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने आगे कहा कि किसान सूखे और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रहा है। खराब केबल जले ट्रांसफार्मर और लगातार कटौती ने ग्रामीणों का जीवन संकट में डाल दिया है। द्विवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ जले हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करेगी और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जनता अब केवल आश्वासन नहीं परिणाम चाहती है। ज्ञापन में भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ता एवं किसान विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए ज्ञापन में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी दद्दा युवक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू लोधी अरुण पांडे अमरनाथ पटेल जगदीश पटेल लालू साहू रविंद्र तिवारी रामजी पटेल रामकरण तुलसीदास रामप्रकाश विश्वकर्मा गुलाब सिंह सुरेश पटेल राजेंद्र साहू बाल किशोर तिवारी कमलेश कुशवाहा जय मंगल सिंह रघुवंशी राजेंद्र साहू मोतीलाल यज्ञ नारायण साहू वृंदावन पटेल कृष्णा पटेल दिलीप पटेल शिव प्रसाद तिवारी हर प्रसाद पटेल राम सिया साकेत विक्रम साहू अर्जुन पटेल रवि सोंधिया गुड्डू साहू पवन साहू प्रवीण विश्वकर्मा जी सहित अनेक स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन में भाग लेकर क्षेत्र की बिजली समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

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  • *नादन क्षेत्र की बिजली समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता को सौंपा ज्ञापन* सौभाग्य योजना में आरोपित अधिकारियों के हाथों में कमान कैसे मिलेगा न्याय- प्रभात मैहर। विधानसभा के नादन क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्याओं को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेता अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा के नेतृत्व में ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग की। आंदोलन के दौरान कार्यपालन अभियंता (डीई) स्वयं स्थल पर पहुंचे, आंदोलनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन में बताया गया कि नादन शारदा प्रसाद तलैया टोला, टिकुरिया टोला सहित आसपास के कई स्थान में भूमिगत विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से उपभोक्ता पर्याप्त बिजली आपूर्ति से वंचित हैं। मांग की गई कि क्षतिग्रस्त केबलों को तत्काल बदला जाए तथा बढ़ते लोड को देखते हुए 100 केवीए के स्थान पर 200 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कम बारिश के कारण किसान पहले से ही प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जले हुए ट्रांसफार्मरों और बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जरियारी नादन सर्किल करौंदी नरवर सहित कई गांवों में फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। किसानों ने कृषि कार्य हेतु बिजली आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने और जले ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की मांग भी की। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है जो सरकार और विद्युत विभाग की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन पूर्वी क्षेत्र में इसी योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे। जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं और जिनकी विभागीय जांच चल रही है, उन्हें हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में प्रमोशन नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हीं अधिकारियों को विभाग का मुखिया बनाया गया महत्वपूर्ण पदों का प्रभार देकर उनसे वरिष्ठ पदोन्नत अधिकारियों से इनके मार्गदर्शन में भी कार्य कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि विद्युत वितरण कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की कार्यशैली और विवेक का स्तर क्या है। जब ऐसे विवादित अधिकारियों के हाथों में सतना और मैहर जिले की जिम्मेदारी होगी तो आम उपभोक्ताओं और किसानों को न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने आगे कहा कि किसान सूखे और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रहा है। खराब केबल जले ट्रांसफार्मर और लगातार कटौती ने ग्रामीणों का जीवन संकट में डाल दिया है। द्विवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ जले हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करेगी और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जनता अब केवल आश्वासन नहीं परिणाम चाहती है। ज्ञापन में भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ता एवं किसान विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए ज्ञापन में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी दद्दा युवक कांग्रेस अध्यक्ष मोनू लोधी अरुण पांडे अमरनाथ पटेल जगदीश पटेल लालू साहू रविंद्र तिवारी रामजी पटेल रामकरण तुलसीदास रामप्रकाश विश्वकर्मा गुलाब सिंह सुरेश पटेल राजेंद्र साहू बाल किशोर तिवारी कमलेश कुशवाहा जय मंगल सिंह रघुवंशी राजेंद्र साहू मोतीलाल यज्ञ नारायण साहू वृंदावन पटेल कृष्णा पटेल दिलीप पटेल शिव प्रसाद तिवारी हर प्रसाद पटेल राम सिया साकेत विक्रम साहू अर्जुन पटेल रवि सोंधिया गुड्डू साहू पवन साहू प्रवीण विश्वकर्मा जी सहित अनेक स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन में भाग लेकर क्षेत्र की बिजली समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
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    *नादन क्षेत्र की बिजली समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता को सौंपा ज्ञापन*                                       सौभाग्य योजना में आरोपित अधिकारियों के हाथों में कमान कैसे मिलेगा न्याय- प्रभात

मैहर। विधानसभा के नादन क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्याओं को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेता  अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा के नेतृत्व में ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग की। आंदोलन के दौरान कार्यपालन अभियंता (डीई) स्वयं स्थल पर पहुंचे, आंदोलनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञापन में बताया गया कि नादन शारदा प्रसाद तलैया टोला, टिकुरिया टोला सहित आसपास के कई स्थान में भूमिगत विद्युत केबल क्षतिग्रस्त होने के कारण वर्षों से उपभोक्ता पर्याप्त बिजली आपूर्ति से वंचित हैं। मांग की गई कि क्षतिग्रस्त केबलों को तत्काल बदला जाए तथा बढ़ते लोड को देखते हुए 100 केवीए के स्थान पर 200 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कम बारिश के कारण किसान पहले से ही प्राकृतिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में जले हुए ट्रांसफार्मरों और बाधित विद्युत आपूर्ति के कारण सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। जरियारी नादन सर्किल करौंदी नरवर सहित कई गांवों में फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। किसानों ने कृषि कार्य हेतु बिजली आपूर्ति की समय-सीमा बढ़ाने और जले ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने की मांग भी की।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के लिए ग्रामीणों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है जो सरकार और विद्युत विभाग की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना गरीब परिवारों तक बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन पूर्वी क्षेत्र में इसी योजना में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे। जिन अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं और जिनकी विभागीय जांच चल रही है, उन्हें हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया में प्रमोशन नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हीं अधिकारियों को विभाग का मुखिया बनाया गया महत्वपूर्ण पदों का प्रभार देकर उनसे वरिष्ठ पदोन्नत अधिकारियों से  इनके मार्गदर्शन में भी कार्य कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि विद्युत वितरण कंपनी के शीर्ष प्रबंधन की कार्यशैली और विवेक का स्तर क्या है। जब ऐसे विवादित अधिकारियों के हाथों में सतना और मैहर जिले की जिम्मेदारी होगी तो आम उपभोक्ताओं और किसानों को न्याय कैसे मिलेगा?
उन्होंने आगे कहा कि किसान सूखे और बिजली संकट की दोहरी मार झेल रहा है। खराब केबल जले ट्रांसफार्मर और लगातार कटौती ने ग्रामीणों का जीवन संकट में डाल दिया है।
द्विवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा
कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हुआ जले हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करेगी और व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। जनता अब केवल आश्वासन नहीं परिणाम चाहती है।
ज्ञापन में भी स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ता एवं किसान विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए ज्ञापन में प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता प्रभात द्विवेदी दद्दा  युवक कांग्रेस अध्यक्ष  मोनू लोधी अरुण पांडे अमरनाथ पटेल जगदीश पटेल लालू साहू रविंद्र तिवारी रामजी पटेल रामकरण तुलसीदास रामप्रकाश विश्वकर्मा गुलाब सिंह सुरेश पटेल राजेंद्र साहू बाल किशोर तिवारी कमलेश कुशवाहा जय मंगल सिंह रघुवंशी राजेंद्र साहू मोतीलाल यज्ञ नारायण साहू वृंदावन पटेल कृष्णा पटेल दिलीप पटेल शिव प्रसाद तिवारी हर प्रसाद पटेल राम सिया साकेत विक्रम साहू अर्जुन पटेल रवि सोंधिया गुड्डू साहू पवन साहू प्रवीण विश्वकर्मा जी सहित अनेक स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन में भाग लेकर क्षेत्र की बिजली समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बिरसिंहपुर में कचरे का अंबार! सड़क पर फैली गंदगी से जनता परेशान | Ground Report बिरसिंहपुर में कचरा संग्रहण स्थल के आसपास फैली गंदगी और उससे हो रही स्थानीय लोगों एवं किसानों की परेशानियों को इस वीडियो में दिखाया गया है। वीडियो में सड़क पर पड़े कचरे, बदबू, आने-जाने में हो रही दिक्कत और स्थानीय लोगों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को दिखाया गया है। उद्देश्य संबंधित अधिकारियों तक जनता की समस्याओं को पहुँचाना और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग करना है। यदि प्रशासन इस विषय पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई करता है, तो उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा। 📍 स्थान: बिरसिंहपुर, जिला सतना (मध्य प्रदेश) अगर आपको यह वीडियो महत्वपूर्ण लगे, तो इसे शेयर करें ताकि संबंधित विभाग तक यह मुद्दा पहुँच सके। #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #SwachhBharat #prakashpathak
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    बिरसिंहपुर में कचरे का अंबार! सड़क पर फैली गंदगी से जनता परेशान | Ground Report

बिरसिंहपुर में कचरा संग्रहण स्थल के आसपास फैली गंदगी और उससे हो रही स्थानीय लोगों एवं किसानों की परेशानियों को इस वीडियो में दिखाया गया है।
वीडियो में सड़क पर पड़े कचरे, बदबू, आने-जाने में हो रही दिक्कत और स्थानीय लोगों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को दिखाया गया है। उद्देश्य संबंधित अधिकारियों तक जनता की समस्याओं को पहुँचाना और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग करना है।
यदि प्रशासन इस विषय पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई करता है, तो उसे भी प्रमुखता से साझा किया जाएगा।
📍 स्थान: बिरसिंहपुर, जिला सतना (मध्य प्रदेश)
अगर आपको यह वीडियो महत्वपूर्ण लगे, तो इसे शेयर करें ताकि संबंधित विभाग तक यह मुद्दा पहुँच सके।

#Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #SwachhBharat 
#prakashpathak
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल रीवा जिले के छिरेहटा निवासी किसान का आरोप— रास्ता रोक गाड़े एंगल, परिवार हुआ बंधक रीवा राजस्व विभाग की खुली मनमानी ​15 जून के बाद बैन थी सीमांकन की प्रक्रिया, फिर किसकी शह पर आधी-अधूरी नाप के नाम पर रोक दिया किसान का रास्ता , रीवा जिले के गुढ़ विधनसभा के ग्राम पंचायत छीरेहटा थाना गोविन्द गढ़ में राजस्व विभाग की सीमांकन कार्यवाही के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित किसान संजय मिश्रा पिता रामशरण मिश्रा ने राजस्व अमले पर नियम-कायदों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्यवाही करने और 12 वर्षो से बने निजी रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वाकर पूरे परिवार को घर में बंधक बना देने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्राम छीरेहटा निवासी संजय मिश्रा के अनुसार, पड़ोसी जितेन्द्र पांडे के आवेदन पर सीमांकन के लिए पटवारियों की टीम, दो आरआई बिगत सप्ताह भर पहले पहुचे थे। संजय मिश्रा ने बताया कि उनकी खसरा नंबर 512 (रकबा 1 एकड़ 38 डिसमिल) की जमीन पड़ोसी जितेंद्र पांडेय से सटी हुई है। क्षेत्र का भू-नक्शा त्रुटिपूर्ण है और मामला पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़ित का आरोप है कि धारा 129 के तहत चारों तरफ की सीमाओं का नाप करने के बजाय, अमले ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए उनके आने-जाने के मुख्य रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वा दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 15 जून के बाद बारिश के दौरान सीमांकन की कार्यवाही स्थगित रहती है, फिर भी इस तरह की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। पीडिटी लगातार राजस्व विभाग के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है मगर पीड़ित को कहीं से न्याय नहीं दिख रहा है पीड़ित लगातार रीवा जिला प्रशासन से मीडिया के माध्यम से मांग कर रहा है कि उसके घर के जाने वाले रास्ते में गड़े एंगल को हटवाया जाए उसका रास्ता चालू करवाया जाए क्योंकि बरसात का महीना शुरू है चारों तरफ खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है आने जाने बाले रास्ते में बल पूर्वक एंगल गाड़ दिया गया है अक्सर देखा जाता है कि राजस्व विभाग के भ्रस्ट अधिकारियों के चलते राजस्व मामले विवादित रहते हैं या तो पेंडिंग छोड़ दिए जाते हैं ।
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    राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल 




राजस्व अधिकारियों की तानाशाही 12 साल पुरानी सड़क पर गड़वा दिए लोहे के एंगल 
रीवा जिले के छिरेहटा निवासी  किसान का आरोप—  रास्ता रोक गाड़े एंगल, परिवार हुआ बंधक रीवा राजस्व विभाग की खुली मनमानी ​15 जून के बाद बैन थी सीमांकन की प्रक्रिया, फिर किसकी शह पर आधी-अधूरी नाप के नाम पर रोक दिया किसान का रास्ता , रीवा जिले के गुढ़ विधनसभा के ग्राम पंचायत छीरेहटा थाना गोविन्द गढ़ में राजस्व विभाग की सीमांकन  कार्यवाही के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 
पीड़ित किसान संजय मिश्रा पिता रामशरण मिश्रा ने राजस्व अमले पर नियम-कायदों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्यवाही करने और 12 वर्षो से बने निजी रास्ते पर लोहे के एंगल गड़वाकर पूरे परिवार को घर में बंधक बना देने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्राम छीरेहटा निवासी संजय मिश्रा के अनुसार, पड़ोसी जितेन्द्र पांडे के आवेदन पर सीमांकन के लिए पटवारियों की टीम, दो आरआई बिगत सप्ताह भर पहले पहुचे थे। संजय मिश्रा ने बताया कि उनकी खसरा नंबर 512 (रकबा 1 एकड़ 38 डिसमिल) की जमीन पड़ोसी जितेंद्र पांडेय से सटी हुई है। क्षेत्र का भू-नक्शा त्रुटिपूर्ण है और मामला पहले से ही सिविल कोर्ट में विचाराधीन है।
पीड़ित का आरोप है कि धारा 129 के तहत चारों तरफ की सीमाओं का नाप करने के बजाय, अमले ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए उनके आने-जाने के मुख्य रास्ते पर लोहे के एंगल  गड़वा दिए। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार 15 जून के बाद बारिश के दौरान सीमांकन की कार्यवाही स्थगित रहती है, फिर भी इस तरह की जल्दबाजी क्यों दिखाई गई। पीडिटी लगातार राजस्व विभाग के अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है मगर पीड़ित को कहीं से न्याय नहीं दिख रहा है पीड़ित लगातार रीवा जिला प्रशासन से मीडिया के माध्यम से मांग कर रहा है कि उसके घर के जाने वाले रास्ते में गड़े एंगल को हटवाया जाए उसका रास्ता चालू करवाया जाए क्योंकि बरसात का महीना शुरू है चारों तरफ खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है आने जाने बाले रास्ते  में बल पूर्वक एंगल गाड़ दिया गया है  अक्सर देखा जाता है कि राजस्व विभाग के भ्रस्ट अधिकारियों के चलते राजस्व मामले विवादित रहते हैं या तो पेंडिंग छोड़ दिए जाते हैं ।
    user_हरित प्रवाह न्यूज़
    हरित प्रवाह न्यूज़
    हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • चौथे दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, वार्ता जारी लेकिन समाधान का इंतजार रामपुर बाघेलान। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रामपुर बाघेलान तहसील में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में पटवारी धरना स्थल पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह 'छोटू', तहसीलदार रमेश कोल, नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह एवं मंगलेश्वर सिंह ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों से चर्चा की और नैतिक समर्थन व्यक्त किया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शासन से वार्ता जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक प्रदेशभर में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
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    चौथे दिन भी नहीं टूटा गतिरोध, वार्ता जारी लेकिन समाधान का इंतजार

रामपुर बाघेलान। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रामपुर बाघेलान तहसील में पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में पटवारी धरना स्थल पर जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष रावेन्द्र सिंह 'छोटू', तहसीलदार रमेश कोल, नायब तहसीलदार वीरेन्द्र सिंह एवं मंगलेश्वर सिंह ने धरना स्थल पहुंचकर पटवारियों से चर्चा की और नैतिक समर्थन व्यक्त किया। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि शासन से वार्ता जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक फैसला होने तक प्रदेशभर में कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
    user_Piyush kumar
    Piyush kumar
    Newspaper advertising department रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • *गुढ़ की राजनीति निर्णायक मोड़ पर: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की अटकलों से मचा सियासी हड़कंप* *नगर परिषद से लेकर विधानसभा तक हलचल, नाराजगी के बीच बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चाएं तेज* ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे गुढ़ (रीवा)। नगर परिषद गुढ़ की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन बदलते घटनाक्रम नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं। क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि यदि मौजूदा हालात में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो नगर परिषद के सभी 13 पार्षद सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों, पार्षदों की बढ़ती नाराजगी और उनके तेवरों ने इस संभावना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद के भीतर लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक, विकास कार्यों और परिषद संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और स्थानीय समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। यही वजह है कि अब सभी पार्षद एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफे जैसे बड़े कदम पर विचार कर रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो पार्षदों के बीच इस विषय को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। अधिकांश पार्षदों का मानना है कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो सामूहिक इस्तीफा ही लोकतांत्रिक विरोध का सबसे प्रभावी माध्यम होगा। हालांकि अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। यदि सभी 13 पार्षद वास्तव में सामूहिक इस्तीफा देते हैं, तो यह केवल नगर परिषद तक सीमित मामला नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर पूरे गुढ़ क्षेत्र की राजनीति और विधानसभा स्तर के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी नगर परिषद के सभी निर्वाचित पार्षदों का एक साथ इस्तीफा देना बेहद असाधारण स्थिति होगी। इससे शासन-प्रशासन पर भी हालात की समीक्षा कर समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि पूरे क्षेत्र में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और राजनीतिक दल भी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं स्थानीय नागरिकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका असर नगर परिषद के विकास कार्यों पर पड़ सकता है। आमजन चाहते हैं कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से विवाद का समाधान निकले, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। फिलहाल नगर परिषद गुढ़ में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। पार्षदों की अगली रणनीति क्या होगी और शासन-प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले कुछ दिन गुढ़ की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और इन्हीं दिनों यह स्पष्ट होगा कि मामला बातचीत से सुलझेगा या फिर नगर परिषद में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा। *नोट: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की बात फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं, सूत्रों और संभावनाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।*
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    *गुढ़ की राजनीति निर्णायक मोड़ पर: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की अटकलों से मचा सियासी हड़कंप* 

*नगर परिषद से लेकर विधानसभा तक हलचल, नाराजगी के बीच बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चाएं तेज* 

ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
गुढ़ (रीवा)। नगर परिषद गुढ़ की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर दिन बदलते घटनाक्रम नई चर्चाओं को जन्म दे रहे हैं। क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि यदि मौजूदा हालात में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो नगर परिषद के सभी 13 पार्षद सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों, पार्षदों की बढ़ती नाराजगी और उनके तेवरों ने इस संभावना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।

सूत्रों के मुताबिक नगर परिषद के भीतर लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक, विकास कार्यों और परिषद संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है। पार्षदों का आरोप है कि जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और स्थानीय समस्याओं को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। यही वजह है कि अब सभी पार्षद एकजुट होकर सामूहिक इस्तीफे जैसे बड़े कदम पर विचार कर रहे हैं।

विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो पार्षदों के बीच इस विषय को लेकर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। अधिकांश पार्षदों का मानना है कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो सामूहिक इस्तीफा ही लोकतांत्रिक विरोध का सबसे प्रभावी माध्यम होगा। हालांकि अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है।

यदि सभी 13 पार्षद वास्तव में सामूहिक इस्तीफा देते हैं, तो यह केवल नगर परिषद तक सीमित मामला नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर पूरे गुढ़ क्षेत्र की राजनीति और विधानसभा स्तर के राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली प्रभावित होने के साथ-साथ नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी नगर परिषद के सभी निर्वाचित पार्षदों का एक साथ इस्तीफा देना बेहद असाधारण स्थिति होगी। इससे शासन-प्रशासन पर भी हालात की समीक्षा कर समाधान निकालने का दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि पूरे क्षेत्र में इस संभावित घटनाक्रम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और राजनीतिक दल भी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।

वहीं स्थानीय नागरिकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि विवाद का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका असर नगर परिषद के विकास कार्यों पर पड़ सकता है। आमजन चाहते हैं कि संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से विवाद का समाधान निकले, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

फिलहाल नगर परिषद गुढ़ में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। पार्षदों की अगली रणनीति क्या होगी और शासन-प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले कुछ दिन गुढ़ की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और इन्हीं दिनों यह स्पष्ट होगा कि मामला बातचीत से सुलझेगा या फिर नगर परिषद में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिलेगा।

*नोट: 13 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की बात फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं, सूत्रों और संभावनाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।*
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    15 hrs ago
  • 🍛 मिश्रा ढाबा एवं जलपान गृह 🍛 घर जैसा स्वाद, ढाबे का अंदाज़ 🥘 शुद्ध शाकाहारी स्वादिष्ट भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध ✔️ कचौड़ी – दम आलू – छोले – रायता ✔️ स्पेशल शाकाहारी थाली ✔️ ताज़ा एवं स्वच्छ भोजन ✔️ होम डिलीवरी सुविधा उपलब्ध 📍 पता: बोड़ी पोखरी रोड, सेंधना बाबा आश्रम के पास, पेट्रोल पंप के सामने, राजापुर, चित्रकूट 👨‍🍳 प्रो० – कुलदीप मिश्रा 📞 अधिक जानकारी एवं ऑर्डर के लिए संपर्क करें: मो.: 9918819416 एक बार सेवा का अवसर अवश्य दें — स्वाद ऐसा, जो बार-बार आने पर मजबूर कर दे!
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    🍛 मिश्रा ढाबा एवं जलपान गृह 🍛
घर जैसा स्वाद, ढाबे का अंदाज़
🥘 शुद्ध शाकाहारी स्वादिष्ट भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध
✔️ कचौड़ी – दम आलू – छोले – रायता
✔️ स्पेशल शाकाहारी थाली
✔️ ताज़ा एवं स्वच्छ भोजन
✔️ होम डिलीवरी सुविधा उपलब्ध
📍 पता:
बोड़ी पोखरी रोड, सेंधना बाबा आश्रम के पास, पेट्रोल पंप के सामने, राजापुर, चित्रकूट
👨‍🍳 प्रो० – कुलदीप मिश्रा
📞 अधिक जानकारी एवं ऑर्डर के लिए संपर्क करें:
मो.: 9918819416
एक बार सेवा का अवसर अवश्य दें — स्वाद ऐसा, जो बार-बार आने पर मजबूर कर दे!
    user_Chitrakootnewslive
    Chitrakootnewslive
    News Anchor मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
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